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कथित आरोपियों के पैरों में गोली मारने की बढ़ती प्रथा पर हाईकोर्ट सख्त
प्रयागराज डेस्क निष्पक्ष टुडे ;-
प्रयागराज :उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आरोपियों के पैरों में गोली मारने और बाद में उसे मुठभेड़ बताने की बढ़ती घटनाओं को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। राजू उर्फ राजकुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में न्यायालय ने इस प्रवृत्ति को गंभीर और अस्वीकार्य बताया है।
28 जनवरी को पारित आदेश में न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और राज्य के अपर मुख्य सचिव (गृह) को 30 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
न्यायालय ने डीजीपी और गृह सचिव से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के पैरों में गोली मारने अथवा किसी भी प्रकार की फायरिंग को मुठभेड़ दर्शाने के संबंध में कोई मौखिक या लिखित निर्देश जारी किए गए हैं।
अदालत ने टिप्पणी की कि पुलिस मुठभेड़, विशेषकर आरोपियों के पैरों पर गोली चलाने की घटनाएं अब नियमित रूप से सामने आ रही हैं। पीठ ने कहा कि यह आचरण वरिष्ठ अधिकारियों को प्रसन्न करने या आरोपियों को तथाकथित सबक सिखाने के उद्देश्य से किया जाता प्रतीत होता है।
न्यायालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दंड देने का अधिकार केवल न्यायालयों को है, पुलिस को नहीं।भारत कानून के शासन पर आधारित लोकतांत्रिक देश है, जहां कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका की भूमिकाएं स्पष्ट हैं और पुलिस द्वारा न्यायिक क्षेत्र में अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
पीठ ने यह भी आशंका जताई कि कुछ पुलिस अधिकारी उच्चाधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने या जनता की सहानुभूति पाने के उद्देश्य से घटनाओं को मुठभेड़ का रूप दे रहे हैं।
न्यायालय ने कहा कि उसके समक्ष ऐसे मामले बार-बार आ रहे हैं, जहां चोरी जैसे मामूली अपराधों में भी अंधाधुंध गोलीबारी की जाती है।
यह टिप्पणियां अदालत ने तीन आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कीं, जो विभिन्न कथित पुलिस मुठभेड़ों में घायल हुए थे। अदालत ने यह भी नोट किया कि किसी भी पुलिसकर्मी को कोई चोट नहीं आई, जिससे आग्नेयास्त्रों के प्रयोग की आवश्यकता और आनुपातिकता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
एक जमानत याचिका में न्यायालय ने राज्य से यह भी पूछा था कि क्या मुठभेड़ के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई और क्या घायल का बयान मजिस्ट्रेट या चिकित्सा अधिकारी के समक्ष दर्ज किया गया। राज्य की ओर से बताया गया कि एफआईआर तो दर्ज की गई थी, लेकिन घायल का बयान न तो मजिस्ट्रेट और न ही किसी चिकित्सा अधिकारी के समक्ष दर्ज किया गया। यह भी बताया गया कि प्रारंभ में एक उपनिरीक्षक को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था, जिसे बाद में निरीक्षक से प्रतिस्थापित किया गया।
अदालत ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) मामले में जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया है, जिसकी पुष्टि आंध्र प्रदेश पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन बनाम एपीसीएलसी मामले में भी की गई है।
पीठ ने स्पष्ट किया कि न तो घायल का बयान सक्षम अधिकारी के समक्ष दर्ज किया गया और न ही मुठभेड़ की जांच पुलिस दल के प्रमुख से वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की गई, जो सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन है।
अतः न्यायालय ने डीजीपी और गृह सचिव को निर्देश दिया है कि वे यह स्पष्ट करें कि क्या पुलिस मुठभेड़ों में मृत्यु या गंभीर चोट के मामलों में एफआईआर दर्ज करने, घायल के बयान दर्ज करने तथा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। -

गर्लफ्रेंड का हाथ पकड़कर दूसरी मंजिल से कूदा युवक:
गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-
गोरखपुर में ब्रह्मभोज में आया था, छत पर छिपकर मिलने गया; भीड़ ने घेरा तो लगाई छलांग
छत से कूदे प्रेमी-प्रेमिका, एक की कमर तो दूसरी की टांग टूटी,
जिलाअस्पताल में दोनों का भर्ती के द्वारा चल रहा है इलाज
खजनी थाना क्षेत्र में एक गुप्त प्रेम प्रसंग दरमियानी रात उस वक्त सनसनीखेज हादसे में बदल गया, जब प्रेमी-प्रेमिका ने परिवार के डर से छत से छलांग लगा दी। इस दर्दनाक घटना में युवक की कमर में गंभीर चोट आई है, जबकि युवती की एक टांग टूट गई। दोनों को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, ख़जनी थाना क्षेत्र महुआडाबर चौकी क्षेत्र के खूनीपुर चौराहा निवासी एक युवती और संतकबीर नगर जनपद के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दुघरा गांव निवासी विशाल पुत्र शैलेश के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों चोरी-छिपे एक-दूसरे से मिलते थे। रविवार की रात भी विशाल अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा और छत के रास्ते अंदर दाखिल हो गया।
बताया जा रहा है कि देर रात परिवार के किसी सदस्य को आहट हुई, जिसके बाद परिजन छत की ओर पहुंचे। खुद को घिरता देख प्रेमी-प्रेमिका घबरा गए और बिना कुछ सोचे-समझे छत से नीचे कूद गए। ऊंचाई अधिक होने के कारण दोनों जमीन पर गिरते ही बुरी तरह घायल हो गए। युवक दर्द से कराहता रहा, जबकि युवती बेहोश हो गई।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक युवक की रीढ़ के निचले हिस्से में गंभीर चोट है, वहीं युवती की टांग में फ्रैक्चर हुआ है। फिलहाल दोनों खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, लेकिन इलाज लंबा चल सकता है।इस घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया। गांव में लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कोई इसे प्रेम में उठाया गया खतरनाक कदम बता रहा है तो कोई सामाजिक दबाव और पारिवारिक सख्ती को इस हादसे का जिम्मेदार ठहरा रहा है। युवाओं के बीच यह घटना चेतावनी के रूप में देखी जा रही है कि एक पल की घबराहट जिंदगी भर का दर्द दे सकती है।
खजनी थाना एसएचओ जयन्त सिंह व चौकी इंचार्ज अभिषेक सिंह के अनुसार, इस मामले में अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। न ही अस्पताल से कोई मेडिको-लीगल सूचना आई है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने या अस्पताल से सूचना आने पर मामले की जांच की जाएगी। -

दुखद खबर :अजीत पवार की प्लेन क्रैश में निधन
दुखद खबर
NCP नेता अजित पवार का प्लेन क्रैश, महाराष्ट्र के बारामती में हुआ हादसा
महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार के विमान की क्रैश लैंडिंग के बाद का पहला पिक्चर
अजीत पवार के बारे में जानकारी हुई कि उनका निधन हो गया है।

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समाजसेवी पाल दंपति ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर
गोरखपुर। खजनी क्षेत्र के अंतर्गत खानीपुर गांव में गणतंत्र दिवस के अवसर पर बच्चों ने झंडा रोहण किया।
इस अवसर पर क्षेत्र के समाजसेवी संजय पाल अपनी धर्मपत्नी के साथ बच्चों को केक, मिठाई, पेंसिल, कॉपी इत्यादि उपहार देकर जहां एक तरफ उन्हें पुरस्कृत किया, वहीं दूसरी तरफ उन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति, समाज सेवा और परिश्रम के साथ अध्ययन करने को तरफ प्रोत्साहित किया।
पाल दंपति ने बच्चों के उज्जवल भविष्य की भी कामना की। इस कार्य में उनकी धर्मपत्नी ने उनके साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इसके साथ ही संजय पाल दंपति ने शिक्षकों को भी शाल उढ़ाकर सम्मानित कर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। -

आज का राशिफल 28.01.2026
ज्योतिष डेस्क निष्पक्ष टुडे :-
🐏मेष राशिफल
बहुत से अच्छे मौके आपका इन्तजार कर रहे हैं लेकिन आपको उनके लिए पूरे तौर पर समर्पित कोशिशें करनी होंगी,जोकि इस समय आपके लिए कुछ मुश्किल लग रहा है ǀ किसी ख़ास निजी समारोह के लिए इन मौकों को रोके रखना आपके लिए सही है ǀ आप साधारणतया बहुत अच्छे हैं और इसीलिए आपके दोस्त आपसे लगाव रखते हैं ǀ
🐂वृषभ राशिफल
आज दिनभर आपका मूड बदलता रहेगा लेकिन आपका भाग्य आपके साथ है ,इसका एक नुक्सान यह है कि आप भाग्य के भरोसे पर अधिक रह सकते हैं ǀ इस बात का ध्यान रखें कि इसके कारण परियोजनाओं की तैयारी में कोई कमी ना रहे ǀ वित्तीय फायदे तो होंगे किन्तु अनावश्यक खर्च ना करें ǀ वित्तीय लाभ का यह सिलसिला अधिक समय तक नही चलेगा ǀ
👫मिथुन राशिफल
आप अपने आस पास बदलाव लाने के लिए उत्साह से भरे हैं ǀलेकिन आपके लिए शांति से बैठकर यह सोचना अच्छा रहेगा कि क्या बदलाव की कोई जरुरत भी है ? अब जबकि आप अपनी परियोजनाओं को आगे बढाने की तैयारी कर रहे हैं,बेहतर होगा कि आप ये परियोजनाएं अपने लिए किसी और को चुनने दें ǀआप आज दृढ निश्चय से भरे रहेंगे ।
🦀कर्क राशिफल
आपने अपने लिए बहुत ऊँचे मानक तय किये हैं और आप इन्हें हासिल करने के लिए बहुत प्रयास कर रहे हैं ǀ फिर भी लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल होगा और इससे आपको थोड़ी निराशा होगी ǀ आपको लक्ष्य तय करने से पहले अपनी क्षमताएं ध्यान में रखनी होंगी ǀ समय कोई बड़ा फैसला लेने के लिए उपयुक्त नही है ǀ
🐅सिंह राशिफल
अनुभव सबसे बड़ा अध्यापक है और अभी आपको इसी से सीखना है ǀभूतकाल से ली हुई सीख की उपेक्षा ना करें ताकि भविष्य की परेशानियों से बच सकें ǀजरुरतमंदों ,चाहे बच्चे हों या बूढ़े,उनकी मदद करें ǀऐसे करने से ही आप सही रास्ते पर चल पायेंगे चाहे आपको अभी इस पर चलने में कोई भी परेशानी आ रही हो ǀ
🙍♀️कन्या राशिफल
अगर आप अपना समय और ऊर्जा गरीब और कम सुविधा प्राप्त बच्चों को शिक्षा देने में लगायेंगे तो आपको बहुत ख़ुशी मिलेगी ǀअपना कुछ सामन किसी जरूरतमंद को दे दें ǀआपकी वित्तीय स्थिति अच्छी है ,आप पैसे से भी किसी की मदद कर सकते हैं ǀ आप नए लोगों से जल्दी ही परिचय भी कर लेते हैं और सबकी जरूरतों का ध्यान रखने के कारण आपकी लोकप्रियता भी है ǀ
⚖️तुला राशिफल
आज ग्रहों की दशा आपको शांत तरीके से अपने बारे में सोचने का मौका देगी ǀआपने पिछले समय में कई मौकों पर काफी कठोर ढंग से अपनी प्रतिक्रिया दी है लेकिन अब आप मानसिक रूप से काफी शांत स्थिति में हैं ǀसुलह करने और सम्बन्ध सुधरने के लिए बहुत अच्छा समय हैǀख़ुशी पाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि खुद को भी और दूसरों को भी एक दूसरा मौका जरुर दें ǀ
🦂वृश्चिक राशिफल
सामान्यत आप काफी स्पष्ट सोच रखते हैं ,लेकिन आज आप अपनी निजी समस्याओं और अपनी असुरक्षाओं से घिरे होने के कारण स्पष्ट नही सोच पायेंगे ǀइसलिए आज का दिन किसी नए काम को हाथ में लेने या नयी साझेदारी के लिए उपयुक्त नही है ǀआपके आज के फैसले गलत हो सकते हैं ǀइसीलिए भविष्य के कार्यक्रमों की योजना आज बनाना सही नही है ǀ आज आराम करें ǀ
🏹धनु राशिफल
आज आप बिना किसी कारण के जिद्दी बने हुए हैं और सबके कहने तथा अपने खुद के मन की भी नही सुनना चाहते ǀ आपको यह समझना है की इस रवैये से आपको कुछ हासिल नही होगा ǀ आपको अपनी वर्तमान समस्याओं से पार पाने के लिए अपने दिल और दिमाग को खुला रखना होगा ǀ
🐊मकर राशिफल
आपकी एकाग्रता और विचारशक्ति इस समय अपने चरम पर है और इसीलिए आप अपने आसपास के लोगों की स्थिति के बारे में और भी संवेदनशील हैं ǀ इससे आपको पिछले कुछ मतभेद सुलझाने में मदद मिलेगी ǀ आप किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आ सकते हैं जिससे आप काफी पहले अलग हो गए थे ǀ यह समय आपसी मतभेद भुलाकर आगे बढने का है,व्हाहे इसके लिए आपको कुछ झुकना ही क्यों न पड़े ǀ
🧉कुंभ राशिफल
आज अपने सिद्धांतों की व्याख्या और पुनर्मुल्यांकन का दिन है ǀआप पिछले फैसलों के लिए खुद से और अपने साथी से भी सवाल कर सकते हैं ǀफिर भी आप उसके प्रति बहुत अच्छे बने रहेंगे और उससे भी बदले में यही उम्मीद रखेंगे ǀ जब पुराने विचारों से कोई काम बनता दिखाई न दे रहा हो तो नए विचारों को अपना लेने में कोई बुराई नही है ǀ
🐟मीन राशिफल
कोई लगातार पूरी वफादारी,सहायता और समर्थन से आपके साथ बना हुआ है ,आज आपके पास इसका बदला उतारने और उसका साथ देने का एक मौका आएगा ǀ आपको उसका साथ देने में एक मुश्किल स्थिति से भी गुजरना पद सकता है,पर अंतत इससे आपका रिश्ता मजबूत ही होगा ǀआपको दया और कृतज्ञता दिखाते हुए बहादुर बने रहना होगा ।
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गोला में यूजीसी के नए कानून का विरोध: स्वर्ण समाज ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन गोलाबाजार। गोला तहसील प्रांगण मे मंगलवार को स्वर्ण समाज के लोगों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून के विरोध में धरना – प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस कानून को वापस लेने की मांग की। उन्होंने इसे समाज में असंतुलन पैदा करने वाला” काला कानून” बताया। धारना – प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यूजीसी का नया कानून उच्च शिक्षण संस्थानों में सामाजिक समर्थता को प्रभावित कर सकता है। उनका कहना था कि यह कानून बिना सभी वर्गों से समुचित विमर्श किये लागू किया जा रहा है, जिससे भविष्य में छात्रों के बीच भेदभाव की स्थित उत्पन्न हो सकती है। वक्ताओं ने उच्च शिक्षा के वातावरण को समानता, न्याय और निष्पक्षता पर आधारित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा केंद्रों को शोध एवं शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार आवश्यक है। धरना समाप्त होने के बाद, स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी अमित कुमार जायसवाल को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में यूजीसी के नए कानून को तत्काल निरस्त करने, उच्च शिक्षा में सामाजिक संतुलन बनाए रखने और सभी वर्गों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को एक व्यापक रूप दिया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में शिवंम शुक्ला, ध्रुव नारायण राय, मनोज कुमार तिवारी, आलोक शुक्ला, कार्तिक मिश्र, बिनीत कुमार राय, शैलेन्द्र पाण्डेय, सौरभ तिवारी, सुरेश चंद, सतीश कुमार शर्मा, कृष्णा पाठक, मुनील सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
ब्यूरो प्रभारी-वेद प्रकाश यादव
गोलाबाजार। गोला तहसील प्रांगण मे मंगलवार को स्वर्ण समाज के लोगों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून के विरोध में धरना – प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस कानून को वापस लेने की मांग की। उन्होंने इसे समाज में असंतुलन पैदा करने वाला” काला कानून” बताया।
धारना – प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यूजीसी का नया कानून उच्च शिक्षण संस्थानों में सामाजिक समर्थता को प्रभावित कर सकता है। उनका कहना था कि यह कानून बिना सभी वर्गों से समुचित विमर्श किये लागू किया जा रहा है, जिससे भविष्य में छात्रों के बीच भेदभाव की स्थित उत्पन्न हो सकती है। वक्ताओं ने उच्च शिक्षा के वातावरण को समानता, न्याय और निष्पक्षता पर आधारित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा केंद्रों को शोध एवं शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार आवश्यक है। धरना समाप्त होने के बाद, स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी अमित कुमार जायसवाल को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में यूजीसी के नए कानून को तत्काल निरस्त करने, उच्च शिक्षा में सामाजिक संतुलन बनाए रखने और सभी वर्गों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को एक व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में शिवंम शुक्ला, ध्रुव नारायण राय, मनोज कुमार तिवारी, आलोक शुक्ला, कार्तिक मिश्र, बिनीत कुमार राय, शैलेन्द्र पाण्डेय, सौरभ तिवारी, सुरेश चंद, सतीश कुमार शर्मा, कृष्णा पाठक, मुनील सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।






इस अवसर पर क्षेत्र के समाजसेवी संजय पाल अपनी धर्मपत्नी के साथ बच्चों को केक, मिठाई, पेंसिल, कॉपी इत्यादि उपहार देकर जहां एक तरफ उन्हें पुरस्कृत किया, वहीं दूसरी तरफ उन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति, समाज सेवा और परिश्रम के साथ अध्ययन करने को तरफ प्रोत्साहित किया।
इसके साथ ही संजय पाल दंपति ने शिक्षकों को भी शाल उढ़ाकर सम्मानित कर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।


