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  • मुख्यमंत्री योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर त्यौहारों पर कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखे का दिए निर्देश

    मुख्यमंत्री योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर त्यौहारों पर कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखे का दिए निर्देश

    मुख्यमंत्री योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर त्यौहारों पर कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखे का दिए निर्देश.
    आगामी डेढ़ माह त्यौहार की उमंग से परिपूर्ण होंगे बाजारों में भीड़ होगी ऐसे में पुलिस को फुट पेट्रोलिंग बढ़ानी होगी महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी.
    त्योहारों के बीच अनावश्यक बिजली कटौती न की जाए. तय रोस्टर के अनुसार गांव/शहर में बिजली आपूर्ति होनी चाहिए.
    पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं.
    शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ाई से पेश आएं
    त्योहारों के समय में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन का विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए
    गोरखपुर।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पांच कालिदास मार्ग लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडल, जोन, रेंज और जनपद के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को आगामी पर्व-त्योहारों में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के सम्बंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
    सीएम ने कहा कि बरावफात, गणेश चतुर्थी,विजयादशमी, दशहरा, दीपावली और छठ आदि महत्वपूर्ण पर्व त्योहार आगामी कुछ दिनों के भीतर हैं यह समय संवेदनशील है, हमें 24 घंटे अलर्ट मोड में रहना होगा उन्होंने कहा कि आगामी डेढ़ माह त्यौहार की उमंग से परिपूर्ण होंगे बाजारों में भीड़ होगी ऐसे में पुलिस को फुट पेट्रोलिंग बढ़ानी होगी महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी सीएम ने दिए निर्देश
    त्योहारों के बीच अनावश्यक बिजली कटौती न की जाए. तय रोस्टर के अनुसार गांव/शहर में बिजली आपूर्ति होनी चाहिए।
    माँ दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना समितियों से संवाद करें, प्रयास करें कि प्रतिमा की स्थापना सुरक्षित स्थान जैसे सार्वजनिक पार्क आदि में हो, ताकि सड़क पर सामान्य यातायात प्रभावित न हो आस्था और जनभावना का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए
    प्रतिमा विसर्जन के समय पुलिस बल की तैनाती के लिए स्थानीय जरूरतों के मुताबिक रणनीति तैयार करें विसर्जन के लिए समितियों से संवाद कर अस्थायी तालाब का निर्माण कराया जाना उचित होगा रामलीला हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा है इसमें बड़ी संख्या में आम जन सहभाग करते हैं देर रात तक रामलीला का मंचन चलता रहता है ऐसे में सुरक्षा की विधिवत व्यवस्था होनी चाहिए, पेट्रिलिंग बढ़ाई जानी चाहिए

    पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ाई से पेश आएं माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए।त्योहारों के समय में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन का विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए ग्राम्य विकास व नगर विकास विभाग इन सम्बंध में जरूरी कार्यवाही सुनिश्चित करायें।
    ड्रग माफिया, गौ-तस्कर, शराब माफिया, खनन माफिया और भू- माफिया सहित अवैध गतिविधियों में संलिप्त सभी अराजक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।

    खनन माफियाओं के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो, किसी भी घटना को छोटा मानकर नजरअंदाज न करें पुलिस बल को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहना होगा संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें और मौके पर उपस्थित हों जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल हो। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान एडीजी जोन डॉक्टर के एस प्रताप कुमार बहराइच से जुड़े रहे मंडलायुक्त सभागार गोरखपुर में प्रमुख सचिव शिक्षा एमपी अग्रवाल मंडलायुक्त अनिल ढींगरा डीआईजी गोरखपुर परिक्षेत्र गोरखपुर आनंद कुलकर्णी जिला अधिकारी कृष्ण करुणेश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल सीडीओ संजय कुमार मीना डीएफओ विकास यादव एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु वर्मा सीएमओ आशुतोष दुबे डीपीआरओ निलेश प्रताप सिंह सहित जनपद स्तर के समस्त अधिकारी मौजूद रहे।

  • दूरदर्शन आज 65वीं वर्षगांठ मना रहा है

    दूरदर्शन आज 65वीं वर्षगांठ मना रहा है

    दूरदर्शन आज 65वीं वर्षगांठ मना रहा है-
    देश में टेलीविजन प्रसारण की शुरुआत 15 सितंबर 1959 को दूरदर्शन से हुई थी। तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति डॉक्‍टर राजेन्‍द्र प्रसाद ने इसके पहले प्रसारण का उद्घाटन किया था।

    20 से 28 नवम्बर तक गोवा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में युवा फिल्म निर्माताओं के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ डेब्‍यू भारतीय फिल्म खंड’ की शुरूआत की जाएगी। इस खंड में अधिकतम 5 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए प्रविष्टियां 23 सितम्बर 2024 तक भेजी जा सकती हैं।

    दूरदर्शन, भारत का राष्ट्रीय सार्वजनिक सेवा प्रसारक, आज अपनी 65वीं वर्षगांठ मना रहा है। 15 सितंबर 1959 को, दूरदर्शन की शुरुआत दिल्ली में एक छोटे से प्रायोगिक प्रसारण के रूप में हुई थी। उस समय, दूरदर्शन केवल शैक्षिक और विकासात्मक कार्यक्रमों का प्रसारण करता था, और इसे भारत में टेलीविजन की शुरुआत के रूप में देखा गया था।

    ### दूरदर्शन का विकास:
    शुरुआत में, दूरदर्शन का प्रसारण केवल दिल्ली तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे इसका प्रसारण देश के अन्य हिस्सों तक भी फैलने लगा। 1982 में, जब भारत में एशियाई खेलों का आयोजन हुआ, तब पहली बार रंगीन प्रसारण की शुरुआत हुई, जिसने दूरदर्शन को एक नए युग में प्रवेश दिलाया। उस समय दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों में शैक्षिक, सांस्कृतिक और मनोरंजन से संबंधित शो शामिल थे।

    ### लोकप्रिय कार्यक्रम:
    दूरदर्शन पर कई लोकप्रिय धारावाहिक और कार्यक्रम प्रसारित हुए जिन्होंने भारतीय टेलीविजन इतिहास में अपनी पहचान बनाई, जैसे:
    – रामायण और महाभारत, जो धार्मिक और पौराणिक कथाओं पर आधारित थे और जिनका प्रसारण पूरे देश में बहुत प्रसिद्ध हुआ।
    – हम लोग, जो भारत का पहला सोप ओपेरा था।
    – बुनियाद, जो भारत की आजादी और विभाजन की कहानी पर आधारित था।
    – चित्रहार और रंगोली, जो हिंदी फिल्मी गीतों के शो थे।

    समाज और संस्कृति में योगदान:
    दूरदर्शन ने भारतीय समाज और संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला है। उस दौर में जब निजी चैनल्स नहीं थे, दूरदर्शन ने न केवल लोगों को मनोरंजन दिया, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और राष्ट्रीय एकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी लोगों को जागरूक किया। इसे एक ऐसा मंच माना गया जिसने पूरे देश को जोड़ने का काम किया.   आज का दूरदर्शन:
    आज दूरदर्शन के पास कई चैनल हैं जो अलग-अलग विषयों पर प्रसारण करते हैं, जैसे डीडी नेशनल, डीडी न्यूज़,  डीडी भारती ,डीडी स्पोर्ट्स आदि। इसके अलावा, दूरदर्शन डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर भी अपनी उपस्थिति बनाए हुए है, जिससे यह समय के साथ अपने कंटेंट को आधुनिक दर्शकों के हिसाब से ढाल रहा है।

    65 वर्षों के सफर में दूरदर्शन ने भारतीय मीडिया और टेलीविजन प्रसारण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक योगदान दिया है, और आज भी यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रसारक बना हुआ है।

  • Katras कतरास में बंदूक का भय दिखा पीएनजी कंपनी के कर्मियों से 40 हजार व टैब की लूट

    धनबाद : Katras कतरास में बंदूक का भय दिखा पीएनजी कंपनी के कर्मियों से 40 हजार व टैब की लूट


    Katras कतरास कोयलांचल के जोगता थाना क्षेत्र की बेलदारिया बस्ती के पास शनिवार की देर शाम अपराधियों ने बंदूक का भय दिखाकर पीएनजी कंपनी के कर्मियों से लूटपाट की. दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने कतरास से तगादा कर बाइक से लौट रहे कंपनी के रवि साव व जीतेन्द्र गोस्वामी से 40 हजार रुपए नकद व टैंब लूटकर फरार हो गए.

    बदमाशों ने दोनों के साथ मारपीट भी की. भागने के क्रम में अपराधियों की एक बाइक खराब हो गई, जिसे छोड़कर वे दूसरी बाइक से कतरास की ओर भाग निकले. घटना के बाद वहां लोगों की भीड़ जुट गई. खबर पाकर जोगता व तेतुलमारी थाने की पुलिस घटनास्थल पहुंची और भुक्तभोगियों व स्थानीय लोगों से जानकारी लेकर अपराधियों की बाइक जब्त कर ली. बाइक की तलाशी लेने पर डिक्की से 2 जिंदा बम बरामद किए गए.

    बताया गया कि कंपनी के दोनों कर्मी कतरास से तगादा कर मनाईटांड़ धनबाद लौट रहे थे. रास्ते में अपराधियों ने पीछाकर कर हथियार के बल पर घटना को अंजाम दिया. भुगतभोगियों ने बताया कि अपराधी नया मोड़ से ही उनका पीछा कर रहे थे. पुलिस ने कंपनी के दोनों कर्मियों को इलाज के अस्पताल भेज दिया. घटना की तहकीकात को लेकर कतरास थाना प्रभारी असीत कुमार सिंह दल-बल के साथ जुट गए.

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    कतरास में बंदूक का भय दिखा पीएनजी कंपनी के कर्मियों से 40 हजार व …

     

  • रील बनाने का लोगों को ऐसा चस्का लग गया है कि जान की परवाह भी नहीं कर रहे

    रील बनाने का लोगों को ऐसा चस्का लग गया है कि जान की परवाह भी नहीं कर रहे

    इस लड़की की रील बनाने के चक्कर मे रेल बन गई
    बाल बाल डूबने से बची
    हरिद्वार का वीडियो बताया जा रहा है।

  • मुझे एहसास हुआ कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व मुझे बहुत प्यार करता है

    मुझे एहसास हुआ कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व मुझे बहुत प्यार करता है

    मै कांग्रेस में जाने के फैसले को वापस लेता हूँ,” मै राम का था और राम का ही रहूंगा , आप सभी से मै क्षमा मांगता हूँ।
    कन्हैया मित्तल अब नहीं ज्वॉइन करेंगे कांग्रेस, वीडियो बयान जारी किया।

  • पूर्ण रोजगारयुक्त गोरखपुर, हर घर उद्यमिता, पलायन मुक्त पूर्वांचल और पर्यावरण स्वराज पर एबीवीपी डीडीयु की संयुक्त कार्यशाला।

    पूर्ण रोजगारयुक्त गोरखपुर, हर घर उद्यमिता, पलायन मुक्त पूर्वांचल और पर्यावरण स्वराज पर एबीवीपी डीडीयु की संयुक्त कार्यशाला।

    गोरखपुर, 10 सितंबर 2024: पूर्वांचल के युवाओं को नौकर बनने के बजाय मलिक के बनने उद्यमिता प्रारंभ करने के अनेक आयाम तथा विभिन्न उद्यमिता सेक्टर के संदर्भ में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, यूनिवर्सिटी आफ अगदर नॉर्वे तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की संयुक्त कार्यशाला में विस्तार से विमर्श हुआ। प्रो मोहन कोल्हे नोर्वे के उद्घाटन उद्बोधन में कहा कि एबीवीपी विश्व की सबसे बड़ी छात्र एवं युवा संगठन है और वर्तमान में भारत में 18 वर्ष से 37 वर्ष के 37 करोड़ युवाओं की शक्ति को राष्ट्र शक्ति में बदलने के लिए एबीवीपी निर्णायक भूमिका में है, स्वावलंबन कार्य को बड़े अभियान के तौर पर देशभर में तकनीकी से साथ चलाया जाना विकसित भारत 2047 के परिपेक्ष्य में बेहद महत्वपूर्ण है।
    प्रो मोहन कोल्हे ने आगे कहा की जमीनी स्तर पर उद्यमी खड़ा कर 37 करोड़ युवाओं को उद्यम से कनेक्ट करने से लगभग 25 लाख करोड़ का इंपोर्ट कम होगा तथा लगभग उतना ही 26 लाख करोड़ के आसपास का एक्सपोर्ट बढ़ सकेगा जिससे भारत विश्व की पहली आर्थिक महाशक्ति बन सकेगी। उर्जा स्वराज के लिए ग्रीन हाइड्रोजन, पीएम सूर्य घर योजना, गोवर्धन योजना, पर्यावरण स्वराज के साथ जलवायु संरक्षण को रेखांकित करते हुए विभिन्न प्रकार की अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी को ग्रामीण अंचलों में स्थानांतरित कर छोटे-छोटे उद्यमिता को शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से शुरू करने की कार्यतकनीक बताया गया।
    यूजीसी तथा एनआईआरएफ रैंकिंग एवं नैक मूल्यांकन में प्लेसमेंट सेल तथा प्लेसमेंट को के लिए अंक निर्धारित करने पर सवालिया निशान उठाते हुए कुलपति प्रो पूनम टंडन ने कहा कि प्लेसमेंट सेल की जगह “युवा-छात्र स्वावलंबन केंद्र” विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में स्थापित होना चाहिए। भारत में 37 करोड़ बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए इतनी मात्रा में नौकरी नहीं है, युवाओं को नौकरी की मानसिकता से निकालकर उन्हें अपने स्थानीय संसाधन तथा टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखकर हर_घर_उद्यमी की और सजग और प्रेरित करना होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर पर एक विशेष रणनीतिक कार्ययोजना पर तत्काल कार्य शुरू किया जायेगा।
    कुलपति ने यह भी कहीं कि विश्वविद्यालय से पढ़ने वाले ऐसे छात्र जो कोई दुकान या कोई उद्यमिता या कोई स्वरोजगार का कार्य कर रहा है वह भी एक प्रकार से प्लेसमेंट ही है केवल नौकरी को ही प्लेसमेंट मानना पूर्णत गलत है, इस संदर्भ में उद्यमिता का जैविक पता ही एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

    कार्यशाला के मुख्य वक्ता प्रो. विकाश के सिंह, डीन अमरकंटक विश्वविद्यालय ने 64-कलाओं आधारित सांस्कृतिक स्टार्टअप, सोलह सिंगार, हर्बल ब्यूटी – डेकोरेटिव प्रोडक्ट्स फैशन एसेसरीज, 108 जड़ी-बूटी, मोटाअनाज आधारित रेडी टू ईट छप्पन-भोग खानपान उधमिता, 108 भारतीय मसाला, वनौषधि- आयुष स्टार्टअप, ट्रेडिंग, जनजातीय उधमिता, हथकरघा-बुटीक गारमेंट्स, हस्तशिल्प, गोबर, पूजन सामग्री, फूड प्रोसेसिंग, शिल्प एवं हथकरघा, डेयरी, बेकरी, महुआ, जैव उर्वरक, घरेलू / दैनिक उपयोग की वस्तुओं, चमरा – फुटवियर, बायोप्लास्टिक, स्पोर्ट्स आइटम, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक, सेमीकंडक्टर – मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक, नेचुरोपैथी एक्यूप्रेशर, संगीत एवं मनोरंजन उपकरण, 3डी प्रिंटिंग, सौर ऊर्जा, बैटरी इलेक्ट्रिकल वाहन स्टार्टअप सहित अभिरुचि के अनुसार पूर्वांचल के 17 जिला के युवाओं को उद्यम का मालिक बनाये जाने की तकनीक को विस्तार से बताया।
    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री श्री चंद्रशेखर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि को उद्यमिता से जोड़कर और क्वालिटी प्रोडक्ट की प्रोसेसिंग के माध्यम से बड़े पैमाने पर ग्रामीण अंचल के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं कृषि उद्यमिता के अवसर से आर्थिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। यदि युवा कृषि और उद्यमिता को सही दिशा में जोड़ते हैं, तो वे न केवल अपने क्षेत्र के लिए, बल्कि देश के लिए भी एक नई दिशा प्रदान कर सकते हैं।
    कार्यशाला आयोजन समिति सचिव तथा प्रांत एसएफडी प्रमुख डॉक्टर स्मृति मल ने कार्यशाला के विषय प्रवर्तन किया।

    कार्यक्रम का संचालन गोरक्ष प्रांत के प्रदेश मंत्री श्री मयंक राय व आभार ज्ञापन प्रांत अध्यक्ष डॉ राकेश प्रताप सिंह ने किया।

    कार्यशाला में देश विदेश के वैज्ञानिक, अकादमिक, शोध छात्र सहित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री घनश्याम शाही आभासी माध्यम से जुड़े थे तथा प्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की विशेष आमंत्रित सदस्य प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव, श्री राहुल गोड़ अखिल भारतीय एसएफडी प्रमुख, एग्री विज़न के अखिल भारतीय सह संयोजक श्री अमित सिंह, श्री हरदेव प्रांत संगठन मंत्री , विभाग संगठन मंत्री मानस राय, एग्री विज़न प्रांत प्रमुख शुभम दुबे, प्रांत संयोजक अभिषेक त्रिपाठी, स्वालंबी भारत प्रांत संयोजक राजकुमार, एसएफडी प्रान्त सयोजक निखिल गुप्ता सहित सैकड़ों की संख्या में विश्वविद्यालय के छात्र – छात्राओं ने भाग लिया।

  • नियमों को ताक पर रख सरकारी खेलकूद मैदान पर  लग रहा दुबई कार्नीवाल प्रदर्शनी व मेला

    नियमों को ताक पर रख सरकारी खेलकूद मैदान पर लग रहा दुबई कार्नीवाल प्रदर्शनी व मेला

    सरकारी खेलकूद मैदान का व्यावसायिक उपयोग कर रहा तहसील व नगर पंचायत प्रशासन
    खेलकूद मैदान के व्यावसायिक उपयोग से खेल प्रेमियों में आक्रोश व्याप्त
    गोला, गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही राज्य में खेल व खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए हर संभव मदद करने का अक्सर मंचो से दावा करते हो। तो वहीं गृह जनपद के तहसील गोला में तहसील एवं नगर पंचायत प्रशासन अपने मनमाने रवैये से खेल व खिलाड़ियों की उपेक्षा कर उनके दावे की हवा निकालने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है।ऐसा हम नही तहसील व नपं प्रशासन द्वारा गोला के ग्राम अतरौरा स्थित एक मात्र सरकारी खेलकूद मैदान पर व्यावसायिक उपयोग की मंजूरी के आदेश में दिख रहा है। जहां खेलकूद मैदान पर कार्निवाल व मेला लगाने के लिए मंजूरी देकर लगभग 50 दिनों के लिए मैदान को बंधक बनाने को लेकर जिम्मेदारों पर तमाम सवाल भी उठ रहे है। तो वहीं प्रशासन के मनमाने रवैये को लेकर खेल प्रेमियों एवं स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से खेलकूद मैदान को खेल व खिलाड़ियों के हित में मुक्त कराने की मांग किया है।
    बता दे, गोला तहसील अन्तर्गत नगर पंचायत गोला के विस्तारित क्षेत्र ग्राम अतरौरा के गाटा संख्या गाटा संख्या 825, 831, 833 व 834 समेत चार गाटों को मिलाकर लगभग दो एकड़ 20 डिस्मिल में सरकारी खेलकूद मैदान स्थित है। जो पूरे नगर पंचायत क्षेत्र का एक मात्र खेलकूद मैदान है। इस मैदान पर खेल प्रेमी सुबह शाम क्रिकेट, फुटबाल आदि का अभ्यास करने के साथ ही मैच खेलते है। तो वहीं कस्बा समेत आस-पास के गांव के लोग भारी संख्या में टहलने और व्यायाम के लिए लोग पहुंचते है। इस समय अग्निबीर व पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी भी भारी संख्या में मैदान पर अभ्यास के लिए जुट रहे हैं। बावजूद इसके नियमों को ताक पर रखकर तहसील व नगर पंचायत प्रशासन ने सरकारी खेलकूद मैदान को व्यावसायिक उपयोग के लिए दे दिया है। जिसको लेकर खेल प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। खेलकूद मैदान के आसपास के गांव के रहने वाले पूर्व जिपसं घनानंद यादव, एडवोकेट संजय श्रीवास्तव, चंद्रभान वर्मा, महाबीर दूबे, शशिभूषण राय, जाने आलम हाशमी, हरिशंकर वर्मा, दयाशंकर यादव, लल्लन यादव, रामधारी यादव, विजय बहादुर यादव आदि ने कहा कि खेलकूद मैदान की दुर्दशा को लेकर आवाज उठाने पर नपं प्रशासन के जिम्मेदार पल्ला झाड़ने लगते है। और नही तो जब से यह मैदान ग्राम पंचायत से नपं की सीमा में आया है तबसे सरकारी खेलकूद मैदान की हालत दयनीय होती चली गयी। नपं के जिम्मेदार मोटी रकम वसूलने के लिए खेल व खिलाड़ियों की उपेक्षा कर मैदान का नियम विरूद्ध तरीके से व्यावसायिक उपयोग के लिए दे दिया है। जो गलत है। प्रशासन को इस पर विचार करते हुए खेलकूद मैदान को व्यावसायिक उपयोग से बंधन मुक्त करते हुए खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराने की मांग किया है।
    ग्राम पंचायत ने मनरेगा व राज्य वित्त से कराया था खेल मैदान का सुंदरीकरण
    ग्राम अतरौरा के तत्कालीन ग्राम प्रधान तेज बहादुर चंद ने बताया कि नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्र में शामिल होने से पहले क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा व राज्य वित्त से इस खेलकूद मैदान के तीन तरफ से लोहे की जाली व ग्रिल से फैनसिंग लगाने के साथ ही मैदान का समतलीकरण कराकर सुंदरीकरण कराया गया था। ग्राम पंचायत का लगभग ढाई लाख का भुगतान भी लंबित चल रहा है। बोले जिम्मेदार
    नगर पंचायत गोला की चेयरमैन लालती देवी के प्रतिनिधि मूराली सोखा ने बताया कि उन्हें इस प्रकरण की कोई जानकारी नही है। तो वहीं अधिशासी अधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि यह मैदान नपं के आधीन है। मैदान पर प्रदर्शनी व मेला लगने से नपं की आय होती है। निर्धारित शुल्क जमा कर मेला की अनुमति दी गयी है।
    कोट
    नगर पंचायत प्रशासन व विद्यालय की अनापत्ति मिलने के साथ ही सारी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही शीतल फाउंडेशन को 14 सितंबर से 27 अक्टूबर तक दुबई कार्निवाल ड्रीम सिटी थीम प्रदर्शनी व मेला लगाने की अनुमति दी गयी है।
    राजू कुमार, एसडीएम गोला 

  • भारत पर शुरू हो रही है सबसे बड़ी मुहिम।

    भारत पर शुरू हो रही है सबसे बड़ी मुहिम।

    महत्वपूर्ण सूचना
    ट्रैफिक पर अलर्ट
    अगर आप फंस गए हो ट्रैफिक जाम में, तो तत्काल फोटो खींचे या शॉर्ट वीडियो बनाएं और तत्काल हमें भेजिए।
    वीआईपी कल्चर से लेकर बेवजह ट्रैफिक जाम के खिलाफ मुहिम में शामिल होइए। अपना समय और देश का संसाधन बचाइए।
    फोटो, वीडियो, स्थान, और समय के साथ हमें सूचित करिए। ट्रैफिक जाम से बचिए।

  • आज के भारत में विश्व को अपने अनुरूप चलाने की क्षमता : मंजीव पुरी

    आज के भारत में विश्व को अपने अनुरूप चलाने की क्षमता : मंजीव पुरी

    इंडिया फर्स्ट की भावना से परिपूर्ण है भारत की आज की विदेश नीति : आरपी शाही
    पोलिटिकल डिप्लोमेसी को इकोनॉमिकल डिप्लोमेसी की तरफ शिफ्ट किया भारत ने : प्रो. अरविंद कुमार.
    एमपीपीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में ‘भारतीय विदेश नीति के बदलते आयाम : 2019 से अब तक’ विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन
    गोरखपुर, 8 सितंबर। नेपाल, बेल्जियम और लक्जमबर्ग में भारत के पूर्व राजदूत मंजीव पुरी ने कहा कि आज के भारत में विश्व को अपने अनुरूप चलाने की क्षमता है। आज का भारत किसी भी देश की घुड़कियों या धमकियों की परवाह नहीं करता है। भारत की विदेश नीति इतनी सशक्त हो चुकी है आज के दौर में कोई भी देश भारत पर दबाव बनाकर कुछ लोग करा सकता।
    मंजीव पुरी रविवार को महाराणा प्रताप पीजी (एमपीपीजी) कॉलेज जंगल धूसड़ में आयोजित ‘भारतीय विदेश नीति के बदलते आयाम : 2019 से अब तक’ विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह (समारोप) को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी के प्रतिभागियों के साथ दोतरफा संवाद करने के अंदाज में श्री पुरी ने कहा कि विदेश नीति के मुद्दे पर देश में मजबूती और बदलाव का यह दौर पिछले दस वर्षों में सशक्त नेतृत्व के चलते आया है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के मजबूत होने के लिए आर्थिक मजबूती बहुत जरूरी है। वैश्विक स्तर पर धाक जमाने में मजबूत हो रही भारतीय अर्थव्यवस्था का बड़ा योगदान है। जिसकी जितनी जीडीपी, वह उतना अधिक शक्तिशाली। इस फॉर्मूले पर भारत 3.7 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि 2023 में दुनिया के 20 बड़े और प्रभावशाली देशों के समूह जी-20 का नेतृत्व करके यह दिखा दिया है कि उसका सामर्थ्य क्या है। श्री पुरी ने कहा कि तेजी से बदलता और वैश्विक परिदृश्य पर आगे बढ़ता भारत पूरी दुनिया को नेतृत्व देने को तैयार है और इसमें विगत कुछ सालों से बेहद असरदार साबित हुई भारत की विदेश नीति और कूटनीति का महत्वपूर्ण योगदान है।
    राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) आरपी शाही ने कहा कि विगत कुछ सालों में भारत ने अपनी विदेश नीति को समयानुकूल और त्वरित प्रतिक्रियावादी बनाया है। यही वजह है कि आज जब दुनिया के किन्हीं भी दो देशों के बीच टकराव की स्थिति आती है तो पूरा विश्व चाहता है कि इस टकराव को रोकने की पहल भारत करे। श्री शाही ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ जब सर्जिकल स्ट्राइक की गई तब भारत की कूटनीति इतनी शानदार थी कि किसी भी ताकतवर देश ने भारत के खिलाफ प्रतिक्रिया करने का साहस नहीं किया। उन्होंने कहा कि 2019 के बाद भारत की विदेश नीति में बहुत प्रभावी परिवर्तन देखने को मिला है। आज देश का नेतृत्व इंडिया फर्स्ट की भावना से सभी देशों से संवाद की भूमिका में रहता है। किसी भी देश में यदि भारतीयों पर संकट आता है तो उन्हें सुरक्षित निकालने की त्वरित पहल की जाती है। आज भारतीय विदेश नीति एकदम स्पष्ट है कि देश के हित में जो भी सर्वोत्तम होगा, हम उसे करेंगे। श्री शाही ने कहा कि आज ग्लोबल साउथ की आवाज बन चुका है।
    समापन समारोह के विशिष्ट अतिथि सेंटर फॉर कैनेडियन, यूएस एंड लैटिन अमेरिकन स्टडीज (स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज) जेएनयू नई दिल्ली के प्रोफेसर अरविंद कुमार ने भारत की विदेश नीति में आए क्रमिक परिवर्तन की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत को अपने पड़ोस में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। चुनौतियों के अनुरूप ही भारत ने अपनी विदेश नीति और कूटनीति (डिप्लोमेसी) में परिवर्तन किया है। चीन की विस्तारवादी नीतियों को करारा जवाब देते हुए भारत ने उसे पिछले कुछ सालों में टेबल टाक (संवाद) के लिए विवश किया है। प्रो. अरविंद कुमार ने कहा कि वास्तव में भारत विश्व को परिवार मानता है और विश्व शांति की बात करता है। इसकी झलक उसकी विदेश नीति में भी देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि हाल के कुछ सालों में भारत ने अपनी पोलिटिकल डिप्लोमेसी को इकोनॉमिकल डिप्लोमेसी की तरफ शिफ्ट किया है। वैश्विक महामारी कोविड के दौर में भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी ने तो विश्व समुदाय के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई। तमाम उद्धरणों का हवाला देकर उन्होंने बताया कि आज भारत अमेरिका और रूस जैसे ताकतवर देशों से ‘बारगेनिंग’ करने की स्थिति में है। राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह में अतिथियों का स्वागत करते हुए महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ के प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार राव ने संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। दो दिन तक चली संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों की रिपोर्ट महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज में राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष हरिकेश यादव ने प्रस्तुत की जबकि संचालन सहायक आचार्य डॉ. सलिल कुमार पांडेय ने किया। इस अवसर प्रमथनाथ मिश्रा, प्रो. तेज प्रताप सिंह, डॉ. श्रीभगवान सिंह, डॉ. अविनाश प्रताप सिंह, डॉ. सत्यपाल सिंह, डॉ. आमोद राय, डॉ. उग्रसेन सिंह, डॉ. घनश्याम शर्मा, डॉ. अभय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।

  • कार्यकर्ता निर्माण” से “राष्ट्र पुनर्निर्माण” का ध्येय होगा संभव : प्रो० राजशरण शाही

    कार्यकर्ता निर्माण” से “राष्ट्र पुनर्निर्माण” का ध्येय होगा संभव : प्रो० राजशरण शाही

    शिक्षा, समसामयिक, सामाजिक व राष्ट्रीय परिदृश्य, पर्यावरण आदि विषयों पर अभाविप के 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन में चर्चा के लिए जुटेंगे देशभर के युवा।
    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गोरक्ष प्रांत की दो दिवसीय प्रांत कार्यकारिणी बैठक 07-08 सितम्बर 2024 को सरस्वती शिशु मंदिर, पक्कीबाग में राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो० राजशरण शाही, राष्ट्रीय मंत्री श्री अंकित शुक्ला, क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री घनश्याम शाही, प्रांत अध्यक्ष डा० राकेश प्रताप सिंह, प्रांत मंत्री श्री मयंक राय और प्रांत संगठन मंत्री श्री हरिदेव के उपस्थिति में संपन्न हुई।
    अभाविप गोरक्ष प्रांत कार्यकारिणी बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो० राजशरण शाही ने दीप प्रज्वलन कर किया।
    बैठक में गोरक्ष प्रांत के सभी प्रांत पदाधिकारी, आयाम, कार्य, गतिविधि के संयोजक, प्रांत कार्यसमिति/ कार्यकारिणी 17 जिलों से विभाग संयोजक/प्रमुख, जिला संयोजक/ प्रमुख उपस्थित रहे।
    बैठक के दौरान विभिन्न सांगठनिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विषयों पर गहनता के साथ चर्चा की गई, साथ-ही 70वां राष्ट्रीय अधिवेशन के वृहद योजना और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा कर की गई। अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो० राजशरण शाही ने कहा कि,” आज समाज के हर वर्ग तक विद्यार्थी परिषद का विस्तार हुआ है। केवल कॉलेज परिसर में ही नहीं अपितु विभिन्न आयामों और प्रकल्पों के माध्यम से परिषद ने समाज के प्रत्येक वर्ग तक हर संभव मदद पहुंचाने का काम किया है। कार्यकर्ता निर्माण” से “राष्ट्र पुनर्निर्माण” का ध्येय संभव होगा। परिषद् के बनते इस विराट स्वरूप से हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ेंगी और हमें एकजुटता के साथ उन जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। इसी से ‘कार्यकर्ता निर्माण’ की प्रक्रिया भी संभव हो पाएगी और परिषद के ‘राष्ट्रीय पुनर्निर्माण’ के ध्येय को साकार करा जा सकेगा।”
    अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री श्री अंकित शुक्ला ने कहा कि परिषद शिक्षा क्षेत्र में काम करने वाली अग्रणी छात्र संगठन है और अभाविप ने समय समय पर विद्यार्थियों के समास्याओं के समाधान पर जोर दिया है। प्रांत कार्यकारिणी बैठक में कार्यकर्ताओं द्वारा इन समस्त विषयों पर व्यापक चर्चा हुई, साथ ही विभिन्न आयाम, कार्य, गतिविधियों के माध्यम से 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन में अत्यधिक विद्यार्थियों तक संपर्क करने का लक्ष्य तय हुआ। इस अधिवेशन में सम्मिलित प्रतिनिधि शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न परिवर्तनों की समसामयिक स्थिति पर चर्चा, संगठनात्मक लक्ष्यों का निर्धारण तथा देश के अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। अभाविप का राष्ट्रीय अधिवेशन शिक्षा तथा राष्ट्र जीवन से जुड़े विषयों पर विचार का गंभीर तथा रचनात्मक मंच है। वर्तमान समय में देश में पंच परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन आदि महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर करेंगे।
    अभाविप गोरक्ष प्रांत मंत्री श्री मयंक राय ने कहा कि अभाविप की प्रांत कार्यकारिणी बैठक में प्रांत में वृहद स्तर पर आयोजित गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना निर्धारित की गई। नवंबर (22- 24) में अभाविप राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन गोरखपुर महानगर में होना है, जिसकी तैयारी बैठक पर वृहद चर्चा हुई। राष्ट्रीय अधिवेशन प्रतिवर्ष की जाने वाली औपचारिकता मात्र या समारोह मात्र नहीं है। यह भारत के दृढ़ निश्चय, इच्छाशक्ति से पूर्ण युवा एवं छात्रों को राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ राष्ट्र सेवा की दिशा देने एवं इसी भाव के साथ समाज को नेतृत्व देने का कार्य करने का एक प्रभावशाली मंच है। राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित होने वाले कार्यकर्ता, वर्ष भर देश में युवाओं के द्वारा राष्ट्र पुनर्निर्माण एवं समाज जीवन के उत्थान के लिए किए जाने वाले कार्यों का संकल्प एवं ऊर्जा लेकर अपने प्रांतों को वापस जाते हैं, और सामूहिकता की शक्ति के साथ अपने कार्यों, सहयोग एवं निर्णयों के माध्यम से समाज में इस सकारात्मक विकासशील ऊर्जा का प्रसार करते हैं। बैठक में 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन के व्यवस्था प्रमुख के रूप में डॉ० निगम मौर्य और सह-व्यवस्था प्रमुख श्री सौरभ गौड़ की घोषणा हुई।बैठक में प्रमुख रूप से रा०का०प० की विशेष आमंत्रित सदस्य प्रो० उमा श्रीवास्तव, प्रो० सुषमा पांडेय, प्रो० प्रशांत राय, डॉ० निगम मौर्य, डॉ० विवेक मिश्रा, सौरभ गौड़, माधवेन्द्र तिवारी, अर्पित कसौधन, तनुज पाठक, निखिल गुप्ता आदि रहे।