Category: उत्तर प्रदेश

  • एडीजी ज़ोन का व्यापक निरीक्षण

    एडीजी ज़ोन का व्यापक निरीक्षण

    “पुलिस लाइन से लेकर पुलिस ऑफिस की सभी शाखाओं तक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा”

    गोरखपुर। एडीजी ज़ोन मुथा अशोक जैन ने सोमवार को पुलिस लाइन परिसर, पुलिस ऑफिस तथा सभी प्रमुख शाखाओं का विस्तृत औचक निरीक्षण किया। क्वार्टर गार्ड, आरटीसी, एमईएस, एमटी शाखा, कैंटीन, लाइन परिसर, कार्यालयीन सेक्शन सहित सभी विभागों में व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण के उपरांत एडीजी जैन ने एसएसपी कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक कर विभिन्न फाइलों का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    एडीजी ने क्वार्टर गार्ड में ड्यूटी पर तैनात जवानों से बातचीत कर सुरक्षा प्रणाली, उपस्थिति रजिस्टर, हथियारों के रख-रखाव, गार्ड परिसर की सुव्यवस्था की जांच की। इसके बाद उन्होंने आरटीसी की प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने और आधुनिक पुलिसिंग की आवश्यकताओं के अनुरूप अभ्यास कराने के निर्देश दिए।

    एमईएस शाखा में उन्होंने भवन संरचना, मरम्मत और बिजली-व्यवस्था की समीक्षा की, जबकि एमटी शाखा में वाहनों की स्थिति, मेंटेनेंस रजिस्टर, दुरुस्ती कार्य और वाहन उपयोग विवरणों की जांच की। एडीजी ने स्पष्ट किया कि गश्त, रेस्पॉन्स और आपातकालीन सेवाओं में उपयोग होने वाले वाहन हमेशा फिट कंडीशन में रखे जाएँ।

    कैंटीन का निरीक्षण करते हुए एडीजी जैन ने सामानों की गुणवत्ता, रेट लिस्ट और व्यवस्था की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जवानों के लिए उपलब्ध भोजन और दैनिक उपयोग की सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप ही उपलब्ध कराई जाए। पुलिस लाइन परिसर में स्वच्छता व्यवस्था की जांच के दौरान उन्होंने खुले स्थान और आवासीय क्षेत्र की साफ-सफाई को और बेहतर रूप से बनाए रखने पर बल दिया।

    निरीक्षण के बाद एसएसपी कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में फाइलों के त्वरित निस्तारण, लंबित विवेचनाओं, प्रशासनिक कार्यों, कार्यालय शाखाओं की दक्षता, अनुशासनिक कार्यवाहियों और डिजिटल रिकॉर्ड अद्यतन से संबंधित अनेक बिंदुओं पर चर्चा हुई। एडीजी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शाखाएँ निर्धारित समयसीमा में कार्य करें और रिकॉर्ड प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करें।

    उन्होंने कहा कि पुलिस लाइन और पुलिस ऑफिस किसी भी जिले की पुलिस व्यवस्था का मुख्य केंद्र होते हैं, इसलिए इनके कामकाज में सुधार और जवाबदेही अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही या विलंब भविष्य में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    निरीक्षण और बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर, पुलिस अधीक्षक नगर अभिनव त्यागी, सीओ लाइन योगेंद्र सिंह, एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र, एसपी साउथ दिनेश कुमार पूरी, एसपी अपराध सुधीर जैसवाल, सीओ चौरी-चौरा मनीष शर्मा, कोतवाली प्रभारी ओमकार दत्त तिवारी, गोरखनाथ प्रभारी रवि सिंह सीओ आफिस दीपांशी सिंह राठौर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    एडीजी जैन ने कहा कि पुलिस बल की छवि जनता के विश्वास पर आधारित है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को अनुशासन, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी शाखाएं नियमित समीक्षा करें तथा समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।

  • उत्तरप्रदेश में अव्वल बना जनपद एटा

    उत्तरप्रदेश में अव्वल बना जनपद एटा

    DM प्रेमरंजन की रणनीति से एसआईआर में प्रदेश भर में अव्वल बना जनपद एटा,शत प्रतिशत करवाया एसआईआर ।

    एटा प्रशासनिक क्षमता का बेहतरीन उदाहरण बना है। जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह की रणनीति ने एटा को एसआईआर में प्रदेश भर में अव्वल बना दिया। चुनाव आयोग की ओर से जारी किए गए आंकड़े में एटा, औरया ओर आजमगढ़ की एसआईआर शत प्रतिशत पूरी कर ली गई।
    जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह की रणनीति ने एटा को एसआईआर में प्रदेश भर में अव्वल बना दिया। चुनाव आयोग की ओर से जारी किए गए आंकड़े में एटा, औरया ओर आजमगढ़ की एसआईआर शत प्रतिशत पूरी कर ली गई। आयुक्त ने बधाई देते हुए 16 दिसंबर को आलेख प्रकाशित करने की बात कही है।
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ गणना प्रपत्रों के संग्रह एवं डिजिटाइजेशन के कार्यों की समीक्षा की। जिन मतदाताओं के नाम 2003 की मतदाता सूची में हैं। उन सभी की मैपिंग कराई जाए। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे, इसके लिए प्रत्येक बीएलओ की अपने बूथ के बीएलए के साथ समन्वय बैठक जरूर करवाएं। सभी डीईओ एसआईआर की प्रक्रिया से संबंधित संपूर्ण डेटाबेस को पूर्णतया सुरक्षित एवं दुरुस्त रखेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बीएलओ की ओर से जितने मतदाताओं को अनुपस्थित, मृतक, डुप्लीकेट, शिफ्टेड, अनट्रेस्ड में चिन्हित किया गया है। बीएलओ पुनः उनकी स्वयं गहन जांच कर लें तथा इस कार्य में बीएलए का पूर्ण सहयोग लें। उन्होंने बताया कि एसआईआर के तहत अब तक प्रदेश में गणना प्रपत्रों के वितरण का कार्य 99.91 प्रतिशत तथा डिजिटाइजेशन का कार्य 91.98 प्रतिशत एटा ने शत प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया है। एसआईआर के तहत गणना चरण की अन्तिम तिथि 11 दिसम्बर है। 16 दिसम्बर को प्रकाशित होने वाली आलेख मतदाता सूची में शामिल किया जायेगा।
    एसआईआर का काम शुरू होते ही ज़िलाधिकारी ने सभी विभागों को अलर्ट जारी कर दिया। बीएलओ के साथ अन्य विभागों के कर्मचारियों को लगा दिया गया था। इन कर्मचारियों ने प्रपत्रों के इकट्ठा करने में बीएलओ की मदद की थी। जो बीएलओ कमजोर थे उनके फीडिंग के लिए भी सहायता करा दी गई थी। इससे हर दिन डिजिटिलाइजेंशन का काम ऊपर उठता चला गया। इससे 30 नवंबर तक 98 प्रतिशत काम पूरा लिया गया। हर बीएलओ की रोजाना शाम को समीक्षा के लिए भी टीम लगाई थी। किसी भी कर्मचारी को कोई परेशानी नहीं होने दी।जनपद के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के कारण यह एसआईआर का कार्य सफल हो सका है। चुनाव आयोग की ओर से मिली बधाई के लिए एटा के कर्मचारी, बीएलओ एवं इस प्रक्रिया से जुडे हुए सभी अधिकारी शामिल है। हमारी ओर से सभी को बधाई जो चुनाव आयोग की मंशा के अनुसार पूरा हो सका।

  • Update… जालौन.. अय्याशी…SHO अरुण कुमार राय की आत्महत्या

    Update… जालौन.. अय्याशी…SHO अरुण कुमार राय की आत्महत्या

    जालौन में तैनात SHO अरुण कुमार राय की आत्महत्या मामले में एय्याशी खुलासा !!

    जालौन में तैनात SHO अरुण कुमार राय के महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा से अवैध सम्बन्ध स्थापित थे .

    SHO ने महिला सिपाही को तीन लाख का हार और महंगा वाला आई Phone दिलाया था।

    दो महीने बाद फरवरी में महिला सिपाही की शादी थी, वो SHO पर शादी में कथित 25 लाख रूपये खर्च करने का दबाव बना रही थी।

    निरीक्षक जी, इतनी जल्दी इतना पैसा कैसे जुगाड़ पाते !

    उधर महिला सिपाही वीडियो पत्नी को भेजने की धमकी दे रही थी.

    आखिर में SHO ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली,
    पुलिस हत्या के एंगल से भी जाँच कर रही है।

  • उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का बड़ा फैसला, इंडिगो फ्लाइट क्राइसिस

    उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का बड़ा फैसला, इंडिगो फ्लाइट क्राइसिस

    लखनऊ-
    उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का बड़ा फैसला, इंडिगो फ्लाइट क्राइसिस के बीच लिया फैसला

    फ्लाइट संकट से बढ़ी दिल्ली जाने वालों की भीड़, यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे का तत्काल कदम

    वाराणसी-नई दिल्ली के बीच सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन शुरू, अतिरिक्त कोच की विशेष व्यवस्था की गई

    बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए लखनऊ मंडल सक्रिय, दिल्ली रूट की ट्रेनों में अतिरिक्त 3AC कोच लगाए जाएंगे

  • SHO अरूण कुमार राय आत्महत्या मामले में गिरफ्तारी

    SHO अरूण कुमार राय आत्महत्या मामले में गिरफ्तारी

    जालौन में प्रभारी निरीक्षक अरूण कुमार राय की मौत के मामले में सिपाही मीनाक्षी शर्मा को हिरासत में लिया गया है।

    राय की पत्नी ने मीनाक्षी पर हत्या के आरोप लगाये और गोली चलने के वक्त मीनाक्षी को राय के आवास के पास देखा गया. अरूण राय और मीनाक्षी के बीच कुछ समय से नजदीकियां बढ़ी थी. मीनाक्षी डायल-112 में तैनात है।

  • इनर व्हील क्लब ऑफ़ गोरखपुर : वॉकाथॉन आयोजन

    इनर व्हील क्लब ऑफ़ गोरखपुर : वॉकाथॉन आयोजन

    गोरखपुर, 6 दिसम्बर 2025। महिला सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक समानता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से इनर व्हील क्लब ऑफ़ गोरखपुर द्वारा आज “ऑरेंज द वर्ल्ड – स्टॉप वायोलेन्स अगेंस्ट वीमेन ” अभियान के अंतर्गत एक व्यापक वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। यह पहल वॉक फॉर गोरखपुर 2025 के साथ मिलकर शहर में जागरूकता और संवेदनशीलता का एक नया अध्याय लिखती हुई नज़र आई।

    महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर समाज में चेतना उत्पन्न करना,

    जनसामान्य को “शून्य सहनशीलता” की नीति अपनाने हेतु प्रेरित करना,

    सम्मान, सुरक्षा और समानता को परिवार से लेकर समाज तक हर स्तर पर व्यवहारिक रूप से लागू करने का संदेश देना तथा नागरिकों को यह समझाना था कि एक सुरक्षित समाज तभी बनता है जब हर नागरिक अपनी ज़िम्मेदारी को समझे और आवाज़ उठाए।

    यह कार्यक्रम केवल चलने की एक यात्रा नहीं, बल्कि सोच को बदलने का सामूहिक प्रयास था।

    इस आयोजन में क्लब की सचिव रीना त्रिपाठी ने ओजस्वी और प्रेरक वक्तव्य से कार्यक्रम को नई दिशा दी।
    अपने संवेदनशील संदेश में उन्होंने कहा “महिलाओं की सुरक्षा कोई विकल्प नहीं—यह समाज की अनिवार्य नींव है।
    हमारा आज का प्रत्येक कदम हिंसा के विरुद्ध प्रतिरोध है और समानता की ओर अग्रसर एक मजबूत संकल्प है।”

    उनके प्रभावी शब्दों ने उपस्थित जनसमूह में जागरूकता, उत्साह और दृढ़ता का संचार किया।

    इस अवसर पर क्लब की अध्यक्ष कविता त्रिपाठी,
    प्रमुख सदस्य पल्लवी शुक्ला, डॉ. आभा भगत, रिचा त्रिपाठी, डॉ. अनुपमा भगत, साधना अग्रवाल आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु क्लब ने रेडिओ सिटी व आरपीएम अकादमी का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस सामाजिक पहल के लिए अपना विस्तृत परिसर उपलब्ध कराया और  इस जागरूकता अभियान को अपनी आवाज़ और मीडिया-पहुंच के माध्यम से व्यापक जनसमर्थन प्रदान किया।

    इनर व्हील क्लब ने अंत में नागरिकों से अपील की कि वें महिलाओं के विरुद्ध किसी भी रूप की हिंसा का खुलकर विरोध करें और समाज में सम्मान, सुरक्षा और बराबरी की संस्कृति को मज़बूत बनाने में सहयोग दें।

  • आत्मनिर्भर और विकसित होगा 2047 का भारतः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    आत्मनिर्भर और विकसित होगा 2047 का भारतः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंच प्रण को बताया शाश्वत मंत्र”

    गोरखपुर, 4 दिसंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 के शुभारंभ अवसर पर आत्मनिर्भर व विकसित भारत का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए पंच प्रण को शाश्वत मंत्र बताया। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान देशवासियों के सामने लक्ष्य रखा कि 2047 में देश जब आजादी का शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा, तब हमें आत्मनिर्भऱ, विकसित भारत चाहिए। जहां हर व्यक्ति खुशहाल और परस्पर सौहार्द के साथ मिलकर दुनिया की महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा हो। वहां जाति, भाषा, क्षेत्र का विवाद और अभाव न हो। कोई नागरिक आपदा का शिकार न हो। हर व्यक्ति आत्मनिर्भर व स्वावलंबन का जीवन व्यतीत करते हुए राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन कर सके। सीएम ने कहा कि भारत विकसित तब हो सकता है, जब हर व्यक्ति पंच प्रण पर ध्यान दे।

    एसडीआरएफ के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 का शुभारंभ किया।

    *सीएम ने पंच प्रण को बताया शाश्वत मंत्र*
    सीएम ने पंच प्रण को शाश्वत मंत्र बताया और कहा कि यह हर नागरिक पर समान रूप में लागू होते हैं।

    पहला प्रणः विरासत पर गौरव की अनुभूति यानी पूर्वजों की थाती। हर भारतवासी को पूर्वजों, संस्कृति, महापुरुषों पर गौरव की अनुभूति करनी चाहिए। महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह महाराज, छत्रपति शिवाजी महाराज, रानी लक्ष्मीबाई, पं. रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह उसी परंपरा के नायक हैं, जिसे हर भारतवासी विरासत कहता है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण व धर्मध्वजा का आरोहण विरासत की श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है।

    *दूसरा प्रणः* गुलामी के अंशों को पूरी तरह समाप्त करना- सीएम ने कहा कि बीच के कालखंड में हर देशवासी भूल गया कि जब दुनिया अंधकार में थी, तब भारत बड़ी ताकत था। दो हजार वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का हिस्सा 46 फीसदी और चार सौ वर्ष पहले भारत की भागीदारी का हिस्सा 26 फीसदी था। देश जब आजाद हुआ, तब दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का हिस्सा महज डेढ़ फीसदी रह गया था। अंग्रेज व विदेशी आक्रांता जब भारत को लूटकर ले गए थे, उसकी कीमत उस समय लगभग 32-35 ट्रिलियन डॉलर के बराबर थी। आज भारत की अर्थव्यवस्था मात्र चार ट्रिलियन डॉलर की है। अब भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है। हाल के सर्वे के मुताबिक दुनिया ने माना है कि भारत सबसे तेज गति के साथ बढ़ने वाला राष्ट्र बन गया है। भारत की यात्रा शानदार इसलिए है, क्योंकि हमने विरासत पर गौरव की अनुभूति की और गुलामी के अंशों को समाप्त किया।

    *तीसरा प्रणः* सैन्य बलों का सम्मानः सैनिक, यूनिफॉर्म धारी फोर्स (सेना, अर्धसेना, पुलिस बल) का सम्मान करना है। उनके बलिदान व सेवाओं के प्रति सम्मान व कृतज्ञता होनी चाहिए।

    *चौथे प्रण* की चर्चा कर सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रांता इसलिए सफल हुए, क्योंकि हम विभाजित थे, जाति-क्षेत्र, भाषा के नाम पर बंटे थे। पड़ोस में आग लगी है और हम निश्चिंत बैठे हैं तो देर-सवेर आग आप तक भी पहुंचेगी। सामाजिक विद्वेष की खाई को चौड़ा होने से रोकना होगा। हमारी पहचान राष्ट्रीयता के आधार पर होनी चाहिए। सामाजिक भेदभाव की खाई को दूर करना, राष्ट्रीय एकता के लिए प्राण प्रण से जुड़ना होगा।

    *पांचवें प्रण* के रूप में नागरिकों कर्तव्यों का निर्वहन का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि दूसरों के ऊपर कानून लागू होगा और हमारे ऊपर नहीं होगा। यही प्रवृत्ति ही सारी समस्याओं की जड़ है। कानून दूसरों के लिए है तो मेरे लिए भी होना चाहिए। सीएम ने कहा कि छात्र, शिक्षक, व्यापारी, जनप्रतिनिधि समेत हर नागरिक अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करता है तो पंच प्रण आत्मनिर्भर व विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में सहायक बनेगा। यदि देश एक दिशा में कार्य करने लग जाएगा तो 2047 आते-आते भारत विकसित होगा।

    समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, कुलपति प्रो. पूनम टंडन, प्रो. जेपी सैनी, प्रो. रविशंकर सिंह, डॉ. सुरेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, इंजी. सरवन निषाद, प्रदीप शुक्ला, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह, पूर्व महापौर अंजू चौधरी आदि मौजूद रहे।

     

  • अंग्रेजी शासन के दौरान भारतीय मूल्यों और संस्कारों पर आधारित शिक्षण संस्थान की स्थापना करना, सच्ची राष्ट्रसेवा है- लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    अंग्रेजी शासन के दौरान भारतीय मूल्यों और संस्कारों पर आधारित शिक्षण संस्थान की स्थापना करना, सच्ची राष्ट्रसेवा है- लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    इमानदारी से कर्तव्य पालन करना, पर्यावरण संरक्षण, लोक कल्याण और अच्छा नागरिक बनना, वास्तविक देशभक्ति है – ले.जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    महाराणा प्रताप शिक्षण परिषद के संस्थापक-सप्ताह उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए यूपी एडीआरएफ के उपाध्यक्ष, ले.जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    गोरखपुर, 4 दिसंबर। गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक-सप्ताह समारोह 2025 का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी जी (से.नि.) शामिल हुए। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने छात्र-छात्राओं को महाराणा प्रताप के अनुकरणीय जीवन से प्रेरणा लेने और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, साहस, समर्पण, समानता और प्रतिबद्धता के मूल्यों को अपनाने लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर साहस दिखाना ही नहीं बल्कि इमानदारी से अपने कर्तव्य का पालन करना, पर्यावरण की रक्षा, लोक कल्याण और समाज का एक अच्छा नागरिक बनना भी वास्तविक देशभक्ति है। उन्होंने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के माध्यम से आप सफलता के इन मूल्यों का संस्कार प्राप्त कर रहे हैं।

    महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक-सप्ताह समारोह 2025 के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन गोरखपुर में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.) ने अंग्रजों के शासन और स्वतंत्रा संघर्ष के दौरान भारतीय संस्कारों और शिक्षा मूल्यों पर आधारित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना और उसके निरंतर राष्ट्रसेवा में योगदान देने की सरहाहना की एवं शिक्षा परिषद के संस्थापकों के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब देश में अग्रेंजी शासन और अंग्रेजियत का बोलबाला था ऐसे में 1916 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी और 1932 में महाराणा प्रतापा शिक्षा परिषद की गोरखपुर में नींव रखना भारतीयता और राष्ट्र की सच्ची सेवा थी। उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक महंत दिग्विजय नाथ, राष्ट्र संत महंत अवेद्यनाथ व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं शिक्षा परिषद के सभी शिक्षकों राष्ट्रसेवा के इस संकल्प को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।

    उद्घाटन अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा ही महाराणा प्रताप का जीवन हम सबके लिए अनुकरणीय है किस प्रकार उन्होंने अकेले, अन्य राजपूत राजाओं के सहयोग के बिना भी शक्तिशाली मुगल साम्राज्य की अवज्ञा की और आत्मबलिदान, त्याग और समर्पण के मूल्यों की अमर गाथा हम सबके लिए ये प्रस्तुत की। यही कारण था कि 17वीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज हो या 19वीं, 20वीं शताब्दी के राष्ट्र के क्रांतिकारियों ने उनसे प्रेरणा प्राप्त की। महाराणा प्रताप के जीवन से हमें अनुशासन, ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के जिन मूल्यों की शिक्षा मिलती है वो ही आपको जीवन में सफल बनाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि महाराणा प्रताप शिक्षण संस्थान में आप इन मूल्यों और संस्कारों को प्राप्त कर रहे हैं।

    अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि देशभक्ति केवल देश की सीमा पर साहस दिखाना ही नहीं, इमानदारी से अपने कर्यव्यों का निर्वहन करने, पर्यावरण संरक्षण, लोक कल्याण और अच्छा नागरिक बनान सच्ची देशभक्ति हैं। अपने जीवन के व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सेना भी ऐसे नौजवानों को चुनती है जो जीवन में अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यपालन को सर्वोपरी मानते हैं। अनुशासन ही सफलात की सीढ़ी है। उन्होंने शिक्षा परिषद की प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं को भागीदारी करने के लिए भी प्रेरित किया और कहा की हार और जीत निर्णायक नहीं है प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करना सबसे जरूरी है। असफलता से निराश होने की जरूरत नहीं है, असफलता ही हमें सफलता का मार्ग दिखाती है। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के जीवन का प्रसंग और परिणाम की चिंता किए बगैर कर्व्यपालन करने के भागवत् गीता के श्लोक – कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन् को अनुकरणीय बताया। साथ ही उन्होंने तेजी से बदल रही तकनीकि, एआई, रोबोटिक्स के प्रति भी छात्रों को सजग रहने को कहा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में केवल एक मजबूत चरित्र और सही तकनीक की समझ ही सफलता दिलाएगी। लेकिन हमें ये याद रखना है कि विजय मैदान में नहीं मन पर होती है, शक्ति हथियार में नहीं संस्कार में होती है।

     

  • संस्थापक सप्ताह समारोह, ‘गोरक्षनगरी’ में उतरा ‘हिंदुस्तान’

    संस्थापक सप्ताह समारोह, ‘गोरक्षनगरी’ में उतरा ‘हिंदुस्तान’

    महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने निकाली शोभायात्रा

    गोरखपुर की सड़कों पर दिखा अनुशासन, संस्कृति व विरासत के सम्मान का अद्भुत समन्वय

    गोरखपुर, 4 दिसंबर। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 में गुरुवार को गोरक्षनगरी में ‘समूचा हिंदुस्तान’ उमड़ पड़ा। एक तरफ उत्साह, उमंग से लबरेज युवाओं ने भारतीय संस्कृति, अनुशासन व विरासत के सम्मान का संदेश दिया तो दूसरी तरफ भारत के शौर्य, पराक्रम के साथ ही सम्मान के प्रतीक महापुरुषों के प्रति श्रद्धा निवेदित की। गोरखपुर की सड़कों पर युवाओं ने अनुशासन का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया। भारत की सांस्कृतिक धरोहरों, तकनीकी विकास, सुरक्षा व महापुरुषों की विचारधारा संग भारतीय वेशभूषा संग निकली शोभायात्रा ने सभी को अपनी ओर आकर्षित किया।

    अतिथियों ने किया पुस्तक का विमोचन

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट योगेंद्र डिमरी (से.नि.) ने दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय की शोध पत्रिका ‘दिग्विजयम्’ और महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज, जंगल धूषड़ द्वारा ‘मिशन मंझरिया’ की संक्षिप्त रिपोर्ट का विमोचन किया। समारोह स्थल पर पहुंचने के उपरांत एनसीसी के कैडेट्स ने मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुख्य अतिथि ने पुस्तिका पर अपने विचार भी लिखे। मुख्यमंत्री व मुख्य अतिथि ने ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समारोह स्थल पर 9000 से अधिक विद्यार्थी मौजूद रहे। समारोह के शुभारंभ समारोह में महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना व कुलगीत प्रस्तुत किया।

    युवाओं के अनुशासन की भूरि-भूरि प्रशंसा

    मुख्य अतिथि ने शोभायात्रा के शुभारंभ की घोषणा की। मुख्य अतिथि ने शोभायात्रा में शामिल युवाओं से मार्च पास्ट की सलामी ली। शोभायात्रा में सबसे आगे महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज की एनसीसी कैडेट्स रहीं। उनके पीछे महाराणा प्रताप महिला पीजी कॉलेज रामदत्तपुर की एनसीसी कैडेट्स, दिग्विजयनाथ इंटर कॉलेज चौक बाजार के एनसीसी कैडेट्स, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज एनसीसी सीनियर डिवीजन, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज एनसीसी जूनियर डिवीजन, एनसीसी दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज व ताइक्वांडो टीम शामिल रही। ज्ञान ज्योति, सच्चिदानंद बैंड, हंस वाहिनी भी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा में शिक्षा परिषद के संस्थाओं के विद्यार्थी शामिल रहे।

    महापुरुषों के प्रति सम्मान का भाव

    शोभायात्रा में मां सरस्वती, भारत माता, महायोगी गुरु गोरखनाथ, महाराणा प्रताप, महंत दिग्विजयनाथ, महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के चित्र भी रहे। शोत्रायात्रा में एक तरफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत के शौर्य की कहानी प्रस्तुत की जा रही थी तो वहीं राम मंदिर के जरिए विरासत का सम्मान भी युवाओं ने प्रस्तुत किया। युवाओं ने शोभायात्रा के माध्यम से विरासत, संस्कृति के प्रति सम्मान के भाव को प्रदर्शित किया। शोभायात्रा कॉलेज परिसर से निकलकर इंदिरा बाल बिहार से सीधे पोस्ट ऑफिस तिराहे से गणेश चौराहा से गोलघर होते हुए कचहरी चौराहा, फिर महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के स्वर्ण जयंती द्वार से शोभायात्रा स्थल पर पहुंची। भारतीय परिधान व विद्यालय के गणवेश में युवा सभी के आकर्षक का केंद्र बने रहे।

    संस्थापक-सप्ताह समारोह में शुक्रवार को होने वाली प्रतियोगिताएं

    महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह में शुक्रवार को गोरखवाणी प्रतियोगिता-कनिष्ठ वर्ग दिग्विजयनाथ एल.टी. प्रशिक्षण महाविद्यालय, वरिष्ठ वर्ग महाराणा प्रताप इण्टर कॉलेज (सभागार), योगासन प्रतियोगिता-प्रताप आश्रम गोलघर, चित्रकला प्रतियोगिता-दिग्विजयनाथ पी.जी.कॉलेज (कला संकाय), कबड्डी प्रतियोगिता बालक वर्ग (कनिष्ठ एवं वरिष्ठ) महाराणा प्रताप पालिटेक्निक गोरखनाथ एवं बालिका वर्ग (कनिष्ठ एवं वरिष्ठ) महाराणा प्रताप बालिका इण्टर कॉलेज सिविल लाइन्स में सम्पन्न होगी।

    यह जानकारी महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संचालन समिति के सदस्य डॉ. नितीश शुक्ला ने दी।

  • नौकरानी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लाश रखकर किया सड़क जाम

    नौकरानी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लाश रखकर किया सड़क जाम

    गोरखपुर। कुशीनगर की युवती की बिहार में मिली लाश, परिजनों ने जताया हत्या का शक।

    गोरखपुर के मोहद्दीपुर में घर में काम करने वाली कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज की रहने वाली 21 साल की नीतू साहनी की मौत पर नाराज परिजनों ने कैंट थानाक्षेत्र के मोहद्दीपुर में रविवार देर शाम करीब 6:30 बजे युवती की लाश रखकर मोहद्दीपुर सड़क जाम कर दिया.

    सड़क जाम की सूचना पर कैंट और अन्य थानों की पुलिस पहुंची. पुलिस ने परिजनों का समझाकर सड़क से किनारे हटाया. करीब 15 मिनट तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही.

     कुशीनगर जनपद के कुर्मीपट्टी के अयोध्या साहनी की पांच बेटियां हैं, एक लड़का है. इसमें नीतू निषाद को 3 साल पहले मोहद्दीपुर के आर्चिड ग्रीन के एक फ्लैट में रहने वाली संगीता अग्रवाल के पास घर का काम करने के लिए भेजा था. वहां साफ सफाई का काम करती थी.

     शनिवार 29 नवंबर को अनजान नंबर से कॉल कर कुशीनगर के कप्तानगंज बुलाया गया. वहां पहुंचते ही पुलिस गाड़ी में बैठाकर बिहार के पश्चिमी चंपारण लेकर गई.

     पुलिस ने बताया कि आपके लड़की तबीयत खराब है. बिहार के पश्चिमी चंपारण में पहुंचने पर बेटी की लाश दिखाई गई.

     बताया गया कि तबीयत खराब थी, जिससे मौत हो गई, लेकिन कोई यह नहीं बताया कि आखिर उनकी बेटी बिहार कैसे पहुंच गई.

     रविवार को पोस्टमार्टम के बाद लाश मिली है. अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं दी गई.

     अयोध्या साहनी ने बताया कि बेटी की लाश लेकर पूरे परिवार के साथ शाम को मोहद्दीपुर स्थित अपार्टमेंट में पहुंचे. यहां आने पर पता चला कि घर में ताला बंद कर परिवार कहीं निकल गया है.

     कॉल करने पर रिसीव भी नहीं किया जा रहा है. अयोध्या साहनी ने बताया कि शुक्रवार को आखिरी बार बेटी से बात हुई थी. तब वह गोरखपुर में ही थी. शनिवार को एक अनजान नंबर से कॉल कर कप्तानगंज बुलाया गया. जहां से पुलिस लेकर बिहार गई.

     इसके बाद परिजन लाश लेकर न्याय की मांग करते हुए मोहद्दीपुर सड़क पर बैठ गए. इस दौरान बेटी की लाश को लेकर परिजन रोते चिल्लाते रहे. पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर परिजनों को सड़क किनारे कर दिए हैं. उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं.

     आर्चिड ग्रीन अपार्टमेंट के रजिस्टर के मिलान करने पर पता चला है कि 14 अप्रैल के बाद नीतू यहां नहीं आई है. यहां रहने वाली अग्रवाल फैमली लखनऊ शादी में गई है.