Category: हेल्थ

  • छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती मनाई गई, स्वैच्छिक रक्तदान अभियान प्रारंभ

    गोरखपुर, 22 फरवरी 2025। एम्स गोरखपुर में राष्ट्रीय मेडिकोस संगठन की टोली द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई। मुख्य अतिथि *मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता (कार्यकारी निदेशिका) ने उनके जीवन दर्शन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. शिखा सेठ (डीन, छात्र कल्याण) ने छात्रों को दृढ़ निश्चय और कार्यनीति अपनाने का संदेश दिया।

    इस अवसर पर डॉ. मनोज भाऊसाहब, डॉ. अनिल कोपरकर, डॉ. तेजस पटेल, डॉ. अश्वनी चौधरी, डॉ. सौरभ मूर्ति, डॉ. प्रभात, डॉ. ऐश्वर्या शाही, डॉ. कोमल, डॉ. अमित राय, डॉ. अजय इटकरे, डॉ. सुकन्या, डॉ. मौमिता, डॉ. विवेक कुमार सहित कई संकाय सदस्य उपस्थित रहे। साथ ही, स्वर्णिमा, नीरज, श्रुति, शिवंशी, जागृति, सोहिला सहित अनेक यूजी छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया।

    इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदान अभियान की भी शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य ज़रूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना है। इच्छुक रक्तदाताओं को उनके ब्लड ग्रुप के अनुसार विशेष समूह में जोड़ा जाएगा, जिससे दुर्लभ ब्लड ग्रुप की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इस पहल को लेकर सभी ने उत्साह व्यक्त किया और बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने रक्तदान की इच्छा जताई। भविष्य में AIIMS गोरखपुर में नियमित रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे।

     

  • पांच टीबी मरीजों को गोद लेकर मनाया चिकित्सक बिटिया का जन्मदिन

    पांच टीबी मरीजों को गोद लेकर मनाया चिकित्सक बिटिया का जन्मदिन

    पांच टीबी मरीजों को गोद लेकर मनाया चिकित्सक बिटिया का जन्मदिन ,

    हर माह पोषण पोटली और मानसिक संबल देने का लिया संकल्प ,

    गोरखपुर। अपने चिकित्सक बिटिया का जन्मदिन मनाने के लिए जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ गणेश यादव ने एक प्रेरणादायक तरीके का चुनाव किया। उन्होंने चरगांवा पीएचसी पहुंच कर शनिवार को पांच टीबी मरीजों को गोद लिया और उनकी हर प्रकार से मदद करने का संकल्प लिया। उन्होंने मरीजों से कहा कि वह नियमित दवा का सेवन करें। निक्षय पोषण योजना के तहत एक हजार रुपये प्रति माह की दर से जो सहायता राशि उपचाराधीन मरीजों को मिलती है उसका इस्तेमाल पोषण से भरपूर खानपान जैसे दूध, दही, अंडा, मीट और पनीर आदि खाने में करें। उन्होंने मरीजों को भरोसा दिलाया कि वह भी हर माह उन्हें पोषण पोटली देंगे और समय समय पर हालचाल लेकर मानसिक संबल भी देते रहेंगे।

    डीटीओ डॉ यादव ने बताया कि उनकी बेटी डॉ आकृति राज पेशे से खुद एक चिकित्सक हैं। चिकित्सक बेटी का जन्मदिन वह मरीजों की सेवा कर मनाना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने दो बच्चियों, एक महिला और दो बुजुर्गों को गोद लिया है और यह सभी टीबी उपचाराधीन लोग चरगांवा पीएचसी क्षेत्र के रहने वाले हैं। विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपने परिजनों की पुण्यतिथि, खुद के जन्मदिन और कई बार सेवानिवृत्ति के मौके पर टीबी उपचाराधीन मरीजों को गोद लेते रहे हैं। एक डीटीओ और पिता के तौर पर डीटीओ ने भी मरीजों को गोद लेकर उनकी सेवा करने का संकल्प लिया। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी के रूप में डॉ यादव पांच टीबी मरीजों को पहले भी गोद लेकर स्वस्थ होने में उनकी मदद कर चुके हैं।

    जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी ने बताया कि अगर टीबी की दवा नियमित न चले और पोषण युक्त खानपान न मिले तो मरीज के ठीक होने की राह कठिन हो जाती है। ऐसे में जब कोई भी व्यक्ति या संस्था निक्षय मित्र के तौर पर मरीज को गोद लेकर उनकी देखभाल और फॉलो अप करते हैं तो मरीज को इन स्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता है। टीबी मरीज के एडॉप्शन का आशय इलाज चलने तक उन्हें यथासामर्थ्य पोषण सामग्री देना और नियमित हालचाल लेते रहने से है।

    इस मौके पर चरगांवा ब्लॉक के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ धनंजय कुशवाहा, एचईओ मनोज कुमार, एसटीएस मनीष तिवारी, एसटीएलएस केशव धर दूबे, एनएमएस विनय कुमार श्रीवास्तव, चिकित्सा अधिकारी डॉ वीके सिंह और डॉ पवन कुमार समेत कई चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद रहे।

     

  • स्वच्छता का संदेश देने पहुंचे कुंभ चिकित्सकों का दल

    स्वच्छता का संदेश देने पहुंचे कुंभ चिकित्सकों का दल

    ब्यूरो प्रभारी: संतोष कुमार त्रिपाठी, खजनी, गोरखपुर

    खजनी।गोरखपुर स्वच्छता का संदेश देने ,कुंभ स्नान और सेवा देने आई एम ए गोरखपुर के चिकित्सकों का दल कुंभ प्रयागराज के लिए रवाना ।

    आज 52 चिकित्सकों का दल आई एम ए सचिव डॉक्टर वाई सिंह के नेतृत्व में कुंभ के लिए निकाला।
    डॉ वाई सिंह ने बताया यह दल वहां पहुंचकर आम जनमानस के बीच जागरूकता अभियान चलाएगा और अपनी सेवाएं भी देगा और कुंभ स्थान भी करेगा।
    प्रशासन की तरफ से भी इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए पास और विशेष दिशा निर्देश भी जारी किया गया है।
    कार्यक्रम का संयोजन डॉ आर पी शुक्ला , डॉ अमरेश सिंह डॉ दिनेश चंद्रा कर रहे हैं।
    दल में डॉ एस सोम डॉ धर्मेंद्र राय डॉ सौरभ पांडे डॉ प्रियंका राय डॉ सी राय डॉ दीपक मोदी डॉ अश्विनी अग्रवाल डॉ रीता मिश्रा डॉ प्रभात अग्रवाल डॉ आर एस गोयल डॉ ए पी शाही डॉ अर्चना गुप्ता डॉ वीरेंद्र गुप्ता डॉ अर्चना शाही डॉ सी राय डॉ प्रतिभा जयसवाल डॉ स्वीटी राय डॉ शशांक गोयल डॉ आनंद खन्ना आदि यात्रा में शामिल हैं।

  • सावधान ! 84 दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में फेल, सरकार ने जारी किया अलर्ट

    सावधान ! 84 दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में फेल, सरकार ने जारी किया अलर्ट

    स्वास्थ्य मंत्रालय और CDSCO ने 84 दवाओं को घटिया गुणवत्ता (NSQ) की घोषित किया है। इनमें एंटीबायोटिक्स, मधुमेह, हृदय रोग, एसिडिटी, दर्द निवारक, मानसिक स्वास्थ्य और पोषण सप्लीमेंट शामिल हैं। अगर आप ये दवाएं ले रहे हैं, तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से तुरंत संपर्क करें।

    असफल दवाओं की सूची और उनकी समस्याएं:

    1. एंटीबायोटिक्स और इंजेक्शन:
    Cefotaxime Sodium Injection IP 1g – समाधान की स्पष्टता में समस्या
    Meropenem Injection IP 500 mg – कण पाए गए
    Amikacin Sulphate Injection IP 250 mg – दूषित तत्व मिले
    Doxycycline Capsules IP 100 mg – असमान वजन
    Acyclovir Dispersible Tablets IP 800 mg – विघटन में गड़बड़ी

    2. दर्द निवारक और सूजनरोधी दवाएं:
    Aspirin Gastro-resistant Tablets IP 75 mg – घुलनशीलता में समस्या
    Paracetamol Paediatric Oral Suspension IP – संदिग्ध पदार्थों की उपस्थिति
    Tranexamic Acid Tablets IP 500 mg – घटक असंतुलन

    3. पेट और एसिडिटी की दवाएं:
    Rabeprazole Injection IP – स्टेरिलिटी में समस्या
    Pantoprazole Gastro-resistant Tablets IP 40 mg – घुलनशीलता परीक्षण में फेल
    Omeprazole Lyophilized Powder for Injection (I.V.) – जल स्तर में गड़बड़ी

    4. सर्दी, खांसी और एलर्जी की दवाएं:
    Fexofenadine Hydrochloride Tablets IP (MANOFEX-180) – घुलनशीलता में समस्या
    Cold Plus Syrup – घटक अनुपात में गड़बड़ी
    Diphenhydramine & Ammonium Chloride Cough Syrup (Beedryl Plus) – घटकों में असंतुलन

    5. मधुमेह और हृदय रोग की दवाएं:
    Glimepiride Tablets IP 1 mg – घुलनशीलता में गड़बड़ी
    Telmisartan Tablets IP 40 mg (TELMOPI-40) – परीक्षण में असफल
    Ramipril & Metoprolol Succinate Tablets – घटक असंतुलन

    6. मल्टीविटामिन और पोषण सप्लीमेंट:
    AXBEX Suspension – विटामिन डी की गुणवत्ता में कमी
    Calcium & Vitamin D3 Tablets (CALCI-D, CITCAL आदि) – कैल्शियम और विटामिन डी में समस्या
    Zinc Sulphate Dispersible Tablets IP 20 mg – प्रसार और विघटन में असंतुलन

    7. मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल दवाएं:
    Alprazolam Tablets IP 0.5 mg – घुलनशीलता में समस्या
    Sertraline Hydrochloride Tablets (डिप्रेशन के लिए) – दूषित पदार्थों की उपस्थिति
    Duloxetine Gastro-resistant Tablets IP 20 mg – घटक अनुपात में समस्या

    8. अन्य आवश्यक दवाएं:
    ❌ Thyroxine Sodium Tablets IP (THYROX-25) – परीक्षण में असफल
    ❌ Hydroxychloroquine Sulphate Tablets IP 200 mg – संदिग्ध तत्व मौजूद
    Infusion Set & Compound Sodium Lactate Injection (RL) – स्टेरिलिटी में गड़बड़ी

    जनता के लिए महत्वपूर्ण सलाह:

    अपनी दवाओं की बैच संख्या और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।

    यदि आपके पास ये दवाएं हैं, तो डॉक्टर से परामर्श करें।

    किसी भी साइड इफेक्ट या स्वास्थ्य समस्या की रिपोर्ट करें।

    CDSCO द्वारा जारी सूचना को नियमित रूप से चेक करें।

    सरकारी हेल्पलाइन: 1800-180-3024

    CDSCO आधिकारिक वेबसाइट: cdsco.gov.in

    इस जानकारी को जनहित में शेयर करें और अपने परिवार एवं दोस्तों को सतर्क करें।

  • जनता के लिए वरदान सावित हो रहा है दुर्गावती हास्पिटल-विजय कुमार यादव

    जनता के लिए वरदान सावित हो रहा है दुर्गावती हास्पिटल-विजय कुमार यादव

    जनता के लिए वरदान सावित हो रहा है दुर्गावती हास्पिटल-विजय कुमार यादव,

    मेदांता हॉस्पिटल से जुडा दुर्गावती हास्पिटल,

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज/गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज के दक्षिणाचल क्षेत्र के लोगो के लिए दुर्गावती हास्पिटल वरदान सावित हो रहा है।जहा कोरोना काल मे यह हॉस्पिटल सेवाभाव के लिए जाना गया वही दिन प्रतिदिन नया मुकाम स्थापित कर लोगो को सेवा मे लगा है।यह हम सभी के लिए गौरव की बात है।
    ऐ बाते पूर्व प्रमुख विजय कुमार यादव ने कहा।वे शुक्रवार को दुर्गावती हास्पिटल मे नेत्र विभाग की नयी यूनिट के लोकार्पण के बाद उपस्थित लोगो को संबोधित कर रहे थे।जिलापंचायत सदस्य जितेंद्र यादव ने कहा कि आंख की समस्या सभी के साथ है, नेत्र विभाग का लाभ क्षेत्र के लोगो को मिलेगा।कार्यक्रम को मुन्ना शाही,अमित बशिष्ट तिवारी,राम गोविंद उर्फ मंटू यादव ने संबोधित किया।दुर्गावती हास्पिटल के निदेशक डॉ मनोज यादव ने सभी अतिथियो का स्वागत करते हुए बताया कि यह हास्पिटल देश के प्रसिद्ध मेदांता हास्पिटल से जुङ गया है जिसका लाभ क्षेत्र के लोगो को मिलेगा।जल्द ही हृदय रोग के विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवा यहा देना प्रारंभ कर देगे जिसकी यूनिट तैयार की जा रही है।वह अत्याधुनिक उपकरणो से सुसज्जित होगा।संस्थान के प्रवंधक मनोज तिवारी ने आए अतिथियो के प्रति आभार व्यक्त किया।हास्पिटल मे निर्मित सेमिनार हाल का भी लोकार्पण हुआ।इस अवसर पर प्रधान संध के ब्लाक अध्यक्ष सुरेंद्र उर्फ बैरिस्टर यादव,उमेश पांडेय,डाॅ शांन्तनु मल्ल,डॉ रोली पुरवार,डा जीएस गुप्त,डॉ पराग अग्रवाल,सृजन मिश्र,डा शिवेन्द्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

  • मित्र कुंभ के मरीजों का ऑपरेशन गोरखपुर में चालू हो गया में हुआ शुरू

    मित्र कुंभ के मरीजों का ऑपरेशन गोरखपुर में चालू हो गया में हुआ शुरू

    इस दिव्य भव्य महाकुंभ में आयोजित विश्व का सबसे बड़ा चिकित्सा कैंप नेत्र कुंभ 2025 में चयनित रियो का ऑपरेशन चालू हो गया है पूरे भारतवर्ष में 250 से ज्यादा अस्पतालों से संपर्क करके जो मरीज पूरे भारतवर्ष में जहां पर चाहता है वही उसका ऑपरेशन कराया जा रहा हैं . गोरखपुर में जिला चिकित्सालय नेता जी सुभाष चंद्र बोस हॉस्पिटल को बहुत ज्यादा लोगों ने अपने ऑपरेशन के लिए पसंद किया है. यह हमारे साथ-साथ हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज के प्रयासों और उनके द्वारा जनता के प्रति किए गए कार्यों का धरातल पर असली रूप दर्शाता है .आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आशुतोष कुमार दुबे के साथ नेता जी सुभाष चंद्र बोस जिला चिकित्सालय के अपार मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुण कुमार चौरसिया डॉक्टर नंदलाल कुशवाहा उपमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अश्वनी चौरसिया नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर चंद्रभान यादव सक्षम के प्रांत सचिव तथा गोरक्ष प्रांत के नेत्र कुम्भ प्रभारी प्श्री रमाकांत, कोषाध्यक्ष श्री फिरंगीलाल के साथ सक्षम के प्रांत अध्यक्ष शिव शंकर शाही के साथ इन मरीजों का ऑपरेशन कैसे किया जाए इस पर वृहद चर्चा हुई. मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने खुले मन से सभी मरीजों के ऑपरेशन में हर संभव मदद करने का निर्देश सभी को दिया. सभी के बीच यह सहमत हुई जो मरीज जहां रहता है वहीं पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर वहां के ऑप्टोमेट्रिस्ट से संपर्क करके अपना चेकअप करा लेगा और उन मरीजों को किसी साधन से जिला चिकित्सालय गोरखपुर पहुचा कर उसी दिन ऑपरेशन करके शाम को दवा लेंस चश्मा सब कुछ निशुल्क देखकर छुट्टी कर दिया जाएगा. अगर मरीज़ चाहेंगे तो उन्हें शाही ग्लोबल हॉस्पिटल तारामंडल में सुबह बुलाया जाएगा उनका पूरा मेडिकल चेकअप होगा कार्डियोलॉजी डॉक्टर बाल गोविंद डीएम कार्डियोलॉजी द्वारा कार्डियक फिटनेस करके उन्हें जिला अस्पताल पहुचा करके उनका निशुल्क ऑपरेशन करवाया जाएगा. आंख बहुत नाजुक चीज होती है उसे बहुत बचा कर रखना होता है कई बार सुनने में आता है कि ऑपरेशन के बाद समस्याएं ज्यादा बढ़ती हैं इन सब बातों को ध्यान में रखकर विशेष तरीके से इन मरीजों को ऑपरेशन के पहले शुगर ब्लड प्रेशर हार्ट की जांच गुर्दे की जांच सारी जांच करके हैं ही ऑपरेशन कराया जाएगा ताकि इसमें सत प्रतिशत सफलता मिले ,कहीं असफलता का प्रवेश न हो पाए यह उम्मीद की जा रही है कि 500 से ज्यादा नेत्र रोगियों को गोरखपुर जिले में ऑपरेशन करने की आवश्यकता पड़ सकती है. अभी जो नेत्र कुंभ प्रयागराज में चल रहा है वह फरवरी तक ही नहीं यह 10 दिन और आगे बढ़ेगा और जो भी व्यक्ति वहां अपना नेत्र परीक्षा कराएगा उसका दवा और चश्मा वहीं पर निशुल्क दे दिया जाएगा ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है तो मरीज से पूछ कर उसके इच्छा अनुसार जिस जिले में जिस हॉस्पिटल में वह ऑपरेशन करवाना चाहता है वहीं पर निशुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा.

    News courtesy :- डॉक्टर शिव शंकर शाही, प्रांत अध्यक्ष सक्षम गोरक्ष प्रांत

  • ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क फैक्टर्स को समझना ज्यादा जरूरी : डॉ. सुनीता

    ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क फैक्टर्स को समझना ज्यादा जरूरी : डॉ. सुनीता

    ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क फैक्टर्स को समझना ज्यादा जरूरी : डॉ. सुनीता,

    महायोगी गोरखनाथ विवि में ब्रेस्ट कैंसर पर अतिथि व्यख्यान में बोलीं यूके की विशेषज्ञ,

    गोरखपुर, 19 फरवरी। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) में ‘मैनेजमेंट ऑफ ब्रेस्ट कैंसर : अर्ली डायग्नोसिस एंड ट्रीटमेंट’ विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित ऑक्सफोर्ड एंड सेंट पीटर्स हॉस्पिटल यूनाइटेड किंगडम (यूके) की विशेषज्ञ डॉ. सुनीता श्रोत्रिय (ऑन्कोलॉजिस्ट ब्रेस्ट सर्जन) ने ब्रेस्ट कैंसर के कारणों, लक्षणों, जांच प्रक्रियाओं और उपचार के विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की।

    डॉ. सुनीता ने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर को महिलाओं को प्रभावित करने वाला सबसे आम कैंसर है। सबसे जरूरी इसके लक्षणों और इसके रिस्क फैक्टर्स को समझने की जरूरत है। यदि समय रहते इसका पता चल जाए तो कुशल प्रबंधन और निदान से सर्जरी की आवश्यकता को रोका जा सकता है। हालांकि सर्जरी की जरूरत हो भी तो आज के दौर में ऐसी पद्धतियां उपलब्ध हैं जिनसे मरीज के जीवन में जोखिम कम से कम आता है। उन्ह

  • एम्स गोरखपुर में पहली बार सफल थेरेप्यूटिक प्लाज्मा एक्सचेंज – कार्यकारी निदेशक ने सराहा

    एम्स गोरखपुर में पहली बार सफल थेरेप्यूटिक प्लाज्मा एक्सचेंज – कार्यकारी निदेशक ने सराहा

    गोरखपुर। एम्स गोरखपुर ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए शहर का पहला थेरेप्यूटिक प्लाज्मा एक्सचेंज (TPE) सफलतापूर्वक किया। यह उपचार 68 वर्षीय महिला मरीज पर किया गया, जिसे एंटी-ल्यूसीन-रिच ग्लियोमा इनएक्टिवेटेड 1 (LGI1) एन्सेफलाइटिस नामक दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी थी। यह बीमारी मस्तिष्क पर असर डालती है और दौरे (सीजर) और मानसिक क्षमता में गिरावट का कारण बनती है।

    सही समय पर लिया गया अहम फैसला,

    मरीज का इलाज डॉ. बृजेश (सहायक प्रोफेसर, मेडिसिन) और डॉ. आशुतोष तिवारी (सहायक प्रोफेसर, न्यूरोलॉजी) की देखरेख में किया जा रहा था। शुरुआती दौर में स्टेरॉयड थेरेपी दी गई, लेकिन अपेक्षित सुधार न होने के कारण चिकित्सकों ने थेरेप्यूटिक प्लाज्मा एक्सचेंज (TPE) करने का निर्णय लिया।

    59 मिनट में सफलतापूर्वक पूरा हुआ पहला TPE,

    यह प्रक्रिया अफेरेसिस मशीन – स्पेक्ट्रा ऑप्टिया के जरिए डॉ. सौरभ मूर्ति द्वारा की गई। पूरी प्रक्रिया 59 मिनट तक चली और इसे डॉ. समर्थ, डॉ. सौरभ और अनुभवी नर्सिंग स्टाफ की देखरेख में संपन्न किया गया।
    मरीज की स्थिति में सुधार, भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम,
    इस सफल उपचार के बाद मरीज की हालत में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है, जो दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज में AIIMS गोरखपुर की नई उपलब्धि को दर्शाता है।
    थेरेप्यूटिक प्लाज्मा एक्सचेंज (TPE) अन्य इम्यूनोलोजिकल बिमारियो जैसे गिलियन बैरी सिंड्रोम (GBS) में भी है जीवनरक्षक है।

    AIIMS गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक ने की सराहना,

    AIIMS गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक प्रो. विभा दत्ता ने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए चिकित्सा टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा, *”AIIMS गोरखपुर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस तरह की जटिल प्रक्रियाओं का सफल निष्पादन यह साबित करता है कि हमारा संस्थान मरीजों को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

    इस तरह की जटिल और दुर्लभ बीमारियों का इलाज अब शहर में भी संभव है, जिससे मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके अपने क्षेत्र में ही मिल सकेंगी।

  • स्वास्थ्य शिविर में मरीज़ों को निःशुल्क परामर्श एवं दवाएँ

    स्वास्थ्य शिविर में मरीज़ों को निःशुल्क परामर्श एवं दवाएँ

     

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज स्पर्श हास्पिटल के तत्वावधान में ग्राम मदरिया में सिद्ध पीठ मदरिया मंदिर पर रविवार को निशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें चार सौ मरीजों के सेहत की जांच निःशुल्क की गई। मरीजों को आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी बांटी गईं।

    बड़हलगंज कस्बे के पटना चौराहे पर स्थित स्पर्श हास्पिटल के डायरेक्टर व प्रसिद्ध सर्जन डॉ राम जायसवाल निर्देश पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में डॉ राम जायसवाल, डॉ रूपाली नायक व डॉ अभिषेक मिश्र ने लगभग चार सौ मरीजों के सेहत की जांच व आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी बांटी। डॉ राम ने आए हुए मरीज़ों व उनके परिजनों को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की बीमारी में लापरवाही नुक़सानदायक है इसलिए हर मरीज़ को हर मर्ज़ को गम्भीरता से लेना चाहिए और समुचित उपचार कराना चाहिए वहीं पीठाधीश्वर श्रीश दास जी महाराज ने कहा कि आज भागदौड़ भरे जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी रोग से पीड़ित है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनेकों कमजोर परिवार भी हैं, जो पैसे के अभाव में न तो अपने मर्ज की जांच करा पाते हैं और न ही चिकित्सकों से सही सलाह लेने का साहस ही जुटा पाते हैं। ऐसे में इस तरह के निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों की अपरिहार्य आवश्यकता है।

    इस दौरान अजय जायसवाल, धर्मराज सोनकर, मनोज यादव, सुमन यादव, रोहित जायसवाल, बब्लू यादव, राशिद अंसारी, विनय यादव, अमित मद्धेशिया व प्रधान महेन्द्र शर्मा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

  • नेत्र कुंभ की व्यवस्था संभालने निकली गोरखपुर की टीम

    नेत्र कुंभ की व्यवस्था संभालने निकली गोरखपुर की टीम.

    144 साल बाद प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ के अवसर पर नेत्र कुंभ का आयोजन किया गया है.

    नेत्र कुंभ 2025 : सेवा, संकल्प और समर्पण का ऐतिहासिक संगम है.

    महाकुंभ 2025 में अद्वितीय नेत्र सेवा का यह महायज्ञ है .

    प्रयागराज के महाकुंभ 2025 में विश्व इतिहास के सबसे बड़े नेत्र चिकित्सा अभियान का आयोजन किया गया है। इस भव्य नेत्र कुंभ में 5 लाख लोगों की नेत्र जांच, 3 लाख जरूरतमंदों को निशुल्क चश्मा वितरण,और 50,000 मरीजों के मुफ्त नेत्र ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया है।

    यह दिव्य आयोजन नागवासुकी, सेक्टर-5 में 10 एकड़ भूमि पर किया गया है, जिसमें सक्षम संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    नेत्र कुंभ 2025: विश्व के सबसे बड़े नेत्र चिकित्सा अभियान की झलक

    उद्घाटन : 5 जनवरी 2025
    अवधि  : 12 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 (50 दिवसीय सेवा महायज्ञ)

    10 फरवरी से लेकर 16 फरवरी तक नेत्र कुंभ का संचालन तथा इसमें सहयोग गोरख प्रांत के सदस्यों को दिया गया है प्रांत अध्यक्ष डॉ शिव शंकर शाही ने बताया कि जब से कुंभ का आयोजन हुआ है तब से हम लोग सतत प्रयास कर रहे हैं कि नेत्र कुंभ में किसी तरह की कोई कमी ना पड़े .जब वहां से आधुनिक मशीन मांगी जाती है तो आधुनिक मशीन पहुंचाई जाती है जब वहां पर चिकित्सक तथा पैरा मेडिकल स्टाफ की आवश्यक्ता होती है तो उसे भी पूरा किया जाता है. आज 27 कार्यकर्ता गोरखपुर के प्रयागराज जा रहे हैं जो नेत्र कुंभ के संचालन में मदद करेंगे .

    आज शाम को सावित्री हॉस्पिटल दिलेजाकपुर ,शाही ग्लोबल हॉस्पिटल तारामंडल गोरखपुर तथा शंकर नेत्र चिकित्सालय से 27 कार्यकर्ता वहां की व्यवस्था में सहयोग करने के लिए रवाना हो रहे हैं .इन लोगों के साथ सक्षम गोरक्ष प्रांत के सचिन तथा गोरक्ष प्रांत नेत्र कुंभ प्रभारी श्री रमाकांत जी जा रहे हैं.
    प्रांत अध्यक्ष डॉ शिव शंकर शाही ने कहा की नेत्र कुम्भ को आयोजन हमारे जीवन में पहली बार आया है अब महाकुंभ फिर 144 साल बाद आएगा इसलिए इस नेत्र कुम्भ के आयोजन में हम जितना भी मदद कर सकते हैं तन मन और धन से कोशिश करके कर रहे हैं . यह मौका मेरी जिंदगी में मुझे पहली बार मिला है इसलिए इसमें जितना सहयोग हो सके उतना करने की कोशिश कर रहा हूं .डॉक्टर शाही ने कहा कि मैं अपने को बहुत ही भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं कि इस तरह की मानवता की सेवा जो साधु संतों, सनातन धर्मियों तथा धरती पर भगवान के रूप में विचरण करने वाले महात्माओं की करने का मौका मिला है. यह सेवा बार-बार नहीं मिलती है .इस तरह और इतना बड़ा चिकित्सा शिविर विश्व में पहली बार लग रहा है जो अपने आप में एक कीर्तिमान है.