- ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज कस्बा निवासी रितिक सोनकर की तहरीर पर पुलिस ने चक्रधारी सोनकर ,अभिषेक सोनकर एवं धीरज सोनकर के खिलाफ 115 (2), 352, 351 (2) के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच में लगी है।
- बड़हलगंज कस्बे के कालीचौरा मुहल्ला निवासी रितिक सोनकर ने तहरीर में कहा है कि कुछ माह पहले किसी बात को लेकर चक्रधारी सोनकर से कहा सुनी हो गई थी। 5 दिसंबर की शाम बाईपास रोड स्थित एक मैरिज हॉल में मैं शादी समारोह में गया था जहां चक्रधारी सोनकर मुझे देखकर गाली देने लगा। विरोध करने पर उक्त तीनों लोगों ने लाठी-डंडे से मार कर बुरी तरह घायल कर दिया।
Category: उत्तर प्रदेश
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डॉ अर्चना त्रिपाठी नेअपने जनपद का नाम रोशन किया।
गोरखपुर ब्यूरो
गोरखपुर निवासी डॉ अर्चना त्रिपाठी नेअपने जनपद का नाम रोशन किया।बेहद गर्व और खुशी का दिन है।
विनोद कुमार त्रिपाठी जी की पुत्री , डॉ. अर्चना त्रिपाठी ने स्वान्ज़ी यूनिवर्सिटी, लंदन, यूके से अपना मास्टर्स डिग्री सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि सिर्फ उनकी मेहनत और माता पिता जी का परिणाम है, बल्कि उनके जुनून, समर्पण और निरंतर प्रयासों की एक खूबसूरत मिसाल है।गहराइयों से उसे ढेर सारी बधाई मिले है/ और ईश्वर से प्रार्थना माता पिता किये कि उसके जीवन का हर कदम सफलता, समृद्धि और असीम खुशियों से भरा हो। वह हमेशा ऐसी ही ऊँचाइयाँ छुए और अपने सपनों को नई उड़ान देती रहे।
एक माता-पिता होने के नाते, इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है कि अपनी संतान को उसके लक्ष्यों को पाते हुए देखा जाए। श्री त्रिपाठी जी ने मिडिया से बात करते हुवे कहे की आज मैं अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर अत्यंत गर्व महसूस करता हूँ। उसकी लगन, अनुशासन और धैर्य ने आज उसे इस मुकाम तक पहुँचाया है।
मेरी ऊपर वाले से प्रार्थना करता हु/ कि जीवन के हर मोड़ पर उसे नई प्रेरणा, नए अवसर और अनगिनत खुशियाँ मिलें। वह ऐसे ही आगे बढ़ती रहे और अपना व हमारे परिवार का नाम रोशन करती रहे। और अपने जिले का नाम दीपक की तरह उजाला करती रहे ।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने जारी किया LOGO
प्रयागराज ब्यूरो
माघ मेले के इतिहास में पहली बार LOGO जारी
सीएम योगी ने माघ मेले का प्रतीक चिन्ह किया जारी
माघ मेला-2026 को भव्य और दिव्य बनाने की पहल
प्रतीक चिन्ह में तप, अनुष्ठान और कल्पवास का दर्शन
नव्य स्वरूप में दिखाई देगा माघ मेला 2026
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अज्ञात वाहन की चपेट में आने से शिक्षक की दर्दनाक मौत
संवाददाता– एस.पी. सिंह सहजनवा, (गोरखपुर)।
गीडा थाना क्षेत्र के तेनुआ टोल प्लाजा के पास गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 48 वर्षीय शिक्षक की मौत हो गई।
मृतक की पहचान सहजनवा थाना क्षेत्र के जोन्हीया निवासी सुजीत कुमार गौतम पुत्र रामकरन के रूप में हुई है, जो खजनी क्षेत्र के एक परिषदीय विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।
मिली जानकारी के अनुसार, सुजीत कुमार गौतम गुरुवार शाम लगभग 4 बजे बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह तेनुआ टोल प्लाजा के पास पहुंचे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की शादी मात्र दो वर्ष पहले हुई थी। वह दो भाइयों में सबसे बड़े थे। अचानक हुई इस घटना से परिवार और गांव में शोक की लहर व्याप्त है।
पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है और घटना की जांच जारी है। -

एमपीएसपी के शताब्दी वर्ष तक हो सौ संस्थाओं का संचालन : योगी आदित्यनाथ
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री ने।
“परिषद के शताब्दी वर्ष 2032 को लेकर तय किए लक्ष्य, दिए दिशानिर्देश”
“शताब्दी वर्ष में सालभर होगा विविध कार्यक्रमों का आयोजन, अभी से तैयारियों में जुटने के निर्देश”
गोरखपुर, 11 दिसंबर। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) के लिए इसके शताब्दी वर्ष 2032 तक सौ संस्थाओं के संचालन और इनमें एक लाख विद्यार्थियों को शिक्षा और कौशल से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने शताब्दी वर्ष में पूरे एक साल विविध कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए अभी से रूपरेखा बनाकर तैयारियों में जुट जाने के भी निर्देश दिए हैं।
बुधवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद का 93वां संस्थापक सप्ताह भव्यता से मनाया गया था। दिन में हुए मुख्य महोत्सव के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री ने देर शाम परिषद की सभी संस्थाओं के प्रमुखों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर शताब्दी वर्ष 2032 तक संस्थापक युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और राष्ट्रसंत लीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के सपनों और इच्छाओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में श्री योगी ने कहा कि सभी संस्थाओं को अभी से शिक्षा परिषद के शताब्दी महोत्सव की तैयारियों में जुटना होगा। शताब्दी वर्ष 10 दिसंबर 2031 से 10 दिसंबर 2032 तक, पूरे एक साल मनाया जाएगा। सालभर में क्या क्या आयोजन होंगे, इसकी रुपरेखा अभी से तैयार करनी शुरू कर दी जाए। शताब्दी महोत्सव का पूरा साल यादगार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष तक शिक्षा, चिकित्सा, योग, सेवा और अन्य प्रकल्पों को मिलाकर परिषद के अंतर्गत सौ संस्थाओं का संचालन करने का लक्ष्य तय कर उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
*शताब्दी वर्ष तक सौ बस्तियों को ‘मॉडल बस्ती’ बनाएं संस्थाएं*
गोरक्षपीठाधीश्वर ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं के प्रमुखों को निर्देशित किया कि वे शताब्दी वर्ष तक सौ बस्तियों को ‘मॉडल बस्ती’ बनाने का कार्य करें। इसके लिए बस्तियों को गोद लेकर वहां शिक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता, सेवा, जागरूकता, रोजगार एवं स्वरोजगार आदि के कार्य किए जाएं। सभी तक जनकल्याण की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि थारू और वनटांगिया बस्तियों में परिषद की संस्थाएं पहले से कार्य करती रही हैं। इन बस्तियों के उत्थान के मानक संतृप्ति के स्तर पर होने चाहिए।*वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जुड़ें, हर संस्था किसी विशिष्टता से जानी जाए*
श्री योगी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा से जुड़ने का आह्वान किया। कहा कि महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय इस दिशा में काफी बेहतर कर कर सकता है। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष तक परिषद की सभी संस्थाओं की पहचान उनकी किसी न किसी विशिष्टता से बने, इसके लिए उन्हें किसी विशिष्ट कार्य से जुड़कर आगे बढ़ना होगा।*शताब्दी वर्ष तक हों एक लाख विद्यार्थी, सबके पास हो स्किल*
गोरक्षपीठाधीश्वर ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शताब्दी वर्ष तक संस्थाओं में एक लाख विद्यार्थियों के अध्ययनरत होने का भी लक्ष्य दिया। साथ ही कहा कि उस समय तक हर विद्यार्थी को किसी न किसी एक स्किल से जोड़ा जाए। हर संस्था एक-एक विद्यार्थी को अपने स्तर से स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास करे।*खुद मानक बनें संस्थाओं के प्रमुख*
बैठक में श्री योगी ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सभी शिक्षक और कर्मचारी परिश्रम और ईमानदारी के मानक बनें। इसके लिए संस्थाओं के प्रमुखों को खुद मानक बनकर शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए रोल मॉडल बनना होगा।आधुनिकता, प्राचीनता, परंपरा व प्रगति की संस्कृति दिखे परिसर में*
गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा कि अनुशासित परिसर संस्कृति शिक्षा परिषद की संस्थाओं की पहचान है। संस्थाओं में आधुनिक युगानुकूल विचारों के साथ पारंपरिक राष्ट्रीय और सांस्कृतिक मूल्यों का भी संरक्षण होता रहेगा। इन संस्थाओं ने भारत की परंपरा और प्रगति को दर्शाने के साथ लोक कल्याण का भी मॉडल दिया है। उन्होंने कहा कि संस्थाओं के परिसर में आधुनिकता, प्राचीनता, परंपरा व प्रगति की संस्कृति दिखनी चाहिए। संस्थाओं की कार्यपद्धति में आध्यात्मिकता का पुट होना चाहिए।“नशा मुक्त परिसर बनाना सुनिश्चित करें”
श्री योगी ने सभी संस्थाओं के प्रमुखों को निर्देशित किया कि वे अपनी अपनी संस्थाओं के परिसर को हर प्रकार के नशा से मुक्त परिसर बनाना सुनिश्चित करें। नशा चाहे ड्रग का हो या फिर स्मार्टफोन के अत्यधिक प्रभाव का, ये कुप्रवृत्तियां हैं और विद्यार्थियों को इनसे बचाना ही होगा।
*विकसित भारत के लक्ष्य से खुद को जोड़ें संस्थाएं*
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा वे खुद और विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जोड़ें। प्रदेश सरकार भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्र और राज्य सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप संस्थाएं भी अपने स्तर पर लक्ष्य तय करें जिससे 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की संकल्पना को साकार किया जा सके। उन्होंने कहा कि तकनीकी, मेडिकल, पैरामेडिकल, फार्मेसी, कृषि के विद्यार्थियों का ‘विकसित भारत 2047’ में क्या योगदान होगा, इस पर कार्ययोजना बनाकर काम किया जाए।“लोक कल्याण और सामाजिक उत्तरदायित्व पर हो फोकस”
श्री योगी ने कहा कि शिक्षा परिषद की संस्थाओं का फोकस लोक कल्याण पर भी हो। संस्थाओं को अपना सामाजिक उत्तरदायित्व भी निभाना होगा। सांस्कृतिक पुर्नजागरण के साथ देश को विश्वगुरु बनाने में अपना योगदान देना होगा।*समाज के एक-एक पैसे का हो सदुपयोग*
बैठक में श्री योगी ने कहा कि सभी संस्थाओं को वित्तीय अनुशासन, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ते रहना है। शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ हमें समाज के एक-एक पैसे का सदुपयोग सुनिश्चित करना होगा। बैठक में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सभी पदाधिकारी, सदस्य और परिषद की सभी संस्थाओं के प्रमुख उपस्थित रहे। -

उत्तर प्रदेश SIR अपडेट.
लखनऊ-
“SIR में 2 करोड़ 91 लाख मतदाताओं का हिसाब गड़बड़, 18.85 प्रतिसत की छटनी तय!-“
1- शिफ्टेट मतदाता की संख्या 1 करोड़ 27 लाख, 8.22 प्रतिशत
2- मृतक मतदाता की संख्या 45 लाख 95 हजार, 2.98 प्रतिशत
3- दो स्थान पर मौजूद मतदाताओं की संख्या 23 लाख 69 हजार, 1.5 प्रतिशत
4- ऐसे मतदाता जिन्होंने SIR फॉर्म जमा नहीं किये, उनकी संख्या 9.58 हजार, 0.62 प्रतिशत
5- अनुपस्थित या गायब मतदाताओं की संख्या 84 लाख 73 हजार, 5.49 प्रतिशत।
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हर जरूरतमंद को शीतलहर से बचाने को सरकार प्रतिबद्ध -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी ने किया महानगर में दो रैन बसेरों का निरीक्षण, ठहरे जरुरतमंदों में वितरित किया कंबल और भोजन।
पूरी क्षमता से संचालित होंगे रैन बसेरे, तहसीलों व निकायों ऊनी वस्त्र-कंबल वितरण के लिए पर्याप्त धन जारी : मुख्यमंत्री
गोरखपुर, 10 दिसंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हर जरूरतमंद को शीतलहर से बचाने और सम्मानजनक आश्रय देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए जहां रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जा रहा है, वहीं तहसीलों और नगर निकायों को जरूरतमंदों में ऊनी वस्त्र एवं कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
सीएम योगी बुधवार देर शाम/रात गोरखपुर महानगर में दो रैन बसेरों का निरीक्षण करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर जरूरतमंद को रैन बसेरों में अच्छी सुविधा दी जाए। प्रशासन को इसे प्राथमिकता पर लेते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त संख्या में बिस्तर व कंबल का इंतजाम हो। साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यदि किसी के पास भोजन की व्यवस्था नहीं है तो उसे भोजन भी उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशन के पास, तथा झूलेलाल मंदिर के पास बने रैन बसेरों का निरीक्षण कर तथा वहां ठहरे लोगों से बातचीत कर उपलब्ध सुविधाओं की पड़ताल की। रैन बसेरों में मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से जरूरतमंदों में कंबल व भोजन का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशन के पास रैन बसेरे के बाहर भी सैकड़ो जरूरतमंद लोगों में कंबल व भोजन का वितरण कर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सेवा को प्रतिबद्ध है।
“रैन बसेरों में ठहरे लोगों से मुख्यमंत्री ने किया आत्मीय संवाद”
सीएम योगी ने रैन बसेरों में ठहरे सभी लोगों से कुशलक्षेम जानने के साथ उनसे आत्मीय संवाद भी किया। रैन बसेरों में देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गगहा, चौरीचौरा समेत पूर्वांचल के अलग अलग क्षेत्रों के नागरिकों के अलावा बिहार से आए लोग भी ठहरे थे। कोई परीक्षा के सिलसिले में आया था, कोई डॉक्टर को दिखाने के लिए तो कोई काम की तलाश या फिर किसी अन्य कार्य से गोरखपुर आया था। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि यहां रैन बसेरों में कोई परेशानी तो नहीं। सबने व्यवस्था को लेकर संतोषजनक जवाब दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कुशलक्षेम और जरूरतों के बारे में पूछे जाने पर रैन बसेरों में ठहरे लोग भाव विह्वल हो गए। उन्हें सहसा यकीन नहीं हो रहा था कि उनके ठहरने और भोजन की जानकारी लेने खुद मुख्यमंत्री उनके पास आए हैं।

“हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य, कोई भी खुले में न लेटे : मुख्यमंत्री”
रैन बसेरों का निरीक्षण करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भीषण शीतलहर से आमजनमानस के बचाव के लिए शासन और प्रशासन संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य है। सरकार की तरफ से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति फुटपाथ, प्लेटफार्म या सड़क पर खुले में न लेटे। यदि कोई ऐसा पाया जाता है उसे रैन बसेरों में पहुंचाया जाए और इसकी निरंतर निगरानी भी की जाए। सभी रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा तहसीलों और निकायों को अपने-अपने क्षेत्र में जरूरतमंदों को शीतलहर से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र और कंबल वितरण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। निकायों और पंचायत को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वे भीषण शीतलहर में जहां भी आवश्यकता हो, पर्याप्त अलाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। यह सभी व्यवस्था प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महानगर गोरखपुर में नगर निगम द्वारा 14 रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है, जहां 700 से 1000 तक जरूरतमंद आश्रय ले सकते हैं।
रैन बसेरों के निरीक्षण के दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, कालीबाड़ी के महंत रवींद्रदास, नगर निगम बोर्ड के उपसभापति पवन त्रिपाठी, पार्षद ऋषिमोहन वर्मा, धर्मदेव चौहान समेत प्रशासन, पुलिस व नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।
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सपा नेता ने एसआईआर के प्रति निकाली जागरूकता रैली
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
बडहलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शशिकांत दूबे के नेतृत्व में एसआईआर को लेकर एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली का मुख्य उद्देश्य विशेष सघन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाताओं को समय पर एसआईआर फॉर्म भरकर जमा करने के लिए प्रेरित करना रहा ताकि मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
मंगलवार को समाजवादी पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य तथा चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशिता के दावेदार शशिकांत दूबे के नेतृत्व में निकली रैली बड़हलगंज से डेरवा,सीधेगौर, पटना घाट, टेढ़िया बंधा से दवनाडीह, मझवलिया, टाड़ा, कोल्हुआ, सांऊखोर, बभनौली, फरसाड़, सिधुआपार,
ओझौली, महुआपार, झुमिला, कुड़वाआम, मदरिया, भर्रोह,गोला, रानीपुर, ककरही,पड़ौली, पटौहा, पहाड़पुर, चिलवां, डड़वा, डाड़ी, गंंगवल, बाड़ेपार, भूपगढ़, सिधारी, सकरदेइया, भराड़ी, उरूवां, देइडीहा, पकवा, गोपालपुर आदि गांव व कस्बे से गुजरी। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर रुककर ग्रामीणों को एसआईआर फॉर्म के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने मतदाताओं को सूची में नाम जोड़ने, त्रुटियां सुधारने और आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया।इस अवसर पर सपा नेता शशिकांत दूबे ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक योग्य व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल हो।उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर एसआईआर फॉर्म भरकर संबंधित बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा कर दें, ताकि आगामी चुनावों में किसी भी मतदाता को मतदान करने में कोई परेशानी न हो। ग्रामीणों ने सपा नेता की इस पहल का स्वागत किया और मतदाता सूची को अद्यतन करने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान शशिकांत दूबे के साथ सुयश पांडेय,संदीप कुमार तिवारी,आकाश पांडेय, विकास पांडेय,हरीश यादव, राकेश यादव, रजनीश तिवारी, अविनाश शुक्ल, सुधीर यादव, विपिन दूबे आदि तमाम लोग उपस्थित रहे।










