Category: उत्तर प्रदेश

  • डाकबंगले के अतिक्रमण पर कब चलेगा बुलडोजर गोला

    डाकबंगले के अतिक्रमण पर कब चलेगा बुलडोजर गोला

    साहब:डाकबंगले के अतिक्रमण पर कब चलेगा बुलडोजर
    गोला। उपनगर के वार्ड नंबर 18 स्थित डाकबंगले की जमीन का तहसील की टीम के द्वारा सीमांकन किया गया। सीमांकन के बाद तहसील टीम के द्वारा उपजिलाधिकारी गोला को अपनी रिपोर्ट सौंप दी गयी। रिपोर्ट के अनुसार डाकबंगले को जमीन पर मकान बना कर अतिक्रमण किया गया है। उपजिलाधिकारी के द्वारा अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करते हुए आख्या प्रस्तुत करें। लेकिन तकरीबन 20 दिन बाद भी कोई कार्यवाई होते नहीं दिख रही है
    क्या था मामला….
    डाकबंगले की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए वार्ड नंबर 18 निवासी अशोक कुमार विश्वकर्मा पुत्र द्वारिका के द्वारा मुख्यमंत्री जनता दर्शन मे प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसके बाद तहसील प्रशासन के द्वारा नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक टीम बना कर डाकबंगले की जमीन का सीमांकन कर रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंप दी गयी। रिपोर्ट में अतिक्रमण की बात सही निकली जिसके बाद बीते 27 जुलाई को उपजिलाधिकारी ने ईओ गोला को पत्र लिखकर नियमानुसार कार्यवाई करने की बात कही थी।
    अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए ईओ से मिले नगरवासी….
    शिकायतकर्ता अशोक विश्वकर्मा के साथ दिनेश सिंह, संजय गुप्ता, विजय जयसवाल, गरीब नेता, गुड्डु राय, रकुल्ला, जमालू, विपिन जयसवाल, अनिरुद्ध यादव, राकेश यादव, अभिषेक कसौधन आदि ने बीते 8 अगस्त को ईओ गोला से मुलाकात कर अतिक्रमण पर जल्द कार्यवाई करने की मांग रखी थी। वहीं ईओ गोला ने बताया कि हम जल्द ही अतिक्रमण के खिलाफ नोटिस भेजेंगे। जिसके बाद आगे की कार्यवाई की जाएगी। लेकिन तकरीबन एक सप्ताह बाद भी अतिक्रमण के खिलाफ कोई नोटिस नगर पंचायत कार्यालय द्वारा नहीं भेजी गयी है। जिसको लेकर लोगों में नाराजगी है।

  • छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर बांधी राखी

    छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर बांधी राखी

    छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर बांधी राखी
    चित्र परिचय
    गोला।उपनगर गोला के बनकटा स्थित स्व ज्ञानदास राय इण्टरमीडिएट कालेज में रक्षा बंधन का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। छात्राओं ने अपनी कक्षा के छात्रों की कलाई पर राखी बांधी। छात्रों ने उन्हें बहन मानकर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। वहीं उपहार भी दिए।
    सोमवार को पूरे क्षेत्र में भाई बहन का पवित्र त्यौहार रक्षा बंधन का त्यौहार मनाया जाएगा। वहीं शनिवार को स्व ज्ञानदास राय इण्टरमीडिएट कालेज के कक्षा 6 की छात्राओ आशी,ऋतु,नव्या,अनन्या,शिवांगी ने 12 और 7,8 की 10-11 के छात्रो की कलाई पर हस्तनिर्मित राखियां बांधी।प्रबंध निदेशक सौरभ राय ने कहा कि रक्षा बंधन पर्व धर्म जाति से ऊपर है। यह भाई बहन का पवित्र त्यौहार है।प्रधानाचार्य आशुतोष तिवारी ने कहा कि सभी लोगों को एक साथ यह त्यौहार मनाना चाहिए। इस अवसर पर प्रबंधक अनिल राय,जुनैद,परितोष,अथर्व आदि उपस्थित रहे।

  • मैरियन फाउंडेशन ने गोरखपुर में वरिष्ठ डॉक्टरों को सम्मानित किया

    मैरियन फाउंडेशन ने गोरखपुर में वरिष्ठ डॉक्टरों को सम्मानित किया

    • मैरियन फाउंडेशन ने गोरखपुर में वरिष्ठ डॉक्टरों को सम्मानित किया
    • “मैरियन सीनियर हेल्थ केयर अवार्ड्स 2024 गोरखपुर शहर के डॉक्टरों को सम्मानित करने वाला अपनी तरह का पहला पुरस्कार है
    • मैरियन फाउंडेशन की स्थापना रेव्ह जी चंद्रा और श्रीमती निर्मला चंद्रा ने की थी
    गोरखपुर, भारत – 18 अगस्त, 2024 – मैरियन फाउंडेशन ने शहर में पहली बार 75 वर्ष और उससे अधिक उम्र के प्रतिष्ठित डॉक्टरों को सम्मानित करने के लिए गोरखपुर में अपनी तरह का पहला, “मैरियन सीनियर हेल्थ केयर अवार्ड्स 2024” आयोजित किया। गोरखपुर. इस पहल का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान और समुदाय के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति उनके अटूट समर्पण को पहचानना है। इमेजिंग सेंटर और नेत्र विज्ञान केंद्र जैसे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को भी शहर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में उनके अपार योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
    मैरियन फाउंडेशन की स्थापना दो दूरदर्शी लोगों, रेव. जी. चंद्रा और श्रीमती निर्मला चंद्रा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके स्वस्थ और टिकाऊ जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए की थी।
    घटना विवरण:
    • दिनांक: 18 अगस्त, 2024
    • स्थान: द कोर्टयार्ड बाय मैरियट, गोरखपुर
    इस शानदार कार्यक्रम में इन प्रतिष्ठित चिकित्सा पेशेवरों की आजीवन उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए श्रद्धांजलि और पुरस्कारों की एक श्रृंखला पेश की गई। असाधारण देखभाल प्रदान करने की उनकी प्रतिबद्धता और गोरखपुर के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य को आकार देने में उनकी भूमिका को उनके उद्धरणों में उजागर किया गया था। इस कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. प्रवीण चंद्रा, डॉ. गौरदास चौधरी, अदिति गोवित्रिकर, रेव. जी. चंद्रा और अमरीश चंद्रा ने भाग लिया।
    पुरस्कार विजेताओं की सूची:
    डॉक्स ऐप से संपादित करें
    मैरियन सीनियर हेल्थकेयर अवार्ड बनाओ.
    उत्कृष्ट योगदान पुरस्कारों के लिए नाम – (7)
    डॉ। ए.के. राठी – गोरखपुर शहर में बाल चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान
    डॉ। ए.के. श्रीवास्तव – गोरखपुर शहर में पैथोलॉजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान
    डॉ। अवधेश अग्रवाल – गोरखपुर शहर में पैथोलॉजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान
    डॉ. एम.एन. गुप्ता – गोरखपुर शहर में कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान
    डॉ. आर.डी. मुखीजा – गोरखपुर शहर में त्वचाविज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान
    डॉ. राधा जीना – गोरखपुर शहर में प्रसूति एवं स्त्री रोग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान
    डॉ. एस.के. शर्मा – गोरखपुर शहर में नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान
    विरासत पुरस्कारों के लिए नाम – (3)
    डॉ. पी.एम. बेरी – गोरखपुर शहर में मनोरोग में अभूतपूर्व सेवाओं के लिए लिगेसी ट्रिब्यूट अवार्ड
    (संस्थाएं)
    भारत मेडिसिन स्टोर – गोरखपुर शहर में फार्मेसी की विरासत
    बीएन बैजल ऑप्टिशियन – ऑप्टोमेट्री की विरासत रेती चौक गोरखपुर
    चिकित्सा क्षेत्र पुरस्कारों में अग्रणी के नाम – (5)
    डॉ. अजीज अहमद – गोरखपुर शहर में स्वास्थ्य देखभाल (निजी) के अग्रणी
    डॉ. एल.एन. सेठ – गोरखपुर शहर में महिला स्वास्थ्य देखभाल (निजी) की अग्रणी
    डॉ. आर.ए. अग्रवाल – गोरखपुर शहर में हड्डी रोग विज्ञान के अग्रणी
    डॉ. वी.के. राठी – गोरखपुर शहर में रेडियोलॉजी के अग्रणी
    डॉ. वाई.सी. यादव – गोरखपुर शहर में ईएनटी के अग्रणी डॉ.यू.सी.वर्मा मैरियन वरिष्ठ स्वास्थ्य देखभाल पुरस्कार के लिए नाम(1)
    डॉ. एन.एम. सेठ – डॉ. यू.सी. गोरखपुर शहर में नेत्र विज्ञान के लिए वर्मा मैरिएन वरिष्ठ स्वास्थ्य देखभाल पुरस्कार.
    Quotes:-
    • पद्मश्री डॉ. प्रवीण चंद्रा: वरिष्ठ डॉक्टरों को सम्मानित करने के लिए मैरियन फाउंडेशन की प्रशंसा की और स्वास्थ्य सेवा के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा को मान्यता देते हुए श्री अमरीश चंद्रा को उनकी अभिनव पहल के लिए धन्यवाद दिया।
    • रेव. जी. चंद्रा, संस्थापक मैरियन फाउंडेशन: “हम अपने वरिष्ठ डॉक्टरों के उल्लेखनीय योगदान का जश्न मनाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उनका समर्पण और सेवा गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने में सहायक रही है।”
    • अदिति गोवत्रिकर: डॉक्टरों की वर्षों की सेवा ने अनगिनत जिंदगियों को ठीक किया है, स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की पीढ़ियों को प्रेरित किया है और हमारे समुदाय पर एक अमिट छाप छोड़ी है।
    मैरियन फाउंडेशन, आपकी श्रद्धांजलि वरिष्ठ डॉक्टरों के हमारे जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का प्रमाण है। उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डालते रहें!
    • श्री अमरीश चंद्रा ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की और घोषणा की कि मैरियन फाउंडेशन आने वाले वर्षों में वरिष्ठ डॉक्टरों के उत्कृष्ट योगदान की मान्यता और उत्सव को कायम रखते हुए, सालाना इन पुरस्कारों की मेजबानी करना जारी रखेगा।
    • डॉक्टर का; “मैरियन फाउंडेशन द्वारा मान्यता प्राप्त होना सौभाग्य की बात है। यह आयोजन हमारे चिकित्सा समुदाय की स्थायी भावना का एक प्रमाण है। reeshkrishna@gmail.com

  • जनहित की खबरों के अन्वेषण में बेहद कारगर है आरटीआई : हर्षवर्धन शाही

    जनहित की खबरों के अन्वेषण में बेहद कारगर है आरटीआई : हर्षवर्धन शाही

    जनहित की खबरों के अन्वेषण में बेहद कारगर है आरटीआई : हर्षवर्धन शाही
    पत्रकारिता और सूचना का अधिकार विषयक मीडिया कार्यशाला में पूर्व राज्य सूचना आयुक्त ने दिए टिप्स
    सूचना का अधिकार पत्रकारिता के लिए अनमोल हथियार : कुमार हर्ष.
    जनता के बीच भी होनी चाहिए आरटीआई पर कार्यशाला : महापौर.  आरटीआई ने दी है अन्याय न सहने की ताकत : आनंद रूंगटा   गोरखपुर, 18 अगस्त। वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व राज्य सूचना आयुक्त हर्षवर्धन शाही ने कहा कि पत्रकार को अपने काम से संतुष्टि तब मिलती है जब वह कोई ऐसी खबर लिखता है जिससे जनता का हित होता है। जनहित वाली आत्म संतुष्टिपरक खबरों के अन्वेषण में सूचना का अधिकार (आरटीआई) बेहद कारगर है।
    श्री शाही रविवार को मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति की तरफ से आयोजित ‘पत्रकारिता और सूचना का अधिकार’ विषयक मीडिया कार्यशाला को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। नगर निगम के सदन हाल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पत्रकारों को आरटीआई के बेहतर प्रयोग के लिए कई महत्वपूर्ण टिप्स देते हुए कहा कि वर्तमान में गोरखपुर के विकास का दूसरा महत्वपूर्ण दौर चल रहा है। विकास कार्य और बेहतर तरीके से हो सकें, इसके लिए मीडिया के साथी आरटीआई से वांछित सूचनाएं प्राप्त कर उसे खबरों के रूप में जनोपयोगी बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों में आरटीआई लगाएं और प्राप्त सूचनाओं को लोगों के सामने अलग खबरों के रूप में पहुंचाएं। कारण, आज के दौर में अखबार में गंभीरता से पढ़ा वही जाएगा जो सोशल मीडिया पर न आया हो।
    श्री शाही ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण है जानने का अधिकार और उस अधिकार की दिशा में सूचना का अधिकार पहली सीढ़ी है। समूचे सिस्टम में व्यापक बदलाव के लिए ब्यूरोक्रेसी में सुधार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि टालमटोल के रवैये के बावजूद आरटीआई ब्यूरोक्रेसी पर नजर रखने का महत्वपूर्ण जरिया बनकर सामने आया है। कई दशक बाद सूचना का अधिकार मिला है इसलिए पत्रकारों को चाहिए कि वे खुद इसका अधिकाधिक इस्तेमाल करें और आमजन को भी इसके लिए जागरूक करें।
    बतौर विशिष्ट वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एवं दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के आचार्य डॉ हर्ष कुमार सिन्हा ‘कुमार हर्ष’ ने कहा कि सूचना के अधिकार से पत्रकारिता के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। कई उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि देश में कई स्कैंडल, सिस्टम की खामी और भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा आरटीआई से हुआ है। कुमार हर्ष ने कहा कि सूचना का अधिकार पत्रकारिता के लिए अनमोल हथियार है जो देश के लोगों के हित में सिस्टम की खामियों पर करारा प्रहार करने में उपयोगी है। सुपरिचित आरटीआई कार्यकर्ता आनंद रूंगटा ने आरटीआई से लाए गए कई बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि सूचना के अधिकार कानून ने अन्याय न सहन करने की ताकत दी है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि प्रथम आवेदन पर सूचना न मिले तो आगे क्या करना चाहिए।कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि आरटीआई मीडिया के साथ आम आदमी के लिए भी ताकत है। ऐसे में जनता को आरटीआई के प्रति जागरूक करने के लिए आमजन के बीच भी ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन होना चाहिए। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार सिंह और प्रेम नारायण द्विवेदी ने आरटीआई के जरिये की गई पत्रकारिता के अनुभव को साझा किया। कार्यशाला में आगतों का स्वागत मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद कुमार राय, आभार ज्ञापन महामंत्री कमलेश सिंह और संचालन वरिष्ठ पत्रकार शफी आजमी ने किया।
    इस अवसर पर मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष सतीश पांडेय, मुनव्वर रिजवी, गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. योगेश सिंह, वरिष्ठ पत्रकार एसपी सिंह, प्रदीप श्रीवास्तव, गजेंद्र त्रिपाठी, भूपेंद्र द्विवेदी, हरेंद्र दूबे, पंकज श्रीवास्तव, अजीत यादव, सुभाष गुप्ता, दुर्गेश यादव, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राजेश मणि, वैरागी जी, रुपेश श्रीवास्तव, विनोद राय, जेपी गुप्ता, सिराज अहमद कुरैशी, सूर्य प्रकाश गुप्ता भानु प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • सांसद रवि किशन ने देश व प्रदेशवासियों व गोरखपुर वासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

    सांसद रवि किशन ने देश व प्रदेशवासियों व गोरखपुर वासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

    सांसद रवि किशन ने देश व प्रदेशवासियों व गोरखपुर वासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं
    गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने
    रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर देशवासियों व प्रदेशवासियों व गोरखपुर वासियों को बधाई देते हुए कहा है कि स्वयं की बहिनो की सुरक्षा के साथ ही महिलाओं को सुरक्षा व सम्मान प्रदान करने का संकल्प लेकर इस पर्व को ओर सार्थक बनाया जा सकता है।
    सांसद ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा,सम्मान व उनके प्रति पवित्र दृष्टिकोण रक्षाबंधन पर्व का मूल भाव है।
    उन्होंने कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक व सामाजिक परम्पराओं के अनुरूप महिला अधिकारों की रक्षा व उनके प्रति सम्मान की भावना से ही महिला अत्याचार प्रकरणों में कमी लायी जा सकती है।
    सांसद ने कहा कि बहन और भाई के बीच अटूट विश्वास और अगाध प्रेम को समर्पित रक्षाबंधन का ये पावन पर्व, हमारी संस्कृति का पवित्र प्रतिबिंब है। मेरी कामना है, यह पर्व हर किसी के जीवन में स्नेह, सद्भाव और सौहार्द की भावना को और प्रगाढ़ करे।’

  • विश्वविद्यालय में 63 सहायक आचार्य (संविदा) की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन

    विश्वविद्यालय में 63 सहायक आचार्य (संविदा) की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन

    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
    विश्वविद्यालय में 63 सहायक आचार्य (संविदा) की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन
    गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 63 सहायक आचार्य (संविदा) की नियुक्ति के लिए आज लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया।
    कुल 63 विज्ञापित पदों में कृषि विज्ञान, विधि, वाणिज्य, अभियान्त्रिकी, व्यापार प्रशासन तथा फार्मेसी के शैक्षणिक पद शामिल है।
    सुबह की पाली में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, और बिजनेस मैनेजमेंट के लिए परीक्षा आयोजित की गई। इसमें कुल पंजीकृत अभ्यर्थी 260 से जिसमें 201 में परीक्षा दी तथा 59 अनुपस्थित रहे।
    दूसरी पाली में कृषि विज्ञान, विधि तथा वाणिज्य के लिए परीक्षा आयोजित की गई जिसमें 102 अभ्यर्थी पंजीकृत थे जिसमें 75 में परीक्षा दी।
    कुलपति प्रो पूनम टंडन ने आज दीक्षा भवन स्थित परीक्षा केंद्र पर आयोजित हो रही इस परीक्षा का निरीक्षण किया। सभी स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों की गुणवक्तता पर जोर देते हुए कुलपति ने कहा की नए प्रतिभावान शिक्षकों की नियुक्ति से पाठ्यक्रमों का बेहतर संचालन होगा। उन्होंने कहा कि फार्मेसी पाठ्यक्रम में शिक्षण कार्य वर्तमान शैक्षिक सत्र में ही शुरू होगा।
    परीक्षा का आयोजन आरएसी सेल के समन्वयक प्रोफेसर राजर्षि गौड़ के नेतृत्व में किया गया।
    जल्दी ही लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित कर साक्षात्कार की तिथि को घोषणा की जाएगा।

  • रक्षाबंधन पर सीएम योगी का बहनों को बड़ा तोहफा

    रक्षाबंधन पर सीएम योगी का बहनों को बड़ा तोहफा

    तोहफा
    रक्षाबंधन पर सीएम योगी का बहनों को बड़ा तोहफा… रोडवेज बसों में बहनों का सफर फ्री, बहन के साथ एक सदस्य का भी सफर फ्री, आज रात 12 बजे से कल तक फ्री यात्रा।

  • स्‍पेशल राखी ‘रुद्राक्ष’, ITM GIDA की चार छात्राओं का रक्षाबंधन पर भाइयों को अनोखा तोहफा

    स्‍पेशल राखी ‘रुद्राक्ष’, ITM GIDA की चार छात्राओं का रक्षाबंधन पर भाइयों को अनोखा तोहफा

    स्‍पेशल राखी ‘रुद्राक्ष’, ITM GIDA की चार छात्राओं का रक्षाबंधन पर भाइयों को अनोखा तोहफा
    गोरखपुरः यूपी के गोरखपुर के इंजीनियरिंग कालेज इं‍स्‍टीट्यूट ऑफ टे‍क्‍नोलॉजी एंड मैनेजमेंट से बीसीए कर रही चार छात्राओं ने रक्षबंधन के पूर्व भाईयों को अनोखा तोहफा दिया है. इन बहनों ने भाइयों की रक्षा के लिए एक स्‍पेशल राखी बनाई है. ये राखी दुर्घटना, संकट और आपात स्थिति में भाइयों की रक्षा करेगी. इस राखी को बहनों ने ‘रुद्राक्ष’ नाम दिया है. भाइयों की कलाई पर बांधते ही ये राखी एक्टिव हो जाएगी और बगैर मोबाइल की सहायता के सेटेलाइट के माध्‍यम से बटन दबाते ही मुसीबत के समय परिचितों, रिश्‍तेदारों और शुभचिंतकों को मोबाइल पर संदेश भी भेज देगी.
    यूपी के गोरखपुर के इंजीनियरिंग कालेज इं‍स्‍टीट्यूट ऑफ टे‍क्‍नोलॉजी एंड मैनेजमेंट गीडा से बीसीए द्वितीय वर्ष की छात्रा श्रेया मिश्रा, अंकिता राय, किरन यादव और अंशिका तिवारी ने भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन के अवसर पर एक ऐसी राखी बनाई हैं, जो भाईयों के कलाई पर बांधते ही एक्टिव हो जाएगी और मुसीबत में उनकी सहायता भी करेगी. ये राखी बगैर मोबाइल के परिचित, शुभचिंतकों और रिश्‍तेदारों के मोबाइल पर सेटेलाइट के माध्‍यम से संदेश भेज देगी. एक बार चार्ज करने के बाद इसे छह माह तक चार्ज नहीं करना होगा.
    छात्रा अंकिता राय ने बताया कि इस राखी में एक सैटेलाइट रेडियो सिग्नल चिप लगाया हैं, जिसके माध्यम सें मुसीबत में बगैर मोबाइल फोन के इमरजेंसी नम्बरों पर संपर्क कर कॉल लोकेशन भेजा जा सकता हैं. श्रेया मिश्रा ने बताया कि प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं में हजारों जाने चली जाती हैं. इनमें से अधिकतर घायलों की मौतें समय सें हॉस्पिटल न पहुंचने की वजह से हो जाती हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए उन लोगों ने इस राखी को बनाया हैं, जिसे ‘रुद्राक्ष’ नाम दिया है. जो भाई के कलाई की शोभा बढ़ाने के साथ सड़क दुर्घटना में मदद करेगा.
    किरन यादव ने बताया कि इस रुद्राक्ष राखी में उन लोगों ने दो मोबाइल नंबर सेट कर सकतें हैं. इसमें उन लोगों ने दो सेंसर लगाए हैं, जो दुर्घटना के वक्त या किसी इमरजेंसी परिस्थिति में इसमें लगे बटन को प्रेस करते ही इमरजेंसी नंबर पर सूचना भेजा जा सकता हैं. ऐसे में जिन परिचितों और शुभचिंतकों के नंबर को उसमें पहले से फीड किया गया है, वे समय पर पहुंचकर मदद कर सकते हैं. इससे सड़क पर होने वाली दुर्घटना का शिकार होकर समय से अस्‍पताल नहीं पहुंचने की वजह से जान गंवाने वाले लोगों की जान बचाई जा सकती है.
    अंशिका तिवारी ने बताया कि ‘रुद्राक्ष’ राखी की सबसे बड़ी बात ये है कि यह एक बार चार्ज करने पर 5 सें 6 महीने तक चलेगी. इस रुद्राक्ष राखी को बनाने में दो हजार रुपए का खर्च और दो सप्ताह का समय लगा हैं. इस राखी को बनाने में रेडियो सिगनल चिप, कॉइन सेल 3 वोल्ट, ऑटोमेटिक सेंसर स्विच, सिगनल रिसीवर उपकरणों का इस्तेमाल किया गया हैं.
    आईटीएम गीडा के एमबीए विभाग के एचओडी डा. मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि संस्थान के इन्नोवेशन सेल में छात्र-छात्राएं लगातार देश व समाज हित में कुछ न कुछ नया करते हैं. इस बार छात्राओं ने रक्षाबंधन पर्व को ध्यान मे रखते हुए भाइयों की रक्षा के लिए एक सेटेलाइट रुद्राक्ष राखी बनाई हैं. जो सड़क दुर्घटना या विषम परिस्थितियों में अपनों तक सूचना पहुंचाने का काम करेगी. छात्राओं के द्वारा किया गया यह प्रयास बहुत ही सराहनीय हैं. इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डा. एनके सिंह, अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया, संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल सहित संस्थान के सभी शिक्षकों ने छात्राओं को बधाई देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है.

  • प्राइवेट बस और पिकअप की ज़ोरदार भिड़ंत।

    प्राइवेट बस और पिकअप की ज़ोरदार भिड़ंत।

    बुलंदशहर
    प्राइवेट बस और पिकअप की ज़ोरदार भिड़ंत।
    हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की ख़बर,मौतों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं।
    और बड़ी हो सकती है हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या। प्रशासनिक अमला रेस्क्यू में जुटा, जनपद के तमाम आला अधिकारी मौके पर।
    ज़िला अस्पताल समेत अस्पतालों में भर्ती कराए जा रहे हैं पीड़ित।हादसा स्थल पर मचा हाहाकार,
    पिकअप और बस में सवार थे यात्री।
    बदायूं-मेरठ स्टेट हाइवे पर बुलंदशहर में सलेपुर में हुआ हादसा।     बस और मैक्स गाड़ी में आमने-सामने से टक्कर
    हादसे के समय मैक्स गाड़ी में सवार थे 25 यात्री
    भीषण हादसे में कई यात्रियों की मौत की आशंका।
    घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
    आक्रोशित लोगों ने रास्ते को किया जाम।
    बुलंदशहर के सलेमपुर थाना क्षेत्र का मामला।

  • गोरखपुर पुलिस द्वारा ऑटो में गुम हुये बैग को आवेदिका को सकुशल सुपुर्द कराया गया

    गोरखपुर पुलिस द्वारा ऑटो में गुम हुये बैग को आवेदिका को सकुशल सुपुर्द कराया गया

    गोरखपुर पुलिस द्वारा ऑटो में गुम हुये बैग (पीली धातु के आभूषण कीमत लगभग 02 लाख रुपये) को आवेदिका को सकुशल सुपुर्द कराया गया
    दिनांक 17.08.2024 को आवेदिका द्वारा गोलघर पुलिस चौकी पर सूचना दी गयी कि उनका बैग जिसमे लगभग 02 लाख रुपये की ज्वेलरी थी, किसी ऑटो मे छूट गया है । उक्त सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुये चौकी प्रभारी गोलघर मय पुलिस टीम द्वारा सीसीटीवी कैमरों की मदद से उक्त ऑटो को खोजकर ज्वेलरी को सकुशल बरामद कर आवेदिका को सुपुर्द किया गया । जिस पर आवेदिका द्वारा गोरखपुर पुलिस को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भूरी – भूरी प्रशंसा की गयी ।