Category: धर्म

  • भक्तों की मुरादें पूर्ण करती हैं माँ कोटही देवी

    भक्तों की मुरादें पूर्ण करती हैं माँ कोटही देवी

    “बंजारों के आराधना पर प्रकट हुई थीं माँ सुबह के तीन बजे से माता के मंदिर पर भक्तों का लगा रहा तांता”

    ब्यूरो प्रभारी: संतोष कुमार त्रिपाठी खजनी गोरखपुर

    खजनी गाेरखपुर के खजनी क्षेत्र के रुद्रपुर में है प्राचीन मंदिर
    चैत्र रामनवमी संवत्सर, विक्रम संवत्-२०८२ पर जगत् जननी माँ जगदम्बा की आराधना-उपासना के पर्व पर रविवार को रुद्रपुर स्थित मां कोटही मन्दिर में भक्तों का ताँता लगा रहा। मां के दर्शन व पूजन के लिए आस-पास के ही नहीं बल्कि दूर-दराज से भी श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। ऐसी मान्यता है कि मां को याद कर जो भी मन्नतें मांगता है। उसकी मुरादें मां अवश्य पूर्ण करती है।

    गोरखपुर शहर के दक्षिणांचल में बीस किमी के दूरी पर स्थित रुद्रपुर गांव से सटे पश्चिम व उत्तर दिशा के कोने पर मां कोटही का प्राचीन मन्दिर है। लोग बताते हैं कि यहां कभी बहुत बड़ा जंगल हुआ करता था। रात तो दूर दिन में भी भय के चलते लोगों का कभी इधर से आना-जाना नहीं होता था। इस जंगल में जानवरों एवं पंछियों के बीच केवल बंजारे ही रहते थे। उन्होंने ही अपने आराधना से मां कोटही को खुश किया और स्थापित मूर्ति के जगह ही मां ने प्रकट होकर उन्हें दर्शन दिया। बंजारे ही यहां मां कोटही की पिंडी स्थापित किए। उनके जाने के बाद जब धीरे-धीरे जंगल का कटान शुरू हुआ तो लोगों को एक पेड़ के नीचे पिंडी दिखाई दी। जहाँ बंजारों के होने के कई पहचान छूटे थे। इस पिंडी को शक्ति के रूप में पहचाना गया। उसी समय से लोगों ने पूजन-अर्चन शुरू कर दिया। बदलते समय के अनुसार रुद्रपुर के ही कुछ लोगों पिंडी के जगह मन्दिर का निर्माण करवाकर मूर्ति की स्थापना करवा दी।

    मंदिर की महिमा अपरमपार है। इस मंदिर पर पूजा अर्चना करने से कोई मुख्यमंत्री बना तो कोई राज्यपाल बना, कोई मंत्री बना , कोई विधायक बना तो कोई पहलवान बना। यही नहीं इस मंदिर पर पूजा अर्चना करने से इस क्षेत्र के आधा दर्जन लोग IAS PCS बन करके इस क्षेत्र के नाम को रोशन करने का काम किया है। सबसे बड़ी बात है कि वर्तमान के मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने भी इस मंदिर पर माथा टेका और आज उत्तर प्रदेश की कमान संभाले कोटही मंदिर पर बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं मां की पूजा अर्चना करते हैं और अपनी मुरादे को मां के सामने रखते हैं।

    हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला इसी गांव के रहने वाले हैं और इसी मंदिर की पूजा अर्चन करके कई बार मंत्री बने और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल हैं। जब भी नवरात्र आता है, प्रथम दिन वह माताजी का दर्शन अवश्य करते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। आज दिनांक 30 मार्च को भी महामहिम माता कोटही देवी का दर्शन करके आशीर्वाद लिए। इस मंदिर की महिमा अपरमपार है।

    मां कोटही के दरबार में हर रोज सैकड़ों हाथ मन्नतों के लिए पसारे जाते हैं। भक्तगण कपूर, नारियल, अगरबत्ती लेकर पूजन-अर्चन करते हैं। चैत्र रामनवमी और दशहरा में यहाँ भव्य मेले का भी आयोजन रहता है।

  • पांच साल की शिफा नूर ने रखा पहला रोजा

    पांच साल की शिफा नूर ने रखा पहला रोजा

    संवाददाता– एस. पी. सिंह

    सहजनवा, ( गोरखपुर ) ।

    खुदा की इबादत का पाक महीना रमजान शुरू हो चुका है । रमजान के इस पाक महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे महीने रोजा रखते हैं । रमजान के इस पवित्र महीने में हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के हरपुर की रहने वाली शिफा नूर ने भी पहला रोजा रखा है । शिफा नूर की उम्र महज पांच साल है । शिफा नूर के पिता रफीक कहते हैं कि जिस तरह से बड़े रोजा रखते हैं और इबादत करते हैं उसी तरह से शिफा नूर ने भी पहला रोजा रख खुदा की इबादत की है । पिता रफीक अहमद और बाबा अनवर नातिन शिफा नूर की इबादत से काफी खुश हैं।

  • प्रभु राम के दर्शन के समय में आज से एक नया बदलाव लागू

    प्रभु राम के दर्शन के समय में आज से एक नया बदलाव लागू

    अयोध्या में प्रभु राम के दर्शन के समय में आज से एक नया बदलाव लागू किया गया है। यह परिवर्तन महाकुंभ से आ रहे श्रद्धालुओं की संख्या के चलते किया गया था और अब श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य होने पर यह नया दर्शन समय लागू होगा।

    तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने दर्शन के नए समय की जानकारी दी है :-
    प्रातः 4 बजे मंगला आरती होगी।
    सवा 4 बजे से 6 बजे तक कपाट बंद रहेंगे।
    6 बजे श्रृंगार आरती होगी, और 6:30-11:50 बजे तक दर्शन होंगे।
    फिर 12 बजे तक कपाट बंद रहेंगे, और 12 बजे भोग आरती होगी।
    12-12:30 बजे तक दर्शन, फिर 1 बजे तक कपाट बंद रहेंगे।
    दोपहर 1 से सायंकाल 6:50 तक दर्शन होंगे।
    7 बजे तक पट बंद, भोग, और 7 बजे संध्या आरती होगी।
    फिर 9:45 बजे तक दर्शन, 9:45-10 बजे तक पट बंद होंगे और भोग होगा।
    रात 10 बजे शयन आरती होगी, और 10:15 बजे कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

    यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन और सटीक समयानुसार सेवा प्रदान करने के लिए की गई है।

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने गृह राज्य गुजरात की 3 दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन रविवार को गिर सोमनाथ जिले में स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना की

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने गृह राज्य गुजरात की 3 दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन रविवार को गिर सोमनाथ जिले में स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना की

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने गृह राज्य गुजरात की 3 दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन रविवार को गिर सोमनाथ जिले में स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना की व देशवासियों के स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

    इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री ने जामनगर जिले में पशु बचाव, संरक्षण एवं पुनर्वास केंद्र वनतारा का दौरा किया। बाद में मोदी ने प्रभास पाटन स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम शिव मंदिर में दर्शन किए और प्रार्थना की। मंदिर के दर्शन के बाद मोदी पड़ोसी जूनागढ़ जिले में स्थित सासन के लिए रवाना हुए। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह यात्रा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के समापन के बाद भगवान सोमनाथ की पूजा करने के उनके संकल्प का हिस्सा थी। प्रयागराज में ‘एकता का महाकुंभ’ करोड़ों देशवासियों के प्रयासों से संपन्न हुआ। मैंने एक सेवक की तरह मन ही मन संकल्प किया था कि महाकुंभ के बाद मैं 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ की पूजा करूंगा। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर 45 दिवसीय महाकुंभ में भारत और दुनिया भर से 66.21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए।

    मैं सभी देशवासियों की ओर से एकता के महाकुंभ की सफलता को श्री सोमनाथ भगवान के चरणों में समर्पित करता हूं। साथ ही उनके (देशवासियों) स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं। मोदी ने आज सुबह जामनगर जिले में पशु बचाव, संरक्षण एवं पुनर्वास केंद्र वनतारा का दौरा किया। 3 हजार एकड़ में फैला वनतारा रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी के परिसर में स्थित है।

  • हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल से स्वामी आत्मबोधानंद की शिष्टाचार भेंट

    हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल से स्वामी आत्मबोधानंद की शिष्टाचार भेंट

    हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल से स्वामी आत्मबोधानंद की शिष्टाचार भेंट एवं चरित्र निर्माण और विश्व कल्याण पर चर्चा…।

    आज हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल मा. शिवप्रताप शुक्ल जी से महाप्रभु स्वामी रामनाथ परमहंस पीठ के पीठ धिश्वर और विश्व ज्योतिषी एकता अध्यात्म संस्थान के अध्यक्ष स्वामी आत्मबोधानंद जी ने शिष्टाचार भेट के बाद लगभग 45 मिनट तक नई पीढी के चरित्र निर्माण से लेकर राष्ट्र पुनरुत्थन एवं विश्व कल्याण और विश्व शांति पर गंभीर दृष्टि बोधक चर्चा किया।

    प्रोफेसर शीला मिश्रा के साथ संयुक्त रूप से लिखी हुई अपनी नाट्य कृति ‘विलक्षण विवेकानंद’ भेट किया जिसका अवलोकन करने के बाद स्वामी रामकृष्ण परमहंस की अध्यात्मिक उच्चता और स्वामी विवेकानंद जी के व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र राष्ट्र पुनरुत्थन की मूल सोच पर भी चर्चा हुई।

    नॉर्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय, अमेरिका में प्रोफेसर रहीं, लखनऊ विश्ववद्यालय के साइंस फैकल्टी की डीन तथा विवेकानन्द केंद्र, कन्याकुमारी की उत्तर प्रदेश प्रान्त की प्रमुख डॉ शीला मिश्रा से महामहिम राज्यपाल जी ने दूरभाष पर विवेकानंद केंद्र की गतिविधियों पर भी चर्चा की। अमेरिका, कनाडा, पुर्तगाल, श्रीलंका, नेपाल, थाईलैंड आदि देशों में प्रोफेसर शीला मिश्र द्वारा भारतीय संस्कृति, दर्शन, योग तथा सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास पर दिए गए उद्बोधन पर भी महामहिम ने उनसे चर्चा की।

    स्वामी जी द्वारा महामहिम राज्यपाल जी से स्वामी रामनाथ परमहंस धाम, औनाहा, कानपुर देहात की विश्व कल्याण और विश्व शांति संबंधी गतिविधियों की चर्चा की गई तथा अवगत कराया गया कि गुरु आज्ञा के क्रम में उनके द्वारा ग्रीस, श्रीलंका, थाईलैंड तथा नेपाल में आत्मबोध संबंधी व्याख्यान दिए गए हैं और आत्मबोध यज्ञ कराया गया है। आत्मबोध यज्ञ के चार सोपान के बारे में स्वामी जी ने महामहिम जी को अवगत कराया-

    1. प्रबोधन से चरित्र निर्माण से सोच निर्माण और विश्व कल्याण
    2. शिव और शक्ति मंत्रों से नवग्रहों की लकड़ियों और औषधीय हवन सामग्री से विश्व कल्याण और विश्व शांति की कामना
    3. ज्योतिषीय परामर्श से अशुभता का निवारण और शुभता का संवर्धन
    4. लोक प्रस्तुति से आत्म गौरव का विकास साहित्य पर चर्चा करते हुए महामहिम राज्यपाल जी ने अपने कालेज और विश्वविद्यालय के दिनों में लिखी गई कविताओं का जिक्र किया।

    महामहिम राज्यपाल जी ने जोर देकर कहा कि चिंतन से चरित्र और चरित्र से संस्कृति और सभ्यता का जन्म और विकास होता है। जिस समाज का, देश का जैसा चिंतन होता है, वैसा ही उसका चरित्र बनता है, वैसी ही संस्कृति बनती है और वैसी ही सभ्यता विकसित होती है…।

    उन्होंने स्वामी जी के विचारों से सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि जिसे आत्मबोध है, वहीं चरित्र निर्माण का कार्य कर सकता है, उसे आप ऋषि कहिए, गुरु कहिए, आचार्य कहिए, व्यास कहिए, मनीषी कहिए या कवि कहिए या कुछ और नाम दीजिए…।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत के प्रधानमंत्री मा. श्री नरेन्द्र मोदी जी की सोच कि युवाओं को जागृत कर 2045 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना और उसे विश्व नेतृत्व के लिए तैयार करना, ऐसे ही साकार किया जा सकता है।

    स्वामी जी के साथ इस शिष्टाचार भेंट में ज्योतिषाचार्य डॉ पंकज त्रिपाठी ‘प्रेमानंद’, योगाचार्य मनीष देवयुग तथा वरिष्ठ पत्रकार श्री गोविंदानंद सम्मिलित हुए।

    स्वामी जी ने कहा कि श्री सतीश त्रिपाठी जी का आतिथ्य और व्यवहार उन्हें प्रभावित किया। उन्होंने महामहिम जी के प्रति इस सार्थक चर्चा के लिए अपना कीमती वक़्त देने के लिए आभार व्यक्त किया।

  • महाशिवरात्रि पर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शंकर भवन गोरखपुर में रुद्राभिषेक कर मनाया

    महाशिवरात्रि पर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शंकर भवन गोरखपुर में रुद्राभिषेक कर मनाया

    26 फरवरी 2025 गोरखपुर। पुरे देश दुनिया के सभी सनातनयों हिन्दू धर्मावलंबियों को‌ महाशिवरात्रि के महा पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए आज दिनांक- 26-02-2025 को महाशिवरात्रि के महा पावन पर्व पर गोरखपुर महानगर के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्राचीन कार्यालय शंकर भवन पर प्रातः 9 बजे से प्रांत प्रचारक माननीय रमेश जी भाई साहब जी के सानिध्य में महानगर के सभी संघ परिवार के वरिष्ठ कनिष्ठ कार्यकर्ताओं के द्वारा पुर्व नियोजित रुद्राभिषेक कार्यक्रम लोककल्याण की मंगलमय कामना के साथ सत्य सनातन ,हिन्दू धर्म की रक्षा ,सुरक्षा ,सम्मान, स्वाभिमान ,विश्व बंधुत्व ,बसुधैव कुटुंबकम की एकता अखंडता के लिए देश विदेश के सभी सनातनीयों हिन्दू धर्मावलंबियों की सदबुद्धि संस्कार संस्कृति सभ्यता के अटूट प्रेम आस्था संपन्नता मानवता के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी को एक होने के आह्वान करते हुए भगवान् भोले नाथ जी से प्रार्थना किया गया है जो अपने नियत समय से प्रारंभ होकर अपने नियत समय पर संपन्न हुआ है जिसमें भाग लेने वाले लोगों विशेष रूप से गोरक्ष प्रांत प्रचारक माननीय रमेश जी भाई साहब जी मुख्य यजमान संघ के स्वयंसेवक विभाग संघचालक आत्मा जी पुर्व प्रचारक व वरिष्ठ कार्यकर्ता व वरिष्ठ समाज सेवी पंडित बलिराम त्रिपाठी प्रांत धर्मार्थ प्रमुख छत्रपति शुक्ल नंदकिशोर दुर्गा प्रसाद मनीष संजय सागर अभिषेक त्रिलोकी आदि स्वयंसेवक भारी संख्या में सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की उपस्थिति जिसमें मातृशक्ति स्वरूपा बहनों की भी भारी उपस्थित रही तदुपरांत सभी को प्रसाद वितरण कीया गया है।

     

  • महाशिवरात्रि महोत्सव में भव्य शिव महा श्रृंगार,शिव सेवक रत्न सम्मान,पूजन व भंडारा

    महाशिवरात्रि महोत्सव में भव्य शिव महा श्रृंगार,शिव सेवक रत्न सम्मान,पूजन व भंडारा

    महाशिवरात्रि महोत्सव में भव्य शिव महा श्रृंगार,शिव सेवक रत्न सम्मान,पूजन व भंडारा ,

    “मंजीत श्रीवास्तव (बाबु) शिव रत्न से सम्मानित”

    गोरखपुर 26 फरवरी । श्री संकटमोचन, कालीबाड़ी मन्दिर व डॉ अशोक कुमार श्रीवास्तव फैंस क्लब के तत्वावधान में महाशिवरात्रि महोत्सव का आज कालीबाड़ी के महंथ व प्रसिद्ध धर्माचार्य श्री रवीन्द्र दास महराज की देख-रेख में बड़े ही भव्य श्रद्धा पूर्वक सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में प0 अयेध्दा शर्मा, प0 उप्रेन्द मिश्रा व प0 हरेन्द्र मिश्रा पुजारी का भी विशेष सहयोग रहा। महंथ रवीन्द्रदास महराज ने कहा कि पर्व-त्यौहारों का अपना अस्तित्व है। इस अवसर पर समाज के सभी वर्गो को एक दूसरे के साथ मिलकर इन पर्वों को मनाना चाहिये। पर्व -त्योहार परस्पर भाईचारे की भावना को बढ़ाने वाले होते हैं। कालीबाड़ी का पौरारिक महत्व है।हमें इसके इस स्वरूप को बरकरार रखना चाहिये। उन्होंने समस्त देश वासियों के प्रति मंगल कामना व्यक्त कीं।
    श्री बी एन बैजल व मांगीरिश इफ्राटेक के प्रमुख ई0 संजीत कुमार ने कहा कि महाशिवरात्रि पर कालीबाड़ी मन्दिर मे हर वर्ष बड़ी ही श्रद्धा पूर्वक मनाया जाता रहा है जिसमें बड़ी संख्या में शिवभक्त अपनी भागीदारी निभाते हैं। महाप्रभु शिव की कृपा से भक्तों की संख्या में निरन्तर विशाल होती जा रही है और वे मानव जीवन में सत्सं ग का महत्व भी समझते जा रहे हैं। क्योंकि सत्सं ग, भजन व भक्ति के माध्यम से ही इस मानव जीवन का कल्यान ही रहा है
    महंथ रवीन्द्र दास महराज ने बताया कि इस विशेष कार्यक्रम आज प्रातः 5 बजे से शुरू हुआ। पट खोलने के बाद अभिषेक, भो ग का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। प्रातः 6-30 बजे आरती, प्रातः 7 से 9 बजे तक श्री शिव चरित्र का पाठ, 9 से 10 बजे तक भजन व प्रासाद वितरण दोपहर 12 बजे दोपहर की आरती, सायंकाल 4 से महाप्रभु के जीवन पर की गाथा किया गया, तत्पश्चात् प्रभु शिव का महाश्रृंगार,महाआरती, महाप्रसाद वितरन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। अन्त में 9 बजे बच्चों का श्री महाप्रभु रूप ,वं श्र सेज आरती व महा भंडारा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में भजन गायक ओमप्रकाश गुप्ता व उनकी टीम ने सुमधुर भजन गाये। जबकि सोनी ने ‘‘अमीर चले आये, गरीब चले आये, शिव के दरबार में सभी चले आये’’ ‘‘मेरा छोटा सा परिवार, शिव आ जाओ ,इकबार’’ आदि भजन से अच्छा समां बांधा। सुश्री आस्था ने सुनाया ‘‘मुझे शिव महाप्रभु का नाम बड़ा प्यारालगे,जग से निराला शिव महाप्रभु का दरबार लगे’’। भजनगायन में दिपक श्रीवास्तव का ढोलक वादन बहुत ही करनर्प्रिय रहा। इस कार्यक्रम का संचालन दीपक बाबा जी व जितेंद्र जी ने किया।
    विशेष महाश्रृंगर समारोह के दौरान प्रमुख रूप से मंजीत कुमार श्रीवास्तव (बाबु) व शशांक शुक्ला को शिव सेवक रत्न से सम्मानित किया गया , इस अवसर पर प्रमुख रुपए ओम प्रकाश अग्रवाल,बी एन बैजल,गुड्डू लाल चौरसिया, रोहित चौरसिया, राजेश राजेश ,सौरभ श्रीवास्तव, डॉ0 मनोज कुमार(पुर्व सयुक्त मत्री,गुआक्टा व विभागाध्य , सेडिका) प्रसि द्ध चिकित्सक दन्त डॉ0 श्रीप्रकास इन्जि0 रंजीत कुमार श्अनिल मिश्रां,अभिषेक जालान ,धीरेन गोविंद जी सहित हर वर्ग के लोग भारी संख्या में उपस्थित रहे।

     

  • भक्ति, भाव से होती है, अहंकार से नही : सद्गुरु महराज

    भक्ति, भाव से होती है, अहंकार से नही : सद्गुरु महराज

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज/गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे): बडहलगंज भक्ति में प्रेम होना चाहिए आज तक जो भी भक्त ईश्वर या मां शक्ति को प्राप्त किए है वे भक्ति तथा भाव से ही प्राप्त किए भक्ति में प्रेम होना आवश्यक है उस परम सत्ता द्वारा आपको सब कुछ दिया हैं और जो भी चीजें दी गई हैं सब अनमोल एवं निशुल्क में दिया है। जल, हवा, सूर्य इत्यादि अनमोल वस्तुएं प्रदान की गई हैं जिसके बिना जीवन जीना असंभव है। “भक्ति भाव से होती हैं, अंहकार से नहीं।”

    उक्त बाते मातेश्वरी महाधाम पर मातेश्वरी परिवार द्वारा आयोजित अश्वमेघ महायज्ञ में श्रद्धालुओं को परिवार के संस्थापक सद्गुरु महराज दे रहे थे। अश्वमेघ महायज्ञ में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मातेश्वरी परिवार के भक्तों द्वारा भगवान शिव, मां पार्वती, गणेश-कार्तिक की झांकी निकली गई तथा भक्तों द्वारा पुष्प वर्षा कर जयघोष किया गया। सद्गुरु महराज के अमृत वर्षा के दौरान दर्जनों की संख्या में थाईलैंड की धरती से चलकर आये भक्तों द्वारा पुष्प अर्पित कर सद्गुरु महराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। तथा उनके द्वारा हवन कार्यक्रम भी किया गया तथा विदेशी भक्तों द्वारा गायत्री मंत्र का जाप किया गया तथा इस प्रकार के अदभुत कार्यक्रम में शामिल होकर अपने आप को धन्य कहा।

     

  • शिव मंदिरों में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

    शिव मंदिरों में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज/गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) : बडहलगंज महाशिवरात्रि के पर्व पर बुधवार को जलेश्वरनाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव के जयकारे के बीच दिनभर भक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा अर्चना किया। मंदिर परिसरों में मेले का आयोजन किया गया।

    कस्बा स्थित एतिहासिक बाबा जलेश्वर नाथ मंदिर में भोर से ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी रही। लोगों ने शिवलिंग पर बेल पत्र, फूल, मदार, भांग, फल, अच्छत, दूध, दही, घी, शहद, पंचगव्य, वस्त्र, गंगा जल आदि के साथ अभिषेक शुरू किया। मंदिर परिसर में मेले का आयोजन किया गया था। थानाध्यक्ष चन्द्रभान सिंह, कस्बा इंचार्ज आदित्य उपाध्यक्ष, एसआई सजय पाल व पुलिस फोर्स भी मुस्तैद दिखा। व्यवस्थापक मोहन मदेशिया, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, बबलू राय, अजय सर्राफ आदि लोग व्यवस्था बनाने मे लगे रहे।

     

  • महाशिवरात्रि पर निकली भगवान शिव की भव्य बारात; भूत, प्रेत, बैल, घोड़े के साथ निकली झांकी

    महाशिवरात्रि पर निकली भगवान शिव की भव्य बारात; भूत, प्रेत, बैल, घोड़े के साथ निकली झांकी

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे): बडहलगंज महाशिवरात्रि पर बड़हलगंज कस्बे में भगवान शिव की झांकी के साथ बारात निकली। बारात में भूूत, प्रेत, बैल, घोड़ा, ढ़ोल, नगाड़ा, डीजे के साथ सैकड़ो नगरवासी बाराती बने थे। सुरक्षा के मद्देनजर सीओ मनोज कुमार पांडेय,कोतवाली प्रभारी चन्द्रभान सिंह जुलूस में भारी पुलिस फोर्स के साथ चल रहे थे।

    बुधवार की शाम ठाकुरद्वारा मंदिर परिसर से भगवान शिव, राम-सीता व हनुमान जी की भव्य झांकी के साथ बारात निकली। बारात सोती चौराहा, गोला तिराहा, डीह बाबा, गोला मुहल्ला, लेटाघाट, जामा मस्जिद सहित कस्बे का भ्रमण कर बाबा जलेश्वरनाथ मंदिर प्रांगण में पहुंचा। जहा माता पार्वती के साथ विवाह सम्पन्न होने के बाद रुद्राभिषेक किया गया। शिव बारात में आयोजक मोहन मदेशिया, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि बीरु सोनकर, श्रवण जायसवाल, अमित मदेशिया, सुनील यादव, अजय सोनी, अजय सर्राफ, बबलू राय, दीपक शर्मा, रोहित सोनी, राहुल तिवारी, अमरनाथ उमर आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।