Category: उत्तर प्रदेश

  • गोरखपुर जिले के भटहट कस्बे में दुर्गा प्रतिमा पंडाल विशाल काया के रूप में बैरियर चौराहे के पास है ।

    गोरखपुर जिले के भटहट कस्बे में दुर्गा प्रतिमा पंडाल विशाल काया के रूप में बैरियर चौराहे के पास है ।

    गोरखपुर जिले के भटहट कस्बे में दुर्गा प्रतिमा पंडाल विशाल काया के रूप में बैरियर चौराहे के पास है ।
    इसका आकार इतना विशाल और बड़ा है कि सुंदरता को छवि के रूप को दर्शाता हुआ अपने आप में एक नमूना है ।
    जो शायद गोरखपुर से लेकर महाराजगंज जिले में ऐसा विशाल मां दुर्गा प्रतिमा का पंडाल देखने को नहीं मिलता है।
    हर साल यहां के भक्त गण अपने आप में चंदा लगाकर लाखों रुपए का विशाल रूप में मां दुर्गा प्रतिमा व पंडाल का आयोजन करते हैं।
    यह हर वर्ष चर्चा का विषय बना रहता है ।
    दूर दराज से आगंतुक और दर्शक मात्र इसे देखने के लिए आते हैं।
    इसकी छवि और आकार अपने आप में एक स्थान प्राप्त करते हुए हर वर्ष इस क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहता है।

    मां दुर्गा पंडाल के मुख्य रूप से संयोजक शिव जायसवाल ,दुर्गेश जायसवाल, चंचल गुप्ता, आकाश जायसवाल, दिनेश गुप्ता ,सतीश जायसवाल और मोनू है।

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने रद्द की ग्रीन बॉन्ड की नीलामी

    भारतीय रिजर्व बैंक ने रद्द की ग्रीन बॉन्ड की नीलामी

    भारतीय रिजर्व बैंक ने रद्द की ग्रीन बॉन्ड की नीलामी
    भारतीय रिजर्व बैंक ने पहली बार 10 वर्षीय ग्रीन बॉन्ड की नीलामी रद्द कर दी क्योंकि ट्रेडरों ने इस पर ग्रीनियम का भुगतान करने से इनकार कर दिया।
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पहली बार 10-वर्षीय ग्रीन बॉन्ड की नीलामी को रद्द कर दिया क्योंकि ट्रेडरों ने इन बॉन्ड्स पर “ग्रीनियम” का भुगतान करने से इनकार कर दिया। “ग्रीनियम” वह प्रीमियम होता है जो निवेशक ग्रीन बॉन्ड्स के लिए उनकी पर्यावरणीय और स्थिरता से संबंधित योगदान के कारण अधिक भुगतान करने को तैयार होते हैं।
    ट्रेडरों ने नीलामी के दौरान 7% से 7.06% की ऊंची यील्ड की मांग की थी, जबकि आरबीआई केवल 6.99% के आस-पास की यील्ड स्वीकार करने के लिए तैयार था, जो उस समय का बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड था।
    सरकार ने इस वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में 12,000 करोड़ रुपये के ग्रीन बॉन्ड्स जारी करने की योजना बनाई थी, जिसमें से 6,000 करोड़ रुपये की पहली किश्त थी। हालांकि, ग्रीन बॉन्ड्स पर ट्रेडरों की कम रुचि के कारण यह नीलामी सफल नहीं हो पाई। इस स्थिति के पीछे बाजार की अनिश्चितता और उच्च रिटर्न की मांग मानी जा रही है  

  • किसी भी धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: योगी     विरोध के नाम पर आगजनी

    किसी भी धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: योगी विरोध के नाम पर आगजनी

    ब्रेकिंग यूपी: किसी भी धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: योगी
    विरोध के नाम पर आगजनी, तोड़फोड़ की कीमत चुकानी पड़ेगी: सीएम योगी

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक बयान में कहा है कि राज्य में किसी भी धर्म, संप्रदाय, या महापुरुषों पर अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका यह बयान यति नरसिंहानंद की विवादित टिप्पणी के बाद आया है, जिसने विभिन्न क्षेत्रों में आक्रोश फैलाया था। योगी आदित्यनाथ ने सभी धर्मों और आस्थाओं के प्रति सम्मान जताने की अपील की और स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करता है, तो उसे कानून के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा 

    उन्होंने विरोध के नाम पर हिंसा, तोड़फोड़, और आगजनी जैसी गतिविधियों को सख्ती से रोकने का आदेश दिया है, और चेतावनी दी है कि जो कोई भी कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। खासकर नवरात्रि और विजयदशमी के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं 

  • खेल से होता शरीर स्वास्थ्य रीना सिंह

    खेल से होता शरीर स्वास्थ्य रीना सिंह

    खेल से होता शरीर स्वास्थ्य रीना सिंह

    माध्यमिक विद्यालयों की तहसील स्तरीय बालिका खो खो प्रतियोगिता संपन्न हुआ।
    श्रीभगवती प्रसाद कन्या महाविद्यालय विजेता बना।
    श्रीभगवती प्रसाद कन्या महाविद्यालय के संयोजकत्व में संपन्न हुई तहसील स्तरीय बालिका खो खो प्रतियोगिता में जूनियर एवं सीनियर वर्ग की बालिकाओं की कुल 6 विद्यालयों की टीमों ने प्रतिभाग किया।जूनियर वर्ग में दयानंद इन्टर कॉलेज,खोराबार की टीम प्रथम स्थान पर एवं कार्मल गर्ल्स इन्टर कॉलेज,गोरखपुर की टीम द्वितीय स्थान पर रहीं जबकि सीनियर वर्ग में श्रीभगवती प्रसाद कन्या महाविद्यालय की टीम प्रथम स्थान पर और ए डी राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की टीम द्वितीय स्थान पर रहीं।जूनियर वर्ग की खिलाड़ियों में कुमारी रोजी एवं सीनियर वर्ग में कुमारी खुशी ने अच्छा प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि विद्यालय के सहायक प्रबंधक शिव सरन दास तथा आर्यकन्या इंटर कॉलेज की पूर्व प्राचार्या एवम् स्नेहिल नारी संस्थान की संस्थापिका पुष्पा वर्मा ने किया जिनके साथ मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय की पूर्व क्रीड़ा प्रवक्ता फिरोज आरा,विद्यालय प्रधानाचार्या रीना सिंह प्रवक्ता पुनीता, माया सिंह, अनीता श्रीवास्तवा,निखिल रंजन तिवारी आदि उपस्थित थे।प्रतियोगिता के समापन पर प्रधानाचार्या रीना सिंह ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सहयोग हेतु प्रशंसा किया तथा समस्त प्रतिभागी विद्यालयों के अध्यापकों एवं प्रतिभागियों को शुभकामाएं दिया।खेलों का संचालन विद्यालय की शारीरिक शिक्षिका प्रत्यांजलि केसरवानी द्वारा किया गया।

  • चुकानी पड़ेगी भारी कीमत

    चुकानी पड़ेगी भारी कीमत

    किसी भी जाति-सम्प्रदाय पर अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्‍त नहीं’, सीएम योगी बोले- चुकानी पड़ेगी भारी कीमत
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि किसी भी जाति, मत-मजहब या संप्रदाय से जुड़े हुए ईष्ट देवी-देवता, महापुरुषों अथवा साधु-संतों के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी अस्वीकार्य है, लेकिन विरोध के नाम पर अराजकता भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • प्रोविजनल के नाम पर प्रति छात्र 200 रुपये वसूल रहा गोरखपुर विश्वविद्यालय

    प्रोविजनल के नाम पर प्रति छात्र 200 रुपये वसूल रहा गोरखपुर विश्वविद्यालय

    प्रोविजनल के नाम पर प्रति छात्र 200 रुपये वसूल रहा गोरखपुर विश्वविद्यालय
    डिग्री को भटक रहे पासआउट छात्र
     05 सौ रुपये जमा कराया जाता है डिग्री का अंतिम वर्ष के छात्रों से सत्र 2023-24 के तीन हजार से अधिक छात्र बनवा चुके प्रोविजनल
    गोरखपुर
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही की कीमत पासआउट हो चुके छात्र-छात्राएं चुका रहे हैं।
    इसकी कीमत कोई और नहीं डीडीयू प्रशासन ही वसूल कर रहा है।मामला 2023-24 में यूजी और पीजी उत्तीर्ण विद्यार्थियों का है।डिग्री देने में नाकाम डीडीयू प्रशासन प्रोविजनल के नाम पर प्रति छात्र 200 रुपये वसूल कर रहा है।
    डीडीयू और कॉलेजों से सत्र 2023-24 में 87,359 विद्यार्थियों ने यूजी-पीजी की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
    डीडीयू में 30 अगस्त को 43वां दीक्षांत समारोह आयोजित था। दीक्षांत मूल रूप से डिग्री और पदक वितरण का कार्यक्रम होता है। उस दिन के बाद विद्यार्थियों को डिग्री मिल जानी चाहिए।
    लेकिन डिग्री कब तक मिलेगी, इस सम्बंध में डीडीयू प्रशासन कुछ बताने को तैयार नहीं।
    डिग्री के लिए परीक्षा विभाग में पहुंचने पर छात्र-छात्राओं से दो टूक कहा जाता है कि डिग्री में समय लगेगा, प्रोविजनल तत्काल मिल जाएगा।
    डिग्री न मिलने के कारण जुलाई से अब तक करीब 3,000 छात्र छात्राएं अपना प्रोविजनल बनवा चुके हैं।
    डीडीयू और कॉलेजों के छात्र- छात्राओं को अंतिम सेमेस्टर में डिग्री के लिए 500 रुपये जमा करना होता है।
    इसके बाद डिग्री छपकर आने के बाद कॉलेजों को भेज दी जाती है।डिग्री न मिलने के कारण परेशान छात्र विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
    किसी संस्थान में प्रवेश या नौकरी के लिए आवेदन के समय डिग्री की जरूरत होती है।
    डिग्री न होने पर प्रोविजनल मान्य कर लिया जाता है।
    हर दिन 20 आवेदन
    डिग्री न मिलने के कारण सितंबर और अक्तूबर में हर दिन 15-20 आवेदन प्रोविजनल के लिए आ रहे हैं।
    जुलाई- अगस्त में औसतन 30-35 आवेदन आते थे। सभी को लेखा विभाग से 200 रुपये की रसीद कटवानी पड़ती है।
    दूरदराज के छात्रों को पैसे के साथ समय भी बर्बाद होता है।
    बच्चे क्यों चुकाएं कीमत ?
    स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष *डॉ. कृष्ण मुरारी पाल* ने कहा कि व्यवस्था की लापरवाही की कीमत बच्चे क्यों चुकाएं?
    जब डिग्री का शुल्क लिया जा चुका है, तो बच्चों को डिग्री दी जानी चाहिए।
    डिग्री न दे पाना विश्वविद्यालय प्रशासन और एजेंसी की नाकामी है।कॉलेजों में विलंब शुल्क पर रार
    गोरखपुर। डीडीयू से सम्बद्ध कॉलेजों में स्नातक, परास्नातक व अन्य कोर्स के प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशित छात्रों को प्रवेश और पंजीकरण फॉर्म 10 अक्तूबर तक पूरित कर लेना है।
    फॉर्म पूरित न करने पर छात्रों को 500 रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
    डीडीयू के कुलसचिव *प्रो. शांतनु रस्तोगी* ने 10 अक्तूबर तक नव प्रवेशित छात्र- छात्राओं को हर हाल में प्रवेश और पंजीकरण फॉर्म पूरित करने का आदेश जारी किया है।
    डीडीयू प्रशासन के इस आदेश की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ ही कॉलेजों ने अपनी नाराजगी जताई है।
    कॉलेजों के प्राचार्यों के लिए बने ग्रुप पर कई कॉलेजों ने इस पर विरोध भी जताया है।
    स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष *डॉ कृष्ण मुरारी पाल* ने कहा कि डीडीयू में ही सितंबर तक प्रवेश चली है। डीडीयू में प्रवेश न मिलने पर विद्यार्थी कॉलेजों में जाते हैं। अब कॉलेजों में विद्यार्थी प्रवेश के लिए आ रहे हैं।
    प्रवेश के बीच ही विश्वविद्यालय द्वारा चेतावनी के लहजे में आदेश जारी करना हास्यास्पद है।
    “एक-एक कर मार्कशीट जारी की जा रही है।इसके बाद डिग्री जल्द जारी हो जाएगी।निर्धारित शुल्क जमा करने पर आवेदन के दिन ही शाम तक या अगले दिन सुबह तक छात्रों को प्रोविजनल उपलब्ध करा दिया जाता है।”
    – *डॉ. कुलदीप सिंह,*
    परीक्षा नियंत्रक, डीडीयू

  • मां विंध्यवासिनी मंदिर पर अपना ड्यूटी स्थल छोड़ जूता पहन कर चढने पर सहायक विकास अधिकारी कृषि निलंबित

    मां विंध्यवासिनी मंदिर पर अपना ड्यूटी स्थल छोड़ जूता पहन कर चढने पर सहायक विकास अधिकारी कृषि निलंबित

    मां विंध्यवासिनी मंदिर पर अपना ड्यूटी स्थल छोड़ जूता पहन कर चढने पर सहायक विकास अधिकारी कृषि निलंबित
    मीरजापुर
    शारदीय नवरात्र मेला के दौरान सेक्टर मजिस्ट्रेट प्रतीक कुमार सिंह, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) सिटी के द्वारा विंध्यवासिनी मंदिर पर अपने मूल ड्यूटी स्थल को छोड़कर अपने जानने वालों को दर्शन करवाने मंदिर गए थे। उक्त सेक्टर मजिस्ट्रेट मंदिर परिसर में जूता पहनकर जाने एवम अपना ड्यूटी स्थल छोड़कर जाने की घटना का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश के अनुपालन एवं अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 शिव प्रताप शुक्ल की जांच आख्या पर उक्त सेक्टर में सेक्टर मजिस्ट्रेट श्री सिंह को तत्कालीन प्रभाव से उपनिदेशक कृषि विकेश पटेल के द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

  • प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में हमारी सांस्कृतिक धरोहरों का गौरव सतत समृद्ध हो रहा है।

    प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में हमारी सांस्कृतिक धरोहरों का गौरव सतत समृद्ध हो रहा है।

    प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में हमारी सांस्कृतिक धरोहरों का गौरव सतत समृद्ध हो रहा है।
    ‘प्रयागराज महाकुम्भ-2025’ अपनी सनातन आभा के साथ पूज्य साधु-संत गण, देश-विदेश से पधारने वाले सभी श्रद्धालुओं तथा अतिथियों के स्वागत हेतु तैयार हो रहा है। इस आयोजन के माध्यम से संपूर्ण विश्व ‘स्मार्ट प्रयागराज’ के भव्य स्वरूप का दर्शन करेगी।
    ₹5,600 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के साथ स्वस्थ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित महाकुम्भ-2025 की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। इस बार महाकुम्भ के क्षेत्र को दोगुने से अधिक विस्तार दिया गया है।
    आपका सकारात्मक सहयोग इस भव्य आयोजन को वैश्विक मंच पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
    महाकुम्भ, विश्व को सनातन भारतीय संस्कृति से साक्षात्कार कराने का सुअवसर है। आइए, मिलकर इस अलौकिक आयोजन को दिव्य-भव्य एवं अविस्मरणीय बनाएं! योगी आदित्यनाथ

  • अन्नदाता डीएपी के लिए दर दर भटकने को लाचार

    अन्नदाता डीएपी के लिए दर दर भटकने को लाचार

    अन्नदाता डीएपी के लिए दर दर भटकने को लाचार
    लोकदल.
    आलू की बुवाई शुरू है ,एक – एक डीएपी बोरी के लिए किसान भटक रहे है
    लोकदल
    लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने लोकदल के केन्द्रीय कार्यालय लखनऊ में बताया है किसानों को समय से खाद न मिलने से फसलों की बुवाई पिछड़ रही है। इससे किसानों में आक्रोश है। आलू की बुवाई शुरू होते ही डीएपी खाद की कालाबाजारी भी सक्रिय हो गई है। इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए सरकार किसानों डीएपी जल्द उपलब्ध कराएं,हर बार ऐसा ही होता है, किसानों को जब जरूरत होती है, तब तो खाद मिलती ही नहीं है। बाद में गोदामों में खराब हो जाती है।वर्तमान में खाद न मिलने से किसान अपनी फसल की बुआई नहीं कर पा रहा है. शासन ने यह निर्देश दिया है कि किसानों को खाद की कोई कमी न हो, लेकिन जिले में बैठे जिम्मेदार सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ा कर सरकार की आंखों में धूल झोंकते रहते हैं. खाद के लिए प्रदेश में हाहाकार मचा है और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है. लाचार किसान पूछ रहा है कि आखिर कबतक ये डीएपी रुलाएगी.इस किल्लत से आलू के बेल्ट पश्चिमी उत्तरप्रदेश (अलीगढ़, हाथरस, मेरठ ) के जिले सबसे ज्यादा प्रभावित है। सुनील सिंह ने आरोप लगाया है की सरकार के पास पर्याप्त खाद है, लेकिन किसानों को देना नहीं चाहते हैं, ताकि अदानी अंबानी के साथ हाथ मिलाकर ब्लैक में खाद को बेचने की तैयारी कर रही है।

  • अंग्रेजी विभाग में स्व रचित कविता लेखन का होगा आयोजन

    अंग्रेजी विभाग में स्व रचित कविता लेखन का होगा आयोजन

    अंग्रेजी विभाग में स्व रचित कविता लेखन का होगा आयोजन
    व्हिस्पर्स ऑफ़ द म्यूज प्रतियोगिता में विद्यार्थी दिखायेंगे अपनी रचनात्मकता
    दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग द्वारा स्नातकोत्तर (पीजी) छात्रों के लिए ‘व्हिस्पर्स ऑफ़ द म्यूज: स्व रचित कविता लेखन प्रतियोगिता’ का आयोजन मंगलवार, 8 अक्टूबर को किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता , कल्पनाशीलता, कवित्वशक्ति और अभिव्यक्ति के माध्यम से साहित्यिक कला के क्षेत्र में योगदान करने का अवसर प्रदान करना है।
    इस प्रतियोगिता में प्रतिभागी विभिन्न विषयों पर आधारित स्व रचित कविताएँ प्रस्तुत करेंगे। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों को अपनी भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करना है।अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष, प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि यह प्रतियोगिता हमारे पीजी छात्रों को साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक मंच प्रदान करेगी, जहां वे अपने विचारों और कल्पनाओं को कविताओं के माध्यम से प्रकट कर सकेंगे।कुलपति, प्रो. पूनम टंडन, ने इस साहित्यिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का यह प्रयास छात्रों को साहित्यिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।यह प्रतियोगिता अंग्रेजी विभाग द्वारा आयोजित की जा रही है, और इसमें विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर छात्र भाग ले सकते हैं। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।