Category: उत्तर प्रदेश

  • एचआईवी मरीज के टीबी से ग्रसित होने की आशंका अधिक-डॉ गणेश यादव

    एचआईवी मरीज के टीबी से ग्रसित होने की आशंका अधिक-डॉ गणेश यादव

    एचआईवी मरीज के टीबी से ग्रसित होने की आशंका अधिक-डॉ गणेश यादव
    युवा दिवस से शुरू हुए सघन अभियान 4 की बात के तहत महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में आयोजन
    एचआईवी और टीबी से बचाव के बारे में छात्राओं को किया जागरूक
    गोरखपुर, एचआईवी संक्रमित मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होती है। ऐसे में उसके टीबी ग्रसित होने की भी आशंका कहीं अधिक हो जाती है। एचआईवी संक्रमण से बचाव में जनजागरूकता की अहम भूमिका है। यह बातें जिला एड्स नियंत्रण एवं जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ गणेश यादव ने कहीं। वह राजकीय महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में सघन अभियान 4 की बात संबंधित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इसकी शुरूआत अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर 12 अगस्त को हुई थी। इसके तहत एचआईवी एड्स थीम पर कॉलेज परिसर में रंगोली और व्याख्यान प्रतियोगिता के भी आयोजन किये गये।

    जिला एड्स नियंत्रण एवं जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी ने कि कहा कि प्रत्येक एचआईवी मरीज की टीबी जांच जरूर कराई जाती है । इसी प्रकार जब कोई नया टीबी मरीज मिलता है तो उसकी एचआईवी जांच भी करवाते हैं। दोनों बीमारियों से ग्रसित मरीज भी सम्पूर्ण इलाज करवाते हैं तो बेहतर जीवन जी सकते हैं, लेकिन लापरवाही जानलेवा साबित होती है।  बीते पांच वर्षों में स्वास्थ्य विभाग ने एचआईवी ग्रसित 480 से अधिक टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें इलाज की सुविधा से जोड़ा है ।

    डॉ यादव ने कहा कि एचआईवी का संक्रमण पहले से संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन संबंध बनाने, संक्रमित रक्त या रक्त उत्पाद चढ़ाए जाने, संक्रमित सुई के साझा प्रयोग से और संक्रमित गर्भवती माता से उसके होने वाले शिशु को हो सकता है। यौन संबंध के दौरान कंडोम के इस्तेमाल, लाइसेंस युक्त ब्लड बैंक से ही रक्त लेकर चढ़ाने, सदैव नई नीडल या सिरिंज का इस्तेमाल करने और डॉक्टर की देखरेख में सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने से स्वस्थ व्यक्ति और मां से शिशु में एचआईवी का संक्रमण नहीं होता है। एड्स से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1097 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है ।

    उन्होंने कहा कि दो सप्ताह से अधिक की खांसी, पसीने के साथ बुखार, अत्यधिक कमजोरी, भूख न लगना, बलगम में खून आना और सीने में दर्द टीबी के लक्षण हैं। ठीक इसी प्रकार वजन का कम होना, एक महीने से अधिक बुखार आना और एक महीने से अधिक का दस्त, एचआईवी संक्रमण का लक्षण है। एचआईवी संक्रमण की आखिरी अवस्था को एक्वायर्ड इम्युनो डिफिशियंसी सिंड्रोम (एड्स) कहते हैं। यह ऐसी अवस्था है जिसमें एचआईवी के साथ साथ कई बीमारियों के लक्षण दिखने लगते हैं। इस अवस्था में मनुष्य बीमारियों से लड़ने की ताकत पूरी तरह से खो देता है। एड्स एक लाइलाज बीमारी है। पूर्ण और सही जानकारी ही इसका एक मात्र उपचार है। एचआईवी की समय से पहचान कर एंट्री रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट (एआरटी) औषधियों का सेवन किया जाए तो मरीज अच्छा, लम्बा और स्वस्थ जीवन जी सकता है। यह औषधियां मेडिकल कॉलेज स्थित एआरटी सेंटर से सरकारी प्रावधानों के अनुसार उपलब्ध हैं। लगातार खांसी, चर्म रोग, मुंह एवं गले में छाले होना, लसिका ग्रंथियों में सूजन एवं गिल्टी, याददाश्त खोना, मानसिक क्षमता कम होना और शारीरिक शक्ति का कम होना एड्स के लक्षण हैं।

    इस मौके पर कॉलेज के प्रधानाचार्य इंजीनियर विरेंद्र कुमार, कॉलेज की नोडल अधिकारी ज्योति सिंह, आरती यादव, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम समन्वयक धर्मवीर प्रताप सिंह, पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्र, मिर्जा आफताब बेग और टीबी एचआईवी कोआर्डिनेटर राजेश सिंह ने भी छात्राओं को जागरूक किया ।
    सम्मानित किये गये विजेता
    रंगोली प्रतियोगिता में ग्रुप दो की शिवांगी राय, अंशिका कुशवाहा और अंजली राय को प्रथम पुरस्कार दिया गया। इसी प्रकार ग्रुप एक की आराधना प्रजापति, आयुषी और प्रीति सिंह को द्वितीय पुरस्कार दिया गया । ग्रुप सात की शिवांगी श्रीवास्तव, दिव्यांशी, सौम्या और प्रीति को चतुर्थ पुरस्कार प्राप्त हुआ। व्याख्यान प्रतियोगिता में दीपांजली पांडेय को प्रथम, आराधना प्रजापति को द्वितीय और वर्तिका मिश्रा को तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
    कुष्ठ रोग के बारे में भी हुई चर्चा
    इस मौके पर डॉ गणेश यादव, जो जिला कुष्ठ रोग नियंत्रण अधिकारी भी हैं, ने छात्राओं से कहा कि शरीर पर कहीं भी सुन्न दाग धब्बे हों तो उसकी जांच अवश्य कराएं। यह कुष्ठ भी हो सकता है। कुष्ठ का सम्पूर्ण इलाज सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। समय से पहचान होने पर यह पूरी तरह से ठीक हो जाता है।

  • जन शिकायतो का निस्तारण गुणवत्तापरक किया जाये_ डीएम

    जन शिकायतो का निस्तारण गुणवत्तापरक किया जाये_ डीएम

    जन शिकायतो का निस्तारण गुणवत्तापरक किया जाये_ डीएम
    सदर तहसील में डीएम, एसएसपी ने फरियादियों की सुनी फरियाद 104 फरियादी फरियाद लेकर आए दस का किया गया निस्तारण गोरखपुर। सदा तहसील सभागार में तहसील समाधान दिवस जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई आज सदर तहसील में 104 फरियादियों ने अपनी अपनी फरियाद जिलाधिकारी व एसएसपी के समक्ष प्रस्तुत किये 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया शेष बचे हुए मामलो को अगले तहसील समाधान दिवस से पहले निस्तारित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी कृष्णा करूण्ेाश ने निर्देश दिये कि अधिकारी गण जन समस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है और जन समस्याओं का गुणवत्तायुक्त एंव समयबद्ध निस्तारण शासन की प्राथकिता है। आए हुए मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता नही होनी चाहिए अन्यथा संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित है।


    उक्त निर्देश जिलाधिकारी ने सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए दिये। इस अवसर पर सदर तहसील में कुल 104 मामले आयें जिसमें से 10 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया तथा शेष मामलों को एक सप्ताह के अन्दर निस्तारित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये। जिलाधिकारी ने विगत सम्पूर्ण समाधान दिवस में निस्तारित मामलों के सत्यापन कराकर शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता की जांच भी कराया जिससे शिकायतकर्ताआंे ने शिकायत के निस्तारण पर सन्तोष व्यक्त किया अन्य शिकायत कर्ता ने अंाशिक निस्तारण बताया। जिलाधिकारी ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर को निर्देश दिया कि वह स्वयं मौक पर जाकर शिकायतो का निस्तारण कराकर उनको रिर्पोट प्रस्तुत करे। जिलाधिकारी ने कहा कि जन शिकायतो का निस्तारण गुणवत्तापरक किया जाये। शिकायतों के गुणवक्तापरक निस्तारण न होन पर कठोर कार्यवाही किया जायेगा। उन्होने ने कहा कि सभी अधिकारी नियमित भ्रमण करते रहे। जनता के शिकायतो का निस्तारण स्वयं करे अधीनस्थ पर छोडे। जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर ने निर्देश दिया कि आगामी त्यौहार दीपावली व छठ त्योहारों को दृष्टि गत रखते हुए एसडीएम एवं सीओं क्षेत्र का नियमित भ्रमण करते हुये सड़क के गढ़े बिजली के तारो आदि की व्यवस्था को ठीक कराये और रात्रि में भ्रमण करते हुये अपनी रिर्पोट दे।


    इस अवसर पर विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी गण सीडीओ संजय कुमार मीना ज्वाइंट मजिस्ट्रेट /एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शशांक सिंह एसओसी शशिकांत शुक्ला सदर तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह सदर तहसीलदार न्यायिक विकास कुमार नायब तहसीलदार अरविंद नाथ पांडे नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह नायब तहसीलदार हिमांशु सिंह उपस्थित रहे।

  • गोपालगंज थावे थाना क्षेत्र से ढाई साल के बच्चे का अपहरण।

    गोपालगंज थावे थाना क्षेत्र से ढाई साल के बच्चे का अपहरण।

    गोपालगंज
    गोपालगंज – थावे थाना क्षेत्र से ढाई साल के बच्चे का अपहरण। अपहरण के बाद उग्र परिजनो ने थावे ओवर ब्रिज के नीचे आगजनी कर किया प्रदर्शन। पुलिस प्रशासन के खिलाफ़ की जमकर नारेबाजी। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष धीरज कुमार और अपर थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार के साथ पुलिस जवान के साथ उग्र लोगों को समझाने में जुटे।

  • Lucknow/Stf UPSTF को मिली बड़ी कामयाबी

    Lucknow/Stf UPSTF को मिली बड़ी कामयाबी

    Lucknow/Stf.
    UPSTF को मिली बड़ी कामयाबी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन्य जीव के दातों के पंजों की तस्करी करने वाले गिरोह के दो तस्कर को किया गिरफ्तार
    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन्य जीव (बाघ) के दांतो व पंजों की तस्करी करने वाले गिरोह के दो अभ्युक्त को STF द्वारा किया गया गिरफ्तार द्वारा पकड़े गए अभियुक्त दीनदयाल व सतीश के कब्जे से बाघ के पांच दांत व दो पंजों को किया बरामद.
    Stf ने दोनों अभियुक्तों को पलिया मार्ग जनपद लखीमपुर खीरी से किया गिरफ्तार

  • तो क्या बगहा गड़ेरिया टोला का अस्तित्व मिट जाएगा जगदीशपुर की तरह

    तो क्या बगहा गड़ेरिया टोला का अस्तित्व मिट जाएगा जगदीशपुर की तरह

    तो क्या बगहा गड़ेरिया टोला का अस्तित्व मिट जाएगा जगदीशपुर की तरह
    बेघर हुए लोग सड़क के किनारे ले रहे शरण
    बडहलगंज/ गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) विकास खण्ड बड़हलगंज के दक्षिणांचल स्थिति बगहा गांव के गड़ेरी टोला पर सरयू नदी भीषण कटान कर रही हैं अब तो सरयू नदी के कटान से गड़ेरिया टोला का अस्तित्व मिटना निश्चित ही हो गया हैं ।
    गांव पर हो रहे कटान को रोकने के लिए बाढ़ खण्ड सिचाई विभाग द्वारा किया गया खाना पूर्ति की ही नतीजा है कि आज गांव के दर्जनों घर नदी विलीन हो चुके हैं और बचे हुए घरों को अपने आगोश में लेने के लिए नदी आतुर हैं ।
    कटान के मुहाने पर अजय पाल सूरज पाल झब्बू साहनी की मकान खड़ी हैं नदी की धारा इनके नीव पर टकरा रही हैं जो कभी भी कटान में समाहित हो सकती हैं ।
    *दिन में मकान उजाड़ रहे रात्रि को सड़क पर सोने को मजबूर*
    कटान पीड़ित अमरनाथ दीपचंद अजय पाल सूरज पाल सोनू सहित अन्य लोगो का कहना है कि दिन में मकान को उजाड़ा जा रहा हैं मगर रात्रि में डर की बजह से सड़क के किनारे सोने को मजबूर है ।
    जिसका घर कटता हैं वही दर्द समझ सकता हैं
    कटान पीड़ित सौदागर सिंह झब्बू साहनी गेनिया देवी सूरज पाल रामबेलास का कहना है कितना महेनत मजदूरी करके एक एक रुपये इकट्ठा करके किसी तरह मकान बनाएं आज वह् नदी के धारा में समा रही हैं हम लोगो का दर्द कौन सुनने वाला है ।
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

  • 6 वर्षी बच्चे को 40 फीट गहरे में युवक ने फेका

    6 वर्षी बच्चे को 40 फीट गहरे में युवक ने फेका

    6 वर्षी बच्चे को 40 फीट गहरे में युवक ने फेका
    बहादुर प्रमोद ने गहरे कुएं में कूद कर बच्चे की बचाई जान.
    एसएसपी ने बहादुर प्रमोद को किया सम्मानित.
    अतुल पांडे को खजनी पुलिस ने किया गिरफ्तार
    गोरखपुर। जाके राखे साई मार सके ना कोई खजनी थाना क्षेत्र के रामपुर पांडे गांव में 6 वर्षीय अरुण चौहान को अतुल पांडे ने 40 फीट गहरे पानी भरे कुएं में फेंका जांबाज प्रमोद ने कुएं में डूब रहे बच्चे को बचाया थानाध्यक्ष खजनी जिला चिकित्सालय के आईसीयू में कराया भर्ती बच्चे की बची जान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बहादुर प्रमोद को प्रशस्ति पत्र1000 रुपए नगद देकर पुलिस ऑफिस पर किया सम्मानित। 6 वर्षी अरुण चौहान बच्चा विनोद चौहान के घर के सामने बने कुएं के पास खेल रहा था गांव का ही अतुल पांडे बच्चे को उठाकर 40 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया बच्चे को फेंकता हुआ महिलाओं ने देख कर शोर मचाना शुरू किया अपने घर पर मौजूद बगल का प्रमोद बहादुरी का परिचय देते हुए 40 फीट पानी से भरे गहरे कुएं में कूद गया बच्चा कुएं के सतह में पहुंच गया था प्रमोद कुएं के 40 फीट नीचे जाकर बच्चे को बाहर निकलने में सफलता प्राप्त की तब तक बच्चा पानी पी चुका था मौके पर तत्काल पुलिस भी पहुंच गई थी पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर के निर्देश पर बच्चे को तत्काल जिला चिकित्सालय में थानाध्यक्ष खजनी ने भर्ती कराया डॉक्टरों ने बच्चे को तत्काल आईसीयू में भर्ती किया जिसे 24 घंटे के बाद डिस्चार्ज कर दिया अभी भी बच्चे को खजनी सीएससी पर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बहादुर प्रमोद को पुलिस कार्यालय बुलाकर प्रशस्ति पत्र व 1000 नगद देकर सम्मानित किया ऐसे बहादुर को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित करने के लिए जिलाधिकारी महोदय के मार्फत शासन को पत्र भेज कर बहादुर प्रमोद को राष्ट्रपति के द्वारा सम्मानित करने का प्रयास किया जाएगा अगर बहादुर प्रमोद ने तत्काल कुएं में कूद कर बच्चे को निकाला नहीं होता तो बच्चे का बचना नामुमकिन था। खजनी पुलिस ने बच्चे को कुएं में फेंकने वाले अतुल पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

  • सोशल मीडिया पर सांसद रामभुआल निषाद के खिलाफ खबर

    सोशल मीडिया पर सांसद रामभुआल निषाद के खिलाफ खबर

    सुल्तानपुर

    सोशल मीडिया
    सोशल मीडिया पर सांसद रामभुआल निषाद के खिलाफ खबर चलाना सरफराज अहमद को कहीं पड़ न जाए भारी ।
    सांसद के करीबी ग्राम प्रधान समर निषाद ने कुड़वार पुलिस को दी सरफराज अहमद के खिलाफ थाने में तहरीर।
    सूचना विभाग ने भी सरफराज अहमद के पत्रकार होने पर काटी कन्नी। जिला सूचना अधिकारी बोले जिला सूचना के कार्यालय में नहीं जमा है अथॉरिटी लेटर।
    14 को समर ने मांगी सूचना विभाग से सरफराज के पत्रकार होने की सूचना, 15 को सूचना विभाग ने बताया कि सरफराज अहमद नहीं है कोई पत्रकार।
    ग्राम प्रधान समर निषाद ने सरफराज पर 25000 रंगदारी मांगने का भी लगाया गंभीर आरोप।
    समर निषाद का राजनीतिक करियर बर्बाद करने की धमकी देने का भी आरोप।
    कुड़वार थाने में तहरीर देने की बात आ रही सामने।

  • यूजीसी नेट परीक्षा परिणाम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन

    यूजीसी नेट परीक्षा परिणाम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन

    यूजीसी नेट परीक्षा परिणाम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन
    यूजीसी नेट-जेआरएफ़ पात्रता परीक्षा में चयनित हुए विभिन्न विभागों के सौ से अधिक छात्र
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने जून-2024 की यूजीसी नेट, जेआरएफ़ एवं पीएचडी पात्रता परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। यूजीसी नेट-जेआरएफ़ पात्रता परीक्षा में विभिन्न विभागों के सौ से अधिक छात्र चयनित हुए हैं। *ध्यातव्य है कि पहली बार यूजीसी नेट पात्रता परीक्षा में जेआरएफ़, असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के लिए नेट एवं पीएचडी के लिए पात्रता तय करते हुए तीन केटेगरी में परिणाम घोषित किया गया है।
    कल देर शाम घोषित हुए यूजीसी नेट परीक्षा परिणाम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, रक्षा अध्ययन, समाजशास्त्र, अंग्रेज़ी, हिन्दी, राजनीतिशास्त्र, उर्दू, विधि विभाग, भूगोल, संस्कृत, गणित, बायोटेक्नोलॉजी, होम साइंस, प्राचीन इतिहास, संगीत एवं ललितकला, प्राणिशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, प्रौढ़ शिक्षा एवं वाणिज्य विषय के लगभग सौ छात्र-छात्राएँ नेट-जेआरएफ़ के लिए चयनित हुए हैं। इसमें दो दर्जन से अधिक विद्यार्थियों ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए सफलता प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने पीएचडी पात्रता के लिए भी परीक्षा उत्तीर्ण किया है। यहाँ यह विशेष उल्लेखनीय है कि हिन्दी, अंग्रेज़ी, राजनीतिशास्त्र, रक्षा अध्ययन एवं वाणिज्य विषय से बड़ी संख्या में छात्रों ने नेट-जेआरएफ़ के लिए सफलता हासिल की है।
    विगत सत्र की नेट पात्रता परीक्षा में भी विश्वविद्यालय के 80 से अधिक विद्यार्थियों ने नेट-जेआरएफ़ पात्रता परीक्षा में अपना परचम लहराया था।

    कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने यूजीसी नेट-जेआरएफ़ पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा, “यह उपलब्धि हमारे विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। विश्वविद्यालय निरंतर अपने विद्यार्थियों को नेट-जेआरएफ़ परीक्षा में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए अनुकूल वातावरण और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास करता रहा है। इसका परिणाम है कि लगभग सौ से अधिक छात्र नेट-जेआरएफ़ की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। आगामी सत्र में भी इन परीक्षाओं की तैयारी के लिये अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।’’
    यहाँ यह बताना भी उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय अपने छात्रों को यूजीसी नेट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागीय स्तर पर गाइड करने का निरंतर प्रयास करता रहता है। इस दिशा में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण के माध्यम से निःशुल्क यूजीसी नेट परीक्षा की तैयारी के कक्षाओं का भी संचालन किया गया था।

  • गंगा जैव विविधता एवं आद्रभूमि संरक्षण पर कार्यशाला का दी द उ के कृषि संस्थान मे हुआ शुभारंभ

    गंगा जैव विविधता एवं आद्रभूमि संरक्षण पर कार्यशाला का दी द उ के कृषि संस्थान मे हुआ शुभारंभ

    गंगा जैव विविधता एवं आद्रभूमि संरक्षण पर कार्यशाला का दी द उ के कृषि संस्थान मे हुआ शुभारंभ

    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून, और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी), जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से गंगा नदी और इसकी सहायक नदियों के संरक्षण पर हितधारकों की दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ 18 अगस्त को संवाद भवन में हुआ। कार्यशाला का शुभारम्भ कुलपति द्वारा दीप प्रज्वलन करके किया गया।
    कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन उपस्थित रही। कुलपति प्रो. टण्डन ने गंगा नदी तथा आद्र भूमि संरक्षण के महत्व को प्रमुखता देते हुए कार्यशाला की सराहना की और इस कार्यशाला का उद्देश्य गंगा नदी और इसकी सहायक नदियों जैसे राप्ती और रोहिणी के संरक्षण के लिए विभिन्न हितधारकों की राय और आकांक्षाओं का निर्माण करना बताया I कुलपति ने कृषि संकाय के इस नई पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि प्रतिभागी गण इस कार्यशाला के माध्यम से ना सिर्फ स्वयं जागरूक होंगे बल्कि अन्य लोगों को भी जागरूक करेंगे। कुलपति ने कृषि संस्थान मे पुरातन छात्र संगठन बनाने पर जोर दिया। कृषि संस्थान से पिछले दो वर्षों ( 2023 व 2024) के स्नातकोत्तर उत्तीर्ण छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की। कृषि संस्थान के निदेशक ने सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए भारतीय संस्कृति में गंगा के महत्व पर प्रकाश डाला। निदेशक प्रो मिश्र ने गंगा को भारत की प्राण रेखा कहते हुए इसकी पवित्रता को बचाए रखकर प्रदूषण मुक्त करने का आह्वान किया। उन्होनें कृषि संस्थान के छात्रों की उपलब्धियों की विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम मे विशिष्ट अतिथि के रूप मे विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो शान्तनु रस्तोगी ने गंगा के इकोसिस्टम को संरक्षित करने की भारतीय वन्यजीव संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए गंगा की सहायक नदियों के संरक्षण पर जोर दिया। विश्वविद्यालय की अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो अनुभूति दूबे ने गंगा को जीवनदायिनी बताते हुए गंगा के किनारे के तटीय मैदान की उर्वरता पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र मे मुख्य रूप से अधिष्ठाता कला संकाय प्रो राजवन्त राव, अधिष्ठाता लाॅ संकाय प्रो अहमद नसीम, उच्च शिक्षाधिकारी प्रो अश्विनी मिश्र , प्रो विमलेश मिश्र, प्रो उमेश नाथ त्रिपाठी, प्रो जितेंद्र मिश्र, प्रो दिनेश यादव, प्रो राजर्षि कुमार गौर, प्रो वी एन पाण्डेय, प्रो केशव सिंह, डा रामवन्त गुप्त, डा मनीष पाण्डेय, डा आशीष शुक्ल, डा स्मृति मल्ल, डा दीपा श्रीवास्तव, डा सत्य नारायण, डा अखिल मिश्र, कृषि संस्थान के सभी शिक्षक तथा बङी संख्या मे कृषि संस्थान के छात्र उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र का संचालन डा सरोज चौहान ने किया तथा धन्यवाद प्रस्ताव भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के डा सौफिल मलिक ने दिया। कार्यशाला के प्रथम सत्र का संचालन डा नुपुर सिंह और डा तल्हा अंसारी द्वारा किया गया। कार्यशाला के प्रथम सत्र में डा दानिश कलीम, डा सौफिल मलिक तथा वन्यजीव संस्थान के अन्य विशेषज्ञों द्वारा जलीय प्रजातियां जैसे गंगा डॉल्फिन, कछुआ, ऊदबिलाव, घड़ियाल, मगरमच्छ तथा आद्र भूमि जैव विविधता जैसे जल पक्षी के बारे में जागरूकता फैलाने पर मुख्य ध्यान देते हुए प्रतिभागियों को जागरूक किया। कार्यशाला की रूपरेखा भारतीय वन्यजीव संस्थान के मोहम्मद दमास कलीम, प्रोजेक्ट एसोसिएट द्वारा दी गई।डॉ सैफिल मलिक, प्रोजेक्ट वैज्ञानिक ने जैव विविधता तथा एग्रोफोरेस्ट्री विषय पर प्रतिभागियों को विशेष जानकारी दी।संरक्षण कार्य में टीम निर्माण अभ्यास के बारे में जानकारी श्री अंशुल कुमार भावसार प्रोजेक्ट एसोसिएट तथा श्री राहुल गुप्ता सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट द्वारा दी गई।कार्यशाला में 100 से ज्यादा प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यशाला के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों मे गंगा मे प्लास्टिक प्रदूषण तथा गंगा के किनारे रहने वाले मछुआरों पर प्रकाश डाला जाएगा। वन्यजीव संस्थान के राहुल गुप्त द्वारा हैंड्स आन टेनिंग भी दी जाएगी। वन्यजीव संस्थान से आए डा अंशुल भवसार गंगा के किनारे रहने वाले लोगों के सोशियो इकोलाजिकल रीसिलिएन्स पर प्रकाश डालेंगे। कार्यशाला के समापन समारोह के मुख्य अतिथि पद्म श्री रामचेत चौधरी होंगे। समापन समारोह के पूर्व कृषि संस्थान के छात्र द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी डा नुपुर सिंह और डा निखिल रघुवंशी के निर्देशन मे किया जाएगा।

  • परिवार नियोजन सेवाओं को सुदृढ़ बनाएं, प्रत्येक सेवा की करें रिपोर्टिंग

    परिवार नियोजन सेवाओं को सुदृढ़ बनाएं, प्रत्येक सेवा की करें रिपोर्टिंग

    परिवार नियोजन सेवाओं को सुदृढ़ बनाएं, प्रत्येक सेवा की करें रिपोर्टिंग
    निजी क्षेत्र के चिकित्सालयों के साथ स्वास्थ्य विभाग ने किया संवाद निजी क्षेत्र में चल रहे परिवार नियोजन सेवाओं की मजबूती के लिए हुआ संवेदीकरण
    गोरखपुर,
    निजी क्षेत्र में परिवार नियोजन कार्यक्रमों को सुदृढ़ बनाने के सिलसिले में स्वास्थ्य विभाग ने एक निजी होटल में गुरुवार की देर शाम तक निजी अस्पतालों के साथ संवाद किया । अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी परिवार कल्याण डॉ एके चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के दौरान सेवाओं की मजबूती के लिए संवाद हुआ। डॉ चौधरी ने निजी अस्पतालों से अपील की कि वह परिवार नियोजन की सेवाओं को सुदृढ़ बनाएं और प्रत्येक सेवा की रिपोर्टिंग अवश्य करें। इस संवेदीकरण बैठक का आयोजन स्वयंसेवी संस्था पीएसआई इंडिया की मदद से किया गया । इस मौके पर परिवार नियोजन संबंधी कई संदेशात्मक वीडियो भी दिखाए गए।
    बैठक के दौरान पीएसआई इंडिया संस्था की प्रतिनिधि आकृति ने निजी क्षेत्र में परिवार नियोजन कार्यक्रम की स्थिति पर प्रकाश डाला। प्रस्तुति के माध्यम से बताया गया कि राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण पांच (2019-21) के अनुसार एक बच्चों वाली 36 फीसदी आर्थिक तौर पर सक्षम महिलाएं विभिन्न सेवाओं के लिए निजी अस्पतालों और दवा की दुकानों पर जाती हैं। इस आबादी को परिवार नियोजन की विभिन्न सेवाओं से उनकी पसंद के अनुसार जोड़ा जा सकता है। इसमें निजी अस्पतालों की अहम भूमिका हो सकती है।
    इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि प्रसव पूर्व और प्रसवकालीन सेवा लेने के लिए निजी क्षेत्र के अस्पतालों में बड़ी संख्या में दंपति आते हैं । चिकित्सक का उन पर गहरा प्रभाव होता है और गर्भधारण के दौरान परिवार नियोजन सेवाओं के प्रति उनके द्वारा ग्राह्यता की संभावना कहीं अधिक होती है । ऐसे दंपति को समझाना होगा कि दो बच्चों में कम से कम तीन साल का अंतर होना चाहिए । ऐसा करने से मां और बच्चे की सेहत ठीक रहती है और दोनों का कुपोषण व बीमारियों से बचाव होता है । ऐसे दंपति को परिवार नियोजन के सभी साधनों के बारे में जानकारी दी जाए और जो मनपसंद साधन उनके द्वारा चुना जाए प्रसव के तुरंत बाद उसे लाभार्थी को दिया जाए । ऐसे दंपति का रिकॉर्ड भी रखा जाए और उसे स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा किया जाए। जिन दंपति का परिवार पूरा हो जाए उन्हें प्रसव पश्चात नसबंदी के फायदे के बारे में भी बताया जाए।
    इस दौरान एचएमआईएस पोर्टल पर समय से रिपोर्टिंग, परिवार नियोजन रजिस्टर और हौसला साझेदारी भुगतान की प्रक्रिया के प्रति भी संवेदीकरण किया गया। इस मौके पर सर्जन डॉ धनंजय चौधरी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज आनंद, मंडलीय शहरी स्वास्थ्य समन्वयक डॉ प्रीति सिंह, जिला शहरी स्वास्थ्य समन्वयक सुरेश सिंह चौहान, मनीष, विजय और पीएसआई इंडिया संस्था से प्रियंका सिंह प्रमुख तौर पर मौजूद रहीं।
    रजिस्टर रखें मेंटेन
    डॉ चौधरी ने कहा कि फैमिली प्लानिंग रजिस्टर में निजी क्षेत्र के सेवा प्रदाता अपना रिकॉर्ड मेंटेन करें और उसे ही स्वास्थ्य विभाग को पोर्टल के जरिये भी भेजें । रजिस्टर में चार साल तक का रिकॉर्ड रखा जा सकता है। साझा किये गये डेटा की मदद से सरकार को कार्ययोजना बनाने में मदद मिलती है । दंपति को यह संदेश अवश्य दिया जाए कि इमर्जेंसी पिल्स का इस्तेमाल कम से कम करना है । बच्चे की चाहत न रखने वाले दंपति आईयूसीडी, कंडोम, छाया, अंतरा, माला एन जैसे किसी न किसी साधन का इस्तेमाल अवश्य करें।