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  • वाराणसी की जनसुनवाई में संघर्ष समिति ने विद्युत नियामक आयोग से निजीकरण का प्रस्ताव रद्द करने की मांग की

    वाराणसी की जनसुनवाई में संघर्ष समिति ने विद्युत नियामक आयोग से निजीकरण का प्रस्ताव रद्द करने की मांग की

    संघर्ष समिति ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष को दिया ज्ञापन

    सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं ने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग रखी

    गोरखपुर। वाराणसी में बिजली टैरिफ पर जनसुनवाई के दौरान विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय रद्द करने की मांग की। संघर्ष समिति के साथ उपभोक्ता परिषद और सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं ने उप्र में विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण को जन विरोधी बताते हुए निजीकरण का निर्णय वापस लेने की मांग की। आज बहुत बड़ी संख्या में पार्षदों और जन प्रतिनिधियों ने जनसुनवाई में पहुंचकर निजीकरण का विरोध किया।

    संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष को इस बाबत एक ज्ञापन भी दिया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति गोरखपुर के पदाधिकारियों इस्माइल खान, पुष्पेन्द्र सिंह, प्रभुनाथ प्रसाद, संगमलाल मौर्य, संदीप श्रीवास्तव, श्याम सिंह, एन के सिंह, मनोज यादव, राकेश चौरसिया, विजय बहादुर सिंह, करुणेश त्रिपाठी, राजकुमार सागर आदि ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय व्यापक जनहित और कर्मचारियों के हित में वापस लेने की मांग की। संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार को इस बाबत एक ज्ञापन भी दिया। जन सुनवाई के दौरान संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी महेन्द्र राय और जूनियर इंजीनियर्स संगठन के अध्यक्ष अजय कुमार भी उपस्थित थे।

    संघर्ष समिति ने कहा की पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने घाटे के झूठे आंकड़े देकर पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव दिया है। संघर्ष समिति ने कहा कि विद्युत नियामक आयोग निजीकरण के प्रस्ताव को निरस्त कर दे और निजीकरण की अनुमति न दे अन्यथा उपभोक्ताओं को बहुत महंगी बिजली लेनी पड़ेगी और कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर भारी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। निजीकरण के बाद अत्यन्त अल्प वेतन भोगी संविदा कर्मियों की हजारों की संख्या में नौकरी जाने का खतरा है। नियमित कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी होगी। निजीकरण न तो उपभोक्ताओं के हित में है और न ही कर्मचारियों के हित में।

    संघर्ष समिति ने आंकड़े देते हुए बताया कि पावर कारपोरेशन का प्रबंधन टैरिफ सब्सिडी, किसानों की सब्सिडी, बुनकरों की सब्सिडी और सरकारी विभागों के बिजली राजस्व बकाए को घाटा मानकर तर्क दे रहा है कि इन सभी मामलों में सरकार को फंडिंग करनी पड़ती है जिसे सरकार आगे वहन करने को तैयार नहीं है। संघर्ष समिति ने कहा कि सब्सिडी और सरकारी विभागों के बकाए की धनराशि देना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार इसे घाटा बताकर अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकती। निजीकरण का यह कोई आधार भी नहीं हो सकता।
    संघर्ष समिति ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार को यह भी कहा कि पावर कारपोरेशन का चेयरमैन रहते हुए आपने 06 अक्टूबर 2020 को एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर किया है जिसमें लिखा है कि बिजली कर्मचारियों को विश्वास में लिए बिना उप्र में ऊर्जा क्षेत्र में कोई निजीकरण नहीं किया जाएगा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का एक तरफा निर्णय इस समझौते का खुला उल्लंघन है। अतः विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष पद पर रहते हुए आपको निजीकरण के मसौदे को मंजूरी नहीं देनी चाहिए।

    संघर्ष समिति के साथ उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष श्री अवधेश वर्मा ने तमाम आंकड़े देते हुए निजीकरण के फैसले को गलत ठहराया और कहा कि विद्युत नियामक आयोग किसी भी परिस्थिति में पावर कॉरपोरेशन द्वारा भेजे गए निजीकरण के मसौदे को मंजूरी न दे।

    इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष आर के चौधरी, बुनकरों के प्रतिनिधियों, किसान संगठनों के पदाधिकारियों, अनेकों पार्षदों , ग्राम पंचायत आदि सैकड़ों जन प्रतिनिधियों ने संघर्ष समिति के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए साफ शब्दों में मांग की कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण उपभोक्ताओं के हित में नहीं है और इसे पूरी तरह निरस्त किया जाना चाहिए।

    निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 226 वें दिन आज प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर बिजली कर्मियों ने व्यापक जनसंपर्क किया और विरोध प्रदर्शन किया।

  • पंजाब नेशनल बैंक ने किसानों के लिए खोला खजाना, वृहद पैमाने पर कृषि कार्य के लिए दिया लोन

    पंजाब नेशनल बैंक ने किसानों के लिए खोला खजाना, वृहद पैमाने पर कृषि कार्य के लिए दिया लोन

    “पंजाब नेशनल बैंक ने आयोजित किया मेगा एग्रीकल्चर आउटरीच प्रोग्राम, किसानों को दी गई योजनाओं की जानकारी”

    गोरखपुर। पंजाब नेशनल बैंक द्वारा आज किसानों के लिए मेगा एग्रीकल्चर आउटरीच प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाना रहा।

    कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। इस दौरान बैंक अधिकारियों ने किसानों को बताया कि किस तरह सरकार की विभिन्न योजनाएं, जैसे कृषि ऋण, ट्रैक्टर लोन, बीज एवं उर्वरक सब्सिडी, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, पीएम फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड आदि। उनके लिए लाभकारी साबित हो रही हैं।

    मौके पर ट्रैक्टर, मोबाइल राइस प्लांट, उन्नत कृषि यंत्र आदि भी डिस्प्ले में रखे गए, जिन्हें किसानों ने गहराई से देखा और उनकी कार्यप्रणाली को समझा। अधिकारियों ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक किसानों को जागरूक करने और उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार इस तरह के कार्यक्रम करता रहा है।

    मीडिया से बातचीत में पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य महाप्रबंधक अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर पहुंचाने का कार्य बैंक कर रहा है। किसानों की भागीदारी और उत्साह को देखते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे।

    नाबार्ड अधिकारी श्रीमती दीप्ति पंत ने कहा कि इस मेगा कार्यक्रम ने किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आधुनिक कृषि यंत्रों से भी परिचित कराने का कार्य किया, जिससे वे आने वाले समय में तकनीकी और आर्थिक दोनों रूप से और अधिक सशक्त हो सकें।

    इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह ,एलडीएम मनोज कुमार श्रीवास्तव पारसनाथ अपूर्व मिश्रा बृजेश वर्मा राजेश यादव पुनीत सिंह विश्वजीत कुमार गौरव मिश्रा अमित यादव समेत अन्य मौजूद रहे ।

  • सड़क हादसे में युवक घायल,जिला अस्पताल रेफर

    सड़क हादसे में युवक घायल,जिला अस्पताल रेफर

    ब्यूरों प्रभारी — विनय तिवारी

    बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे): बडहलगंज क्षेत्र के साउखोर मे फोरलेन पर बाइक से बड़हलगंज आ रहे युवक की बाइक को स्कार्पियो ने ठोकर मार दी जिससे युवक घायल हो गया। घायल युवक को सीएचसी बड़हलगंज पर प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

    बताया जा रहा है कि गगहा थाना क्षेत्र के मझगावा निवासी रामअवध का पुत्र राज (17) बाइक से अपनी चाची को लेने बड़हलगंज आ रहा था कि इस बीच साउखोर में एक स्कार्पियो ने उसकी बाइक में ठोकर मार दी जिससे राज बुरी तरह घायल हो गया। घायल राज को सीएचसी बड़हलगंज लाया गया। राज के पैर में फ्रेक्चर व सिर चोट लगा है। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

  • जमीनी विवाद को लेकर के खजनी तहसील में हंगामा

    जमीनी विवाद को लेकर के खजनी तहसील में हंगामा

    ब्यूरो प्रभारी: संतोष कुमार त्रिपाठी, खजनी गोरखपुर।

    खजनी तहसील के ग्राम सभा कूड़ा भरत में जमीनी विवाद को लेकर दो दिन से दो पक्षों में आपसी विवादचल रहा है इसमें एक पक्ष अपना निर्माण करवा रहा है दूसरा पक्ष रीमा पत्नी सनोज निवासिनी कूड़ाभरत पहले चौकी उनवल से लगायत क्षेत्राधिकार को आवेदन पत्र दी निर्माण कार्य को रोकने के लिए निर्माण नही रूका पीड़ित आज खजनी तहसील में पहुंचकर उपजिलाधिकारी खजनी को आवेदन पत्र देकर विवादित भूमि पर निर्माण कार्य को रोकवाने का निवेदन किया उपजिलाधिकारी खजनी द्वारा निर्माण कार्य को रोकने से मना करने पर अधिवक्ता उग्र हो गए अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी के चेंबर में हंगामा किये उपजिलाधिकारी ने शांति व्यवस्था कायम करने के लिए थाना अध्यक्ष को निर्देशित किया।

    उपजिलाधिकारी खजनी राजेश प्रताप सिंह ने बताया की जमीनी विवाद था शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए निर्देशित कर दिया ।

  • ‘जी टीवी’ मैनेजर की ट्रेन की चपेट में आने से मौत

    ‘जी टीवी’ मैनेजर की ट्रेन की चपेट में आने से मौत

    संवाददाता– एस.पी. सिंह
    सहजनवां, ( गोरखपुर ) ।

    संतकबीर नगर जनपद के महुली थाना क्षेत्र के कोड़वर गायघाट निवासी 59 वर्षीय रामहित यादव पुत्र जोखू यादव, मर्चेंट नेवी में नौकरी से करीब 15 वर्ष पहले सेवानिवृत हो गए। इसके बाद मुम्बई स्थित जी टीवी में मैंनेजर की नौकरी करने लगे। दो दिन पहले घर आने के लिए निकले थे। लखनऊ से कृषक एक्सप्रेस पकड़ कर निकले और सुबह खलीलाबाद में उतरना था लेकिन नींद के कारण सीहापार हाल्ट पर पहुंच गए। गाड़ी धीरे होने पर उतरने का प्रयास करने लगे और अचानक ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची सहजनवां पुलिस ने मृतक के पास मिले मोबाइल से भाई रामजीत के नंबर पर सूचना दी। इसके बाद भाई ने आकर शव की पहचान किए। मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा दो पुत्री और एक पुत्र है। इसमें बड़ी पुत्री ज्योति की शादी हो चुकी है, जबकि 25 वर्षीय छोटी बेटी प्रीति प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है और 23 वर्षीय पुत्र दीपक यादव सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जाब करता है।

  • शोहदे से तंग आकर छात्रा ने छोड़ी पढ़ाई, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज किया केस

    शोहदे से तंग आकर छात्रा ने छोड़ी पढ़ाई, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज किया केस

    संवाददाता– एस.पी. सिंह
    सहजनवां, ( गोरखपुर ) ।

    हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के एक गांव की तीन बहनों ने गांव के शोहदे से तंग आकर स्कूल जाना छोड़ दिया है। वही आरोपी विरोध करने पर तेजाब डाल कर जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़िता के तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया हैं।

    मिली जानकारी से थाना क्षेत्र के तुलसीरतन निवासी एक महिला की तीन लड़कियां है। तीनों लड़कियां स्कूल जाती थी। स्कूल जाते समय गांव का ही एक सिरफिरा रास्ते में लड़कियों से छेड़छाड़ करता था। जिसका विरोध करने पर तेजाब डालकर जान से मारने की धमकी दे रहा था। जिससे आज़िज आकर लड़कियों ने स्कूल जाना छोड़ दिया था। इसके अलावा एक लड़की की शादी तय थी। तो मनबढ़ उसके ससुराल पहुंच कर चरित्रहीनता का आरोप लगाकर शादी तोड़ने का दबाव बना रहा था। इसके अलावा शादीशुदा एक लड़की के ससुराल पर पहुंच कर शादी तोड़ने का दबाव बना रहा था। जिस परेशान लड़कियों की मां ने आरोपी के खिलाफ थाने में तहरीर दिया। पुलिस ने आरोपी संजीत कुमार पुत्र सुरेंद्र कुमार निवासी तुलसीरतन थाना हरपुर बुदहट के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

  • राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त रमाशंकर जायसवाल पर बेटे और बहू ने लगाए गंभीर आरोप

    राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त रमाशंकर जायसवाल पर बेटे और बहू ने लगाए गंभीर आरोप

    “प्रेस क्लब पर प्रेस वार्ता करके प्रताड़ित करने का लगाया आरोप”

    गोरखपुर। कोऑपरेटिव फेडरेशन के उपसभापति राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त रमाशंकर जायसवाल पर उनके बेटे और बहू ने गंभीर आरोप लगाते हुए शास्त्री चौक स्थित प्रेस क्लब पर प्रेस वार्ता की। बहु वरदा त्रिपाठी ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी शादी वर्ष 2018 में बड़े ही धूमधाम से हुई, जिसमें मेरे पिता ने अपनी हैसियत के हिसाब से 50 लाख रुपए खर्च किए। लेकिन शादी के 2 साल के बाद दहेज के लोभी ससुर रमाशंकर जायसवाल लगातार दहेज को लेकर मुझे प्रताड़ित करते रहते है। कोविड के दौरान मेरे पति का कारोबार बंद होने के बाद से ये लोग और अधिक उत्पीड़न करने लगे ,दहेज के लिए ताने मारते थे, क्योंकि मैं ब्राह्मण जाति से हूं और जायसवाल परिवार में शादी की है। मैं अपने पिता की इकलौती संतान हूं और पिता के पास अधिक प्रॉपर्टी भी है। इस लालच में मेरे ससुर ,जेठ ,जेठानी सभी लोग गाली गुप्ता और मारते पीटते रहते हैं। कई बार तो मुझे जलाया भी गया। अब मैं इन लोगों के अत्याचार से तंग आ चुकी हूं ,जिसकी शिकायत मैंने उच्च अधिकारियों से भी की है, लेकिन ऊंची रसूख होने की वजह से ससुर और उनके परिवार के किसी भी सदस्य के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं सकी। मेरी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग है कि रमाशंकर जायसवाल को उनके पद से हटाकर निष्पक्ष रूप से जांच कराई जाए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुझे डर है कि यह लोग मेरे परिवार की हत्या भी करवा सकते हैं।

    दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री के बेटा रोहित जायसवाल ने कहा कि मेरे पिता ने चेक बाउंस करवा करके फर्जी मुकदमा दर्ज कराया और मुझे जेल तक भेजवा दिया। अब वह मुझे अपने जायदात से बेदखल कर रहे हैं। मैं अपनी पत्नी और 6 साल के बेटे को लेकर कहां जाऊं। मेरे पति अपने पिता के कहने पर लखनऊ ले गए, 3 साल ड्राइवर बनाकर भी रखा और वेतन भी नहीं दिया। मेरे पिता ने कई लोगों से जमीन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए भी लिए और तकादा करने आए लोगों को मेरे नाम से चेक दे दिया और बॉउन्स करा कर मेरे ऊपर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया। मुझे और मेरे परिवार का लगातार उत्पीड़न कर रहे हैं। मेरी मांग है कि पहले उनके पद से उन्हें हटाया जाए क्योंकि वह पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकते हैं।

    वहीं इस संबंध में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रमाशंकर जायसवाल से दूरभाष पर हुई बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह पूरी तरीके से मनगढ़ंत है और मेरी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। मेरे पुत्र ने लाखों रुपए का कर्ज ले रखा था, जिसे मैंने भरा है। आए दिन परिवार में यह लोग उत्पाद मचाते रहते हैं। मैं डर के मारे कमरा बंद कर के सोता हूं। यह लोग किसी दिन कोई अप्रिय घटना कर सकते हैं।

    बरहाल पारिवारिक विवाद अब पुलिस थाना, कोर्ट और मीडिया तक आ चुका है मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

  • प्रेस क्लब की कार्यकारिणी ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

    प्रेस क्लब की कार्यकारिणी ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

    गोरखपुर। 10 जुलाई; गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की कार्यकारिणी ने गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पत्रकार हित के तमाम मुद्दों पर संवाद किया।

    कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने प्रदेश में एक दिन में हुए रिकार्ड पौधरोपण के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी और अभिनंदन स्वरूप उन्हें अंगवस्त्र ओढ़ाकर पौधा भेंट किया। पदाधिकारियों ने इस दौरान गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही प्रेस क्लब सदस्यों के लिए आयुष्मान कार्ड, जरूरतमंद सदस्यों के लिए रियायती दर पर आवास की व्यवस्था आदि मुद्दों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया।

    मुख्यमंत्री ने इन मुद्दों पर को सकारात्मक बताते हुए समाधान का आश्वासन दिया और उम्मीद जताई की कार्यकारिणी पत्रकारों के हित में बेहतर कार्य रहेगी। सीएम योगी से मुलाकात करने वालों में गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष रीतेश मिश्रा, उपाध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी, महामंत्री पंकज कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री अंगद कुमार प्रजापति, कोषाध्यक्ष प्रिंस कुमार पाण्डेय, पुस्तकालय मंत्री विनय सिंह, कार्यकारिणी सदस्य परमात्मा राम त्रिपाठी, राजीव पाण्डेय व विवेक कुमार शामिल रहे।

  • हरदिया के रहने वाले रहमत खान ने प्रेस वार्ता करके फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

    हरदिया के रहने वाले रहमत खान ने प्रेस वार्ता करके फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

    गोरखपुर । गीडा थाना क्षेत्र के हरदिया पिछोरा के रहने वाले रहमत खान ने गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब पर आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि 29 जून को उनके ऊपर जानलेवा हमला किया गया और उनपर ने अवैध बंदूक से फायरिंग की और उनके कंधे पर गोली लगी , सिर पर भी मनबढ़ों ने बंदूक के बट से मारा और बंदूक का बट सिर में फंस जाने के बाद मारा समझकर मनबढ़ उसे छोड़ गए थे।

    इस संबंध में गीडा थाने पर मुकदमा पंजीकृत हुआ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा है लेकिन अभी भी दो आरोपी फरार चल रहे हैं उन्हें डर है कि वह फिर उनके ऊपर या बच्चों के ऊपर जानलेवा हमला कर सकते हैं।

    पुलिस प्रशासन से रहमत खान ने मांग किया है कि दोनों आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करके उन्हें जेल भेजा जाए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रेस वार्ता के दौरान रहमत खान ने कहा कि पुराने विवाद में समझौता का दबाव बना रहे थे नहीं मानने पर मेरे ऊपर जानलेवा हमला किया गया है हमारी सरकार से मांगे की ऐसे मनबढ़ों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

  • ट्रेड यूनियंस की एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल

    ट्रेड यूनियंस की एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल

    आज दिनांक 09/07/2025 को केंद्र सरकार की कर्मचारी एवं श्रमिक विरोधी नीतियों के विरुद्ध ट्रेड यूनियनों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल किया।

    इसी क्रम में अखिल भारतीय कर्मचारी संघ के पोस्टमैन , एमटीएस एवं जीडीएस यूनियन ने प्रधान डाकघर गोरखपुर परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस एक दिवसीय हड़ताल में ग्रामीण अंचल से दूर दूर से बहुत से ग्रामीण डाक सेवक भारी संख्या में उपस्थित हुए। भोजनावकाश के समय प्रधान डाकघर के डाक सहायक संवर्ग सहित समस्त स्टाफ ने उक्त हड़ताल का नैतिक समर्थन करते हुए जोरदार सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। प्रमुख मांगें निम्नवत रहीं:–

    1. डाक विभाग के निजीकरण का विरोध
    2. इंटीग्रेटेड डिलीवरी सेंटर से बहुत सी ब्रांचों की डिलीवरी को एक जगह केंद्रीकृत किए जाने से कर्मचारियों को हो रही समस्याओं के समाधान हेतु पूर्व की व्यवस्था को लागू किए जाने की मांग
    3. आठवें वेतन आयोग के गठन एवं क्रियान्वयन की मांग
    4. पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाय
    5. 50% से अधिक हुए DA को मूल वेतन में समाहित किया जाय ।

    IDC के निर्माण से बहुत से पोस्टमैनों एवं ग्रामीण डाक सेवकों का कार्य क्षेत्र बढ़ा है जिससे डाक वितरण बुरी तरह प्रभावित हुआ है । आज के हड़ताल से शहर के साथ ही शाखा डाकघरों का डाक का आदान प्रदान और वितरण बुरी तरह प्रभावित रहा।