दस्त से जीवन की रक्षा करते हैं ओआरएस घोल और जिंक टेबलेट
जिले भर में इकतीस जुलाई तक चलेगा डायरिया रोको अभियान
गोरखपुर। जिले में बदलते मौसम में नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति खास तौर पर सतर्क रहने की आवश्यकता है । इसे देखते हुए सभी आशा, एएनएम, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सरकारी अस्पतालों पर ओआरएस और जिंक के पर्याप्त इंतजाम किये गये हैं। ऐसे में बच्चों को उल्टी दस्त की दिक्कत हो तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर दिखाएं और उपलब्ध सुविधा का लाभ लें । स्वास्थ्य केंद्र से मिली दवा के साथ साथ बच्चे को ओआरएस का घोल और जिंक की टेबलेट भी अवश्य देते रहें । मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ राजेश झा ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिले में इकतीस जुलाई तक डायरिया रोको अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर घर जाकर लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक करेंगे। साथ ही लक्षित लाभार्थी वाले परिवारों में ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां देंगे और उनके इस्तेमाल का तरीका भी बताएंगे। ओआरएस घोल और जिंक टेबलेट दस्त से बच्चों के जीवन की रक्षा करते हैं ।
सीएमओ डॉ झा ने बताया कि उल्टी दस्त (डायरिया) की स्थिति में बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर सरकारी अस्पताल आने के लिए दो साल तक के बच्चों को 102 नंबर एम्बुलेंस और इससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए 108 नंबर एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाना चाहिए । इस साल डायरिया रोको अभियान की थीम ‘‘डायरिया की रोकथाम, सफाई और ओआरएस से रखें अपना ध्यान’’ रखी गई है। अभियान के दूसरे चरण का जिला स्तरीय उद्घाटन सोमवार को जिला महिला अस्पताल से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरसीएच डॉ एके चौधरी ने किया। इस अवसर पर पूर्व एसआईसी डॉ जय कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अजय देवकुलियार, डिप्टी सीएमओ डॉ राजेश, डीपीएम पंकज आनंद और मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता डॉ सूर्य प्रकाश ने दस्त से बचाव और डायरिया रोको अभियान के बारे में जानकारी दी।
जिला महिला अस्पताल के पूर्व प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ जय कुमार ने बताया कि अभिभावकों को भी यह ध्यान रखना है कि बच्चे को दस्त आते ही और हर दस्त के बाद ओआरएस का घोल अवश्य दें । इसके साथ ही जिंक की गोली एक चम्मच पीने के पानी अथवा मां के दूध में घोल कर लगातार 14 दिनों तक देना है। दस्त के दौरान और दस्त के बाद भी मां का दूध और पूरक आहार देना जारी रखना है । ओआरएस के एक पैकेट को एक लीटर पीने के पानी में घोल बनाकर रखना है जो समय-समय पर बच्चे की आयु के हिसाब से निर्धारित मात्रा में देना है।
एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी ने बताया कि जिंक टैबलेट देने से दस्त की अवधि और तीव्रता कम होती है । यह तीन महीने तक दस्त से सुरक्षित रखता है और लंबे समय तक शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बना कर रखता है। उचित परामर्श के अनुसार जिंक की गोली मां के दूध या पानी के साथ बच्चे को देनी होती है। बच्चे को छह माह तक सिर्फ स्तनपान कराना है और इसके बाद दो वर्ष की आयु तक स्तनपान के साथ साथ पूरक आहार भी देते रहना है।
जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अजय देवकुलियार ने बताया कि दो माह से कम आयु के बच्चे को हर दस्त के बाद पांच चम्मच ओआरएस का घोल देना है । दो माह से चार वर्ष तक के बच्चे को एक चौथाई कप या आधा कप ओआरएस का घोल प्रत्येक दस्त के बाद दें। दो वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चों को आधा कप या एक कप ओआरएस का घोल प्रत्येक दस्त के बाद दें। यह घोल दस्त शुरू होने के बाद तब तक देना है जब तक कि बच्चे का दस्त बंद न हो जाए। दस्त के दौरान बच्चे के मल का सुरक्षित निपटान करना है और समय-समय पर अभिभावक अपने हाथों को साबुन पानी से धुलते रहेंगे ।
*यह हैं अभियान के लक्षित लाभार्थी*
· ऐसे परिवार जिनमें पांच साल से कम उम्र के बच्चे हों
· दस्त ग्रसित पांच साल से कम उम्र के बच्चे
· कम वजन वाले बच्चों को प्राथमिकता देना
· अति संवेदनशील एरिया जैसे स्लम, ईंट भट्टे आदि पर रहने वाले परिवारों के बच्चे
· सफाई की कमी वाली जगहें
· जिन स्थानों पर पहले डायरिया आऊटब्रेक हुआ हो वहां के बच्चे
महापौर, सीएमओ और जिला अस्पताल ने विभिन्न संगठनों से कैलेंडर का हिस्सा बनने की अपील की
हिंदुस्तान रसायन उर्वरक लिमिटेड के एमडी ने रक्तदान कर लोगों को प्रेरित किया
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में करीब 32 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया
गोरखपुर। जिला अस्पताल में मरीजों को बिना रिप्लेसमेंट खून मिल सके, इसकी पहल शनिवार को विश्व रक्तदाता दिवस से ही तेज हो गई। इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ राजेश झा, जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ बीके सुमन और ब्लड बैंक प्रभारी डॉ प्रशांत अस्थाना सहित रक्तदाताओं ने भी लोगों से कैलेंडर का हिस्सा बन कर रक्तदान करने की अपील की। साथ ही हिंदुस्तान रसायन उर्वरक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शिवा प्रसाद मोहंती ने रक्तदान कर लोगों के बीच नजीर पेश की और अधिकाधिक लोगों से रक्तदान की अपील की। इस मौके पर कुल 32 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया।
इस अवसर पर महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान स्वास्थ्य के दृष्टि से फायदेमंद है। यह न सिर्फ लोगों को जीवनदान देता है, बल्कि रक्तदाता को भी कई प्रकार के विकारों से बचाता है। इससे न तो शारीरिक कमजोरी आती है और न ही शरीर में खून की कमी होती है। हम सभी को स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए ताकि जिला अस्पताल का ब्लड बैंक समृद्ध रहे और बिना डोनर के भी लोगों को ब्लड मिल सके।
हिंदुस्तान रसायन उर्वरक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शिवा प्रसाद मोहंती ने कहा कि उन्होंने खुद रक्तदान किया और उनके लिए यह एक अच्छा अनुभव रहा। देश और समाज के सभी नागरिकों को रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए। इससे शरीर पर कोई भी बुरा असर नहीं पड़ता है।
सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि विश्व रक्तदाता दिवस पर रक्तदान करने वालों को रेडक्रॉस सोसाइटी की तरफ से सम्मानित भी किया गया। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने आगे भी रक्तदाताओं को सम्मानित कर बिना रिप्लेसमेंट ब्लड डोनेशन की मुहिम में भरपूर मदद का आश्वासन दिया। जिला अस्पताल ने रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र भी दिया है।
सीएमओ ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य जिला अस्पताल के ब्लड बैंक को प्रत्येक सप्ताह कम से कम अस्सी यूनिट ब्लड डोनेट करवाना है ताकि किसी भी मरीज को खून की आवश्यकता पड़ने पर तुरंत डोनर की जरूरत न पड़े। इस दिशा में जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय कुमार के दिशा निर्देशन में विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों की मदद से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ प्रशांत अस्थाना ने बताया कि प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय कुमार और सीएमओ डॉ राजेश झा के दिशा निर्देशन में स्वतंत्र रक्तदाता समूहों, स्वयंसेवी संगठनों और स्कूल कॉलेज का एक कैलेंडर तैयार किया जा रहा है ताकि उनकी मदद से रक्तदान करवा कर प्रत्येक सप्ताह डिमांड के अनुसार ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। इस कार्य में कोई भी संगठन और व्यक्ति स्वेच्छा से आगे आकर जुड़ सकता है। ऐसे संगठनों से सम्पर्क भी किया जा रहा है।
इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसाइटी से पदाधिकारी अजय प्रताप सिंह, शिवेंद्र सिंह, दिनेश मणि त्रिपाठी, जिला अस्पताल से डॉ राजेंद्र ठाकुर, डॉ जेपी सिंह, एनएचएम से आदिल फखर सहित कई संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
ब्लड बैंक का किया निरीक्षण
सीएमओ डॉ झा ने विश्व रक्तदाता दिवस पर जिला अस्पताल के पूरे ब्लड बैंक का निरीक्षण किया और वहां की पूरी प्रक्रिया को समझा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि ब्लड बैंक हमेशा समृद्ध रहे और किसी भी मरीज का परिजन ब्लड के मामले में निराश न लौटे।
गोरखपुर। मंगलवार को शाही ग्लोबल हॉस्पिटल ने पूर्वांचल की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए तारामंडल में डीसी डीसी किडनी केयर के सहयोग से 23 बेड का अत्याधुनिक डायलिसिस सेंटर शुरू किया। इसका उद्घाटन ग्रामीण विधायक बिपिन सिंह ने किया, जिन्होंने सेंटर की आधुनिक मशीनों और गुणवत्ता की सराहना की।
कुशल चिकित्सकों और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों द्वारा संचालित यह सेंटर खास तौर पर संक्रमित मरीजों के लिए एक अलग तल भी प्रदान करता है, जो अक्सर इलाज से वंचित रहते हैं। निदेशक डॉ. शिवशंकर शाही ने बताया कि पूर्वांचल में डायलिसिस मरीजों की संख्या बढ़ रही है, और आर्थिक तंगी के कारण कई लोग अपनी जमीन-जायदाद बेचकर सड़क पर आ जाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपने को साकार करते हुए सेंटर हर वर्ग के लिए सुलभ है। आयुष्मान कार्ड, सीईपीएफ, डीडीयू कार्ड धारकों और गरीब किसानों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं, ताकि कोई इलाज से वंचित न रहे। डॉ. शाही ने कहा, “गोरखपुर का चिकित्सा क्षेत्र इस सेंटर के साथ नई ऊंचाइयों को छुएगा, जो गरीबों के लिए वरदान साबित होगा।”
“जिला क्षय रोग केंद्र और जिला कुष्ठ अधिकारी कार्यालय ने पूर्वी डीटीओ व डीएलओ को दी भावपूर्ण विदाई”
“जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने योगदान को सराहा”
“प्रशासनिक पद से सेवानिवृत्ति के मौके पर डॉ गणेश यादव ने टीबी मरीजों को दी पोषण पोटली”
“चिकित्सकों को समर्पित अंग्रेजी काव्य संग्रह का भी हुआ विमोचन”
गोरखपुर। चिकित्सा क्षेत्र में आने का उद्देश्य सिर्फ सेवा था। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन और कुष्ठ निवारण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी के तौर पर जो सेवा भाव का सुख मिला, वह शायद कहीं और न मिलता। इसलिए प्रशासनिक पद से सेवानिवृत्त होने के बावजूद आजीवन टीबी और कुष्ठ मरीजों की सेवा जारी रखूंगा। यह बातें मंगलवार को देर रात एक निजी होटल में खुद के सम्मान समारोह में पूर्व जिला क्षय रोग अधिकारी और जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ गणेश यादव ने कहीं। जिला क्षय रोग केंद्र और जिला कुष्ठ अधिकारी कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विदाई और सम्मान समारोह में पहुंचे जिला विकास अधिकारी राज मणि वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा और पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी मऊ डॉ नंद कुमार ने भी डॉ यादव के योगदान की सराहना की। इसी क्रम में डॉ गणेश यादव ने बुधवार को चरगांवा पीएचसी पहुंच कर टीबी मरीजों के बीच पोषण पोटली वितरित की। विदाई और सम्मान समारोह के दौरान डॉ गणेश यादव की छोटी बेटी डॉ अनुकृति राज द्वारा लिए गए चिकित्सकों को समर्पित अंग्रेजी काव्य संग्रह का विमोचन भी किया गया।
जिला विकास अधिकारी राज मणि वर्मा ने कहा कि एक प्रशासक के तौर पर डॉ गणेश यादव का योगदान उल्लेखनीय रहा है और उम्मीद है कि वह आगे भी अपनी सामाजिक भूमिका निभाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने कहा कि विभागीय प्रयास है कि चिकित्सकीय सेवा के दौरान टीबी और कुष्ठ में डॉ यादव की विशेषज्ञा का समाज हित में लाभ लिया जाए। मऊ जिले के पूर्व सीएमओ डॉ नंद कुमार ने कहा कि डॉ गणेश ने हमेशा टीम भावना से काम किया और सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया। कार्यक्रम को डॉ नंदलाल कुशवाहा, डॉ एनके द्विवेदी, डॉ एके सिंह और डॉ विराट स्वरूप श्रीवास्तव समेत टीबी और कुष्ठ विभाग के कई अन्य कर्मचारियों ने भी संबोधित किया। डॉ यादव के सम्मान में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र यादव और कवियित्री सरिता सिंह ने काव्य पाठ किया गया। इस मौके पर पूर्व जिला क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ मुस्तफा खान और कुष्ठ विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी रतनलाल श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य संचार विशेषज्ञ वेद प्रकाश पाठक ने किया। आभार ज्ञापन पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर एसीएमओ डॉ एके चौधरी, डॉ एएन त्रिगुण, डिप्टी सीएमओ डॉ अश्विनी चौरसिया, डॉ गणेश यादव की पत्नी ज्ञान्ती देवी, ससुर जगदीश सिंह, बेटी डॉ आकृति राज, बेटा डॉ आयुष राज, नेहा श्रीवास्तव, धर्मवीर प्रताप सिंह, मिर्जा आफताब बेग, क्षितेंद्र शुक्ला, अमित नारायण मिश्रा, इंद्रनील, डॉ भोला गुप्ता, पवन श्रीवास्तव, महेंद्र चौहान, डॉ आसिफ, जया त्रिपाठी और राजकीय कुष्ठ कर्मचारी संघ के पदाधिकारीगण प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
निक्षय मित्र बन पेश कर रहे हैं मिसाल
प्रशासनिक सेवा काल में डॉ गणेश यादव ने बड़ी बेटी डॉ आकृति राज के जन्मदिन पर पांच टीबी मरीजों को गोद लिया था। वह इन मरीजों को प्रत्येक माह पोषण पोटली देते हैं। पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी समुदाय में बेहतर संदेश देने के लिए एक निक्षय मित्र के तौर पर वह बुधवार को चरगांवा पीएचसी पहुंचे और सभी मरीजों को पोषण सामग्री दी। उन्होंने मरीजों से अपील की कि अगर उन्हें किसी भी तरह की परेशानी हो तुरंत बताएं। उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े केशव धर दूबे और मनीष तिवारी सहित ब्लॉक के कई अधिकारी और कर्मचारी इस मौके पर मौजूद रहे।
“चरगांवा की ब्लॉक प्रमुख वंदना सिंह, भाजपा नेता रणविजय सिंह मुन्ना और मुखिया रामगनेश ने किया उद्घाटन”
“ब्लॉक प्रमुख ने सीएचओ से बीपी और शुगर की जांच भी कराई”
“सीएमओ सहित कई जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी हुए शामिल”
गोरखपुर। नवनिर्मित जंगल तिकोनिया नंबर तीन (वनटांगिया) आयुष्मान आरोग्य मंदिर और मॉडल छाया एकीकृत (सीआई) ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवस सत्र का बुधवार को उद्घाटन किया गया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में चरगांवा की ब्लॉक प्रमुख वंदना सिंह, भाजपा नेता रणविजय सिहं मुन्ना और मुखिया रामगनेश ने आरोग्य मंदिर और सत्र का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एके चौधरी सहित स्वास्थ्य और आईसीडीएस विभाग से जुड़े कई जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी भी पहुंचे। ब्लॉक प्रमुख वंदना सिंह ने नवनिर्मित वनटांगिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) से मॉडल सत्र के दौरान खुद के ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) और शुगर (मधुमेह) की जांच भी कराई।
ब्लॉक प्रमुख वंदना सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री मंहत योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्षों से वंचित वनटांगिया समुदाय को निरंतर नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां के लोगों को छोटी मोटी बीमारियों के लिए दूर जाकर इलाज न कराना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किया है। इस पहल से स्वस्थ वनटांगिया समाज का संकल्प पूरा होगा। भाजपा नेता रणविजय सिंह मुन्ना ने कहा कि नये आयुष्मान आरोग्य मंदिर से वनटांगिया ग्राम और इसके आसपास के करीब दस हजार की आबादी लाभान्वित होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा की पहल पर हुए इस कार्य के लिए पूरा समाज विभाग की प्रशंसा कर रहा है। मुखिया रामगनेश ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने उन्हें यह केंद्र बनाने का आश्वासन दिया था। एक महीने के भीतर यह केंद्र बन कर तैयार हो गया। इससे लोगों को सामान्य इलाज और दवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने बताया कि वनटांगिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर को मॉडल सीआई वीएचएसएनडी सत्र बनाया गया है। जिले में बुधवार को कुल ऐसे सौ सब सेंटर स्तर के सत्रों का संचालन किया गया। इन सत्रों पर शत प्रतिशत प्रसव पूर्व जांच, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन सेवाएं, अति कुपोषित बच्चों का प्रबंधन, ई कवच कवरेज, आभा आईडी सृजन, टीबी मुक्त पंचायत, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और लाभार्थी केंद्रित परामर्श दिया जाएगा। जिले में इस तरह के कुल दो सौ सत्र स्थलों को विकसित किया जाना है। बुधवार को सिर्फ सब सेंटर स्तर के सौ आदर्श सत्र चलाए गए। शेष सौ सत्र भी इसी महीने संचालित किये जाएंगे। डॉ झा ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले वंचित समुदाय वनटांगिया के लिए नये आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी उद्घाटन किया गया है। यहां पर स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर के विशेषज्ञ भी सेवाएं देंगे।
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ धनंजय कुशवाहा, एम्स गोरखपुर के सहायक प्रोफेसर डॉ बसर, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, डीपीएम पंकज आनंद, डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय, सीडीपीओ महेंद्र चौधरी, एचईओ मनोज कुमार, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ विनय, यूनिसेफ के प्रतिनिधि डॉ हसन फहीम, सुरेश तिवारी और बृजेंद्र चौबे सहित कई अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
“सीएमओ ने भैंसहा सत्र स्थल का किया निरीक्षण”
सीएमओ डॉ राजेश झा ने पिपराईच ब्लॉक के भैंसहा गांव में लगे मॉडल सीआई वीएचएसएनडी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सीएचओ व एएनएम से उपलब्ध टीकों और दवाइयों के बारे में जानकारी प्राप्त की। साथ ही निर्देश दिया कि मॉडल सत्र स्थल पर शत प्रतिशत परिणाम देना है।
“पोस्टमार्टम सुविधा के उद्घाटन में हुए शामिल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एम्स गोरखपुर में शुरू हुए पोस्टमार्टम सुविधा के उद्घाटन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने मुख्य अतिथि और एडीजी पुलिस को नयी सुविधा के बारे में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ब्रीफ भी किया। साथ ही कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल विभा दत्ता से मुलाकात कर स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सुदृढ़ीकरण में आवश्यक समन्वय को लेकर चर्चा भी की।
“मच्छरजनित रोगों के प्रति किया जागरूक”
वनटांगिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर और मॉडल सीआई वीएचएसएनडी सत्र के उद्घाटन के मौके पर जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने उपस्थित लोगों को मलेरिया सहित मच्छरजनित सभी बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद जलजमाव न होने दें। पूरी बांह के कपड़े पहने और अगर किसी भी प्रकार का बुखार हो तो स्वास्थ्य केंद्र पर आकर जांच अवश्य कराएं। अपने मन से बुखार की दवा न खाएं।
प्रभारी ब्यूरो: संतोष कुमार त्रिपाठी खजनी, गोरखपुर।
खजनी तहसील क्षेत्र के हरनही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार और खजनी प्रभारी डॉ. प्रदीप त्रिपाठी ने किया। यह निरीक्षण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और आपात स्थिति में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया। निरीक्षण के दौरान प्लांट में बिजली सप्लाई की समस्या सामने आई, जिसे तत्काल ठीक करवाया गया। अब प्लांट पूरी तरह सुचारू रूप से कार्य कर रहा है, और ऑक्सीजन का फ्लो भी सामान्य स्तर पर है।निरीक्षण के समय CHC अधीक्षक डॉ. विवेक और चीफ फार्मासिस्ट अनिल सिंह मौजूद रहे। डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार ने प्लांट के संचालन को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को प्लांट के रखरखाव और नियमित निगरानी के लिए सतर्क रहने की हिदायत दी। प्लांट के इंजीनियर ने भी सभी उपकरणों की गहन जांच की और सब कुछ सामान्य पाया।
इस दौरान ऑक्सीजन प्लांट की कार्यक्षमता और तकनीकी पहलुओं का भी परीक्षण किया गया।यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऑक्सीजन प्लांट का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने से विशेष रूप से आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध हो सकेगा। स्थानीय समुदाय ने इस प्रयास की सराहना की है और इसे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
इस निरीक्षण ने न केवल तकनीकी समस्याओं का समाधान किया, बल्कि स्वास्थ्य केंद्र की तैयारियों को भी परखा, जिससे भविष्य में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।
“राजी जगदीशपुर के मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में भी पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी”
गोरखपुर। सीएमओ डॉ राजेश झा ने रविवार को बरही सीएचसी और राजी जगदीशपुर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। बरही सीएचसी में उन्होंने एक्स रे टेबल की व्यवस्था की पहल की, जिससे दो दिन के भीतर वहां पैर और पेट आदि का एक्स रे भी शुरू हो जाएगा। वहीं राजी जगदीशपुर में उन्होंने मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले को देखा और मरीजों से भी बातचीत की। सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ राजेश ने हरनही अस्पताल का निरीक्षण किया और वहां पर ऑक्सीजन प्लांट शुरू करवा दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बरही सीएचसी के निरीक्षण के दौरान भवन और सफाई व्यवस्था दुरुस्त मिली। उन्होंने प्रसव कक्ष, एक्सरे, ओपीडी और डेंटल की सुविधाओं का जायजा मिला। उन्हें बताया गया कि इस अस्पताल में चेस्ट आदि के एक्स रे पहले से हो रहे थे, लेकिन टेबल के अभाव में कुछ एक्स रे नहीं हो पा रहे थे। सीएमओ ने दो दिन के भीतर टेबल का इंतजाम कर एक्स रे शुरू करने को कहा। उन्होंने सीएचसी कैम्पस में बने पचास बेड के कोविड अस्पताल के भवन को भी देखा और अतिशीघ्र गैप्स दूर करके भवन का इस्तेमाल गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा में करने का निर्देश दिया। सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि बरही सीएचसी में सुविधाएं ठीक हैं, प्रबंधन को बेहतर बनाया जाएगा ताकि समुदाय को बेहतर सेवा मिल सके।
डॉ झा ने बताया कि बिजली संबंधी तकनीकी दिक्कत के कारण हरनही ऑक्सीजन प्लांट शनिवार को नहीं चल पाया था। उस कमी को डिप्टी सीएमओ डॉ राजेश ने दूर करवा कर अपने सामने प्लांट का संचालन करवाया है। राजी जगदीशपुर आरोग्य स्वास्थ्य मेले में सबकुछ ठीकठाक पाया गया। वहां डॉक्टर और अन्य सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। मरीजों को दवाएं दी जा रही थीं। उन्होंने उपस्थित चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने में कोई भी बाधा आए तो तुरंत सूचित करें और अपने स्तर से कदम उठाएं। अस्पताल के पास उपलब्ध फंड से मरीजों के हित से जुड़ी छोटी मोटी चीजों का निर्धारित नियमों के अनुसार त्वरित प्रबंध कर लिया जाए।
इस अवसर पर ब्रह्मपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ ईश्वर लाल, बरही सीएचसी के अधीक्षक डॉ एसके मिश्रा, आदिल फखर आदि प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
बड़हलगंज/ गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे): बडहलगंज रामधनी मेमोरियल हास्पिटल व सिनर्जी सुपर स्पेशिलिटी के तत्वावधान में कैंसर इंस्टीट्यूट हास्पिटल का शुभारंभ डायरेक्टर डा. संजय कुमार, कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. आलोक तिवारी (सर्जन) व डा. सौरव मिश्रा (ब्लड कैंसर एण्ड बोनमैरो ट्रांसप्लांट फिजिशियन) द्वारा संपन्न हुआ। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कैंसर रोग की जांच/इलाज एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
रविवार को कैंसर रोग विभाग का शुभारंभ करते हुए कैंसर विशेषज्ञ डा. आलोक तिवारी व डा. सौरभ मिश्र ने कहा कि कैंसर पूर्वांचल बनाने की मुहिम अनवरत जारी है। बड़हलगंज में इस मुहिम में साथ देने के लिए हास्पिटल के डायरेक्टर डा. संजय कुमार ने का विशेष सहयोग मिला है। चिकित्सको ने कहा कि कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से रोगियों को बेहतर इलाज प्रदान करना है। डा. विनय गुप्ता ने बताया कि हास्पिटल मे कैंसर रोगियों को उन्नत तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सको व उच्च गुणवत्ता के साथ इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इस दौरान महिला कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. अंजली जैन, डा. तारिक अनवर, डा. विशाल मिश्रा, डा. अर्पित तिवारी, रीजनल बिजनेश हेड अविनाश त्रिपाठी, मैनेजर प्रमोद दुबे, बिजनेस मैनेजर प्रियव्रत पांडेय सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
“समाज के लिए तम्बाकू बना कैंसर की वजह: ज्ञानेंद्र ओझा”
संवाददाता: सूर्य प्रकाश ओझा
गोरखपुर। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी गोरखपुर के निर्देशन में गोलघर के गणेश चौराहा से बलदेव प्लाजा तक राहगीरों,ठेला वालों,ऑटो रिक्शा वालों एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लोगों को तंबाकू का सेवन करने से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया गया और तम्बाकू सेवन न करने का सलाह दिया गया। इस कार्यक्रम में तम्बाकू निषेध के संबंध में हैंडबिल भी वितरित किया गया।
इस जागरूकता अभियान से अनेक लोग प्रभावित होकर धीरे-धीरे तंबाकू खाना बंद करने का आश्वासन भी दिए एवं जागरूकता अभियान को महत्वपूर्ण बताया।
तम्बाकू निषेध दिवस के जागरूकता अभियान एवं हैंडबिल वितरण कार्यक्रम में रेडक्रॉस के सभापति शिवेंद्र विक्रम सिंह,रक्तदान प्रभारी ज्ञानेंद्र ओझा,पुष्पराज दुबे,शिवेंद्र प्रताप, दिनेश सिंह,पंकज पांडेय,अनन्त कुमार,विनय पाठक आदि ने जागरूकता अभियान में अपना योगदान दिया।यह बातें पंकज पाण्डेय मिडिया प्रभारी इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी गोरखपुर ने बताई।
बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे): बड़हलगंज विकास खंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डेरवा में 40 क्षय रोग पीड़ितों को पोषण पोटली का वितरण रेडक्रास सोसाइटी के तत्वाधान में शनिवार को किया गया। पोटली पाकर मरीज काफी प्रसन्न दिखाई दिये। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. श्रवन तिवारी ने कहा कि टीवी के मरीज उचित देखभाल व नियमित दवा से ठीक हो रहे है। स्वास्थ्य केंद्र पर उनका समुचित इलाज किया जा रहा है।रेडक्रास सोसाइटी के सचिव अजय प्रताप सिंह ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डेरवा में चालीस टीबी मरिजो की जिम्मेदारी रेडक्रास ने लिया है। उनके ठीक होने तक पोषण पोटली व अन्य सुविधाएं समय समय पर उपलब्ध कराई जायेंगी। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियो के मदद की सराहना की। इस दौरान डा. मीना वर्मा, राजेश राजभर, बृजेश कुमार, रेडक्रास वॉलंटियर तुषार, तनिष्क, शास्वत, शालिनी सिंह, प्रभात सिंह, विकास यादव, रविकांत आदि मौजुद रहे।