Category: न्यूज़

Your blog category

  • योग गुरु परमहंस योगानंद की जन्मस्थली का निर्माण अधर में

    योग गुरु परमहंस योगानंद की जन्मस्थली का निर्माण अधर में

    योग गुरु परमहंस योगानंद की जन्मस्थली का निर्माण अधर में,

    19 करोड़ के बंदरबांट के बाद भी नही शुरू हो सका काम,

    भूमि के असली मालिक के वारिस ने ली न्यायालय की शरण,

    रिपोर्ट: मनव्वर रिज़वी,

    गोरखपुर । लगभग 19 करोड़ रुपया खर्च करने के बाद भी पूरी दुनिया को योग का पाठ पढ़ाने वाले परमहंस योगानंद की जन्मस्थली को नए सिरे से बनाने की योजना पर ग्रहण लगा हुआ है।
    योगी सरकार द्वारा योगानन्द जी की जन्मस्थली को संजोने और नए कलेवर में मन्दिर से लेकर योग सेंटर और म्यूज़ियम निर्माण की तैयारी पूरी हो चुकी है। कोतवाली से सटे उनके जन्मस्थान की भूमि व भवन का अधिग्रहण लगभग कर लिया गया है, परन्तु पूरी रूप रेखा बन जाने के बाद भी काम शुरू नही हो सका है।
    योग गुरु योगानन्द जन्मस्थली के लिए आराजी नम्बर 70, 71, 72 और 73 का अधिग्रहण किया जाना था। राजस्व अभिलेखों में उक्त भूमि के खेवटदार जव्वाद अली शाह हैं।
    सूत्रों की माने तो सिर्फ अधिग्रहण के नाम पर 19 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। रजिस्ट्री की कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है।
    इस बीच खबर ये भी है कि जन्मस्थली की भूमि के खेवटदार जव्वाद अली शाह के वारिस अदनान फर्रुख अली शाह द्वारा उचित मुआवजे पर सहमति न बन पाने के कारण अदालत का रुख कर लिया गया है, जिससे अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने पर ग्रहण लग गया है।
    वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी का कहना है कि योग भवन के निर्माण का खाका तैयार हो चुका है। डीपीआर स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है, स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। भूमि सम्बन्धी जानकारी के लिए उन्होंने तहसील से सम्पर्क करने की बात कही,जबकि पहले मिली जानकारी के अनुसार भूमि तल सहित चार तल के भवन के निर्माण के लिए 31 करोड़ रुपये की स्वीकृति शासन से प्राप्त होने की बात कही जा रही थी और फरवरी के पहले सप्ताह से निर्माण कार्य शुरू करा देने की पर्यटन विभाग की तैयारी थी।
    आपको बताते चलें कि जन्मस्थली के भवन को लेकर शुरू से विवाद की स्थिति बनी थी। मकान मालिक अच्छन बाबू और उनके पुत्र अलाउद्दीन उर्फ शेखू नवाब का कहना था कि वह जन्मस्थली के असली मालिक हैं, जबकि जन्मस्थली वाले मकान में मिर्ज़ा समीउल्लाह बेग के वारिसान रहते थे लेकिन राजस्व अभिलेखों पूरी भूमि के मालिक जव्वाद अली शाह हैं।

    बहरहाल सदर तहसील के जिम्मेदारों का ये नायाब कारनामा कहा जायेगा कि खेवटदार से एनओसी लिए बिना ही भूमि सहित मकान की रजिस्ट्री करा ली गई और मुआवज़े की लगभग 19 करोड़ की रकम का अच्छन बाबू और मिर्ज़ा समीउल्लाह बेग के वारिसों में मनमाने ढंग से बंदरबांट कर दिया गया।

  • धारदार हथियार लेकर भारत में घुसे बांग्लादेशी, BSF जवानों पर किया हमला

    धारदार हथियार लेकर भारत में घुसे बांग्लादेशी, BSF जवानों पर किया हमला

    धारदार हथियार लेकर भारत में घुसे बांग्लादेशी, BSF जवानों पर किया हमला; बॉर्डर पर बढ़ी टेंशन,

    पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ जवानों पर हमला हुआ है। आधी रात कई बांग्लादेशी भारतीय सीमा में घुस आए। जब बीएसएफ के जवानों ने बांग्लादेशियों को रोकने की कोशिश की तो उन लोगों ने हमला कर दिया।

  • पत्नी से कहासुनी के बाद पति ने लगाई फांसी, बुझ गया घर का इकलौता चिराग

    पत्नी से कहासुनी के बाद पति ने लगाई फांसी, बुझ गया घर का इकलौता चिराग

    संवाददाता– एस.पी. सिंह

    गोरखपुर, सहजनवा ।

    हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के गोरहडीह गाव निवासी प्रह्लाद गोंड का इकलौता लड़का सत्यम (उम्र– 25 वर्ष) ने फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली । मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम को भेज दिया ।
    बताते चले कि मृतक सत्यम की शादी लगभग दो वर्ष पूर्व हुई थी, मंगलवार शाम को उसकी पत्नी से झगड़ा हुआ, फिर उसने अपनी पत्नी को दूसरे कमरे में बन्द कर अपने आप को एक अलग कमरे में बन्द कर छत की कुंडी से रस्सी के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली । सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजा, मृतक की भी कोई संतान नही थी ।वही इकलौते लड़के की मौत से पिता प्रह्लाद गोंड़ पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा ।

  • लाश मिलने की सूचना पर हलकान रही सहजनवां पुलिस

    लाश मिलने की सूचना पर हलकान रही सहजनवां पुलिस

    संवाददाता– एस.पी. सिंह
    गोरखपुर, सहजनवा ।

    बुधवार को सहजनवां थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चांदबारी के राजस्व गांव रानूखोर में स्थित पुलिया के नीचे बोरे में रखा कुछ कचरे को देख कर ग्रामीणों ने बोरे में लाश होने की आशंका जाहिर करते हुए पुलिस को सूचना दे दिया । जिससे सहजनवां पुलिस हलकान हो गई और बोरे को खोला तो नजारा कुछ और था । इसके बाद पुलिस लौट आई ।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार सहजनवां थाना क्षेत्र के रानूखोर पुलिया के नीचे दिन में सुबह 10.30 बजे के करीब ग्रामीणों ने बोरे में भरा कुछ चीज को देखकर लाश होने की आशंका जाहिर करते हुए पुलिस को सूचना दे दिया । सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और पुलिया के नीचे से बोरे को खोल कर देखा तो उसमें अस्पताल के गंदगी का सामान भरा था । इसके बाद पुलिस राहत की सांस लेते हुए वापस लौट आई ।
    इस संदर्भ में थानेदार विशाल उपाध्याय ने कहा कि बोरे की जांच कराई गई । जिसमें अस्पताल की गंदगी भरी थी ।

  • मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए मतदान आज

    मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए मतदान आज

    अयोध्या : मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए मतदान आज , 414 बूथों पर होगा मतदान, सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा मतदान।

    3 लाख 70 हजार 829 मतदाता 10 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे, प्रमुख रूप से भाजपा के चंद्रभानु पासवान और सपा के अजीत प्रसाद चुनाव मैदान में है।

    210 मतदेय स्थलों की वेब कास्टिंग होगी, 25 मत देय स्थल की वीडियोग्राफी होगी,
    71 मतदान केंद्र पर माइक्रो ऑब्जर्वर लगाए गए है,09 टीम उड़न दस्ता,
    09 टीम स्टैटिक निगरानी टीम,
    06 टीम वीडियो निगरानी, दो सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, 04 जोनल मजिस्ट्रेट,
    41 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात होंगे, सिविल पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स के साथ मतदान संपन्न कराए जाएंगे।

    3 लाख 70 हजार 829 मतदाता 10 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे, जिसमे 1 लाख 92 हजार 984 पुरुष मतदाता,1 लाख 77 हजार 838 महिला मतदाता, सात थर्ड जेंडर भी करेंगे मतदान, विधानसभा क्षेत्र में 4811 नए युवा मतदाता,विधानसभा में है 255 मतदान केंद्र, 414 मत देयस्थल है।

    ये है प्रत्याशी,

    अजीत प्रसाद (समाजवादी पार्टी) – साइकिल,

    चन्द्रभानु पासवान (भारतीय जनता पार्टी) – कमल,

    राम नरेश चौधरी (मौलिक अधिकार पार्टी) – आटो रिक्शा,

    सुनीता (राष्ट्रीय जनवादी पार्टी (सोसलिष्ट) – आरी,

    संतोष कुमार (आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) – केतली

    निर्दलीय अरविन्द कुमार – हाथ गाड़ी,

    कंचनलता – द्वार घंटी,

    भोलाना – अंगूठी (कांग्रेस बागी),

    वेद प्रकाश – फुटबाल खिलाड़ी,

    संजय पासी – कैमरा चुनाव चिन्ह।

  • चौरी चौरा क्रांति के नायक शहीद अब्दुल्लाह अंसारी के नाम हुआ शानदार मुशायरा

    चौरी चौरा क्रांति के नायक शहीद अब्दुल्लाह अंसारी के नाम हुआ शानदार मुशायरा

    गोरखपुर, 4 फरवरी। चौरी चौरा आंदोलन की वर्षगांठ पर अंसार अदबी सोसाइटी, गोरखपुर के तत्वावधान में एक भव्य मुशायरे का आयोजन किया गया। यह आयोजन समाजवादी पार्टी के महानगर उपाध्यक्ष इमरान दानिश के दौलत कदे पर हुआ, जिसमें शहर की जानी-मानी अदबी और सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की। इस आयोजन की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर सरवत जमाल ने की, जबकि संचालन हाफिज नासिरुद्दीन नासिर ने किया। कार्यक्रम के कन्वीनर असरार उल हक और कोऑर्डिनेटर इमरान दानिश ने सभी मेहमानों का माला पहनाकर स्वागत किया।

    इस मौके पर असरार उल हक ने कहा, “चौरी चौरा क्रांति के नायक शहीद अब्दुल्लाह अंसारी और उनके सैकड़ों साथियों की कुर्बानियों के बिना आजादी का इतिहास अधूरा है। हम उन्हें याद कर अपनी नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।” इसके बाद मुशायरे का दौर शुरू हुआ, जिसमें शहर के कई मशहूर शायरों ने अपने कलाम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    सरवत जमाल ने पढ़ा—
    “गुलाम कदमों तले पड़ा था पर उसका बेटा,
    उबल पड़ा न, समझ है थोड़ा, जवान है ना!”

    हाफिज नासिरुद्दीन अंसारी ने अपने अशआर में कहा—
    “ज़मीने हिन्द को खूने जिगर देकर संवारा है,
    किताब-ए-दिल का उनवां थे शहीद अब्दुल्लाह अंसारी।”

    दीदार बस्तवी ने श्रोताओं को प्रभावित किया—
    “आखिरी बार मिला है तो ज़रा हंस कर मिल,
    फिर ये डिंपल तेरे गालों में नहीं आएँगे।”

    बिस्मिल नूरी ने अपने कलाम से जज़्बा-ए-ईसार को बयां किया—
    “इंसान यूं है जज़्बा-ए-ईसार के बगैर,
    जैसे कोई नियाम हो तलवार के बगैर।”

    सिद्दीक मजाज़ ने अपनी शायरी से समाज की हकीकत बयां की—
    “सभी को नाज़ रहा अपनी खुश-बयानी पर,
    मगर असर तो किसी की ज़ुबान में न हुआ।”

    बहार गोरखपुरी ने अपने अंदाज में कहा—
    “अब ज़माना पुराना आ गया,
    चिट्ठियों का ज़माना आ गया।”

    शाकिर अली शाकिर ने शहीदों को इस तरह श्रद्धांजलि दी—
    “शहादत की मिला करती है खुशबू,
    हवा आती है जब मैसूर होकर।”

    वसीम मजहर ने समाज की हकीकत बयान की—
    “हम कभी इस तरह मंज़िल पर पहुंच सकते नहीं,
    हम वफादारी निभाएं, आप मक्कारी करो।”

    अब्दुल्लाह जामी ने अपने कलाम में इबादत का संदेश दिया—
    “अपने अल्लाह से जो कहना है,
    अपने हाथों को तुम उठा के कहो।”

    इस यादगार आयोजन में शहर के प्रमुख बुद्धिजीवी और समाजसेवी भी मौजूद रहे। मेहमानों में सैयद अफराहीम, डॉक्टर ताहिर अली सब्जपोश, अरमानउल्लाह अंसारी एडवोकेट, डॉक्टर अशफाक उमर, अरशद जमाल सामानी, सैयद वलीउल इकबाल, काशिफ अली और सईद अहमद प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम के समापन पर कोऑर्डिनेटर इमरान दानिश ने सभी मेहमानों और शायरों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान मोहम्मद शोएब, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद रेहान, मारूफ आदि भी मौजूद रहे। यह मुशायरा शहीद अब्दुल्लाह अंसारी की कुर्बानियों को याद करते हुए देशभक्ति और अदब की अनूठी मिसाल बना, जिसे श्रोताओं ने देर तक सराहा।

  • वक़्फ़ डीड के विपरीत यतीमों के वक़्फ़ पर मोतवल्ली का कब्ज़ा

    वक़्फ़ डीड के विपरीत यतीमों के वक़्फ़ पर मोतवल्ली का कब्ज़ा

    यतीमखाने वाले वक़्फ़ नम्बर 87 का हाल बेहाल,

    वक़्फ़ डीड के विपरीत यतीमों के वक़्फ़ पर मोतवल्ली का कब्ज़ा,

    वक़्फ़ की अन्य सम्पत्तियों पर भी काबिज़ हैं हारिस मोतवल्ली,

    मनव्वर रिज़वी,

    गोरखपुर । जिले में बड़ी संख्या में ऐसी वक़्फ़ सम्पत्तियां है जिसपर एक व्यक्ति या परिवार का कब्ज़ा है।
    ऐसा ही एक वक़्फ़ है जो सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड में वक़्फ़ खान बहादुर मौलवी हमीदुल्लाह खान, वक़्फ़ नम्बर 87 दर्ज है। जिसको यतीमखाने वाले वक़्फ़ के नाम से लोग जानते और पहचानते हैं । शहर के जाफरा बाज़ार में कर्बला रोड पर कभी यतीमखाना हुआ करता था जो अब इतिहास में कहीं खो गया है।
    एक अनुमान के मुताबिक इस वक़्फ़ में 2 से ढाई हजार एकड़ ज़मीन दर्ज है। जिसको खान बहादुर मौलवी हमीदुल्लाह ने सन 1941 में रजिस्टर्ड डीड के माध्यम से वक़्फ़ किया था जो वर्तमान में गोरखपुर और बस्ती मण्डल में फैली है।

    कौन है यतीमखाने वाले वक़्फ़ का मोतवल्ली,

    महबूब सईद हारिस इस वक़्फ़ के मोतवल्ली हैं, जबकि उससे पहले इनके पिता हामिद अली इस वक़्फ़ के मोतवल्ली हुआ करते थे।
    महबूब सईद हारिस के बारे में यह कहना गलत नही होगा कि गोरखपुर जिले के अधिकांश बड़े वक़्फ़ इनके कब्ज़े में या उनमे इनका दखल है।
    हारिस बाबू की गिनती शहर के बड़े मुस्लिम रईसों में होती है। वर्तमान में यह मियां साहब इस्लामियां इंटर कालेज के प्रबंधक हैं, इसके अलावा अंजुमन इस्लामियां व जव्वाद अली शाह पीजी कालेज की कमेटी में भी इनका दखल है।

    मोतवल्ली व इंतजामिया वक़्फ़ कमेटी का गठन और अधिकार,

    बात वक़्फ़ नम्बर 87 की करें तो वक़्फ़ डीड के अनुसार मोतवल्ली के अलावा इसकी चार सदस्यों की इंतेजामिया वक़्फ़ कमेटी होगी।
    सैयद जाहिद अली सब्ज़पोश इस वक़्फ़ के पहले मोतवल्ली नियुक्त किए गए उसके बाद सैयद काजिम अली को मौलवी साहब ने मोतवल्ली की जिम्मेदारी सौंपने और बाद में करीबी रिश्तेदार को मोतवल्ली पद पर वरीयता देने की बात वक़्फ़ डीड में कही गई ।
    इसी प्रकार 4 सदस्यों की एक इंतजामिया वक़्फ़ कमेटी बनाई जिसका काम यतीमखाने की पूरी तरह देखभाल करने के अलावा मोतवल्ली के कामों पर नज़र रखना और साल में एक बार हिसाब किताब करना था।
    किसी सदस्य का स्थान रिक्त होने पर नए सदस्य की नियुक्ति का प्रावधान भी मोतवल्ली की तरह डीड में दर्ज है। इस वक़्फ़ नंबर 87 की पहली इंतेजामिया वक़्फ़ कमेटी में काजी तलम्मुज़ हुसैन, काजी अजिमउल हक, मोहम्मद इब्राहिम व मुंशी अब्दुल मजीद शामिल थे।

    यतीमखाने के साथ गायब हो गई इंतेजामिया वक़्फ़ कमेटी,

    हज़ार एकड़ से ज़्यादा सम्पत्ति वाले इस वक़्फ़ की आमदनी का 50% हिस्सा यतीमखाने पर खर्च करने की बात वक़्फ़ डीड में दर्ज है।
    लेकिन आज न तो यतीमखाना बचा और न ही कोई इंतेजामिया वक़्फ़ कमेटी ही वजूद में है। यानी करोड़ो रूपये की आमदनी वाले इस वक़्फ़ की सारी आमदनी मोतवल्ली की जेब में जा रही है।
    वक़्फ़ डीड के विपरीत जाफरा बाज़ार यतीमखाने को बंद करके वहां अन्य धार्मिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
    कहना गलत नही होगा कि गरीबों, बेसहारा, बेवाओं और यतीमों के लिए बनाए गए इस वक़्फ़ पर एक व्यक्ति का कब्ज़ा हो चुका है और हज़ारों एकड़ की सम्पत्ति वाला ये वक़्फ़ उनकी निजी मिल्कियत में लगभग शामिल हो गया है।

    कहाँ कहाँ है यतीमखाने वाले वक़्फ़ की सम्पत्ति,

    वक़्फ़ नम्बर 87 की वक़्फ़ डीड के मुताबिक इस वक़्फ़ की सम्पत्ति तत्कालीन बस्ती जिले में कुल 7 जगहों पर जबकि गोरखपुर में 10 जगहों पर स्थित है। जिसमे जगदीशपुर खुर्द, मुडिला, भीमापार टुकड़ा दोयम, गंगइचा में 16 आना यानी 100 प्रतिशत जबकि तत्कालीन गोरखपुर के 10 अलग अलग जगहों पर सैकड़ों एकड़ की सम्पत्ति दर्ज है।
    गोरखपुर में अकेले सिर्फ जंगल ज़ैनुलआब्दीन उर्फ जैनपुर में ही वक़्फ़ नम्बर 87 की कुल सम्पत्ति 9 आना 3 पाई दर्ज है, जो लगभग 360 एकड़ होती है। लेकिन यहां वर्तमान समय में 87 या 88आ एकड़ ज़मीन ही बची है। बाकी ज़मीन कहाँ गई इसका जवाब वर्तमान मोतवल्ली ही दे सकते हैं। फिलहाल 21 सितम्बर 2024 को वक़्फ़ सर्वे आयुक्त की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने मुख्य राजस्व अधिकारी को जांच कर कार्यवाही के लिए लिखा है।

    क्या कहना है मुख्य राजस्व अधिकारी का,

    इस सम्बंध में जब मुख्य राजस्व अधिकारी से उनके दूरभाष नम्बर पर बात की गई तो उनका कहना था कि “मैं अभी नया आया हूँ, मुझे इस सम्बंध में जानकारी नही है, पता करके बताऊंगा।”

    क्या कहता है कानून,

    धार्मिक संस्था के लिए प्रयोग की जा रही वक़्फ़ की संपत्ति का कोई भी लाभ यदि व्यक्तिगत रूप से लिया जा रहा है तो वह संपत्ति सीलिंग के दायरे में आएगी ।
    इस सम्बंध में सिलिग एक्ट की धारा 6(च) में उल्लेख है कि वह भूमि जो 1959 से पहले किसी ऐसे सार्वजनिक धार्मिक या पूर्व वक़्फ़/न्यास/विन्यास या संस्था द्वारा या उसके अधीन धृत (धारण) हो, जिनकी आय का उपभोग धार्मिक या पूर्व प्रयोजन के लिए किया जाता हो, और वह ऐसा वक़्फ़, न्यास, विन्यास न हो जिसका पूर्णता अथवा आंशिक रूप से लाभार्थी उसका संस्थापक या उसके परिवार के सदस्य या उसके वंशज हो।

  • समस्याओं का धुआंधार निस्तारण कर रहे डीएम व एसपी

    समस्याओं का धुआंधार निस्तारण कर रहे डीएम व एसपी

    ब्यूरो चीफ (आजमगढ़ मण्डल) सतीश चंद्र शुक्ल सत्पथी की खास रिपोर्ट,

    जौनपुर। जनपद के कोने-कोने से आए फरियादियों की समस्याओं का सुगमता पूर्वक निस्तारण करने में जिले के वर्तमान जिलाधिकारी एवं कप्तान अव्वल साबित हो रहे है। बता दें कि इसके पूर्व के जिलाधिकारी की कार्यशैली कितनी बेहतर थी, उससे जनपद वासी भिज्ञ है, लेकिन वर्तमान डीएम डॉक्टर दिनेश चन्द्र सिंह, जिनके नाम का पर्याय सूर्य होता है, वह सूर्य की भांति जरूरत मन्द एवं पीड़ित व्यक्तियों के साथ न्याय निस्तारण में निरंतर दिलचस्पी लेते देखे गए हैं।

    कौस्तुभ शब्द का कोई पर्यायवाची शब्द बना ही नहीं है। कौस्तुभ एक दिव्य रत्न है, जिसे भगवान विष्णु अपने वक्ष पर पहनते हैं। कौस्तुभ को कौस्तुभ मणि भी कहा जाता है। यह विरल संयोग है कि दोनों वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने नाम के आगे डॉक्टर लिखवाने की महान उपलब्धि हासिल किया है। दोनों वर्तमान समय में जनपद के लिए बहुत ही गंभीर आचार विचार से कल्याणकारी सिद्ध हो रहे हैं।

    यह संयोग ही है कि डॉ0 कौस्तुभ, न्याय, निष्ठा व सादगी के साथ सख्ती के परिचायक है, तो डॉक्टर दिनेश कुमार फटाफट अंदाज में जनता की समस्याओं को सुनते और बारीकी से विश्लेषण कर उनका निस्तारण करते देखे जाते हैं।

    इस संवाददाता ने प्राय: यहीं पाया की दोनों अधिकारियों में उच्च कोटि की प्रशासनिक क्षमता है, जिससे जनपद दिनानुदिन गतिमान होते दिख रहा है, चाहे जिले की सुरक्षा – संरक्षा का प्रश्न हो या अपराध एवं अपराधियों को चिन्हित और गिरफ्तार करने का सवाल हो, एस पी के महफूज तेवर से जनपद में इस समय अपराधों पर लगाम लगा हुआ है। थानेदारों की स्थिति निहायत भयावह बनी हुई है। लोग उच्च अधिकारी तक बात न बिखरे इस पीड़ा में पुलिस के अधिकारी निरंतर गतिमान बने हुए हैं। जिले में जिलाधिकारी के रूप में अपने प्रभावी आगमन से जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनने उसको निपटाने के अंदाज के लिए जिलाधिकारी डाॅ0 दिनेश चंद्र काफी दिनों से लंबित मामलों को चंद मिनट में निपटाते और उसपर प्रभावी अमल कराने का श्रेय लेते हैं। यह कोई जादुई आंकड़ा नहीं है, कार्य है तो दिखेगा भी वर्तमान के कंप्यूटरीकृत इस युग में जहां मीडिया और शासन सत्ता से जुड़े लोग उच्च प्रशासनिक अधिकारियों की कमियां खोजने में अपनी उर्जा लगाते रहते हैं, वहीं यह दोनों अधिकारी अंगुल – अंगुल इंच विशुद्ध पारदर्शी अंदाज में आम जनमानस की भलाई करते देखे गए।

    यहां यह भी उल्लेख करना जरूरी है कि जिलाधिकारी की सुरक्षा में लगे सुरक्षा अधिकारी की कमान संभालने वाले की भूमिका और अनुभव का लाभ जिलाधिकारी को निरन्तर मिल रहा है, जिससे अब वह कलेक्ट्रेट कर्मचारियों के लिए भयावह परीक्षा का सबब बनता दिख रहा हैं, जिसकी समूचे कलेक्ट्रेट परिसर में चर्चाएं खास है। यह बात दीगर है कि पुलिस विभाग ने अपने जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की खोज खबर लेना मुनासिब नहीं समझा है और वह अपने सफलतम क्रियाकलापों में निरंतर मशगूल रहकर कार्यालय एवं जिलाधिकारी आवास पर बेहतर सुरक्षात्मक सेवायें देता आ रहा है। सत्ताधारी नेताओं विपक्षी नेताओं एवं निजी स्वार्थों की प्रतिपूर्ति करने वाले तमाम समाज सुधारकों ,जो निरन्तर अपनी फर्जी धाक जमाने के लिए डी एम , एस पी कार्यालय की प्रतिदिन परिक्रमा करते देखे जाते हैं, उन्हें यह सब आखिर कब दिखेगा । लोकतंत्र में कलम को हथियार के रूप में प्रयोग करने वाले ही सच को सच लिखने का साहस करते हैं ।

  • छात्रा से छेड़खानी और मारपीट पर दो सगे भाइयों समेत चार पर केस दर्ज

    छात्रा से छेड़खानी और मारपीट पर दो सगे भाइयों समेत चार पर केस दर्ज

    संवाददाता– एस.पी. सिंह
    गोरखपुर, सहजनवा ।

    हरपुर बुदहट थाना अंतर्गत सोनबरसा चौकी क्षेत्र के एक गांव में बीते रविवार को सरसों के खेत गयी छात्रा से छेड़छाड़ करने और विरोध करने पर उसे मारपीट कर घायल कर देने के मामले में हरपुर बुदहट पुलिस ने पीड़ित छात्रा की शिकायत पर उसी के गांव के दो सगे भाइयों समेत चार लोगों पर सम्बन्धित धाराओ में मुकदमा दर्ज कर आरोपीयो की तलाश तेज कर दी है।
    पीड़ित हाईस्कूल की छात्रा ने पुलिस को दिए तहरीर में बताया कि रविवार को स्कूल की छुट्टी थी, वह दोपहर में सरसों के खेत की तरफ गयी थी, वही पुरानी जमीनी रंजिश में पड़ोसी जाकिर अली, जब्बार अली पुत्रगण होशिलादार, अदनान पुत्र औशान अली, और समीर पुत्र जाकिर अली ने उसे पकड़ लिया और छेड़छाड़ करने लगे । छात्रा ने जब इसका विरोध किया तो सभी भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए मारपीट कर छात्रा को घायल कर दिये।
    पुलिस ने चारों आरोपियों पर बीएनएस की सम्बन्धित धारा के तहत सोमवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • न्यायालय के आदेश पर दो साल बाद दर्ज हुआ मुकदमा

    न्यायालय के आदेश पर दो साल बाद दर्ज हुआ मुकदमा

    संवाददाता– एस.पी. सिंह

    गोरखपुर, सहजनवा ।

    न्यायालय के आदेश पर दो वर्ष बाद सोमवार को हरपुर बुदहट पुलिस एक मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी हुई है । थाना क्षेत्र के तुर्कवलिया निवासी सुरेश पुत्र भजुराम यादव ने न्यायालय में 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि 24 नवम्बर 2022 को विपक्षीगण गाव का सार्बजनिक रास्ता अवरुद्ध कर रहे थे, इसका विरोध जब मैंने किया तो विपक्षीगण ने मुझे भद्दी-भद्दी गाली देते हुए मेरा शर्ट फाड़ दिया था । पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जयचंद पुत्र सीताराम, आदित्य पुत्र जयसिंह निवासीगण तुर्कवलिया थाना हरपुर बुदहट पर धारा 426, 504 के तहत केस दर्ज किया है ।