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  • गोरखपुर से पानीपत एक्सप्रेस-वे जिले में तीसरा एक्सप्रेस-वे होगा।

    गोरखपुर से पानीपत एक्सप्रेस-वे जिले में तीसरा एक्सप्रेस-वे होगा।

    गोरखपुर से पानीपत एक्सप्रेस-वे जिले में तीसरा एक्सप्रेस-वे होगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य करीब पूरा हो गया है। दूसरे गोरखपुर से सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे पर एनएचएआई का काम चल रहा है। इसके बाद अब तीसरे एक्सप्रेस-वे गोरखपुर से पानीपत एक्सप्रेस-वे के निर्माण की संभावना तलाशने में एनएचएआई जुट गया है।

  • नोएडा लेडी डॉन काजल खत्री गिरफ्तार

    नोएडा लेडी डॉन काजल खत्री गिरफ्तार

    नोएडा लेडी डॉन काजल खत्री गिरफ्तार
    नोएडा में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक मर्डर केस में वांटेड चल रही लेडी डॉन काजल खत्री को गिरफ्तार किया. 19 जनवरी 2024 को एयरलाइंस में काम करने वाले सूरजमान की 2 शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर कपिल मान की गर्ल फ्रेंड है काजल खत्री.

  • गोरखपुर के ‘मरीन ड्राइव’ पर मिलेगा उत्तर भारत के पहले फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का लुत्फ

    गोरखपुर के ‘मरीन ड्राइव’ पर मिलेगा उत्तर भारत के पहले फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का लुत्फ

    गोरखपुर के ‘मरीन ड्राइव’ पर मिलेगा उत्तर भारत के पहले फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का लुत्फ
    रामगढ़ताल में बना है फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, सीएम योगी गुरुवार को करेंगे उद्घाटन
    अब गोरखपुर में और बढ़ेगा पर्यटकों का आगमन, रामगढ़ताल में पहले से है क्रूज की सुविधा
    फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के उद्घाटन मंच से ग्रीनवुड अपार्टमेंट आवासीय योजना के आवंटियों को प्रमाण पत्र सौंपेंगे मुख्यमंत्री
    गोरखपुर, 18 सितंबर। बीते सात सालों में योगी सरकार ने रामगढ़ताल क्षेत्र का ऐसा कायाकल्प किया है कि इस क्षेत्र की ख्याति गोरखपुर के ‘मरीन ड्राइव’ की हो गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के सबसे डिमांडेड टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित हुए रामगढ़ताल में क्रूज की सुविधा तो पहले से ही है, अब यहां फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का लुत्फ भी उठाया जा सकेगा। नैसर्गिक सौंदर्य वाले रामगढ़ताल में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त उत्तर भारत का फ्लोटिंग रेस्टोरेंट बनकर तैयार है। इसका उद्घाटन गुरुवार (19 सितंबर) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
    रामगढ़ताल क्षेत्र पर्यटन और खानपान के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है। इस क्षेत्र में हॉस्पिटैलिटी के तमाम ब्रांडेड प्रतिष्ठानों की दस्तक तो हो ही चुकी है। अब यहां पर्यटकों को रामगढ़ताल में ‘फ्लोट’ नाम से फ्लोटिंग रेस्टोरेंट यानी पानी पर तैरते रेस्तरां की सुविधा भी मिलेगी। लेक क्वीन क्रूज के बाद फ्लोटिंग रेस्टोरेंट सैलानियों के लिए बड़ी सौगात होगा।

    गोरखपुर
    गोरखपुर

    दशकों तक उपेक्षित और गंदगी के पर्याय बने रहे रामगढ़ताल पर योगी सरकार ने ऐसी संजीदगी दिखाई कि आज इसकी गिनती पूर्वी उत्तर प्रदेश के खूबसूरत व दर्शनीय पर्यटन स्थल के रूप में अग्रपंक्ति में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में निखरे और संवरे रामगढ़ताल के साथ पर्यटन व रोजगार का कदमताल विकास की नई तस्वीर पेश करता है। आज यह ताल सैलानियों का मनभावन है तो बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम भी। सात साल पहले तक उपेक्षा के शिकार रहे रामगढ़ताल की गिनती पूर्वी उत्तर प्रदेश के पसंदीदा पर्यटक स्थल के रूप में हो रही है। जिस 1700 एकड़ विस्तृत प्राकृतिक ताल में शहर भर की गंदगी गिरती थी, वह सीएम योगी के विजन और उसके अनुरूप हुए विकास कार्यों से ऐसी निखर उठी है कि दूर दूर से लोग उसकी खूबसूरती का दीदार करने आ रहे हैं।
    रामगढ़ताल में पर्यटक 15 दिसंबर 2023 को सीएम योगी के हाथों लोकार्पित ‘लेक क्वीन’ क्रूज की सवारी का आनंद उठा रहे हैं और अब इस ताल में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट पर लजीज व्यंजनों का लुत्फ भी उपलब्ध है। फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का निर्माण 17 अगस्त 2022 से शुरू हुआ था और अब यह बनकर तैयार हो चुका है। इंटीरियर को काफी आकर्षक बनाया गया है। कुल 9600 वर्गफुट क्षेत्रफल और तीन मंजिला इस फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में एकसाथ 100 से 150 आगंतुक बैठ सकते हैं। ‘फ्लोट’ का संचालन करने वाली कंपनी के प्रबंध निदेशक आलोक अग्रवाल बताते हैं कि ग्राउंड फ्लोर से पहले और दूसरे फ्लोर तक लिफ्ट की भी सुविधा है। ग्राउंड फ्लोर पर बने फूड कोर्ट में शुद्ध शाकाहारी लजीज व्यंजनों की लंबी श्रृंखला है। जबकि पहले फ्लोर पर संगीतमय अंदाज में पार्टी की जा सकेगी। दूसरा फ्लोर ओपन रूफटॉप का है जहां खुले में बैठकर ताल का दीदार करने के साथ व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकता है। पूरे फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की डिजाइन ऐसी है कि इसमें बैठने वालों को रामगढ़ताल की खूबसूरती पूरी तरह दिखेगी। इसके निर्माण पर दस करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है और इसे इंडियन रजिस्ट्रार ऑफ शिपिंग के मानकों के अनुरूप बनाया गया है।
    गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को ये फ्लोटिंग रेस्टोरेंट से प्रतिमाह साढ़े चार लाख रुपये का राजस्व मिलेगा। जीडीए ने संचालक कंपनी से फिलहाल15 साल के लिए करार किया है। कार्य संतोषजनक रहने पर इसे 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। जीडीए की तरफ से इसका उद्घाटन गुरुवार को दोपहर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया जाएगा।
    जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन के अनुसार फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के उद्घाटन का औपचारिक कार्यक्रम रामगढ़ताल की जेटी पर होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों जीडीए की महत्वपूर्ण आवासीय योजना ‘ग्रीनवुड अपार्टमेंट’ के आवंटियों को आवंटन प्रमाण पत्र भी सौंपा जाएगा। ग्रीनवुड अपार्टमेंट रामगढ़ताल के समीप 5.20 एकड़ में बनाया जा रहा है। 374.49 करोड़ रुपये की लागत वाले इस आवासीय प्रोजेक्ट में थ्री बीएचके एचआईजी के 300 तथा फोर बीएचके एचआईजी के 179 फ्लैट्स बनेंगे। इसका अपार्टमेंट का निर्माण जुलाई 2027 तक पूर्ण कराने का लक्ष्य है।

  • गोरखनाथ पुलिस ने 24 घंटे के अंदर लूट की घटना को अंजाम देने वाली दो महिलाओं को धरदबोचा

    गोरखनाथ पुलिस ने 24 घंटे के अंदर लूट की घटना को अंजाम देने वाली दो महिलाओं को धरदबोचा

    गोरखनाथ पुलिस ने 24 घंटे के अंदर लूट की घटना को अंजाम देने वाली दो महिलाओं को धरदबोचा
    थाना प्रभारी गोरखनाथ शशिभूषण राय ने महिलाओं को पकड़ने के लिए तेजतर्रार सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार मिश्रा को दी थी जिम्मेदारी
    पकड़ी गई महिलाओं के पास से लूटी गई सोने की चेन बरामद   ज़फर खान/ देश न्यूज़
    गोरखपुर/ इस न्यूज़ का ध्यान से पढ़िए और अपने घर की महिलाओं और बच्चियों को भी सावधान कर दिजीए अब महिलाएं भी लूट की घटना को अंजाम देकर फरार हो जा रही है। गोरखनाथ पुलिस ने दो शातिर महिलाओं को गिरफ्तार किया है जो महिलाओं के साथ लूट की घटना को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाती थी 16 सितंबर को एक बुजुर्ग महिला अपने घर मानीराम जाने के लिए धर्मशाला बाजार से ऑटो में बैठी और जैसे ही ऑटो गोरखनाथ ओवरब्रिज से नीचे से उतरा और गुरु गोरक्षनाथ कॉम्पेल्स के पास पहुँचा वहां पर पहले से मौजूद दो महिलाओं ने ऑटो रोक कर उसमें सवार हो गयी एक महिला ने बुजुर्ग का अपनी बातों में उलझा कर उनका पैर दबाने लगी वाले दुसरी महिला ने गले से सोने की चेन लूट कर फरार हो गयी बुजुर्ग महिला ने घटना की जानकारी अपने बेटे की दी महिला के बेटे ने तत्काल इसकी सूचना गोरखनाथ थाने पर दी थाना प्रभारी शशिभूषण राय ने एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर एसपी सिटी अनुभव त्यागी को सूचना दिया उच्चाधिकारियों के निर्देश और सीओ गोरखनाथ योगेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी शशिभूषण राय ने मुकदमा दर्ज कर लूट की घटना को अंजाम देने वाले महिलाओं की तलाश के लिए तेज़तर्रार टीम का गठन किया और जिसकी जिम्मेदारी चौकी प्रभारी नथमलपुर शैलेन्द्र कुमार मिश्रा को दी गयी चौकी प्रभारी नथमलपुर शैलेंद्र मिश्रा ने आदेश मिलते ही महिलाओं की तलाश में जुट गए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया सर्विलांस और सैकड़ो सीसीटीवी फुटेज देखा और महज 24 घंटे के अंदर लूट की घटना को अंजाम देने वाली महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया पकड़ी गई महिलाओं में पहली महिला रवीना कुमारी पत्नी गुल्लू निवासिनी ग्राम बनजहरा थाना बड़हलगंज जनपद गोरखपुर और दूसरी महिला रन्जू पत्नी पिंकू कुमार निवासी इमली महुआ थाना पवही जिला आजमगढ़ व वर्तमान पता ग्राम बनजहरा थाना बड़हलगंज जनपद गोरखपुर की है गोरखनाथ पुलिस ने इनके पास से महिला से लूटी गई सोने की चेन को भी बरामद कर लिया है पकड़ी गई महिलाएं सोने की लूटी हुई चेन को बेचने की फिराक में थी लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने दोनों महिलाओं को धरदबोचा गोरखनाथ पुलिस अभी जांच कर रही है कि और कहाँ कहाँ इनके द्वारा लूट की घटनाएँ की गई है इस बड़ी कामयाबी में थाना प्रभारी गोरखनाथ शशिभूषण राय सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र कुमार मिश्रा प्रभारी महिला उपनिरीक्षक हैप्पी सिंह, महिला कांस्टेबल रेनू देवी और कॉन्स्टेबल बृजेश कुमार यादव ने भी अहम भूमिका निभाई।

  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दौसा एरिया में अचानक जमीन धंस गई

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दौसा एरिया में अचानक जमीन धंस गई

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दौसा एरिया में अचानक जमीन धंस गई और गहरा गड्ढा हो गया. जांच पड़ताल में सामने आया कि चूहे या किसी अन्य जीव के बिल के कारण हादसा हुआ.
    अब सड़क परिवहन मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लेते हुए ठेकेदार पर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया.
    हाल ही में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के राजस्थान के दौसा जिले में एक हिस्सा धंस गया, जिससे सड़क पर बड़ा गड्ढा बन गया। इस घटना ने देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो 1,386 किलोमीटर लंबा है। इस धंसाव का कारण पानी का रिसाव बताया गया है, जिसे लगातार हो रही बारिश ने और भी गंभीर बना दिया।
    घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें सड़क के गंभीर क्षतिग्रस्त हिस्से को देखा गया। हालांकि, यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा के समय को घटाकर 12-13 घंटे करने के लिए बनाया गया है, इस प्रकार की घटनाओं ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रभावित हिस्से के ठेकेदार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मरम्मत का काम शुरू किया और दुर्घटना से बचने के लिए उस क्षेत्र को बंद कर दिया गया
    सड़क परिवहन मंत्रालय ने ठेकेदार पर इस लापरवाही के लिए ₹50 लाख का जुर्माना लगाया इस घटना ने सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं तेज गति वाले एक्सप्रेसवे पर खतरनाक साबित हो सकती हैं।

  • लखनऊ ‘वन नेशन वन इलेक्शन’

    लखनऊ ‘वन नेशन वन इलेक्शन’

    लखनऊ
    ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर अखिलेश यादव का तंज
    ‘लगे हाथ महाराष्ट्र,झारखंड-यूपी उपचुनाव घोषित कर देते’
    स्पष्ट करें प्रधान से PM तक के चुनाव साथ होंगे
    या हार-जीत की व्यवस्था बनाने के लिए सुविधानुसार?
    कहीं चुनाव का निजीकरण तो नहीं होगा
    ‘चयनित सरकार गिराई जाएगी तो क्या देश के चुनाव फिर होंगे?’ इसे लागू करने के लिए सांविधानिक संशोधन करने होंगे
    या महिला आरक्षण की तरह उछाला गया जुमला है?
    पहले बीजेपी अपने संगठन का चुनाव कराए
    अपने चुनाव के बाद देश के चुनाव की बात करें

  • गोसेवा भारतीय संस्कृति की अक्षुण्ण पहचान

    गोसेवा भारतीय संस्कृति की अक्षुण्ण पहचान

    गोसेवा भारतीय संस्कृति की अक्षुण्ण पहचान : स्वामी विद्या चैतन्य युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 55वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 10वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में सम्मेलन का पांचवां दिन
    ‘भारतीय संस्कृति एवं गोसेवा’ विषयक सम्मेलन में बोले नैमिषारण्य से आए संत
    गोमाता के दर्शन, स्पर्श और गोदुग्ध पान से मिट जाते हैं पाप, ताप, संताप : स्वामी विद्या चैतन्य
    गोरखपुर, 19 सितंबर। नैमिषारण्य से पधारे स्वामी विद्या चैतन्य ने कहा कि गोसेवा भारतीय संस्कृति की अक्षुण्ण पहचान है। हम सनातनी भारतीय भारत और गाय, दोनों को समान भाव से देते हुए माता के सम्मान से विभूषित करते हैं इसलिए भारतीय संस्कृति और गोसेवा एक दूसरे के बिना अधूरे प्रतीत होंगे।
    स्वामी विद्या चैतन्य गुरुवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 55वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 10वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में समसामयिक विषयों के सम्मेलनों की श्रृंखला के पांचवें दिन ‘भारतीय संस्कृति एवं गोसेवा’ विषयक सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति ने गोमाता की सेवा को देव सेवा के तुल्य माना है। हमारी सनातनी मान्यता है कि गोमाता के अंगों में 33 कोटि देवता विद्यमान हैं। गोमाता का दर्शन, उनका स्पर्श और गोदुग्ध का पान करने से सारे पाप, ताप और संताप समाप्त हो जाते हैं। महर्षि देवरहा बाबा ने कहा था कि गोबर के लेपन से घर में भी 33 कोटि देवों का वास होता है। गो की इसी महत्ता के चलते भारतीय लोगों ने गोसेवा को अनादिकाल से अपनी संस्कृति में सम्मिलित कर लिया। उन्होंने कहा कि आज हम यदि गोसेवा और गो संरक्षण से विमुख होंगे तो सीधे तौर पर भारतीय संस्कृति से विमुख होंगे। भारतीय संस्कृति में तो गो को आर्थिक समृद्धि का भी प्रमुख आधार माना गया है। वैदिक काल में किसी व्यक्ति की समृद्धि का मानक उसके पास गायों की संख्या होती थी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को उसका उत्कर्ष काल वापस दिलाने के लिए गोसेवा और गो संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी।भारतीय संस्कृति और गोसेवा की ध्वजवाहक है गोरक्षपीठ
    स्वामी विद्या चैतन्य ने कहा कि गोरक्षपीठ भारतीय संस्कृति और गोसेवा की ध्वजवाहक है। इस पीठ ने सदैव भारतीय संस्कृति और गोमाता के संरक्षण का बीड़ा उठाया है। किसी को भी भारतीय संस्कृति और गोसेवा का संगम कहीं देखना हो तो उसे गोरक्षपीठ आना चाहिए। यह पीठ भारतीय संस्कृति और गोसेवा के लिए सभी का मार्गदर्शन करती है। गोहत्या बंद करने के लिए संत समाज हमेशा अग्रणी रहा है और इसमें भी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका गोरक्षपीठ के संतों ने निभाई है।
    योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जागृत हुआ उत्तर प्रदेश का गौरव स्वामी विद्या चैतन्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति के रक्षक और गोसेवा के प्रतिमान योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश का गौरव जागृत हुआ है। हर सनातनी को इसका गर्व है कि उत्तर प्रदेश का नेतृत्व एक संस्कृति संवाहक के हाथों में है। गोरक्षपीठ के गुरुजनों ने भारतीय संस्कृति और गोसेवा को जिस तरीके से आगे बढ़ाया उसी तरीके से योगी आदित्यनाथ इसे नई ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश गोहत्या बंद करने की राह पर आगे बढ़ चला है। स्वामी विद्या चैतन्य ने कहा कि योगी जी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति की संरक्षण के लिए ही ऋषियों-मुनियों की भूमि नैमिषारण्य का विकास भी अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन की तर्ज पर हो रहा है।
    सम्मेलन में नीमच (मध्य प्रदेश) से आए महंत लालनाथ ने कहा कि हमारे देश में पहले गोसेवा घर-घर की थी। सभी लोग गायों को रखते थे, और पर्याप्त मात्रा में दूध, घी, दही आदि का सेवन कर स्वस्थ व सुखी रहते थे। गाय हमारी दैनिक संस्कृति में सम्मिलित थी। पर, आज हम पाश्चात्य सभ्यता के अनुकरण में गोसेवा से दूर हो गए हैं। इसके चलते अनेक व्याधियों से ग्रसित भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय सौभाग्य से गोप्रेमी सरकार है, जिसके प्रयासों से आज गोमाता का सम्मान बढ़ा है। महंत लालनाथ ने गो संरक्षण के लिए गोरक्षपीठ के योगदान की भी चर्चा की और कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी आजीवन गोरक्षा के प्रति समर्पित रहे। गोरक्षपीठ गायों के सम्मान व सेवा का कार्य करती है।
    विदेशी नहीं देशी गाय पालें, इनके दूध में होता है स्वर्णभस्म
    सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के पूर्व आचार्य प्रो. कमलचंद्र योगी ने कहा कि आज गोमाता पर व्याख्यान देने की आवश्यकता इसलिए हो रही है कि हम अपने देशी गायों को छोड़‌कर जर्सी गायों के पीछे लग गये। देसी गायों के महत्व को भुलाकर उनका अपमान करना दुर्भाग्य की बात की है। देसी गायों के दूध में स्वर्ण भस्म पाया जाता है, जो हमारे शरीर के दोषों का नाशक होता है। गोमाता के गोमय और गोमूत्र में भी विभिन्न रोगों की औषधियां विद्यमान है। गोमाता के घृत से शरीर में कोलेस्ट्राल नहीं बढ़ता। गाय की इसी महत्ता के कारण हमारी संस्कृति में इसे पशु नहीं माता का दर्जा दिया गया।
    सम्मेलन की अध्यक्षता गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, आभार ज्ञापन महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार, संचालन डॉ. श्रीभगवान सिंह, वैदिक मंगलाचरण डॉ रंगनाथ त्रिपाठी, गोरक्षाष्टक पाठ आदित्य पाण्डेय व गौरव तिवारी ने किया। पूर्व पशुधन प्रसार अधिकारी वरुण कुमार वर्मा वैरागी ने स्वरचित गोमाता की वंदना की प्रस्तुति की। इस अवसर पर रावत मंदिर अयोध्या धाम से आए महंत राममिलन दास, देवीपाटन शक्तिपीठ तुलसीपुर के महंत मिथिलेशनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

  • गोरखपुर शहर में तांडव मचाने वाले पशु तस्करों के खिलाफ एक्शन

    गोरखपुर शहर में तांडव मचाने वाले पशु तस्करों के खिलाफ एक्शन

    गोरखपुर
    शहर में तांडव मचाने वाले पशु तस्करों के खिलाफ एक्शन
    गौ तस्करों के बाद उनके मुखबिरों की तैयार हो रही लिस्ट
    गोवंश की सटीक सूचना देने वाले मुखबिरों की तैयार हो रही लिस्ट
    एसएसपी ने 84 पशु तस्करों की सूची तैयार कराई है
    160 पशु तस्करों के 36 गिरोह पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की है
    गोरखपुर के 30 पशु तस्करों की हिस्ट्रीशीट खोली है

    गोरखपुर में हाल ही में पुलिस ने पशु तस्करों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। इस अभियान के तहत एसएसपी ने 84 प्रमुख पशु तस्करों की सूची तैयार की है। पुलिस ने जानकारी जुटाई है कि इन तस्करों के अलावा उनके मुखबिर भी सक्रिय हैं, जो गोवंश की सटीक सूचना देकर तस्करी को बढ़ावा देते हैं। अब इन मुखबिरों की भी सूची तैयार की जा रही है, ताकि उन पर भी सख्त कार्रवाई की जा सके।
    गोरखपुर में 160 पशु तस्करों के 36 गिरोह सक्रिय हैं, जिनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा, 30 पशु तस्करों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई है, ताकि इनके आपराधिक गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके। पुलिस का यह अभियान तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए है, और इसमें शामिल सभी तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

  • समाचार खास खबरों के साथ

    समाचार खास खबरों के साथ

    गोरखपुर

    • शहर में तांडव मचाने वाले पशु तस्करों के खिलाफ एक्शन
    • गौ तस्करों के बाद उनके मुखबिरों की तैयार हो रही लिस्ट
    • गोवंश की सटीक सूचना देने वाले मुखबिरों की तैयार हो रही लिस्ट
    • SSP ने 84 पशु तस्करों की सूची तैयार कराई है
    • 160 पशु तस्करों के 36 गिरोह पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की है
    • गोरखपुर के 30 पशु तस्करों की हिस्ट्रीशीट खोली है

    गोरखपुर

    • शहर में तांडव मचाने वाले पशु तस्करों के खिलाफ एक्शन
    • गौ तस्करों के बाद उनके मुखबिरों की तैयार हो रही लिस्ट
    • गोवंश की सटीक सूचना देने वाले मुखबिरों की तैयार हो रही लिस्ट
    • SSP ने 84 पशु तस्करों की सूची तैयार कराई है
    • 160 पशु तस्करों के 36 गिरोह पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की है
    • गोरखपुर के 30 पशु तस्करों की हिस्ट्रीशीट खोली है

    मिर्जापुर

    • लापता किन्नर की हत्या कर कुएं में फेंका शव
    • नाराज किन्नर साथियों ने रोड पर लगाया जाम
    • चक्का जाम के दौरान वाहनों पर किया पथराव
    • किन्नरों के उग्र विरोध प्रदर्शन से दुकानें हुईं बंद
    • हाथ पर टैटू की मदद से हुई किन्नर की पहचान
    • कछवां क्षेत्र के पिलोरी गांव के पास का मामला

     

    सीतापुर

    • मॉर्निंग वॉक पर निकली 3 किशोरियों को वाहन ने मारी टक्कर
    • टक्कर से 2 सगी बहनों की दर्दनाक मौत, 1 अन्य घायल
    • पुलिस ने घायल को इलाज के लिए CHC में कराया भर्ती
    • शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
    • हादसे से परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल
    • लहरपुर थाना क्षेत्र के भदफर चौकी इलाके की घटना

    समाचार खास खबरों के साथ

    • एक देश एक चुनाव वाली कोविंद समिति की रिपोर्ट को मोदी कैबिनेट से मिली मंजूरी
    • सिंधु जल समझौते में बदलाव हो; भारत ने उठा दी मांग, पाकिस्तान को गिनाए तीन कारण
    • बजता रहा PAK का राष्ट्रगान, अफगान राजनयिकों ने खड़े होने से किया इनकार; मचा बवाल
    • PM मोदी के साथ यूनुस की मुलाकात संभव नहीं, US में बातचीत को छटपटा रहा बांग्लादेश
    • अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में की 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती, शेयर बाजार में दिखाई दे सकती है तेजी
    • ​जम्मू-कश्मीर चुनाव: पहले चरण में 58.85% मतदान, किश्तवाड़ में सबसे अधिक
    • कोलकाता रेप-मर्डर, डॉक्टरों का हड़ताल खत्म करने से इनकार:चीफ सेक्रेटरी के साथ ढाई घंटे चली बैठक, प्रदर्शनकारी बोले- हम बातचीत से संतुष्ट नहीं
    • नवादा में भू माफिया ने 80 घरों में लगाई आग:गांव वाले बोले- कई राउंड फायरिंग की, मारपीट भी हुई, 5 थानों की पुलिस तैनात
    • लैंड फॉर जॉब केस में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में लालू यादव और तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ीं
    • यूपी में मालगाड़ी डिरेल: 27 डिब्बे पटरी से उतरे, रूट पर कई ट्रेनों का संचालन बाधित, टीम घटनास्थल के लिए रवाना
    • जम्मू-कश्मीर में PM मोदी की जनसभा आज:चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवारों से मिलेंगे; 6 दिन बाद में यह दूसरा दौरा
    • ​​​​​​​चंद्रबाबू का दावा- तिरुपति लड्‌डूओं में एनिमल फैट मिलाया गया:बोले- जगन सरकार ने मंदिर की शुद्धता खंडित की; अब शुद्ध घी इस्तेमाल हो रहा
    • केरल में मंकीपॉक्स का मरीज मिला, UAE से लौटा था:9 सितंबर को Mpox के स्ट्रेन वेस्ट अफ्रीकन क्लेड 2 का मरीज मिला था
    • ​​आरजी कर अस्पताल वित्तीय अनियमितता: ईडी ने तृणमलू विधायक के आवास और नर्सिंग होम से दस्तावेज जब्त किए
    • खरगे ने NDA सरकार को ठगबंधन करार दिया, कहा- मोदी सरकार के 100 दिन देश के लिए बहुत कठिन रहे
    • SA vs AFG : अफगानिस्तान ने लिया विश्व कप सेमीफाइनल हार का बदला, 6 विकेट से जीता पहला वनडे
  • राष्ट्र, धर्म और लोक कल्याण को समर्पित रहा महंत दिग्विजयनाथ का जीवन

    राष्ट्र, धर्म और लोक कल्याण को समर्पित रहा महंत दिग्विजयनाथ का जीवन

    राष्ट्र, धर्म और लोक कल्याण को समर्पित रहा महंत दिग्विजयनाथ का जीवन
    सामाजिक एकता और शैक्षिक पुनर्जागरण पर रहा महंत जी का सर्वाधिक जोर
    गोरखपुर, 19 सितंबर। 1935 से 1969 तक नाथपंथ के विश्व विख्यात गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर रहे ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 55वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में गोरखनाथ मंदिर में साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह जारी है। धर्म, अध्यात्म और राष्ट्र एवं समाज को लेकर महंत जी के आदर्शों और मूल्यों के अनुरूप एक पहर में जीवन का रहस्योद्घाटन करने वाली श्रीमद्भागवत कथा की अमृतवर्षा हो रही है तो एक पहर में समाज और राष्ट्र को प्रभावित करने वाले विषयों पर विषय के विशेषज्ञ विद्वतजन चिंतन-मंथन कर विषय को समयानुकूल बना रहे हैं। साप्ताहिक कार्यक्रम में 20 सितंबर (अश्विन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि), शुक्रवार को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में महंत दिग्विजयनाथ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा होगी। पुण्य स्मरण का यह आयोजन गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में पूर्वाह्न साढ़े दस बजे प्रारम्भ होगा जिसमें देशभर के प्रमुख संत उपस्थित रहेंगे।
    पुण्यतिथि समारोह में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की स्मृतियों के जीवंत होने के इस अवसर पर यह जानना भी प्रासंगिक है कि उन्हें युगपुरुष क्यों कहा जाता है। महंत जी न केवल गोरखनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप के शिल्पी रहे बल्कि उनका पूरा जीवन राष्ट्र, धर्म, अध्यात्म, संस्कृति, शिक्षा व समाजसेवा के जरिये लोक कल्याण को समर्पित रहा। तरुणाई से ही वह देश की आजादी की लड़ाई में जोरदार भागीदारी निभाते रहे तो देश के स्वतंत्र होने के बाद सामाजिक एकता और उत्थान के लिए। इसके लिए शैक्षिक जागरण पर उनका सर्वाधिक जोर रहा।
    महंत दिग्विजयनाथ का जन्म वर्ष 1894 में वैशाख पूर्णिमा के दिन चित्तौड़, मेवाड़ ठिकाना ककरहवां (राजस्थान) में हुआ था। उनके बचपन का नाम नान्हू सिंह था। पांच वर्ष की उम्र में 1899 में इनका आगमन गोरखपुर के नाथपीठ में हुआ। अपनी जन्मभूमि मेवाड़ की माटी की तासीर थी कि बचपन से ही उनमें दृढ़ इच्छाशक्ति और स्वाभिमान से समझौता न करने की प्रवृत्ति कूट कूटकर भरी हुई थी। उनकी शिक्षा गोरखपुर में ही हुई और उन्हें खेलों से भी गहरा लगाव था। 15 अगस्त 1933 को गोरखनाथ मंदिर में उनकी योग दीक्षा हुई और 15 अगस्त 1935 को वह इस पीठ के पीठाधीश्वर बने। वह अपने जीवन के तरुणकाल से ही आजादी की लड़ाई में हिस्सा लेते रहे। देश को स्वतंत्र देखने का उनका जुनून था कि उन्होंने 1920 में महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए असहयोग आंदोलन के समर्थन में स्कूल छोड़ दिया। उन पर लगातार आरोप लगते थे कि वह क्रांतिकारियों को संरक्षण और सहयोग देते हैं। 1922 के चौरीचौरा के घटनाक्रम में भी उनका नाम आया लेकिन उनकी बुद्धिमत्ता के सामने ब्रिटिश हुकूमत को झुकना पड़ा और उन्हें रिहा कर दिया गया।श्रीराम मंदिर आंदोलन में नींव के पत्थर हैं ब्रह्मलीन महंतश्री.
    अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण को लेकर हुए आंदोलनों में गोरक्षपीठ की महती भूमिका से सभी वाकिफ हैं। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ इस आंदोलन में नींव के पत्थर हैं। 1934 से 1949 तक उन्होंने लगातार अभियान चलाकर आंदोलन को न केवल नई ऊंचाई दी बल्कि 1949 में वह श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के नेतृत्वकर्ता भी रहे। 22-23 दिसंबर 1949 को अयोध्या में भगवान रामलला की मूर्ति प्रकट होने के नौ दिन पहले महंत दिग्विजय नाथ के नेतृत्व में अखंड रामायण के पाठ का आयोजन शुरू हो गया था। रामलला के प्रकट होने के समय महंत जी स्वयं वहां उपस्थित थे। पांच सौ वर्षों के इंतजार के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम अपनी जन्मभूमि स्थित मंदिर में विराजमान हो चुके हैं। प्रभु रामलला के मंदिर निर्माण के लिए चले आंदोलन को उनके बाद उनके शिष्य महंत अवेद्यनाथ ने निर्णायक बनाया तो कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर निर्माण की शुभ घड़ी तब आई जब राज्य की सत्ता का नेतृत्व भी गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। ऐसे में जब भी अयोध्या के श्रीराम मंदिर का जिक्र होगा, तो वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर के दादागुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ आप ही स्मरित होंगे।
    शिक्षा की जलाई ज्योति से प्रकाशित हो रहा पूर्वांचल
    महंत दिग्विजयनाथ ने गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए शिक्षा की जो ज्योति जलाई, उससे आज पूरा अंचल प्रकाशित हो रहा है। शिक्षा क्रांति के लिए उन्होंने 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। एक किराए के मकान में परिषद के अंतर्गत महाराणा प्रताप क्षत्रिय स्कूल शुरू हुआ। 1935 में इसे जूनियर हाईस्कूल की मान्यता मिली और 1936 में हाईस्कूल की भी पढाई शुरू हुई। नाम ‘महाराणा प्रताप हाई स्कूल’ हो गया। इसी बीच महंत दिग्विजयनाथ के प्रयास से गोरखपुर के सिविल लाइन्स में पांच एकड भूमि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को प्राप्त हो गयी और महाराणा प्रताप हाईस्कूल का केन्द्र सिविल लाइन्स हो गया तथा देश के आजाद होते समय यह विद्यालय महाराणा प्रताप इन्टरमीडिएट कालेज के रुप में प्रतिष्ठित हुआ। 1949-50 में इसी परिसर में महाराणा प्रताप डिग्री कालेज की स्थापना महंतजी की अगुवाई में हुई। शिक्षा को लेकर उनकी सोच दूरदर्शी और निजी हित से परे थी। यही वजह थी कि उन्होंने 1958 में अपनी संस्था महाराणा प्रताप डिग्री कालेज को गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु दान में दिया। बाद में परिषद की तरफ से उनकी स्मृति में दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना की। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद्‌ द्वारा वर्तमान में करीब चार दर्जन शिक्षण संस्थाएं गोरखपुर क्षेत्र में संचालित हो रही हैं। इनमें प्राथमिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा तक के प्रकल्प सम्मिलित हैं।
    राजनीति को भी लोक कल्याण का ध्येय माना.
    महंत दिग्विजयनाथ ने राजनीति में भी गोरक्षपीठ की लोक कल्याण की परंपरा को ही ध्येय बनाया। 1937 में वह हिन्दू महासभा में शामिल होकर उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की विधिवत शुरुआत की। महंत जी ने 1944 में हिन्दू महासभा के प्रांतीय अधिवेशन का ऐतिहासिक आयोजन गोरखपुर में कराया। महासभा के राजनीतिज्ञ होने के कारण 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के मिथ्यारोप में उन्हें बंदी बना लिया गया लेकिन सरकार को 1949 में दस माह बाद ससम्मान बरी करना पड़ा। राष्ट्र के हित में उन्होंने 1956 में पृथक पंजाबी राज्य के लिए मास्टर तारा सिंह के आमरण अनशन को सूझबूझ से समाप्त कराया। वह 1961 में अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (हिन्दू राष्ट्रपति के रूप में) निर्वाचित हुए। धर्म व सामाजिक एकता के क्षेत्र में भी उनका योगदान अतुलनीय है। 1939 में अखिल भारतीय अवधूत भेष बारहपंथ योगी महासभा की स्थापना कर पूरे देश के संत समाज को लोक कल्याण व राष्ट्रहित के लिए एकजुट करने के लिए भी उन्हें याद किया जाता है। 1960 में हरिद्वार में अखिल भारतीय षडदर्शन सभा सम्मेलन की अध्यक्षता, 1961 में दिल्ली में अखिल भारतीय हिन्दू सम्मेलन का आयोजन व 1965 में दिल्ली में अखिल विश्व हिन्दू सम्मेलन का आयोजन भी उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल हैं। 1967 में गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए महंतश्री 1969 में ब्रह्मलीन हुए लेकिन उनके व्यक्तित्व व कृतित्व की अमरता अहर्निश बनी हुई है।