Category: उत्तर प्रदेश

  • उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज़, 2027 की बिसात पर अभी से चालें शुरू

    उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज़, 2027 की बिसात पर अभी से चालें शुरू

    ब्रजेन्द्र कुमार सिंह                                                     

    लखनऊ :उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ती दिख रही है। भले ही विधानसभा चुनाव 2027 में हों, लेकिन सत्ता और विपक्ष—दोनों खेमों में राजनीतिक गतिविधियां अभी से तेज़ हो चुकी हैं।

    योगी आदित्यनाथ सरकार जहां कानून-व्यवस्था, निवेश और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है, वहीं विपक्ष सरकार को महंगाई, बेरोज़गारी और सामाजिक मुद्दों पर घेरने की रणनीति में जुट गया है।

    भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती पर खास ज़ोर दिया है। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, जनकल्याणकारी योजनाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन और ‘डबल इंजन सरकार’ के फायदों को जनता तक पहुंचाने का अभियान तेज़ किया गया है। हाल के महीनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे, निवेश परियोजनाओं के शिलान्यास और अपराध पर सख्ती को सरकार अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है।

    दूसरी ओर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार के खिलाफ संयुक्त स्वर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव लगातार सरकार पर हमला बोलते हुए किसानों, युवाओं और पिछड़े वर्गों के मुद्दे उठा रहे हैं। कांग्रेस भी प्रदेश में अपनी खोई सियासी जमीन वापस पाने के लिए संगठन विस्तार और आक्रामक राजनीति की ओर बढ़ रही है।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में जातीय समीकरण, सामाजिक न्याय, कानून-व्यवस्था और विकास—ये चार बड़े मुद्दे प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेंगे। खासतौर पर लोकसभा चुनाव के बाद बदले राष्ट्रीय परिदृश्य का असर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी साफ़ दिखाई देने लगा है।

    कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश की राजनीति इस समय ‘शांत सतह, अंदर उबाल’ की स्थिति में है। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा, सियासी बयानबाज़ी, गठबंधन की कवायद और जनसभाओं का दौर और तेज़ होने के आसार हैं। साफ़ है कि उत्तर प्रदेश एक बार फिर देश की राजनीति का केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।

  • आधुनिक रीजनल एनेस्थीसिया व एनाल्जीसिया से सर्जरी हुई अधिक सुरक्षित और दर्द-मुक्त

    आधुनिक रीजनल एनेस्थीसिया व एनाल्जीसिया से सर्जरी हुई अधिक सुरक्षित और दर्द-मुक्त

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    GRACE-1.0 में एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की अहम भूमिका पर विशेषज्ञों की विस्तृत चर्चा

    आज के दौर में सर्जरी की सफलता केवल ऑपरेशन टेबल तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि मरीज की संपूर्ण सुरक्षा, ऑपरेशन के बाद दर्द से राहत और शीघ्र सामान्य जीवन में वापसी भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। इन सभी पहलुओं में एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की भूमिका अत्यंत केंद्रीय और निर्णायक होती है।

    इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर के एनेस्थीसियोलॉजी, पेन मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर विभाग द्वारा GRACE-1.0 (Gorakhpur Regional Anaesthesia Continuing Education 2026) का आयोजन किया गया।

    यह शैक्षणिक कार्यक्रम संस्थान की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता, (सेवानिवृत्त) के सक्रिय एवं दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित, वैज्ञानिक तथा दर्द-मुक्त एनेस्थीसिया एवं पेन मैनेजमेंट सेवाएं प्रदान करना है।

    कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि रीजनल एनेस्थीसिया केवल सर्जरी के दौरान शरीर के किसी हिस्से को सुन्न करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य ऑपरेशन के बाद लंबे समय तक दर्द से राहत (एनाल्जीसिया) प्रदान करना भी है।

    अनेक सर्जरी में जनरल एनेस्थीसिया के साथ-साथ अल्ट्रासाउंड की सहायता से नर्व ब्लॉक्स दिए जाते हैं, जिससे सर्जरी के बाद होने वाला दर्द काफी हद तक कम हो जाता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में केवल रीजनल एनेस्थीसिया से ही सर्जरी संभव होती है, जबकि कई जटिल मामलों में एक से अधिक नर्व ब्लॉक्स का संयोजन भी किया जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक रीजनल एनेस्थीसिया तकनीकों से मरीजों को कई लाभ मिलते हैं, जिनमें शामिल हैं—

    * जनरल एनेस्थीसिया की दवाओं की आवश्यकता में कमी
    * ऑपरेशन के बाद तेज दर्द की संभावना कम होना
    * ओपिऑइड एवं तीव्र दर्द निवारक दवाओं पर निर्भरता घटना
    * उल्टी, चक्कर, अत्यधिक सुस्ती और सांस संबंधी जटिलताओं में कमी
    * मरीज का जल्दी बैठना, चलना और फिजियोथेरेपी शुरू कर पाना

    GRACE-1.0 में विशेषज्ञों ने बताया कि—

    * कंधे और हाथ की सर्जरी में नर्व ब्लॉक्स से लंबे समय तक प्रभावी दर्द राहत मिलती है
    * घुटने और हिप सर्जरी के बाद मरीज जल्दी चलने-फिरने में सक्षम हो जाता है
    * पेट और छाती की सर्जरी में विशेष ब्लॉक्स से ऑपरेशन के बाद कई घंटों तक आराम मिलता है

    इन सभी तकनीकों का उद्देश्य केवल सर्जरी कराना नहीं, बल्कि सर्जरी के बाद मरीज को अधिकतम आराम और शीघ्र रिकवरी प्रदान करना है।

    मल्टीमोडल एनाल्जीसिया: दर्द प्रबंधन का आधुनिक दृष्टिकोण

    कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि आज दर्द नियंत्रण के लिए एक ही दवा पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न तरीकों का संयोजन अपनाया जाता है, जिसे मल्टीमोडल एनाल्जीसिया कहा जाता है।

    इसमें नर्व ब्लॉक्स, हल्की दर्द निवारक दवाएं और अन्य सहायक उपाय शामिल होते हैं, जिससे मरीज अधिक सुरक्षित रहता है और गंभीर दवाओं की आवश्यकता कम पड़ती है।
    कार्यक्रम के दौरान अल्ट्रासाउंड मशीन की सहायता से नसों को प्रत्यक्ष देखकर दवा देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। इससे दवा सही स्थान पर पहुंचती है और जटिलताओं की संभावना न्यूनतम हो जाती है।

    विशेषज्ञों ने बताया कि एनेस्थीसियोलॉजिस्ट—
    * सर्जरी से पहले मरीज का संपूर्ण मूल्यांकन करते हैं
    * ऑपरेशन के दौरान जीवन-रक्षक निगरानी रखते हैं
    * ऑपरेशन के बाद दर्द नियंत्रण और रिकवरी की जिम्मेदारी निभाते हैं
    * आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं में भी अहम भूमिका निभाते हैं
    इस कार्यक्रम का आयोजन प्रो. (डॉ.) संतोष कुमार शर्मा,
    प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, एनेस्थीसियोलॉजी, पेन मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर, एम्स गोरखपुर
    के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की आयोजन सचिव डॉ. प्रियंका द्विवेदी रहीं।
    मरीजों के लिए महत्वपूर्ण संदेश

    डॉक्टरों ने मरीजों को सलाह दी कि सर्जरी से पहले वे—
    * ऑपरेशन के बाद दर्द से राहत के उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानकारी लें
    * अपनी सभी बीमारियों और दवाओं की सही जानकारी दें
    * एनेस्थीसियोलॉजिस्ट से खुलकर संवाद करें
    इससे उपचार अधिक सुरक्षित, दर्द-मुक्त और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने वाला बनता है।

  • काल सेन्टर के माध्यम से विदेशी नागरिकों से साईबर ठगी करने वाले 5 अभियुक्त व 1 अभियुक्ता गिरफ्तार

    काल सेन्टर के माध्यम से विदेशी नागरिकों से साईबर ठगी करने वाले 5 अभियुक्त व 1 अभियुक्ता गिरफ्तार

    गोरखपुर ब्यूरो सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर । चिलुआताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉल सेंटर की आड़ में विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से पांच युवक और एक युवती को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।


    इस कार्रवाई में कुल 28 लैपटॉप, 37 हेडफोन, दो राउटर, मोबाइल फोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक उत्तरी, पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। चिलुआताल पुलिस को जांच के दौरान सूचना मिली कि क्षेत्र में एक तीन मंजिला मकान में अवैध काल सेंटर संचालित किया जा रहा है।

    सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापा मारकर मौके से छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में रूपेश सिंह, अभिषेक पाण्डेय, हर्ष आर्या, सूरज कुमार तिवारी, अश्वनी कुमार मौर्या तथा शलोनी यादव शामिल हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह ईमेल के माध्यम से अमेरिका के नागरिकों का डेटा प्राप्त करता था और काल सेंटर में काम करने वाले एजेंट फर्जी नाम जैसे जॉन, जॉर्ज, लेविस आदि बताकर बीमा और सरकारी सब्सिडी का झांसा देते थे। जैसे ही कोई क्लाइंट उनकी बातों में आता, कॉल को अमेरिका स्थित कंपनियों को फॉरवर्ड कर दिया जाता, जहां ठगी को अंजाम दिया जाता था। ठगी से प्राप्त धनराशि का हिस्सा अभियुक्तों को मिलता था।

    पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त रूपेश सिंह और अभिषेक पाण्डेय के खिलाफ पूर्व में भी लखनऊ के विभूतिखंड थाने में साइबर ठगी का मामला दर्ज है। गिरोह के चार अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। थाना चिलुआताल में अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा संख्या 36/26 धारा 319(2), 318(4), 336(3), 340(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डाटा और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों और विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है।

  • सरस्वती शिशु मंदिर, पक्कीबाग में विद्यारंभ संस्कार एवं बसंत पंचमी उत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न

    सरस्वती शिशु मंदिर, पक्कीबाग में विद्यारंभ संस्कार एवं बसंत पंचमी उत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के पावन पर्व बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आज सरस्वती शिशु मंदिर, (10+2)पक्कीबाग गोरखपुर के प्रांगण में ‘विद्यारंभ संस्कार’ समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने शैक्षिक जीवन की औपचारिक शुरुआत की।

    समारोह के मुख्य अतिथि गोरखपुर के महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में महापौर जी ने कहा:

    “विद्यारंभ संस्कार हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। यह बालक के बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास की नींव रखता है। सरस्वती शिशु मंदिर जैसे संस्थान न केवल शिक्षा, बल्कि संस्कारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।”

    पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक रीति-रिवाज से सरस्वती पूजन और हवन संपन्न हुआ, जिसमें अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ आहुति दी।

     

    नन्हे छात्रों को ‘ॐ’ और ‘श्री’ लिखवाकर उनके शिक्षा सत्र का श्रीगणेश कराया गया।
    विद्यालय के भैया-बहनों द्वारा माँ सरस्वती की वंदना और बसंत गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।


    इससे पूर्व विद्यालय के नन्हे मुन्ने भैया बहनों द्वारा कलश यात्रा निकाली गई।


    साथ ही स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सुभाष चंद्र बोस की जयंती एवं वीर हकीकत राय का बलिदान दिवस मनाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ राजेश सिंह द्वारा अतिथि परिचय एवं सम्मान हुआ।

    इस शुभ अवसर पर प्रदेश निरीक्षक राम सिंह, कोषाध्यक्ष महेश गर्ग,डॉक्टर सूर्यकांत त्रिपाठी,प्रथम सहायक रुक्मिणी उपाध्याय, शिशु वाटिका प्रमुख मीनाक्षी राजपूत सहित प्रबंध समिति के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आरती व प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

  • गोला बैडमिंटन क्लब की अनूठी पहल,नारी सशक्तिकरण का दिया संदेश

    गोला बैडमिंटन क्लब की अनूठी पहल,नारी सशक्तिकरण का दिया संदेश

    निष्पक्ष टुडे (गोला ब्यूरो) वेद प्रकाश यादव  :-

    कक्षा दो पढने वाली बच्ची रिसिका निषाद ने प्रतियोगिता का किया उद्घाटन

    अथर्व व आदर्श और हार्दिक व विराट की जोड़ी ने जीता उद्घाटन मैच

    गोला में जनपद स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता सीनियर व जूनियर वर्ग में शुरू

     

    उपनगर गोला स्थित शिवाॅय लाॅन में गुरूवार से गोला बैडमिंटन क्लब व चंद्रांश फाउंडेशन के तत्वाधान में तीन दिवसीय जनपद स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता सीनियर व जूनियर वर्ग में शुरू हुई है। प्रतियोगिता में बैडमिंटन क्लब ने अनूठी पहल करते हुए कक्षा दो में पढने वाली रिसिका निषाद को मुख्य अतिथि बनाकर समाज में नारी शक्ति व नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया। मुख्य अतिथि बनी बिटिया रिसिका निषाद ने नेट पर लगे रिबन को काटकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम कसौधन व राजेश पाण्डेय, नवनीत राय मौजूद रहे।

    गोला बैडमिंटन क्लब के तत्वावधान में आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता (जूनियर वर्ग) का उद्घाटन मैच डबल्स में अथर्व राय व रामेष्ट श्याम उर्फ आदर्श कसौधन और रिशभ निगम व रमन की जोड़ी के बीच हुई। रोमांचक मुकाबले में अथर्व व आदर्श की जोड़ी ने एक सेट के मैच को 10-08 से जीत लिया। दूसरे मैच में हार्दिक व विराट और ओम श्याम व श्रेयांस की जोड़ी 10-06 के अंतर से हरा दिया। श्रृष्टि व पीहू ने रिसिका व नंदिनी को हराया।

    प्रतियोगिता के दौरान अंश चौरसिया व रोशन अंसारी, अंकित सोनकर व किशन सोनकर, आदर्श सोनकर व अंश सोनकर, अंकुर चौधरी व दीपक गुप्ता, घनश्याम सोनकर व अंश सोनकर, काशी व अंबार, जीशान खान व रिशभ की जोड़ी ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य संजय गुप्ता,पंकज कुमार गुप्ता,नौशाद अहमद, नीरज मौर्या, भाजपा नेता ऋषिकेश निषाद, राजकुमार हिंदुस्तानी आदि उपस्थित रहे।

  • मंडलायुक्त सभागार में 64वीं बी गीडा बोर्ड बैठक सम्पन्न, विकास योजनाओं पर हुई विस्तृत समीक्षा बैठक

    मंडलायुक्त सभागार में 64वीं बी गीडा बोर्ड बैठक सम्पन्न, विकास योजनाओं पर हुई विस्तृत समीक्षा बैठक

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :–

    गीडा सीईओ ने भूमि आवंटन व उपलब्धियों का रखा ब्यौरा, औद्योगिक इकाइयों को मिला सबसे अधिक भू-खंड

    गोरखपुर। मंडलायुक्त सभागार में 64वीं गीडा बोर्ड की बैठक मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जनपद के औद्योगिक एवं शहरी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई और गीडा क्षेत्र में चल रही तथा प्रस्तावित विकास योजनाओं की समीक्षा की गई।

    बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, गीडा सीईओ अनुज मलिक, जीडीए सचिव पुष्प राज सिंह, गीडा ओएसडी अनुपम मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक के दौरान गीडा सीईओ अनुज मलिक ने बोर्ड के समक्ष गीडा की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि बीते कार्यकाल में गीडा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर भूमि आवंटन किया गया है। सीईओ ने स्पष्ट किया कि सबसे अधिक भूमि आवंटन औद्योगिक इकाइयों को किया गया है, जिससे क्षेत्र में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है। विभिन्न सेक्टरों में स्थापित होने वाली लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को प्राथमिकता के आधार पर भू-खंड उपलब्ध कराए गए हैं।

    गीडा सीईओ ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, आईटी एवं सहायक सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को भी भूमि आवंटित की गई है। इससे न केवल निवेशकों का विश्वास बढ़ा है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गीडा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं—सड़क, जलापूर्ति, विद्युत, ड्रेनेज और सुरक्षा व्यवस्था—को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

    बैठक में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रहे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि आवंटित भूमि पर निर्धारित समयसीमा के भीतर औद्योगिक गतिविधियां शुरू हों। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गीडा क्षेत्र के समग्र विकास पर जोर देते हुए कहा कि उद्योगों के साथ-साथ श्रमिकों और आमजन की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए।

    बोर्ड बैठक में भविष्य की कार्ययोजनाओं, नए निवेश प्रस्तावों और गीडा को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। अंत में अध्यक्ष द्वारा अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए गोरखपुर को औद्योगिक दृष्टि से मजबूत बनाने के निर्देश दिए।

  • विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी जाना जाएगा गोरखपुर

    विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी जाना जाएगा गोरखपुर

    लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :.

    सीएम योगी की घोषणा के अनुरूप बन रहा 30 हजार दर्शकों की क्षमता का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

    392.94 करोड़ रुपये आएगी लागत, निर्माण से पूर्व मिट्टी भराई व लेवलिंग का काम शुरू

    पहली किश्त के रूप में शासन से 63.39 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त

    खिलाड़ियों के लिए होगी 7 प्लेइंग पिच और 4 प्रैक्टिस पिच

     

    गोरखपुर, । विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहा गोरखपुर आने वाले समय में विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खेल के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भी जाना जाएगा। इसका जरिया बनेगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुरूप ताल नदोर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम। 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के लिए मुख्य निर्माण कार्य से पूर्व मिट्टी भराई व लेवलिंग का काम शुरू हो गया है। पहली किश्त के रूप में शासन की तरफ से 63.39 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है।

    गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल है। मुख्यमंत्री ने जब इसकी मंशा जताई तो सबसे पहली आवश्यकता अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप पर्याप्त भूमि की पड़ी। इसके लिए जिला प्रशासन ने गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित ताल नदोर में भूमि चिन्हित की। जिलाधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि ताल नदोर में ही पशु चिकित्सा, महाविद्यालय और वृहद कान्हा गोशाला का भी निर्माण हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बन जाने से यह पूरा क्षेत्र विकास की नई आभा से निखर उठेगा। फिलहाल सारी कार्ययोजना तय करने के बाद स्टेडियम निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग की तरफ से दिसंबर के आखिरी सप्ताह से मिट्टी भराई और समतलीकरण का काम प्रारंभ करा दिया गया है।

    स्टेडियम का निर्माण 23 दिसंबर 2027 तक पूर्ण किया जाना लक्षित किया गया है।

    गोरखपुर में बन रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम 46 एकड़ क्षेत्रफल में आकार लेगा। कुल 30 हजार दर्शक क्षमता का यह स्टेडियम ‘ग्राउंड प्लस टू फ्लोर’ के हिसाब से बनेगा। इसके ग्राउंड पर खिलाड़ियों के लिए 7 प्लेइंग पिच और 4 प्रैक्टिस पिच होगी। स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में प्रत्येक में 14,490 दर्शक बैठ सकेंगे। नार्थ पैवेलियन मीडिया और साउथ पैवेलियन विशिष्टजन के लिए होगा। रात्रिकालीन मैच भी हो सकें, इसके लिए मेन स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानक के चार हाई मास्ट लाइट की व्यवस्था रहेगी। यहां क्रिकेट के अलावा अन्य बड़े आयोजन भी होंगे।

    ताल नदोर में बन रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहतरीन जगह पर है। गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग फोरलेन से जुड़ा यह स्थान, गोरखपुर एयरपोर्ट से करीब 24 किमी की दूरी पर है और रेलवे स्टेशन से करीब 20 किमी है। ऐसे में खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए यहां पहुंचना काफी सुगम होगा।

  • संभल CO अनुज चौधरी और पुलिस कर्मियों पर Fir मामले पर बड़ी खबर

    संभल CO अनुज चौधरी और पुलिस कर्मियों पर Fir मामले पर बड़ी खबर

    लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    संभल हिंसा मामले में CO अनुज चौधरी सहित कई पुलिसकर्मियों पर FIR करने का आदेश देने वाले जज (CJM) विभांशु सुधीर हटाए गए।

    उनका तबादला सुल्तानपुर के लिए हुआ।
    CJM से हटाकर सिविल जज (सीनियर डिविजन) यानि डिमोशन वाला पद दिया गया।

  • B R D मेडिकल कॉलेज के एम.आर.यू. को मिली बड़ी वैश्विक पहचान;

    B R D मेडिकल कॉलेज के एम.आर.यू. को मिली बड़ी वैश्विक पहचान;

    लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    यू.पी. हेल्थ टेक कॉन्क्लेव 1.0 में बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज के एम.आर.यू. को मिली बड़ी वैश्विक पहचान; चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री ने सौंपा प्रतिष्ठित ICH ISO14155:2020  प्रमाणपत्र

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के होटल क्लार्क्स अवध में आयोजित ‘यू.पी. हेल्थ टेक कॉन्क्लेव 1.0’ के दौरान चिकित्सा नवाचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई। प्रदेश के माननीय चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री, श्री मयंकेश्वर शरण सिंह द्वारा बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर की मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (MRU) के नोडल ऑफिसर डॉ. राज किशोर सिंह को ‘ICH ISO 14155:2020’ (मानव विषयों के लिए चिकित्सा उपकरणों की नैदानिक जांच) का मास्टरक्लास सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।

    इस गरिमामयी अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आईएएस अवनीश अवस्थी, एसीएस अमित घोष, चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव एवं महानिदेशक डॉ. सारिका मोहन, यूपी प्रमोट फार्मा काउंसिल की एमडी एवं सीईओ आईएएस कृतिका शर्मा, तथा बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं डीन प्रो. (डॉ.) राम कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
    वैश्विक मानकों पर खरा उतरेगा बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज

    यह प्रमाणपत्र मिलने के बाद बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज की एम.आर.यू. अब विश्व स्तरीय नैदानिक परीक्षणों (World Standard Clinical Trials) के लिए सक्षम हो गई है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में काम करने वाले वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स को मिलेगा।

    मुख्य लाभ:

     नवाचार को बढ़ावा: अब एम.आर.यू. में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चिकित्सा उपकरणों का परीक्षण हो सकेगा।

    • पेटेंट और मार्केटिंग: यहाँ होने वाले परीक्षणों के आधार पर नए चिकित्सा उपकरणों को न केवल पेटेंट कराने में आसानी होगी, बल्कि उन्हें वैश्विक बाजार में बेचने (मार्केटिंग) के लिए जरूरी मान्यता भी प्राप्त होगी।

    • आत्मनिर्भर भारत: यह कदम चिकित्सा उपकरणों के निर्माण में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

    इस अवसर पर माननीय राज्य मंत्री श्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज को मिली यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली के प्रति वैश्विक विश्वास को और मजबूत करेगी।

    डॉ. राज किशोर सिंह ने इस उपलब्धि को पूरी टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया और कहा कि इससे पूर्वांचल सहित पूरे प्रदेश में मेडिकल रिसर्च के नए द्वार खुलेंगे।

  • UP : एटा में परिवार के 4 लोगों की हत्या का खुलासा.

    UP : एटा में परिवार के 4 लोगों की हत्या का खुलासा.

    लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    पुलिस जांच में सामने आया कि बेटे कमल सिंह ने ही वारदात की।

    माता-पिता, पत्नी और बेटी की बेरहमी से हत्या की गई।

    आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, कानूनी कार्रवाई जारी।