Category: उत्तर प्रदेश

  • मां दुर्गा के नौ रूपों की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम

    मां दुर्गा के नौ रूपों की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम

    मां दुर्गा के नौ रूपों की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम
    गोला:- भड़सड़ा मोहल्ला स्थित के आर मेमोरियल एकेडमी पर शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर बच्चों द्वारा दुर्गा मां की नौ रूपों की प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया.

    कार्यक्रम का शुभारंभ एकेडमी के प्रबंधक बागेश्वरी राय ने मां सरस्वती और माता दुर्गा के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिव्यांका दुबे अनन्या जया अनुश्रिया परिधि खुशी आयुषी ने डांडिया कथक कथक सहित विभिन्न प्रकार के नृत्य और संगीत प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। वही कार्यक्रम में बच्चों द्वारा मां दुर्गा के नौ रूपों की प्रस्तुति आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। एकेडमी के आदर्श राय ने मां दुर्गा के नौ रूपों का संक्षिप्त परिचय भी दिया। रामलीला मंचन में अखिल नायक दशरथ रुद्र शुक्ला भगवान श्री राम अंबेश त्रिपाठी भगवान हनुमान अवनीश त्रिपाठी भगवान लक्ष्मण और वैष्णवी माता सीता जी का बखूबी मंचन किया जिससे छात्र-छात्राओं ने रामलीला मंचन देख भाव विभोर हो गए। एकेडमी के प्रबंधक श्री राय ने अपने संबोधन में कहा कि मां दुर्गा भगवान श्री राम माता सीता सहित सभी देवी देवता हमारे जीवन के कठिन समय में हमारा मार्गदर्शन करने के लिए हमेशा मौजूद रहे।जब तक मां दुर्गा हमारे साथ हैं और प्यार और सुरक्षा का आशीर्वाद दे रही है।तब तक हमें जीवन में डरने की कोई जरूरत नहीं है।आपको और आपके प्रिय जनों को शारदीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रबंध निदेशक अभिषेक राय ने सभी को शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम का संचालन प्रमोद यादव ने किया। इस अवसर पर सतीश यादव विपिन पाठक महेंद्र राय मनोज सिंह अरुणिमा सिंह संध्या वर्मा सहित अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.

  • उपरोक्त घाटों का निरीक्षण मोटरसाइकिल से एसडीएम गोला क्षेत्राधिकार

    उपरोक्त घाटों का निरीक्षण मोटरसाइकिल से एसडीएम गोला क्षेत्राधिकार

    उपरोक्त घाटों का निरीक्षण मोटरसाइकिल से एसडीएम गोला क्षेत्राधिकार गोला प्रभारी निरीक्षक गोला आदि पुलिस कर्मियों ने किया
    गोरखपुर के गोला क्षेत्र में एसडीएम गोला, क्षेत्राधिकारी गोला, और प्रभारी निरीक्षक गोला समेत अन्य पुलिस कर्मियों द्वारा क्षेत्र के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण मोटरसाइकिल के जरिए किया गया, जिससे अधिकारियों ने घाटों की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
    घाटों के निरीक्षण का उद्देश्य आगामी त्योहारों, विशेष अवसरों या स्थानीय गतिविधियों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी आपदा या अव्यवस्था से बचाव के लिए तैयार रहना था। इसके अलावा, घाटों पर सफाई, भीड़ प्रबंधन, जलस्तर की जांच, और अन्य संभावित खतरों का आकलन भी किया गया।   

    इस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित पुलिस कर्मियों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस तरह के निरीक्षणों का मकसद जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना और क्षेत्र में शांति बनाए रखना है।

  • गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में मंडलायुक्त सभागार

    गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में मंडलायुक्त सभागार

    गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में मंडलायुक्त सभागार में निर्माण और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित किया गया। बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल सीडीओ संजय कुमार मीना ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील कुमार गौड़ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शिशिर सिंह एसडीएम गोला राजू कुमार एसडीएम कैंपियरगंज रोहित मौर्य सहित संबंधित विभागों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

    गोरखपुर में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। यह बैठक मंडलायुक्त सभागार में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों ने भाग लिया।

    बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) संजय कुमार मीना, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी, मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील कुमार गौड़, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शिशिर सिंह, एसडीएम गोला राजू कुमार, और एसडीएम कैंपियरगंज रोहित मौर्य समेत कई अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

    बैठक का उद्देश्य गोरखपुर मंडल में चल रहे निर्माण और विकास परियोजनाओं की समीक्षा करना और इन परियोजनाओं की प्रगति को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना था। इसमें अधिकारियों ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर रिपोर्ट पेश की, और निर्माण कार्यों में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।
    बैठक में विशेष रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर जोर दिया गया:
    •समय पर परियोजनाओं का पूरा होना।
    •विकास कार्यों में गुणवत्ता की सुनिश्चितता।
    •बजट और संसाधनों का प्रभावी उपयोग।
    इस तरह की समीक्षा बैठकों का उद्देश्य विकास और निर्माण कार्यों को तेजी से और कुशलता से पूरा करना है, ताकि क्षेत्र के निवासियों को इनका लाभ समय पर मिल सके।

  • कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के काफिले का हुआ एक्सीडेंट

    कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के काफिले का हुआ एक्सीडेंट

    कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के काफिले का हुआ एक्सीडेंट : हादसे में मंत्री को आई गंभीर चोटें, काफिले की कई गाड़िया हुई छतिग्रस्त, मंत्री को कराया गया जिला मेडिकल कॉलेज़ में भर्ती
    रायबरेली के सलोन में हुआ हादसा, डीएम और एसपी पहुंचे मेडिकल कालेज, मंत्री संजय निषाद का चल रहा है उपचार।

    रायबरेली के सलोन क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के काफिले का एक गंभीर सड़क हादसा हुआ है। इस दुर्घटना में मंत्री संजय निषाद को गंभीर चोटें आई हैं और उनके काफिले की कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के तुरंत बाद मंत्री को रायबरेली के जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
    हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया, और रायबरेली के डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में हलचल मच गई है, और लोग मंत्री के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।
    फिलहाल संजय निषाद का इलाज जारी है, और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है, और आगे की जानकारी मिलते ही हादसे की अधिक जानकारी सामने आएगी।

  • यूपी के गोरखपुर में सर्व शिक्षा अभियान की उड़ी धज्जियां, सरकारी स्‍कूल में बच्‍चों से प्रधान अध्‍यापिका करा रही हैं मजदूरी

    यूपी के गोरखपुर में सर्व शिक्षा अभियान की उड़ी धज्जियां, सरकारी स्‍कूल में बच्‍चों से प्रधान अध्‍यापिका करा रही हैं मजदूरी

    यूपी के गोरखपुर में सर्व शिक्षा अभियान की उड़ी धज्जियां, सरकारी स्‍कूल में बच्‍चों से प्रधान अध्‍यापिका करा रही हैं मजदूरी
    विजुअल- ईंट लेकर विद्यालय के अंदर जाता बच्‍चा (वायरल वीडियो), प्रधान अध्‍यापिका की बाइट, बीएसए की बाइट, स्‍कूल के शाट्स
    गोरखपुरः यूपी के गोरखपुर में सर्व शिक्षा अभियान के स्‍लोगन पढ़ेंगे बच्‍चे, बढ़ेंगे बच्‍चे की धज्जियां उड़ाई जा रही है. गोरखपुर के एक सरकारी स्‍कूल में बच्‍चों से मजदूरी कराई जा रही है. स्‍कूल के मैदान में किनारे क्‍यारियां बनाई जा रह हैं. क्‍यारियां बनाने के लिए बच्‍चों से स्‍कूल के बाहर से ईंट ढोकर मंगाई जा रही है. ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जब वीडियो बनाने वाले शख्‍स ने बच्‍चों से मजदूरी कराने पर आपत्ति जताई, तो प्रधान अध्‍यापिका ने ये कहकर पल्‍ला झाड़ लिया कि ये बच्‍चों का ही काम है.


    गोरखपुर के कुसम्‍ही बाजार प्राथमिक विद्यालय का ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में कुछ शिक्षका स्‍कूल के बाहर मैदान में किनारे क्‍यारियां बनानती दिख रही हैं. वहीं कुछ बच्‍चे बाहर से ईंट ढोकर अंदर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो बनाने वाले शख्‍स ने शिक्षिका से पूछा कि बच्‍चों से मजदूरी क्‍यों करा रही हैं, मजदूर बुलाना चाहिए था. इस पर प्रधानाध्‍यापिका जवाब देते हुए कह रही हैं कि ये बच्‍चों का ही काम है. खुद के बच्‍चों को अंग्रेजी माध्‍यम के स्‍कूलों में पढ़ाने वाली शिक्षिका गांव के गरीब बच्‍चों से मजदूरी करा रही हैं.
    इस संबंध में गोरखपुर के प्राथमिक विद्यालय कुसुम्‍ही बाजार की प्रधान अध्‍यापि‍का कुसुम राय ने सवाल करने पर मुस्‍कुराते हुए बताया कि चौकीदार से उन्‍होंने पौधा लगाने के लिए कहा था. इसी वजह से बच्‍चों से बाहर से क्‍यारी बनाने के लिए ईंट लाने को कहा था. वहीं बच्‍चे ईंट लाकर रख रहे थे. चौकीदार ईंट लगा रहा था.   हालांकि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए रमेन्‍द्र कुमार सिंह ने बताया कि मीडिया के द्वारा मामला संज्ञान में आया है. उन्‍होंने बताया कि मीडिया के द्वारा वीडियो को संज्ञान में लाया गया है. उन्‍होंने खंड शिक्षा अधिकारी को जांच करने के लिए कहा है. जनपद में 2500 प्राथमिक विद्यालय और कस्‍तूरबा विद्यालय हैं. वे लोग सभी को प्रेरित और मोटिवेट भी करते हैं कि बच्‍चों से कोई ऐसा कार्य नहीं कराया जाए, जिससे उनके सम्‍मान में कोई ठेस पहुंचे. हमारे यहां अध्‍यापक काफी अच्‍छा काम कर रहे हैं. कुछ लोग हैं, जिनकी वजह से विभाग की छवि धूमिल होती है, तो उनके खिलाफ विभागीय करेंगे.

  • उत्तर प्रदेश जिला लखीमपुर खीरी में BJP विधायक योगेश वर्मा को थप्पड़ मारा।

    उत्तर प्रदेश जिला लखीमपुर खीरी में BJP विधायक योगेश वर्मा को थप्पड़ मारा।

    उत्तर प्रदेश
    जिला लखीमपुर खीरी में BJP विधायक योगेश वर्मा को थप्पड़ मारा। इसके बाद विधायक समर्थकों ने थप्पड़ मारने वाले बार एसोसिएशन अध्यक्ष अवधेश सिंह को पीटा।  

    उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक विवाद की घटना सामने आई है, जिसमें बीजेपी विधायक योगेश वर्मा को थप्पड़ मारे जाने की बात सामने आई है। इस घटना के बाद विधायक के समर्थकों ने थप्पड़ मारने वाले व्यक्ति, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश सिंह, पर हमला कर दिया और उन्हें पीटा।
    घटना के पीछे का कारण स्थानीय विवाद या किसी मुद्दे को लेकर हो सकता है, लेकिन इसकी विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। इस घटना के बाद तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
    इस घटना ने स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। आगे की जानकारी के अनुसार, पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत करके मामले को शांत करने का प्रयास किया है। जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और आगे की कार्रवाई क्या की जाएगी।

  • योगी सरकार ने ई-रिक्शा चालकों के लिए जारी किया नया फरमान

    योगी सरकार ने ई-रिक्शा चालकों के लिए जारी किया नया फरमान

    योगी सरकार ने ई-रिक्शा चालकों के लिए जारी किया नया फरमान.. इन पर हो सकती हैं बड़ी कार्यवाही.
    लखनऊ:उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ई-रिक्शा चलाने वालों के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब ई-रिक्शा चलाने वालों का वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई नाबालिग ई-रिक्शा न चलाए। इसके अलावा, ई-रिक्शा के रूट भी तय किए जाएंगे, ताकि यातायात को बाधित किए बिना सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से सेवाएं प्रदान की जा सकें। टैक्सी स्टैंड भी यातायात को बाधित किए बिना संचालित किए जाएंगे। ये नियम यातायात व्यवस्था को सुधारने और सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाने में मदद करेंगे।

    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ई-रिक्शा चालकों के लिए नए सख्त नियम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुधारना और सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाना है। इन नए नियमों के तहत मुख्यतः निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान दिया गया है:

    1.वेरिफिकेशन अनिवार्य: अब हर ई-रिक्शा चालक का पुलिस वेरिफिकेशन आवश्यक होगा। इस कदम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नाबालिग या अपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग ई-रिक्शा न चला सकें।

    2.नाबालिगों पर प्रतिबंध: नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाने पर पूर्णत: रोक होगी। इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

    3.रूट तय होंगे: ई-रिक्शा चालकों के लिए निश्चित रूट तय किए जाएंगे ताकि वे यातायात में बाधा उत्पन्न न करें। इससे मुख्य सड़कों पर जाम की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी और ई-रिक्शा का संचालन व्यवस्थित रूप से हो सकेगा।

    4.टैक्सी स्टैंड: ई-रिक्शा स्टैंडों को उचित तरीके से व्यवस्थित किया जाएगा ताकि सार्वजनिक स्थानों पर अराजकता न हो और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। यह प्रावधान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात की स्थिति सुधारने के लिए है।

    इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना और ई-रिक्शा जब्त करना शामिल हो सकता है। सरकार का यह कदम यातायात नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है, ताकि सड़कों पर बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।

  • मखाना की खेती को प्रोत्साहित कर किसानों का खजाना बढ़ाएगी योगी सरकार

    मखाना की खेती को प्रोत्साहित कर किसानों का खजाना बढ़ाएगी योगी सरकार

    मखाना की खेती को प्रोत्साहित कर किसानों का खजाना बढ़ाएगी योगी सरकार
    मखाना की खेती पर किसानों को मिलेगा प्रति हेक्टेयर 40 हजार रुपये अनुदान
    देवरिया जिले में गत वर्ष शुरू हुआ मखाना की खेती का प्रयोग गोरखपुर, कुशीनगर और महराजगंज जिले के लिए इस साल 33 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित
    गोरखपुर, 8 अक्टूबर। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार सतत प्रोत्साहन की योजनाएं लागू कर रही है। इसी सिलसिले में किसानों का खजाना बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने मखाना की खेती के लिए किसानों को अनुदान देने की व्यवस्था बनाई है। इसके लिए सरकार का विशेष ध्यान मखाना की सर्वाधिक खेती करने वाले बिहार के मिथिलांचल के समतुल्य जलवायु वाले पूर्वांचल पर है। सरकार ने पूर्वांचल के 14 जिलों में अनुदान पर मखाना की खेती के लिए लक्ष्य तय कर दिया है। इसमें गोरखपुर मंडल के देवरिया जिले में बीते साल से मखाना की खेती शुरू हो गई है जबकि मंडल के तीन अन्य जिलों गोरखपुर, महाराजगंज और कुशीनगर को कुल 33 हेक्टेयर में मखाना की खेती कराने का लक्ष्य दिया गया है। वैज्ञानिक अध्ययन में पाया गया है कि गोरखपुर मंडल की जलवायु में मिथिला जैसी उत्पादकता देने का सामर्थ्य है।

    मखाना की खेती ऐसी जगहों के लिए अधिक उपयुक्त हैं जहां खेतों में काफी पानी जमा रहता है। गोरखपुर मंडल में तालाबों की पर्याप्त संख्या तो है ही मंडल के कई ब्लॉक ऐसे हैं जहां लो लैंड एरिया में बारिश का पानी खेतों में काफी समय तक भरा रहता है। जाहिर सी बात है कि इन खेतों के किसान मखाना की खेती अपनाकर मालामाल हो सकते हैं। सरकार की तरफ से मखाना खेती के लिए अनुदान की व्यवस्था भी इसी मंशा से की गई है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।

    गोरखपुर मंडल के देवरिया जिले में मखाना की खेती का प्रयोग गत वर्ष ही शुरू हो चुका है। यहां के कई प्रगतिशील किसान और मत्स्यपालक राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र दरभंगा से मखाना का बीज मंगाकर खेती कर रहे हैं। इस तरह देवरिया मखाना खेती की शुरुआत करने वाला पूर्वांचल का पहला जिला बन चुका है। इस साल देवरिया में करीब पांच हेक्टेयर रकबे में मखाना की फसल तैयार है। अब सरकार मंडल के अन्य जिलों के किसानों को भी इससे जोड़ने में जुट गई है। मसलन देवरिया के बगल में कुशीनगर जिले में 13 हेक्टेयर रकबे में मखाना की खेती कराने का लक्ष्य मिला है। इसमें से अबतक 8 हेक्टेयर से अधिक रकबे में खेती करने के लिए 16 किसानों का प्रस्ताव उद्यान विभाग ने मंजूर भी कर लिया है। गोरखपुर में 10 हेक्टेयर रकबे में मखाना की खेती कराने का उद्यान विभाग को दिया गया है। राजकीय उद्यान के अधीक्षक पारसनाथ बताते हैं कि कुल लक्ष्य में 20 प्रतिशत से यानी गोरखपुर में 2 हेक्टेयर रकबे में मखाना की खेती के लिए अनुसूचित जाति के किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 8 हेक्टेयर रकबा सामान्य वर्ग के किसानों के लिए लक्षित है। इसी तरह महराजगंज जिले में भी उद्यान विभाग को 10 हेक्टेयर में मखाना की खेती कराने का लक्ष्य शासन से मिला है। पहले साल करीब 25 किसान इससे जुड़ेंगे।

    *40 प्रतिशत लागत की भरपाई अनुदान से*
    उद्यान विभाग में पंजीकरण कराकर मखाना की खेती करने वाले किसानों को सरकार प्रति हेक्टेयर 40 हजार रुपये का अनुदान देगी। एक हेक्टेयर में मखाना की खेती करने में करीब एक लाख रुपये की लागत आती है। ऐसे में लागत की 40 प्रतिशत भरपाई तो अकेले सरकारी अनुदान से ही हो जाएगी। एक हेक्टेयर के तालाब या पानी लगे खेत में औसतन प्रति हेक्टेयर 25 से 29 क्विंटल पैदावार हासिल होती है। वर्तमान में अच्छी क्वालिटी के मखाना का प्रति किलो थोक भाव औसतन एक हजार रुपये है।

    *नर्सरी डालने से लेकर फसल तैयार होने में लगता है दस माह*
    मखाना की खेती तालाब या औसतन तीन फीट पानी भरे खेत में होती है। नवंबर महीने में इसकी नर्सरी डाली जाती है और चार माह बाद (फरवरी-मार्च में) इसकी रोपाई की जाती है। रोपाई के करीब पांच महीने बाद पौधों में फूल लगने लगते हैं। अक्टूबर-नवम्बर में इसकी कटाई शुरू होती है। नर्सरी डालने से लेकर कटाई तक कुल दस माह का समय फसल तैयार होने में लगता है। मखाना की खेती उन किसानों के लिए तो और भी फायदेमंद है जो पहले से अपने निजी तालाबों में मछली पालन करते हैं।

    *सुपरफूड के रूप में बढ़ रही मखाना की ख्याति*
    पोषक तत्वों का खजाना होने का कारण मखाना की ख्याति एक सुपरफूड के रूप में बढ़ रही है। कोरोना के बाद लोगों में स्वास्थ्य और प्रतिरक्षण प्रणाली को मजबूत करने के लिए जागरूकता काफी बढ़ी है और इसके चलते मखाना की मांग में भी काफी तेजी से वृद्धि हुई है। लो कैलोरी होने के साथ मखाना में प्रोटीन, फॉस्फोरस, फाइबर, आयरन और कैल्शियम भरपूर पाया जाता है। इसका सेवन पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ हृदय, उच्च रक्तचाप और मधुमेह नियंत्रण के लिए मुफीद माना जाता है।

  • सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी जिला

    सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी जिला

    सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी जिला महासचिव रामनाथ यादव नगीना प्रसाद साहनी पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव बृजनाथ मौर्य नीरज शाही देवेंद्र भूषण निषाद अखिलेश यादव राहुल यादव एहतेशाम खान राजेंद्र यादव सुशीला भारती बिन्दा देवी गवीश दुबे आनन्द राय धन्नजय सिंह सैथवार अर्जून यादव रफीउल्लाह सलमानी बैजन्ती मनोज आविद आदि मौजूद रहे

    यह विवरण समाजवादी पार्टी (सपा) के किसी विशेष कार्यक्रम, सभा या आयोजन से संबंधित प्रतीत होता है, जिसमें पार्टी के प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम, महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, जिला महासचिव रामनाथ यादव, नगीना प्रसाद साहनी, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव सहित अन्य प्रमुख नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    इसके अलावा, बृजनाथ मौर्य, नीरज शाही, देवेंद्र भूषण निषाद, अखिलेश यादव, राहुल यादव, एहतेशाम खान, राजेंद्र यादव, सुशीला भारती, बिन्दा देवी, गवीश दुबे, आनंद राय, धन्नजय सिंह सैथवार, अर्जून यादव, रफीउल्लाह सलमानी, बैजन्ती मनोज और आविद जैसे नेता भी इस कार्यक्रम में भागीदार थे।
    यह आयोजन संभवतः किसी राजनीतिक चर्चा, आंदोलन या सपा की आंतरिक बैठक से संबंधित हो सकता है, जिसमें पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और संगठन के मुद्दों या आगामी चुनावों पर विचार-विमर्श किया होगा।

  • सीएम योगी आदित्यनाथ ने बसपा के संस्थापक काशीराम की पुण्यतिथि पर किया नमन

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने बसपा के संस्थापक काशीराम की पुण्यतिथि पर किया नमन

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने बसपा के संस्थापक काशीराम की पुण्यतिथि पर किया नमन.
    दलितों, वंचितों एवं शोषितों के प्रखर स्वर, बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। योगी आदित्यनाथ ने कांशीराम के योगदान को दलितों, वंचितों और शोषितों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण बताया।
    कांशीराम को भारतीय राजनीति में एक प्रमुख दलित नेता के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने दलितों और वंचित समाज के हकों के लिए लड़ाई लड़ी और उन्हें एक राजनीतिक पहचान दिलाई। 1984 में उन्होंने बसपा की स्थापना की, जो मुख्य रूप से दलितों और अन्य पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा और उनकी आवाज को सशक्त बनाने के लिए समर्पित थी।
    योगी आदित्यनाथ ने कांशीराम को उनके आदर्शों और सामाजिक न्याय की दिशा में किए गए संघर्ष के लिए याद किया, और उनके द्वारा दलितों और वंचितों के हक के लिए की गई कोशिशों की सराहना की।