Category: उत्तर प्रदेश

  • सरयू अमृत महोत्सव 2024.

    सरयू अमृत महोत्सव 2024.

    सरयू अमृत महोत्सव 2024.
    मदरिया मंदिर से आरम्भ होगी लघु मैराथन दौड़ प्रतियोगिता. बडहलगंज/गोरखपुर ( निष्पक्ष टुडे) सरयू अमृृत महोत्सव 2024 के तहत चल रहे त्रैमासिक अभियान के क्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे मदरिया निवासी श्री राम अलख सिंह सैंथवार की स्मृति में लघु मैराथन दौड़ 24 नवम्बर को सिद्ध पीठ मदरिया मंदिर से आरम्भ होगी।
    चिल्लूपार विधायक और सरयू अमृत महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी की मौजूदगी में उक्त आशय की जानकारी देते हुए मैराथन दौड आयोजन समिति के संयोजक, मदरिया मंदिर पीठ के उत्तराधिकारी श्रीश दास जी ने बताया कि यह लघु मैराथन 8 किमी लम्बी होगी । जो मदरिया मंदिर से नकटा, मदरहा, नीबी, सुर्तिहवा, मदरिया गांव होते मंदिर पर समाप्त होगी ।
    प्रथम स्थान पाने वाले प्रतिभागी को 5000 रूपये नकद, शील्ड, प्रमाणपत्र दिये जायेगें । द्वितीय स्थान प्रतिभागी को 3000 रूपये तथा तृतीय स्थान वाले विजेता को 2000 रूपए और शील्ड दिये जायेगें साथ ही सभी प्रतिभागी को ट्रैकसूट सरयू अमृृत महोत्सव के मुख्य मंच मुक्तिपथ पर 20 दिसम्बर को दिये जायेगें ।
    पत्रकार वार्ता के दौरान महोत्सव संयोजक महेश उमर, सत्य प्रकाश यादव, गंगा सिंह, धर्मेंद्र तिवारी, आचार्य वेदब्रत मिश्र, विनय पाण्डेय एडवोकेट, संतोष मिश्र बबलू प्रधान, विपिन सिंह शिक्षक, अष्टभुजा सिंह, चंदन पाण्डेय, बृजेश शाही, सिंध विजय यादव, महेन्द्र शर्मा प्रधान, विजय सिंह, ध्रुव नारायण सिंह, भोला प्रसाद, दिनेश सिंह, सतीश सिंह, ईओ शिवकुमार सहित अनेक उपस्थित रहे ।
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

  • सदर तहसील में 108 मामले आए 8 का हुआ निस्तारण

    सदर तहसील में 108 मामले आए 8 का हुआ निस्तारण

    सदर तहसील में 108 मामले आए 8 का हुआ निस्तारण
    गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी की अध्यक्षता में संपूर्ण तहसील समाधान दिवस आयोजित किया गया आज 108 फरियादियों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी के पास बारी बारी से अपनी समस्याओं को बताया 8 मामलो का मौके पर निस्तारण किया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जमीनी विवाद मामले में लेखपाल और पुलिस की संयुक्त टीम तहसील दिवस समाप्त होने के बाद भेज कर मामले को निस्तारित करने का निर्देश दिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने संयुक्त टीम को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मौके पर पहुंचकर किसी प्रकार का खाना पूर्ति नहीं होना चाहिए पीड़ित पक्ष को न्याय संगत न्याय मिलना चाहिए अगर मौके पर मामले का निस्तारण नहीं हो सका है तो किन कारणों से निस्तारण नहीं हुआ उसका जवाब भी हमें एक हफ्ते के अंदर चाहिए जिससे हम उच्च अधिकारियों की टीम गठित कर फरियादियों के मामले का निस्तारण कर सकें आज तहसील दिवस में अधिकतर मामले जमीनी पारिवारिक विवाद के आए हुए थे। शासन के निर्देश पर प्रत्येक महीने के पहले व तीसरे शनिवार को एक छत के नीचे पुलिस व प्रशासन के अधिकारी गण तहसीलों में मौजूद रहकर आए हुए फरियादियों की समस्याओं का निराकरण करेंगे जिससे फरियादी को इधर-उधर अधिकारियों का चक्कर न लगाना पड़े । सदर तहसील में आने वाले हर फरियादियों से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर ने गंभीरता पूर्वक से उनके समस्याओं को सुन कर 8 फरियादियों का निस्तारण किया बचे हुए मामले का पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम गठित कर निराकरण करने का निर्देश दिया आज समाधान दिवस में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी सदर तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह तहसीलदार न्यायिक विकास कुमार नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव नायब तहसीलदार जाकिर हुसैन सहित अन्य संबंधित अधिकारी गण मौजूद रहे।

  • धन क्रय हेतु पंजीकरण कैंप का आयोजन

    धन क्रय हेतु पंजीकरण कैंप का आयोजन

    धन क्रय हेतु पंजीकरण कैंप का आयोजन
    गोला: क्षेत्र के बेवरी चौराहे पर स्थित खाद्य एवं रसद विभाग ऑफिस पर धान खरीद वर्ष 2024-25 में किसान भाइयों का पंजीकरण प्रारम्भ हो गया हैं।
    इस वर्ष कामन धान का समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति कुंतल है। संपूर्ण समाधान दिवस गोला में किसान भाइयों के नवीन पंजीकरण व शासन द्वारा दिए जा रहे लाभ के लिए किसान भाईयों को जागरूक करने हेतु कैंप का आयोजन किया गया है। उक्त जानकारी विपणन निरीक्षक गोला पवन कुमार विपणन क्षेत्रीय विपणन अधिकारी गोपाल प्रसाद ने दी‌। और बताया कि 06 किसानों का पंजीकरण किया गया। किसान भाई अपना पंजीकरण खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर अथवा UP KISANMITRA ऐप पर जाकर कराया जा सकता हैं.

  • बाल शोषण के प्रति चलाया जागरूकता अभियान

    बाल शोषण के प्रति चलाया जागरूकता अभियान

    बाल शोषण के प्रति चलाया जागरूकता अभियान
    गोला: बढ़ते हूए बाल शोषण को देखते हूए चन्द्राश फाउंडेशन व श्री श्याम भक्त मण्डल गोला के संस्थापक व सदस्यों के द्वारा कोतवाली गोला गोरखपुर द्वारा सहयोगीत बाल शोषण जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.
    इस अभियान में बच्चों पे हो रहे उत्पीड़न को देखते हुए बच्चों को यौन, शोषण, ब्लैकमेलिंग, गुड़ टच बैड टच और अराजक तत्वों से बचने व बच्चों मे पढ़ाई के साथ साथ सामाजिक कुरीतियों से बचने के लिए दिशा निर्देश दिया जिसमे दोनों टीम के साथ आज गोला बाजार बेवरी चौराहे स्थित आर टी डी पब्लिक स्कूल और कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय गोला में जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमे गोला थाना क्षेत्र के हल्का उपनिरीक्षक आनंद कुमार व महिला कॉन्स्टेबल प्रतिभा यादव विद्यालय प्रबंधक हरिश्चन्द्र प्रजापति, विकास प्रजापति व कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय के सभी शिक्षकों व स्टॉफ की मौजूदगी में चलाया गया इस अवसर पर आकाश अग्रवाल,आकाश श्रीवास्तव,राज सोनकर,सक्षम अग्रवाल,सौरभ अग्रवाल,संदीप प्रजापति व आकाश कुमार उपस्थित रहें.

  • लक्ष्मीनारायण भगवान का मिलन है सीताराम विवाह

    लक्ष्मीनारायण भगवान का मिलन है सीताराम विवाह

    लक्ष्मीनारायण भगवान का मिलन है सीताराम विवाह: राघव ऋषि जी गोला ।परमात्मा का आश्रय प्रेम से ही पाया जा सकता है प्रेम के वश हो प्रभु हर स्थिति अवस्था में मिल जाते है। परमात्मा का मिलना उतना कठिन नहीं जितना कि हमारा सरल होना। परमात्मा तो भाव की ही इच्छा रखते हैं। अब कुछ होने पर भी भाव की अल्पता परमात्मा से मिलन में सबसे ज्यादा बाधक है। परमात्मा में विश्वास ही उन्हें पाने का सरल उपाय है श्रीरामकथा के तृतीय दिवस नगर पंचायत गोला अंतर्गत गोपालपुर स्थित बीएसएनएल टावर समीपस्थ इंजीनियर साहब के प्रांगण में दिव्य रहस्य उद्घाटित करते हुए पूज्य श्री राघव ऋषि जी ने कहा।

    कथा प्रसंग को सुनाते हुए पूज्यश्री ने बाललीला की झांकी का कथा क्रम से अनुमोदन करने के साथ ही विश्वास की प्रति मूर्ति अहिल्या गौतम ऋषि की पत्नी जो श्रापवश पाषाण शिला प्रभु चरणों की रज पाने के लिए की कब वह समय आएगा जब प्रभु से मिलन होगा। अटल विश्वास एवं अविरल भक्ति आज सफल हुई। प्रभु पावन हैं जिन्होंने शिला स्वरूप अहिल्या को चरणरज स्पर्श कराकर नारी स्वरूप में परिणीत किया। फलतः गौतम ऋषि का श्राप भी आज वरदान हो गया।
    कथा प्रसंग में श्रीसीताराम विवाह महोत्सव की छवि कथा में ही समाहित करते हुऐ कहा की जिसका जिसके प्रति सत्य प्रेम स्नेह होता है वह उसे अवश्य ही मिल जाता है। सीता जी की अंतरात्मा में रामजी को पतिरूप में स्वीकार कर गौरी जी के वरदान से संतुष्ट हुईं। रामजी ने राजा जनक के ताप को धनुष तोड़ कर नष्ट किया।
    सीताराम की मनोहर जोड़ी आज दूल्हा दुल्हन के रुप में ऐसी जोड़ी जिसे देख स्वयं कामदेव भी मोहित हो जाए।
    सीताराम जी की मोहक झांकी का कथा के मध्य विवाह सम्पन्न हुआ। अपार जनसमूह ने विवाह महोत्सव में भेट, पूजा कर पुण्यलाभ लिया।
    “सीताराम दरस रस बरसे जैसे सावन की घड़ी” सौरभ ऋषि ने भक्तों को विवाह की दिव्य झांकी का भजन के शब्दों से दर्शन कराते हुए भक्तों को झूमने पर विवश किया। कन्यादान की परम्परा श्री प्रवीण सिंह द्वारा सपरिवार संपादित की गई।
    आज प्रातः साढ़े सात बजे से पांच दिवसीय भगवती महात्रीपुरसुंदरी महालक्ष्मी के अग्रिम चरण की आराधना गोपालपुर क्षेत्र के जुड़े साधकों द्वारा पूज्य ऋषिजी के निर्देशन में प्रारंभ हुई।
    सीताराम भगवान की विहंगम झांकी का अवलोकन कर क्षेत्रवासियों सहित मुख्य रूप से सर्वश्री जय प्रकाश सिंह,मनोज उमर, कुश चंद,अवधेश चंद,भानु प्रताप वैश्य,मनोज तिवारी ,मंटू सिंह,राजेंद्र गौड़, श्यामलाल, सुभाष गुप्ता, रितेश वर्मा, रतन गुप्ता, , मनोज तिवारी, , रमेश यादव, रविन्द्र उपाध्याय, अरुण सिंह दिनेश लाल श्रीवास्तव ने भव्य आरती सम्पन्न कर पुण्यलाभ अर्जित कर धन्य हुए।

  • त्योहारों को लेकर गोरखनाथ पुलिस ने पैदल गश्त कर लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

    त्योहारों को लेकर गोरखनाथ पुलिस ने पैदल गश्त कर लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

    त्योहारों को लेकर गोरखनाथ पुलिस ने पैदल गश्त कर लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
    दुर्गा पूजा पंडालों पर जाकर गोरखनाथ पुलिस ने देखी व्यवस्था
    थाना प्रभारी गोरखनाथ शशिभूषण राय ने दुकानों,घरों और किराएदारों के सत्यापन को भी जांचा
    गोरखपुर।गोरखनाथ पुलिस ने पैदल गश्त कर लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा इस समय नवरात्र दुर्गा पूजा व दशहरा पर्व को लेकर बाज़ारो में रौनक देखी जा रही है चोर उचक्के भी मौके का फायदा उठाने के लिए सक्रिय हो जाते है अपराध पर अंकुश लगाने के लिए गोरखनाथ पुलिस सतर्क और सजग है एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर के निर्देश पर थाना प्रभारी गोरखनाथ शशिभूषण राय गोरखनाथ थाना क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय नज़र बनाये हुए है थाना प्रभारी ने

    गोरखनाथ थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था को परखा। पैदल गश्त के दौरान उन्होंने ने तमाम दुकानदारों से बातचीत भी किया दुकानदारों को सख्त चेतावनी दिया कि सड़क पर किसी भी तरह का कोई अतिक्रमण नही करेगे जो स्थान निर्धारित है वही पर ही दुकान लगाए इस दौरान उन्होंने सड़क पर ठेला खोमचा लगा कर अतिक्रमण करने वालो को भी सड़क से हटवाया और उनको हिदायत दिया कि सड़क पर अवैध अतिक्रमण किया तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही पैदल गश्त के दौरान थाना प्रभारी शशिभूषण राय दर्जनों दुर्गा पूजा पंडालों पर भी गए और दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों को निर्देश दिया कि थाने पर जो मीटिंग हुई थी उस मीटिंग में जो निर्देश दिए गए थे उसका सभी लोग पालन करे दुर्गा पूजा पंडाल पर सीसीटीवी कैमरे तत्काल लगवाए समित के सदस्य इस बात का भी ध्यान रखें कि ज्यादा भीड़भाड़ न हो जो भी श्रद्धालु आते है उनको आसानी से पूजा अर्चना करवाये किसी तरह की कोई अव्यवस्था पैदा न हो इस बात का विशेष ध्यान दे वही थाना प्रभारी गोरखनाथ ने दर्जनों दुकानो पर जाकर सत्यापन की सत्या हो भी जांचा एसएसपी के निर्देश पर गोरखनाथ थाना क्षेत्र में युद्धस्तर पर दुकानों में मकानों और किराएदारों व घर के मालिकों के सत्यापन करवाया जा रहा है ताकि पुलिस के पास सभी की मुकम्मल जानकारी रहे ताकि किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर आसानी ने लोगो तक पहुँचा जा सके दशहरे के दिन गोरखनाथ मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है और इस शोभायात्रा में सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल होते है साथ ही हज़ारों की संख्या में लोग में शोभायात्रा में शिरकत करते है सीएम की शोभायात्रा को लेकर गोरखनाथ पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त करके हर एक गतिविधियों पर पैनी नज़र बनाए हुए है।

  • पुण्य श्लोका महारानी अहिल्याबाई होल्कर पर होगा विशेषांक का लोकार्पण

    पुण्य श्लोका महारानी अहिल्याबाई होल्कर पर होगा विशेषांक का लोकार्पण

    अप्रतिम श्रध्दांजली : पुण्य श्लोका महारानी अहिल्याबाई होल्कर पर होगा विशेषांक का लोकार्पण
    महाराष्ट्र के चांडी नामक छोटे से गांव में पाटिल परिवार में 31 मई 1725 ईस्वी में जन्मी ‘अहिल्याबाई होल्कर’ ने जीवन पर्यंत सदैव अपने राज्य और वहां के निवासियों के हित में ही कार्य किया, महारानी अहिल्याबाई ने न केवल अनेकों जनकल्याण के कार्य किया बल्कि तात्कालिक समाज में फैली रूढ़ियों को भी दूर करने में भागीरथी योगदान दिया.
    महारानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन एक न्यायप्रिय और जनकल्याणकारी शासन था,
    महारानी अहिल्याबाई होल्कर के असाधारण गुणों को देखकर ब्रिटिश इतिहासकार जॉन कीथ उन्हें दार्शनिक रानी की उपाधि दी,
    केवल अपने राज्य में ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण देश के मंदिरों की पूजन-व्यवस्था और उनके आर्थिक प्रबंधन पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया।
    बद्रीनाथ से रामेश्वरम तक और द्वारिका से लेकर पुरी तक आक्रमणकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त मंदिरों का उन्होंने पुनर्निर्माण करवाया।
    प्राचीन काल से चलती आई और आक्रमण काल में खंडित हुई तीर्थयात्राओं में उनके कार्यो से नवीन चेतना आयी। इन बृहद कार्यो के कारण उन्हे पुण्य श्लोका की उपाधि मिली।
    ऐसी पुण्यश्लोका महारानी अहिल्यादेवी होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पूरा देश मना रहा है।
    अनेक सामाजिक संस्थाएं एवं महिला संगठन उनके जयंती वर्ष में उनके अलग-अलग गुणों को प्रकट करने वाले कार्यक्रम एवं गोष्ठियों का आयोजन कर रहे हैं।। अनेक सरकारें भी महारानी अहिल्याबाई के सुशासन, नगरीय विकास, रोजगारपरक उद्योग नीति जैसे विषयों पर संवाद आयोजित कर रही है। इसी क्रम में विश्व संवाद केंद्र, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित की जाने वाली साप्ताहिक पत्रिका ध्येय मार्ग का इस बार का विशेषांक रानी अहिल्याबाई होलकर जी को समर्पित है. जिसमे पूरे देश के विभिन्न लेखकों और साहित्यकारों के लेख संकलित किए गए।

    विश्व संवाद केंद्र गोरखपुर द्वारा ध्येय मार्ग के 2024 के विशेषांक पुण्यश्लोका अहिल्या देवी होल्वार का लोकार्पण 07 अक्टूबर 2024 को सायं 05:45 बजे रामनप्रताल तारामंडल स्थित योगिराज बाबा गम्भीर नाथ प्रेक्षा गृह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाहक श्रीमान दत्तात्रेय होसबाले जी द्वारा किया जायेगा। उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पूनम टंडन जी करेंगी।
    प्रोफेसर ईश्वर शरण विश्वकर्मा अध्यक्ष, विश्व संवाद केन्द्र,गोरखपुर
    तथा
    डॉ० उमेश कुमार सिह सचिव विश्व संवाद केन्द्र, गोरखपुर,
    एवं सम्बन्धित संस्था के अन्य गणमान्य सदस्यों
    के द्वारा इस संबंध में 5 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया,
    जिसमें प्रोफेसर ईश्वर शरण विश्वकर्मा के द्वारा महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई

  • गोरखपुर- सपा सांसद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

    गोरखपुर- सपा सांसद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

    गोरखपुर-
    सपा सांसद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
    रामभुआल निषाद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
    गोरखपुर के निवासी है और सुल्तानपुर से सपा सांसद है.
    SHO बड़हलगंज को गिरफ्तार कर कोर्ट में हाज़िर करने का नोटिस
    विशेष न्यायाधीश MP/MLA ज्ञानेन्द्र कुमार ने नोटिस जारी किया
    नोटिस के बाद भी कोर्ट में हाज़िर न होने पर गैर जमानती वारंट जारी
    नेशनल हाईवे जाम करने के मामले में कोर्ट ने दिया आदेश
    मृतक के शव को राष्ट्रीय राजमार्ग पर रख जाम करने का मामला

  • कार्यालय पुलिस अधीक्षक बांदा

    कार्यालय पुलिस अधीक्षक बांदा

    कार्यालय पुलिस अधीक्षक बांदा
    यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने, शहर में ई-रिक्शा सेवाओं को और अधिक सुरक्षित एवं संगठित बनाने तथा महिला सुरक्षा के दृष्टिगत ई-रिक्शा मालिकों/चालकों के सत्यापन हेतु पुलिस अधीक्षक बांदा द्वारा शुरू की गई अनोख पहल के क्रम में सत्यापन के लिए जीआईसी ग्राउंड बांदा में लगाया गया निःशुल्क कैम्प ।
    विवरण-जनपद में यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने, शहर में ई-रिक्शा सेवाओं को और अधिक सुरक्षित एवं संगठित बनाने तथा महिला सुरक्षा के दृष्टिगत ई-रिक्शा मालिकों/चालकों के सत्यापन हेतु पुलिस अधीक्षक बांदा श्री अंकुर अग्रवाल द्वारा एक अनोखी पहल शुरू की गई है जिसके अन्तर्गत ई-रिक्शा मालिकों/चालकों का सत्यापन कर एक विशेष QR कोड प्रदान किया जा रहा है जिसे ई-रिक्शा चालक अपने ई-रिक्शा पर चस्पा करेंगे । कोई भी यात्री QR को स्कैन कर ई-रिक्शा चालक/मालिक के बारे जानकारी कर सकता है साथ ही कोई महिला यात्री इसका विवरण अपने परिवारीजनों को भी साझा कर सकती है । प्रकिया से यातायात व्यवस्था को सुधारने एवं अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी साथ ही ई-रिक्शा चालकों को एक डिजिटल प्लेटफार्म मिलेगा जो उनके रोजगार को और बेहतर बनाने में मदद करेगा । पहल के तहत आज दिनांक 05.10.2024 को जीआईसी ग्राउंड में निःशुल्क कैम्प लगाया गया है जिसके माध्यम से ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन किया जा रहा है । अभी प्रारम्भ में कैम्प नवरात्रि तक चलेगा जिसमें कम्प्यूटर ऑपरेटर रजनीश तथा सीसीटीएनएस आरक्षी अनिल आर्या को लगाया गया है ।

  • यूनिवर्सिटी की रेट-2023 परीक्षा में घोटाले का आरोप, NET-JRF पास कैंडिडेट्स को किया बाहर

    यूनिवर्सिटी की रेट-2023 परीक्षा में घोटाले का आरोप, NET-JRF पास कैंडिडेट्स को किया बाहर

    यूनिवर्सिटी की रेट-2023 परीक्षा में घोटाले का आरोप, NET-JRF पास कैंडिडेट्स को किया बाहर
    गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी की रिसर्च एलिजिबिलिटी टेस्ट (रेट-2023) परीक्षा में बड़े घोटाले का आरोप सामने आया है। ललित एवं मंच कला विभाग में लिखित परीक्षा के बाद मेरिट लिस्ट में अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं। NET-JRF पास कैंडिडेट्स का दावा है कि उन्हें लिखित परीक्षा में अच्छे अंक मिलने के बावजूद इंटरव्यू में जानबूझकर कम अंक देकर मेरिट लिस्ट से बाहर कर दिया गया। वहीं, कुछ कैंडिडेट्स, जिन्हें लिखित परीक्षा में कम अंक मिले थे, उन्हें इंटरव्यू में उच्च अंक देकर शीर्ष स्थान पर लाया गया है। इस घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय की चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और छात्रों के बीच गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।
    इस विवाद के केंद्र में कैंडिडेट्स की शिकायतें हैं, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी मेहनत और योग्यता के बावजूद उन्हें अन्याय का सामना करना पड़ा है। कैंडिडेट्स का कहना है कि वे सभी NET और JRF की परीक्षा पास कर चुके थे, और उन्हें अपनी योग्यता के अनुसार प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। यह मामला विश्वविद्यालय के प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है और छात्रों का विश्वास संकट में डालता है। शिकायतकर्ता कैंडिडेट्स का बयान
    कई कैंडिडेट्स, जिनमें दयाशंकर, राज चौबे और दीपिका गुप्ता शामिल हैं, ने वाइस-चांसलर प्रो. पूनम टंडन को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में दयाशंकर ने आरोप लगाया है कि उन्हें लिखित परीक्षा में 110 अंक मिले थे, लेकिन इंटरव्यू में मात्र 11 अंक दिए गए। इसी प्रकार, राज चौबे को लिखित परीक्षा में 116 अंक मिलने के बावजूद इंटरव्यू में सिर्फ 2 अंक दिए गए। दीपिका गुप्ता को 118 अंक प्राप्त होने पर भी इंटरव्यू में मात्र 5 अंक दिए गए। इन शिकायतों से साफ पता चलता है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और जानबूझकर कुछ उम्मीदवारों को उच्च अंक देकर मेरिट में स्थान दिलाया गया है।
    अन्य कैंडिडेट्स की स्थिति
    दूसरी ओर, कुछ कैंडिडेट्स, जिन्हें लिखित परीक्षा में अपेक्षाकृत कम अंक मिले थे, उन्हें इंटरव्यू में 40 अंक तक देकर मेरिट में ऊपर लाया गया है। यह स्थिति इस बात को उजागर करती है कि चयन प्रक्रिया में पक्षपात और अनियमितताओं का मामला गंभीरता से उठता है। कैंडिडेट्स का कहना है कि यह न केवल उनके साथ अन्याय है, बल्कि यह पूरी प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न चिह्न लगाता है। उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर कैसे कुछ कैंडिडेट्स को बिना किसी उचित कारण के इतनी उच्च रैंकिंग मिल गई।
    गाइडलाइंस की अनदेखी
    कैंडिडेट्स का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव था। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी के गाइडलाइंस के अनुसार NET और JRF क्वालीफाई कैंडिडेट्स को एडमिशन में प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसका सीधा अर्थ है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी की है, जिससे छात्रों में हताशा और नाराजगी का माहौल बन गया है। कैंडिडेट्स ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे उच्च अधिकारियों और न्यायालय का सहारा लेने की योजना बना रहे हैं।
    यूनिवर्सिटी प्रशासन की प्रतिक्रिया.
    इस मामले के बढ़ते विवाद को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। रजिस्ट्रार प्रो. शांतनु रस्तोगी ने बताया कि कैंडिडेट्स की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए पीएचडी के दृश्यकला विभाग में डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है और मामले की गहन जांच की जाएगी। प्रो. रस्तोगी ने आश्वासन दिया कि पीएचडी में एडमिशन पूरी तरह से यूनिवर्सिटी के गाइडलाइंस के अनुसार ही होगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और कैंडिडेट्स की सभी शिकायतों का उचित निवारण किया जाएगा।
    छात्रों का आक्रोश
    कैंडिडेट्स के बीच इस घटना के खिलाफ गहरा आक्रोश है। कई छात्रों का कहना है कि उनकी मेहनत का अपमान किया गया है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मेहनत और योग्यता के अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें इस प्रकार का अन्याय सहना पड़ रहा है। कैंडिडेट्स ने इस घटना को एक बड़ी विफलता के रूप में देखा है और उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
    छात्रों में इस विवाद को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। उनका मानना है कि इस मामले में प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को सजा देनी चाहिए। कैंडिडेट्स का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे उच्च स्तर तक इस मुद्दे को उठाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे न्याय के लिए अन्य माध्यमों का सहारा लेने के लिए तैयार हैं।
    पारदर्शिता की आवश्यकता.
    इस घटनाक्रम ने यूनिवर्सिटी के चयन प्रक्रिया और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैंडिडेट्स का आरोप है कि उनकी मेहनत और योग्यता को नजरअंदाज किया गया है। यह मामला उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालयों को चाहिए कि वे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखें और सभी उम्मीदवारों के लिए समान अवसर प्रदान करें। यह घटना केवल एक विश्वविद्यालय की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे शिक्षा प्रणाली की कमजोरी को उजागर करती है। भारत में शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है, ताकि छात्रों को उनकी मेहनत और योग्यता के अनुसार मान्यता मिले। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां छात्रों को उनकी मेहनत का उचित फल मिलना चाहिए। यदि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी होगी, तो यह समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
    निष्कर्ष
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी की रेट-2023 परीक्षा में उठे विवाद ने उच्च शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। कैंडिडेट्स के आरोप और उनके साथ हुए अन्याय ने यह साबित कर दिया है कि अभी भी हमारे सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मामले में उचित कदम उठाने चाहिए और सभी कैंडिडेट्स को न्याय प्रदान करना चाहिए, ताकि छात्रों का विश्वास सिस्टम में बना रहे और वे अपनी मेहनत के फल को प्राप्त कर सकें। इस घटना से शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता और पारदर्शिता की महत्वपूर्णता को रेखांकित किया गया है, जिससे भविष्य में ऐसे विवादों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।