कॉरपोरेट के सहयोग से प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ करने में मिला हिंदुजा का साथ
प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार के प्रयासों की मुरीद हिंदुजा ग्रुप ने शुरू किया ‘रोड टू स्कूल’ प्रोजेक्ट
यूपी में पहली बार शुरू हो रहा ‘रोड टू स्कूल’, पहले चरण में गोरखपुर के चरगांवा ब्लॉक के सभी परिषदीय विद्यालय शामिल. 20 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में करेंगे प्रोजेक्ट का औपचारिक शुभारंभ
नामांकन बढ़ाने, ड्राप आउट रोकने और बच्चों के समग्र विकास में मददगार बनेगा रोड टू स्कूल
गोरखपुर, 17 अगस्त। प्राथमिक शिक्षा के कायाकल्प में लगातार काम कर रही योगी सरकार कॉरपोरेट सेक्टर के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था को और भी सुदृढ़ कर रही है। कॉरपोरेट के सामाजिक उत्तरदायित्व निधि से जहां कई विद्यालय अत्याधुनिक संसाधनों से संपन्न होकर स्मार्ट बने हैं तो वहीं अब प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने, ड्राप आउट रोकने, बच्चों में पठन पाठन के प्रति अभिरुचि बढ़ाने, उनके स्वास्थ्य देखभाल और उन्हें खेल एवं कौशल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए भी संजीदगी से प्रयास हो रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक इस काम तो कर ही रहे हैं, अब इसमें कॉरपोरेट सेक्टर ने भी दिलचस्पी दिखाई है। इसी क्रम में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार के प्रयासों के मुरीद हुए हिंदुजा ग्रुप ने बच्चों के समग्र विकास के लिए ‘रोड टू स्कूल’ को यूपी में भी शुरू किया है। इसका औपचारिक शुभारंभ 20 अगस्त को गोरखपुर के चरगांवा ब्लॉक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।बड़े औद्योगिक घराने हिंदुजा ग्रुप की इकाई अशोक लीलैंड लिमिटेड ने अपने कार्यान्वयन भागीदारी लर्निंग लिंक फाउंडेशन के साथ मिलकर ‘रोड टू स्कूल’ प्रोजेक्ट में प्रथम चरण में गोरखपुर के चरगांवा ब्लॉक के सभी 78 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों को सम्मिलित किया है। इस ब्लॉक में प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू भी हो चुका है। चरगांवा ब्लॉक में रोड टू स्कूल प्रोजेक्ट का फायदा कक्षा एक से आठ तक के 17781 छात्रों को मिलेगा। जबकि दूसरे चरण में भटहट ब्लॉक के सभी 90 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों को शामिल किया जाएगा। दूसरे चरण में 16434 छात्र लाभान्वित होंगे। अशोक लीलैंड लिमिटेड और लर्निंग लिंक फाउंडेशन के इस साझा पहल को उत्तर प्रदेश में पहली बार लागू किया जा रहा है। तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत के कुछ राज्यों और कश्मीर में इसके सफल परिणाम आए हैं।क्या है रोड टू स्कूल
रोड टू स्कूल सरकारी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों के छात्रों के बीच सीखने के अंतराल के मुद्दों पर कार्य करता है। इसमें छात्रों के समग्र विकास के लिए एक आधारभूत ढांचा तैयार करने पर खासा जोर है। रोड टू स्कूल में एक ऐसे मापनयोग्य मॉडल पर काम किया जाता है जिससे बच्चों के शैक्षिक और सह शैक्षिक, दोनों के विकास के साथ विद्यालय में उनकी उपस्थिति में सुधार किया जा सके और ड्राप आउट की समस्या दूर हो सके।आधारभूत शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कला शिक्षा में सुधार का लक्ष्य
रोड टू स्कूल प्रोजेक्ट का लक्ष्य बच्चों के बीच आधारभूत शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कला शिक्षा में सुधार करना है। यह प्रोजेक्ट निपुण भारत मिशन के अनुसार बुनियादी शिक्षा स्तरों में सुधार करने के लिए काम करेगा। मसलन बच्चों में विज्ञान और गणित को लेकर दिलचस्पी बढ़े और उनमें विषय की अभिव्यक्ति विकसित हो। बच्चों के समग्र स्वास्थ्य विकास को लेकर इस प्रोजेक्ट में शारीरिक, भावनात्मक, सामाजिक और पर्यावरणीय कल्याण आधारित पाठ्यक्रम चलेंगे। चयनित विद्यालय में बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए खेलो इंडिया कार्यक्रम को लागू किया जाएगा। जबकि कौशल विकास के लिए बच्चों में निहित हुनर को तलाश कर उसे तराशा जाएगा.
पहले चरण में 50 रिसोर्स पर्सन तैनात
प्रोजेक्ट ‘रोड टू स्कूल’ के तहत प्रत्येक दो विद्यालय के लिए एक रिसोर्स पर्सन की तैनाती की व्यवस्था है। चरगांवा ब्लॉक में सभी 78 विद्यालयों के सापेक्ष 50 रिसोर्स पर्सन की तैनाती कर दी गई है। दूसरे चरण में भटहट ब्लॉक में भी 50 रिसोर्स पर्सन तैनात किए जाएंगे। रिसोर्स पर्सन को दिए गए दायित्व की निगरानी व मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक ब्लॉक के लिए पांच वरिष्ठ रिसोर्स पर्सन की तैनाती रहेगी। इसके अलावा विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण कार्यक्रम गतिविधियों को लागू करने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में पांच प्रोजेक्ट एसोसिएट रहेंगे। रोड टू स्कूल प्रोजेक्ट में प्रत्येक विद्यालय को शिक्षण सहायक सामग्री और बच्चों को गणितीय योग्यता में दक्ष बनाने के लिए गणित किट प्रदान की जाएगी। खेलो इंडिया कार्यक्रम के अनुरूप बच्चों में खेल की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए एक खेल किट भी दी जाएगी।
सीएम के मार्गदर्शन में लगातार सुदृढ़ हो रहा शिक्षा का क्षेत्र
गोरखपुर के जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश बताते हैं कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुदृढ़ता आ रही है। इसमें ‘रोड टू स्कूल’ प्रोजेक्ट भी भागीदार बन रहा है। इससे गुणात्मक और संख्यात्मक दोनों लिहाज से शिक्षा क्षेत्र में और भी मजबूती आएगी। यह प्रोजेक्ट 100 प्रतिशत छात्रों के नामांकन बनाए रखने और छात्रों को आगे की कक्षा में बढ़ाने के लिए कार्य करेगा। साथ ही इसमें खेल, कौशल विकास के अलावा सभी छात्रों को स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रथाओं से अवगत कराकर उनके समग्र विकास पर जोर दिया जाएगा।
Category: उत्तर प्रदेश
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कॉरपोरेट के सहयोग से प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ करने में मिला हिंदुजा का साथ
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण
गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण
कॉमर्स फैकल्टी ने हासिल किया महत्वपूर्ण पेटेंट
कॉमर्स फैकल्टी ने एक महत्वपूर्ण पेटेंट हासिल किया.
उनके इनवेंशन का टाइटल है – एन एडाप्टिव बार मेजरमेंट डिवाइस फॉर फिजिकली डिसेबल्ड.
शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों की क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में होटल मैनेजमेंट (HMCT) की यह एक अनूठी पहल है. यह एक ग्राउंड ब्रेकिंग डिवाइस है.
इस पेटेंट का श्रेय HMCT के समन्वयक डॉ.अंशु गुप्ता (सहायक आचार्य, वाणिज्य विभाग)के साथ ही संकाय सदस्य श्री आशीष रंजन और श्री मोहम्मद कुरेश खान को जाता है। उनके सहयोगी प्रयासों और समावेशी डिजाइन के प्रति प्रतिबद्धता ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि का मार्ग प्रशस्त किया है।
होटल प्रबंधन एवं खानपान प्रौद्योगिकी संस्थान (HMCT) द्वारा “शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति के लिए एक अनुकूली बार मापन उपकरण” नामक एक ‘ग्राउंड-ब्रेकिंग डिवाइस’ के सफल पेटेंट के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गयी है। इस अभिनव उपकरण का उद्देश्य शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों की क्षमताओं में वृद्धि करने के साथ ही उनकी स्वतंत्रता और सुरक्षा को बढ़ाने वाले उपयोगकर्ता-अनुकूल समाधान प्रदान करके आतिथ्य उद्योग में उन व्यक्तियों की पहुंच में क्रांति लाना है।
अनुकूली बार मापन उपकरण के लाभ:
1. एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन किया गया: यह उपकरण शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को सरलतापूर्वक सामग्री और अन्य पदार्थों को मापने में सहायक है, जिससे उनकी अन्य व्यक्तिओं पर निर्भरता कम होती है और स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलता है।
2. आसान पहुंच: इस उपकरण को सरलता और उपयोग में आसानी को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे यह शारीरिक क्षमता के विभिन्न स्तरों वाले उपयोगकर्ताओं की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए सुलभ हो जाता है।3. सुरक्षा और सटीकता: सटीक माप को सक्षम करके, डिवाइस तैयारी में सुरक्षा सुनिश्चित करती है, जो व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों ही स्थितियों में महत्वपूर्ण है।
4. बहुमुखी प्रतिभा: इस उपकरण का उपयोग पेशेवर बार से लेकर व्यक्तिगत उपयोग तक, विभिन्न आतिथ्य सेटिंग्स में किया जा सकता है, जो इसे उद्योग के लिए एक मूल्यवान वस्तु बनाता है।
5. सशक्तिकरण: यह पेटेंट आतिथ्य उद्योग को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक कदम आगे है, जो दिव्यांग व्यक्तियों को पाक गतिविधियों में अधिक पूर्ण रूप से भाग लेने के लिए सशक्त बनाता है।
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने शिक्षा जगत में नवाचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर आविष्कारकों को बधाई दी। सम्मानित डीन प्रो. श्रीवर्धन पाठक ने भी टीम को बधाई दी और संकाय को भविष्य में ग्राउंड-ब्रेकिंग अनुसंधान और विकास की अपनी खोज जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
इनोवेटर्स-
डॉ. अंशु गुप्ता, समन्वयक एचएमसीटी
श्री आशीष रंजन, संकाय – एचएमसीटी
मोहम्मद कुरेश खान, संकाय – एचएमसीटीयह पेटेंट न केवल विश्वविद्यालय के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, बल्कि आतिथ्य उद्योग के भीतर समावेशी डिजाइन में एक नया मानक भी स्थापित करता है। विश्वविद्यालय समुदाय ऐसे नवाचारों का स्वागत करता है जो सामाजिक कल्याण और ज्ञान की उन्नति में योगदान करते हैं। -

गोरखपुर क्षेत्र में पहली बार निजी क्षेत्र में होगी एमबीबीएस की पढ़ाई
गोरखपुर क्षेत्र में पहली बार निजी क्षेत्र में होगी एमबीबीएस की पढ़ाई श्रीगोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को एनएमसी से मिली है 50 एमबीबीएस सीट की मान्यता.
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में अब बीएएमएस के साथ एमबीबीएस का भी कोर्स
गोरखपुर-बस्ती मंडल में सरकारी और निजी क्षेत्र में मिलाकर 875 मेडिकल यूजी सीटों पर होगा दाखिला
गोरखपुर, 16 अगस्त। गोरखपुर क्षेत्र (गोरखपुर-बस्ती मंडल) में इस शैक्षणिक सत्र में पहली बार निजी क्षेत्र में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। गोरखपुर स्थित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के श्रीगोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से 50 एमबीबीएस सीटों की मान्यता मिली है और इस मेडिकल कॉलेज ने नीट काउंसलिंग के जरिये प्रवेश की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके साथ ही इसी सत्र ने नए संस्थान के रूप में पीपीपी मॉडल पर संचालित महराजगंज के केएमसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटों पर और सरकारी क्षेत्र के राज्य स्वायत्तशासी मेडिकल कॉलेज कुशीनगर में 100 सीटों पर भी दाखिला होगा।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में इस सत्र के पूर्व एमबीबीएस की 575 सीटों पर पढ़ाई हो रही थी। 300 नई सीटों के साथ यह संख्या बढ़कर 875 हो जाएगी। इस क्षेत्र में पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 150, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर में 125, महर्षि वशिष्ठ राज्य स्वायत्तशासी मेडिकल कॉलेज बस्ती में 100, माधव प्रसाद त्रिपाठी राज्य स्वायत्तशासी मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में 100, महर्षि देवरहा बाबा राज्य स्वायत्तशासी मेडिकल कॉलेज में 100 सीटों पर एमबीबीएस की मान्यता थी। गोरखपुर क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आया यह बूम बीते सात सालों में योगी सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के चलते आया है। एक दौर वह भी था जब यहां चिकित्सा शिक्षा के लिए सिर्फ गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज का ही नाम दिखता था। लंबे समय तक बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भी एमबीबीएस की मान्यता पर खतरा मंडराता रहता था। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से गोरखपुर में एम्स की स्थापना हुई तो एमबीबीएस की 125 सीटों पर पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध हुई। गोरखपुर क्षेत्र में मेडिकल एजुकेशन को ऊंचाई देने में योगी सरकार की एक जिला एक मेडिकल कॉलेज योजना की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस योजना से बस्ती, सिद्धार्थनगर, देवरिया और कुशीनगर में नए राज्य स्वायत्तशासी मेडिकल कॉलेज और महराजगंज में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। इनमें बस्ती और देवरिया में करीब तीन सत्र पहले से ही एमबीबीएस की पढ़ाई हो रही है। कुशीनगर के राज्य मेडिकल कॉलेज, महराजगंज के पीपीपी मॉडल वाले मेडिकल कॉलेज और गोरखपुर के निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज में इस बार एमबीबीएस सीटों पर पहली बार दाखिला होगा। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय को आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में बीएएमएस की सौ सीटों के लिए पहले से ही पढ़ाई हो रही है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में एमबीबीएस की सीट
कॉलेज एमबीबीएस सीट
बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर 150
एम्स गोरखपुर 125
राज्य स्वा.मेडिकल कॉलेज बस्ती 100
राज्य स्वा.मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर 100
देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया 100
श्रीगोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज गोरखपुर 50
राज्य स्वा. मेडिकल कॉलेज कुशीनगर 100
केएमसी मेडिकल कॉलेज महराजगंज 150 -

17 सालो से फरार 50-50 हज़ार के इनामी पति-पत्नी गिरफ्तार
17 सालो से फरार 50-50 हज़ार के इनामी पति-पत्नी गिरफ्तार UPSTF ने गुजरात के अहमदाबाद स्तिथि बेक़री सिटी के शिवान्ता अपार्टमेंट से की गिरफ़्तारी
प्रयागराज ज़िलें के जार्ज टाउन थाने से जालसज़ी मामले मे वांछित अमित श्रीवास्तव और पत्नी शिखा श्रीवास्तव अरेस्ट!!
प्रयागराज मे इंन्फोकॉन्स कंसलटेंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर बेरोज़गारो से करते थे ठगी!!
जालसाज अमित श्रीवास्तव खुद क़ो कंपनी का MD और पत्नी शिखा श्रीवास्तव क़ो सह डायरेक्टर बनाकर करता था ठगी!!
कंपनी मे लोगो क़ो सॉफ्टवेयर डेवलपर व इंजीनियर के पद पर नौकरी दी जाती थी-STF
नौकरी लगने के रूप मे 80 हज़ार से 1 लाख तक की सिक्योरिटी मनी जमा कराई जाती थी-STF
बेरोज़गारो का काफी रुपया जमा होने के बाद, दंपत्ति प्रयागराज जिला छोड़कर लोगो का पैसा हड़प कर भाग गए थे-STF
कुछ साल दिल्ली मे जालसाज़ी का धंधा चलाने के बाद गुजरात मे रहकर कर रहे थे ऑनलाइन फ़्रॉड!!
STF ने दंपत्ति पति-पत्नी क़ो गिरफ्तार कर अहमदाबाद की कोर्ट मे पेश कर प्रयागराज लाने के लिए कर रही कागज़ी कार्यवाही!! -

डा संदीप कुमार शर्मा सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट गोरखपुर
डा संदीप कुमार शर्मा सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट गोरखपुर
वर्तमान में फिजियोथैरेपिस्ट आर्मी हॉस्पिटल ईसीएचएस देवरिया
शाहपुर आवास विकास कालोनी में सेंट्रल एकेडमी के पास कल शाम में आवारा कुता ने काट लिया। -

परिसर में भ्रष्टाचारियों का बोलबाला, जन्म और मृत्यु के लिए वसूलते जाते हैं हजारों रुपये
गोरखपुर
नगर निगम गोरखपुर परिसर में भ्रष्टाचारियों का बोलबाला, जन्म और मृत्यु के लिए वसूलते जाते हैं हजारों रुपये।
वीडियो में आप साफ तौर पर देख सकते हैं किस तरीके से नगर निगम परिसर में मौजूद यह दलाल लोगों से जन्म मृत्यु के नाम पर हजारों रुपए ऐंठते हैं। हालांकि शिकायत के बाद मौके पर पहुंची कर निर्धारण अधिकारी अनुष्का सिंह ने कुछ दलालों को पकड़ा और उन्हें हिदायत देते सख्त कार्रवाई की बात कहते हुए।छोड़ दिया गया। एक तरफ सरकार भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसने के लिए तमाम प्रयास कर रही है। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी हो रही है।लेकिन वही दूसरी तरफ नगर निगम गोरखपुर की बात करे तो परिसर के अंदर दलालो का बोलबाला पूरी तरीके से कायम है।नगर निगम परिसर के अंदर ही दलाल जन्म और मृत्यु के नाम पर लोगों से हजारों रुपए वसूल लेते हैं। वही वीडियो में आप साफ तौर पर देख सकते हैं कि किस तरीके से यह दलाल नगर निगम परिसर के अंदर लोगों से जन्म मृत्यु के नाम पर कागज पत्र लेते हैं और उन्हें बताते हैं। कि कब आपको जन्म और मृत्यु बनवा कर दे दिया जाएगा। वैसे आप दौड़ेंगे तो समय बीत जाएगा लेकिन आपका काम नहीं हो पाएगा।
गौरतलब है इस समय जन्म और मृत्यु के लिए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इसका फायदा दलाल पूरी उठा रहे हैं। और उनकी जेब में ढीली कर रहे हैं।
क्योंकि 6 महीने होने के बावजूद आम लोगों का जन्म और मृत्यु नहीं बन पा रहा हैं।ऐसे में लोग थकहार कर दलालों का सहारा ले रहे हैं।और दलाल हजारों रुपए ऐंठकर उन्हें चूना लगाने का काम कर रहे हैं।क्योंकि जिस तरिके से यह दलाल निगम परिसर में बैठकर अपना काम कर रहे है।इससे साफ साबित होता हैं।इन लोगो की मिलीभगत कहीं ना कहीं अंदर के लोगो से हो सकती है।
शिकायत पर पहुंची कर निर्धारण अधिकारी अनुष्का सिंह ने मौके से कुछ दलालों को पकड़ा और उन्हें हिदायत देते हुए सख्त कार्रवाई की बात कह कर छोड़ दिया ।
हालांकि एक तरफ नगर निगम गोरखपुर के प्रवर्तन दल की टीम सड़कों से अतिक्रमण को हटवाती है।अवैध प्लास्टिक के खिलाफ दुकानों और अन्य जगहों पर कार्रवाई करती है।लेकिन इनके परिसर में घूमकर घूमकर दलाली करने वाले लोगो पर क्या इनकी नजर नहीं पड़ती है या नजरे हटा ली जाती है।
इस संबंध में जब कर निर्धारण अधिकारी अनुष्का सिंह से मीडिया में अपना पक्ष रखने की बात कही गई उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया -

आडियो वायरल मामला में दीवान निलंबित
आडियो वायरल मामला में दीवान निलंबित
कुशीनगर । जिले के खड्डा थाना पर तैनात हेड कांस्टेबल बिरेंद्र यादव को पुलिस अधीक्षक कुशीनगर संतोष कुमार मिश्र ने एक आडियो वायरल के मामले निलंबित किया है। -

पवन यादव प्रकरण में लखनऊ पुलिस ने जारी किया बयान
लखनऊ : पवन यादव प्रकरण में लखनऊ पुलिस ने जारी किया बयान
पवन यादव पर साक्ष्य के आधार पर हुई कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ तीन मुकदमें पूर्व से दर्ज हैं
वर्तमान प्रकरण की विवेचना की जा रही है
सबूत के आधार पर विवेचना का निस्तारण होगा
प्रकरण में पुलिस ने क्लीन चिट नहीं दी है
न्यायालय ने आरोप मुक्त नहीं किया है. -

निर्माण कार्य और रोड चौड़ीकरण की समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा निर्देश मंडलायुक्त
गोरखपुर। मंडलायुक्त सभागार में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में निर्माण कार्य और रोड चौड़ीकरण की समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा निर्देश मंडलायुक्त ने दिया । बैठक में प्रमुख रूप से जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल सीडीओ संजय कुमार मीना जॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील कुमार गौड़ एसडीएम कैंपियरगंज रोहित मौर्य साहित्य संबंधित विभागों के अधिकारी गण मौजूद रहे।
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आवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का उद्घाटन आज
लखनऊ : आवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का उद्घाटन आज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे वर्चुअल उद्घाटन
मुख्यमंत्री आवास से किया जाएगा इसका उद्घाटन
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, मुख्य सचिव होंगे शामिल
ऊर्जा और नेडा विभाग के अधिकारी भी होंगे मौजूद









