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  • संगठित होगा समाज तभी हर क्षेत्र में बढेगा आगे:विनय शंकर

    संगठित होगा समाज तभी हर क्षेत्र में बढेगा आगे:विनय शंकर

    ब्यूरो प्रभारी-वेद प्रकाश

    गोलाबाजार। समाज को संगठित होकर आर्थिक,राजनीतिक और शैक्षिक क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।
    उक्त बाते गोला क्षेत्र के रामपुर गड़री स्थित आत्मेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित स्वजन समागम एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते चिल्लूपार के पूर्व विधायक पं विनय शंकर तिवारी ने कही।
    उन्होने लोगो को जागरूक रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज के बच्चों को पढ़-लिखकर आईएएस,पीसीएस बनना चाहिए। साथ ही धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्रों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।
    कार्यक्रम में डा हरिमोहन दूबे व रवीन्द्र दूबे शाष्त्री ने भी समाज की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
    इस अवसर पर सपा विधानसभा अध्यक्ष अमरजीत,यादव,रमाशंकर,यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, संजय यादव शिव प्रसाद पाण्डेय, टिकोरीलाल प्रजापति,हरीश तिवारी,नागेन्द्र शर्मा,सुबेदार शर्मा सहित तमाम लोग मौजूद थे।

  • तुम हिंदू टीचर हो, BHU क्यों नहीं चली जाती’  अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हिन्दू टीचर के साथ भेदभाव आया सामने।

    तुम हिंदू टीचर हो, BHU क्यों नहीं चली जाती’ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हिन्दू टीचर के साथ भेदभाव आया सामने।

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    AMU की प्रोफेसर रचना कौशल ने बयां किया 27 साल का दर्द।

    AMU में राजनीति विज्ञान विभाग की सीनियर प्रोफेसर रचना कौशल ने एएमयू प्रशासन पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।

    इनका आरोप है कि वह सिर्फ हिंदू शिक्षक होने की वजह से पिछले करीब 27 साल से उत्पीड़न झेल रही हैं।

    रचना कौशल ने कहा कि वह सबकुछ बर्दाश्त करते हुए काम कर रही हैं, लेकिन एएमयू के कुछ प्रोफेसर उनकी आलोचना करते हैं और उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं।

    अपने आरोपों में रचना कौशल ने कहा,

    ‘AMU के कुछ प्रोफेसर कहते हैं कि हिंदू शिक्षक जान-बूझकर मुस्लिम बच्चों को नहीं पढ़ाते, तुम हिंदू टीचर हो तो बीएचयू क्यों नहीं चली जाती।

    एक लंबे वक्त से मैं ये सब झेल रही हूं, लेकिन अब मेरे पास सिर्फ कानूनी कार्रवाई का ही विकल्प बचा है।

    बहुत जल्द मैं सार्वजनिक रूप से पूरे मामले का खुलासा करने के बाद FIR दर्ज कराऊंगी।’

  • चटोरी गली के उद्देश्य पर सवाल, बाहर ठेलों से बिगड़ रहा स्वरूप और बढ़ रहा जाम

    चटोरी गली के उद्देश्य पर सवाल, बाहर ठेलों से बिगड़ रहा स्वरूप और बढ़ रहा जाम

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    गोरखपुर। नगर निगम गोरखपुर द्वारा शहर के प्रमुख स्थल इंद्रा बाल बिहार का नाम परिवर्तित कर उसे “चटोरी गली” के रूप में विकसित किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और आकर्षक फूड स्ट्रीट उपलब्ध कराना था, जहां पैदल आम जनमानस आसानी से पहुंचकर विभिन्न व्यंजनों का स्वाद ले सके। इसी क्रम में चटोरी गली के भीतर सभी दुकानों को एक समान रंग-रूप दिया गया, आवा-गमन को नियंत्रित किया गया और वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई, ताकि लोगों को बिना किसी असुविधा के घूमने और खाने-पीने का आनंद मिल सके।


    हालांकि नगर निगम की इस सराहनीय पहल पर अब सवाल उठने लगे हैं। चटोरी गली के बाहर, विशेषकर वीर बहादुर सिंह की मूर्ति के सामने, मोमो, चाट, फास्ट फूड आदि के ठेले और खोमचे बड़ी संख्या में लगाए जा रहे हैं। इन अवैध ठेलों के कारण न केवल चटोरी गली की मूल अवधारणा और सौंदर्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि क्षेत्र में लगातार यातायात जाम की समस्या भी उत्पन्न हो रही है।


    स्थानीय लोगों का कहना है कि जब चटोरी गली के भीतर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है और दुकानों को एक नियोजित ढंग से संचालित किया जा रहा है, तो बाहर सड़कों पर ठेले लगने की अनुमति कैसे दी जा रही है। इन ठेलों के कारण सड़क संकरी हो जाती है, पैदल चलने वालों और वाहनों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब भीड़ के कारण कई बार लंबा जाम लग जाता है।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन ठेलों को लगाने की अनुमति किन कारणों से दी जा रही है। वहां तैनात पुलिस के जवान, नगर निगम के कर्मचारी अथवा अन्य संबंधित विभाग इस पर स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। आमजन के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि बिना किसी मौन सहमति या मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर ठेलों का लगना संभव नहीं है। यदि ऐसा नहीं है, तो फिर इनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।

     

    नगर निगम और पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करे। यदि चटोरी गली को वास्तव में एक आदर्श फूड स्ट्रीट के रूप में विकसित करना है, तो उसके बाहर अवैध ठेलों पर तत्काल रोक लगाई जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए। अन्यथा, नगर निगम की यह महत्वाकांक्षी योजना अपने उद्देश्य से भटकती नजर आएगी और आम जनता को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।

  • अनियंत्रित ट्रक नहर में गिरी,चालक फरार

    अनियंत्रित ट्रक नहर में गिरी,चालक फरार

                   ब्यूरो प्रभारी-वेद प्रकाश यादव

    गोलाबाजार । नशे में धुत एक ट्रक चालक द्वारा लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने का मामला सामने आया है। रामजानकी मार्ग पर अनियंत्रित हुआ ट्रक सरयू कैनाल की शाखा नहर में जा गिरा। संयोग अच्छा रहा कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक चालक गोला, उदईपुर मार्ग से ही अत्यधिक तेज और असंतुलित गति में वाहन चला रहा था। रास्ते में कई बार अन्य वाहनों से टकराने से बाल-बाल बचा। चालक ने किसी को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया, बल्कि उसकी लापरवाही देखकर सड़क किनारे मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई लोग किसी तरह सड़क से हटकर अपनी जान बचा सके। भर्रोह चौराहे के आगे भर्रोह और मदरिया के बीच रामजानकी मार्ग पर ट्रक पूरी तरह अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया और सरयू कैनाल की शाखा नहर में जा घुसा। दुर्घटना में ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद चालक किसी तरह ट्रक से बाहर निकलकर मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रक में मिसरी लदी हुई थी और वह गोला से बड़हलगंज की ओर जा रहा था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक चालक व वाहन स्वामी की जानकारी जुटाने में लग गई है। मामले की जांच जारी है।

  • जर्जर बिजली के खंभे से कभी भी हो सकता है बडा हादसा

     प्रभारी संतोष कुमार त्रिपाठी ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ( खजनी) गोरखपुर

    गाेरखपुर खजनी कस्बे मे लोहे का पोल निचे से सङने के कारण कभी भी गिर सकते है रोड के किनारे व कस्बे में नीचे से सङने के कारण पोल कभी भी बड़ी घटना घट सकती है।

    जर्जर बिजली का पोल में जंग लगने के कारण टूट चुका है कभी भी गिर सकता है। बड़े हादसे के इंतजार में जिम्मेदार अधिकारी होंगे।

    रामअजोर मद्धेशिया- खजनी कस्बा निवासी ने बताया महीनों से इसकी शिकायत विजली विभाग के अधिकारियों को दिया जा चुका है लेकिन महीनों बाद भी सछम अधिकारी जर्जर पोल पर कोई सुधि नही ले रहे है।ऐसे में पोल गिरने या बङी घटना का इन्जार कर रहे है।


    नवीन सिंह- ने बताया खजनी तिराहे पर दर्जनों दुकान है जहां पर रोजाना हजारों जनता का आना-जाना लगा रहता है।तार के सहारे जर्जर विद्युत पोल रुका हुआ है।विजली विभाग अपनी जिम्मेदारी पर लापरवाह बना हुआ हैं।अगर कोई घटना घटती है तो इसका जिम्मेदार विजली विभाग होगा।


    जे.ई.राजेश कुमार मौर्य ने बताया हमें जानकारी नहीं थी इसका निस्तारण जल्द कर दिया जाएगा।

  • गोला नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालय बंद: लाखों खर्च के बावजूद उपयोग नहीं, स्वच्छता दावों पर सवाल

    गोला नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालय बंद: लाखों खर्च के बावजूद उपयोग नहीं, स्वच्छता दावों पर सवाल

                  ब्यूरो प्रभारी-वेद प्रकाश यादव

    गोलाबाजार।गोला नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्रों में बने सार्वजनिक शौचालय बदहाली का शिकार है। कई शौचालय निर्माण के बाद से कभी खुले ही नहीं, जबकि कागजों में केयर टेकरों की नियुक्ति दर्शाई गई है। इससे स्वच्छता के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और स्थानीय लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं।

    एक ओर जहां कुछ शौचालयों का मल – मुत्र सीधे पवित्र सरयू नदी में गिराकर उसकी स्वच्छता से खिलवाड़।किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वच्छता के प्रतीक के रूप में बनाए गए कई सार्वजनिक शौचालय खुद बदहाली का शिकार है। स्थिति यह है कि कई शौचालय निर्माण वर्ष से लेकर आज तक कभी उपयोग में नहीं लाए गए।

    नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्रों में सबसे खराब हालात देखने को मिल रहे हैं। बार्ड नंबर 4 भवानिया में स्थित एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण लगभग चार वर्ष पूर्व ग्राम सभा के समय हुआ था। बाद में क्षेत्र के नगर पंचायत में शामिल होने पर लाखों रुपये खर्च कर इसमें टाइल्स आदि लगवाए गए, लेकिन यह आज तक शुरू नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत और सौंदर्यी करण केवल कागजी साबित हुआ है।

    इस सम्बन्ध में वार्ड सभासद संदीप सोनकर ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है और मामले की जांच की जा रही है। वहीं, लोगों का आरोप है कि जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते यह समस्याएँ जस के तस बनी हुए हैं।

    वार्ड नंबर 10 में स्थिति चिंताजनक है। यहां रानीपुर, अतरौरा सब्जी मंडी और सरकारी पशु चिकित्सालय के सामने तीन सार्वजनिक शौचालय मौजूद हैं, लेकिन तीनों पर हमेशा ताला लटका रहता है। इसी तरह वार्ड नंबर 11 ब्योरी में स्थित सार्वजनिक शौचालय भी बंद पड़ा है। ये सभी शौचालय हैं विस्तारित क्षेत्र में आते हैं, जो नगर पंचायत की अव्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण बन चुके हैं।

    यह स्थित पूरे विस्तारित क्षेत्र की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वच्छता के नाम पर लाखों- करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं और योजनाओं का जोर- शोर से प्रचार हो रहा हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आ रहा है। सभासदों, चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी के निष्क्रियता के कारण आमजन को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर पर्यावरण और सरयू नदी पर पड़ रहा है। लोगों ने बंद पड़े शौचालयों को तत्काल चालू कराने की मांग की है।

  • भाजपा कार्यालय का कार्यकर्ताओं ने किया घेराव न्याय की लगाई गुहार

    भाजपा कार्यालय का कार्यकर्ताओं ने किया घेराव न्याय की लगाई गुहार

    बस्ती। बस्ती जिला में सदर कोतवाली के फौवारा चौराहे पर बीते 31 दिसम्बर की रात 10 बजे बहादुरपुर ब्लॉक के प्रधान संघ के अध्यक्ष सचिन दुबे पर पुलिसिया कहर की दास्तां सोशल मीडिया पर जमकर शेयर की जा रही है। परिवार और दोस्तों के साथ खाना खाने होटल पर गए प्रधान संघ अध्यक्ष सचिन दुबे को नहीं पता था कि होटल में खाना खाने जाने पर इस तरह से सरेराह पुलिस उन की खातिरदारी करेगा और बीच चौराहे पर उन को भद्दी भद्दी गाली दी, जिससे इज्जत और सामाजिक प्रतिष्ठा तार तार हो गयी । वहीं अब यह मामला तूल पकड़ने लगा है। प्रधान संघ के अध्यक्ष सचिन दुबे सैकड़ों की संख्या में बीजेपी कार्यालय पहुंच कर घेराव किया और कोतवाल और चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर मुकदमे को वापस लेने की मांग की।

    बता दें, बहादुरपुर ब्लॉक के प्रधान संघ अध्यक्ष सचिन दुबे 31 की रात करीब 10 बजे होटल पर पहुंचे, जहां पर न्यू ईयर की पार्टी चल रही थी। होटल पर पहुंच कर खाने की बात कही, जिसपर मैनेजर ने काफी देर वेट कराने के बाद होटल में एंट्री कराने से मना कर दिया, जिसको लेकर हल्की फुल्की बहस हो गई, लेकिन उसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी, जिस पर तत्काल पुलिस पहुंची और बिना किसी पूछताछ के प्रधान संघ के अध्यक्ष सचिन दुबे को गालियां देते हुए थप्पड़ों की बारिश कर दी और स्कॉर्पियो समेत उठा कर कोतवाली ले गई। वहां पर भी जमकर खातिर दारी की गई और गाड़ी से असलहा बरामद कर मुकदमा दर्ज कर दिया, जिसके बाद 4 लोगों ने जमानत कराई। सचिन का कहना है कि पुलिस ने बर्बरता की है। उनके ऊपर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। गाड़ी में जो रायफल थी। वह लाइसेंसी थी। प्रधान संघ अध्यक्ष सचिन दुबे ने कहा कि आज हम लोगों के संगठन ने, जिसमें 50 से ज्यादा गांव के प्रधान शामिल थे। बीजेपी कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन दिया है कि उनके खिलाफ जो फर्जी मुकदमा दर्ज है। उस को वापस लिया जाए और कोतवाली, चौकी इंचार्ज को सस्पेंड किया जाए। पहले घटना की उच्च अधिकारी जांच कर लें, होटल के सीसीटीवी फुटेज को चेक कर लिया जाए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। अगर उनका मुकदमा वापस न लिया गया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न की गई तो प्रधान संघ बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा।

    वहीं इस संबंध में पीड़ित ने बताया कि भाजपा जिला अध्यक्ष से बात हुई उन्होंने चार दिन का समय मांगा कि अधिकारियों से बात कर आपकी समस्या का निराकरण करा दिया जाएगा।

  • गोरखपुर महोत्सव व खिचड़ी मेले की तैयारियों की समीक्षा, सुरक्षा व स्वच्छता पर विशेष जोर

    गोरखपुर महोत्सव व खिचड़ी मेले की तैयारियों की समीक्षा, सुरक्षा व स्वच्छता पर विशेष जोर

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    गोरखपुर।पर्यटन, संस्कृति एवं इको टूरिज्म के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनवरी माह में आयोजित होने वाले गोरखपुर महोत्सव एवं खिचड़ी मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में 11 से 17 जनवरी 2026 तक चम्पा देवी पार्क में प्रस्तावित गोरखपुर महोत्सव तथा खिचड़ी मेले की तैयारियों की समीक्षा हेतु आयुक्त सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।


    बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस महानिदेशक अशोक मुथा जैन एवं मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने की। बैठक में अब तक की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई और विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

    अपर पुलिस महानिदेशक अशोक मुथा जैन ने बैठक में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि गोरखपुर महोत्सव और खिचड़ी मेले के दौरान सुरक्षा के व्यापक और पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, पीएसी एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रखा जाए।

    एडीजी ने विशेष रूप से फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्थायी पंडालों, स्टॉलों एवं मंचों पर अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम हों और विद्युत व्यवस्था मानकों के अनुरूप सुरक्षित ढंग से की जाए।


    इसके साथ ही एडीजी ने खिचड़ी मेले में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए ताकि पूरे मेले की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी से न केवल सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। साथ ही उन्होंने आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।


    मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव शहर की सांस्कृतिक पहचान है, ऐसे में इसकी स्वच्छता और सुंदरता विशेष रूप से दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि महोत्सव स्थल पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रहे तथा जगह-जगह अधिक से अधिक डस्टबिन रखे जाएं, जिससे लोग कूड़ा इधर-उधर न फेंकें।

    उन्होंने कहा कि नगर निगम एवं संबंधित विभाग नियमित रूप से सफाई अभियान चलाएं और मेले के दौरान स्वच्छ वातावरण बनाए रखें।

    मण्डलायुक्त ने यह भी कहा कि गोरखपुर महोत्सव में गोरखपुर एवं आसपास के स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को अधिक से अधिक मंच प्रदान किया जाए, ताकि क्षेत्रीय कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रमों की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की जाए, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं की सहभागिता सुनिश्चित हो।

    बैठक में डीआईजी एस. चन्नप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरन नैयर, उपाध्यक्ष गोरखपुर विकास प्राधिकरण आनंद वर्धन, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित तैयारियों की जानकारी दी और समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।


    अधिकारियों ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव एवं खिचड़ी मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्यटन को बढ़ावा देने का भी एक बड़ा माध्यम है। प्रशासन का प्रयास है कि यह आयोजन सुरक्षित, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और यादगार बने, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव प्राप्त हो।