Category: धर्म

  • भागवत कथा में कंस वध का प्रसंग सुन श्रोता मंत्रमुग्ध हुए

    भागवत कथा में कंस वध का प्रसंग सुन श्रोता मंत्रमुग्ध हुए

    ब्यूरो प्रभारी- संतोष कुमार त्रिपाठी खजनी / गोरखपुर.

    रुद्रपुर ग्राम सभा में चल रहे सातवें दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के समापन के दिन पहुंचे जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अधोक्षजानंद देवतीर्थ जी महाराज गोवर्धनपीठ श्री आद्यशंकराचार्य धर्मस्थान संसद पहुंचे।

    रूद्रपुर गांव में पूर्व प्रधान प्रेम शंकर मिश्रा के घर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में हनुमान गढ़ी अयोध्या से पधारे कथा व्यास ब्रह्मांसदास ब्रह्मचारी ने कंस वध और वासुदेव एवं देवकी को कारागार मुक्त, कराने तथा महाराज उग्रसेन को पुन: राज सिंहासन पर बैठाने की कथा सुनाई।
    कथा व्यास ने बताया कि कंस के अत्याचार से पृथ्वी त्राह त्राह जब करने लगी, तब लोग भगवान से गुहार लगाने लगे। तब कृष्ण अवतरित हुए। कंस को यह पता था कि उसका वध श्रीकृष्ण के हाथों ही होना निश्चित है। इसलिए उसने बाल्यावस्था में ही श्रीकृष्ण को अनेक बार मरवाने का प्रयास किया, लेकिन हर प्रयास भगवान के सामने असफल साबित होता रहा। कंस राज दरबार में अक्रूर को बुलाकर श्रीकृष्ण और बलराम को मथुरा लाने का निर्देश देता है। अक्रूर अपने साथ श्रीकृष्ण और बलराम जी को मथुरा ले आते हैं। कुवल्या पीठ नामक हांथी श्रीकृष्ण को मारने के लिए उन पर हमला करता है। श्रीकृष्ण हांथी को मार देते हैं। कंस के इशारे पर काम, क्रोध रूपी पहलवान मुष्टिक, चारूण एक साथ मिलकर कृष्ण भगवान को मारने की नीयत से आक्रामक होते ही श्रीकृष्ण-बलराम जी इन पहलवानों को मौत के घाट उतार देते हैं। कंस जैसे ही श्रीकृष्ण को मारने के लिए झपटता है तो वह उसे जमीन पर पटक कर उसका वध कर देते हैं। कंस के मरते ही मथुरावासी खुशी से झूम उठते हैं। श्रीकृष्ण जी वासुदेव और देवकी को कारागार से मुक्त करके उग्रसेन को पुन: राजगद्दी पर विराजमान कराते हैं। कथा के दौरान भारी संख्या में मौजूद श्रद्धालु प्रसंग सुन कर रोमांचित हो उठे। इस दौरान भगवान कृष्ण की मनमोहक झांकी सजाई गई।

  • महाकुम्भ 2025: 3 लाख करोड़ रुपये का व्यापार, आस्था से अर्थव्यवस्था तक का अद्भुत संगम

    महाकुम्भ 2025: 3 लाख करोड़ रुपये का व्यापार, आस्था से अर्थव्यवस्था तक का अद्भुत संगम

    महाकुम्भ 2025: 3 लाख करोड़ रुपये का व्यापार, आस्था से अर्थव्यवस्था तक का अद्भुत संगम

    *महाकुम्भ बना भारत का सबसे बड़ा आर्थिक आयोजन, स्थानीय व्यापार को भारी बढ़ावा*

    *कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के अनुसार, प्रयागराज ही नहीं, बल्कि 150 किमी के दायरे में व्यापार में जबरदस्त बढ़ोतरी*

    *अयोध्या, वाराणसी और अन्य धार्मिक स्थलों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली*

    *आस्था और अर्थव्यवस्था के गहरे संबंध को दर्शा रहा यह महा आयोजन*

    महाकुम्भ नगर/नई दिल्ली: विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजन महाकुम्भ 2025 ने व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुसार, इस बार के महाकुम्भ ने 3 लाख करोड़ रुपये (360 बिलियन अमेरिकी डॉलर) से अधिक का व्यापार उत्पन्न किया है, जिससे यह भारत के सबसे बड़े आर्थिक आयोजनों में से एक बन गया है। CAIT के महासचिव और सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि “यह आयोजन आस्था और अर्थव्यवस्था के गहरे संबंध को दर्शाता है।”

    *60 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन से बढ़ा कारोबार*

    13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में महाकुम्भ का आयोजन किया जा रहा है। खंडेलवाल ने बताया कि शुरुआती अनुमान के अनुसार 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने और 2 लाख करोड़ रुपये के व्यापार की संभावना थी, लेकिन देशभर में इस आयोजन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह के कारण अब 60 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, जिससे कुल व्यापार 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है।

    *व्यापार के प्रमुख क्षेत्र जो हुए प्रभावित*

    महाकुम्भ 2025 के दौरान कई व्यापारिक क्षेत्रों में बड़ा आर्थिक उछाल देखने को मिला। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

    पर्यटन, होटल और आवास सेवाएं
    खाद्य और पेय पदार्थ उद्योग
    परिवहन और लॉजिस्टिक्स
    पूजा सामग्री, धार्मिक वस्त्र और हस्तशिल्प
    हेल्थकेयर और वेलनेस सेवाएं
    मीडिया, विज्ञापन और मनोरंजन उद्योग
    स्मार्ट टेक्नोलॉजी, सीसीटीवी, टेलीकॉम और AI आधारित सेवाएं

    *150 किमी तक हुआ प्रभाव*

    महाकुंभ के कारण केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि 150 किमी के दायरे में स्थित शहरों और कस्बों में भी व्यापार में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। इसके अलावा, अयोध्या, वाराणसी और अन्य धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे वहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

    *यूपी सरकार का बुनियादी ढांचे पर 7500 करोड़ का निवेश*

    महाकुम्भ को सफल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज के सड़क, फ्लाईओवर और अंडरपास के निर्माण एवं सुधार पर 7500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस राशि में से 1500 करोड़ रुपये विशेष रूप से महाकुम्भ की व्यवस्थाओं के लिए आवंटित किए गए थे।इससे न केवल प्रयागराज में, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी यातायात और नागरिक सुविधाओं में सुधार हुआ है।

  • सनातन सेवाश्रम द्वारा आयोजित सुंदरकांड आयोजन का सफल समापन

    सनातन सेवाश्रम द्वारा आयोजित सुंदरकांड आयोजन का सफल समापन

    सनातन सेवाश्रम, राम-जानकी नगर रोड, गोरखपुर में आज सनातन सेवाश्रम द्वारा आयोजित भव्य सुंदरकांड पाठ का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।

    इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भक्तिमय वातावरण का आनंद लिया।

    कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के पीठाधीश्वर आचार्य अभयानंद जी महाराज (संस्थापक/अध्यक्ष) के मंगलाचरण और दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात विद्वान आचार्यगण ईश्वर उपाध्याय, त्रिपुरारी पाण्डेय, चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी और नितेश पाण्डेय द्वारा संगीतमय सुंदरकांड का पाठ किया गया, जिसने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तजनों ने भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान श्रीराम और हनुमान जी की स्तुति की, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।

    संस्थान के प्रमुख सदस्यों उपाध्यक्ष शुभाशीष जैन, सचिव मीनाक्षी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक निशा उपाध्याय, कार्यक्रम सह संयोजक नीलम शुक्ला ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी श्रद्धालुओं और सेवकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में सहायक होते हैं।

    कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और सभी श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ प्राप्त किया। आयोजन के सफल समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने हर्ष व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की कामना की।

  • महायज्ञ के कलश यात्रा में उमड़ा जन सैलाब

    महायज्ञ के कलश यात्रा में उमड़ा जन सैलाब

     

    संवाददाता : सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर।जंगल कौड़िया क्षेत्र के ग्राम पंचायत दहला में 17वां श्री श्री रुद्र महायज्ञ शनिवार को कलश यात्रा के साथ शुरू किया गया। सर्वप्रथम महायज्ञ को लेकर कलश यात्रा में जल भरी के लिए एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। भोलेनाथ की जयकारों से क्षेत्र गुंज गया। इस महायज्ञ में शामिल होने के लिए संत महंत व ब्राह्मण व अनेक तीर्थ स्थलों से संत प्राचीन शिव मंदिर दहला में पधारे हैं। नौ दिवसीय श्रीरुद्र महायज्ञ एवं प्रवचन कथा को लेकर शनिवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। हजारों की संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु माथे पर कलश जल यात्रा में शामिल हुए कलश शोभायात्रा प्राचीन शिव मंदिर दहला यज्ञ स्थल से मजनु चौराहा डोहरिया बाजार कलानी उर्फ बढ़नी जगत बेला मोहम्मदपुर माफी होते हुए गहासाड राप्ती नदी तट पर पहुंची जहां विद्वान पंडितों के वैदिक मित्रों के बीच गंगा आवाहन से कलश में जल भरा गया शोभायात्रा जुलूस चौराहा व गांवों को भ्रमण करते हुए यज्ञ स्थल पर पहुंचा। यज्ञ समिति के द्वारा बताया गया कि यह यज्ञ 15 फरवरी से 23 फरवरी तक चलेगा इस दौरान प्रातः 6:00 बजे सुबह से 10:00 बजे तक यज्ञ पूजा दोपहर 12:00 बजे से 5:00 बजे तक भक्ति प्रिया रंजना मिश्रा का प्रवचन शाम 5:00 बजे से नवरात्रि 7:00 बजे तक यज्ञ पूजा रात्रि 8:00 बजे से रात्रि 12:00 बजे तक रामलीला कार्यक्रम होगा। यज्ञ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने व लंगर की व्यवस्था की गई है शोभा यात्रा में मुख्य रूप से उपस्थिति शिवबालक पांडेय राम भोला सिंह दिनेश गिरी महेश निषाद अशोक सिंह पूर्णमासी कनौजिया खूब लाल महानंद गिरी कृष्णानंद सिंह वकील रघु वसंत गिरी करण विश्वकर्मा वालचंद कोटेदार नाहर सिंह सहित महिला पुरुष व क्षेत्रवासी ग्राम वासी कलश यात्रा में शामिल रहे।

  • कुंभ पर किसी प्रकार की अनर्गल टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती

    कुंभ पर किसी प्रकार की अनर्गल टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती

    कुंभ पर किसी प्रकार की अनर्गल टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती,

    पृथ्वी पर अब तक का सबसे बड़ा मानव समागम, लहरा रही है सनातन की पताका,

    महाशिवरात्रि तक 60 करोड़ पार कर जाएगी श्रद्धालुओं की संख्या,

    विशेष संवाददाता

    कुंभ नगर, प्रयागराज।

    प्रयागराज कुंभ को लेकर तथाकथित सेकुलर राजनीतिज्ञों की अनर्गल टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस समय कुंभ के माध्यम से विश्व में सनातन की पताका लहरा रही है। पृथ्वी पर अब तक के सबसे बड़े मानव समागम की अपार सफलता से सनातन विरोधियों के होश उड़ गए हैं। दुनिया सनातन हिंदू समाज की आस्था, श्रद्धा और शक्ति को प्रणाम कर रही है।
    अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने आज उक्त उद्गार व्यक्त किया है। उन्होंने अफजाल अंसारी, अखिलेश यादव और पप्पू यादव द्वारा कुंभ को लेकर की गई टिप्पणियों पर कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा कि ये कथित सेकुलर नेता अब समझ लें कि हिंदू सनातन समाज पूरी तरह से जाग चुका है। सनातन आस्था पर टिप्पणी इन्हें बहुत महंगी पड़ेगी। स्वामी जी ने कहा कि कुंभ में श्रद्धालुओं का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर चुका है और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि तक यह संख्या 60 करोड़ से भी अधिक हो सकती है। प्रयागराज का यह कुंभ पृथ्वी पर अब तक का सबसे बड़ा मानव समागम बन चुका है।

    स्वामी जी ने कहा कि कुंभ की इस सफलता से सनातन विरोधी शक्तियां बौखला गई हैं। अनावश्यक टीका टिप्पणी कर ये लोग कुंभ के साथ साथ सनातन आस्था पर भी प्रहार कर रहे हैं। यह अलग बात है कि इस समय सनातन समाज जग चुका है जिसका प्रभाव विश्वव्यापी दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नायकत्व में योगी आदित्यनाथ का परिश्रम अब रंग दिखा रहा है। भारत का सनातन और संत समाज कथित सेक्युलरवादियों के मंसूबे कामयाब नहीं होने देगा। कुंभ से आरम्भ से ही ये ताकतें साजिश रचने में लगी हैं। अब जब कि यह महा आयोजन अपने शीर्ष पर पहुंच चुका है तो ये लोग बौखला कर अनाप शनाप टिप्पणियां कर के माहौल बिगाड़ना चाहते हैं।

  • अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित प्रदेश पदाधिकारीयों ने लगाई संगम में डुबकी

    अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित प्रदेश पदाधिकारीयों ने लगाई संगम में डुबकी

    अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित प्रदेश पदाधिकारीयों ने लगाई संगम में डुबकी,

    महाकुंभ के अवसर पर प्रयागराज में संगम मे डुबकी लगा कर पुण्य लाभ अर्जित करने सम्पूर्ण देश के उद्योग व्यापार मंडलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल( पूर्व मंत्री ) भारी काफिले के साथ संगम में डुबकी लगाने प्रयागराज पहुंचे. प्रदेश और देश के वरिष्ठ पदाधिकारी और उनके परिवार जनों ने प्रसन्न मन से संगम में स्नान किया. प्रयागराज पधारे समस्त व्यापारियों का क्षेत्रीय प्रभारी विपिन गुप्ता, जिला अध्यक्ष लालू मित्तल महानगर अध्यक्ष अनिमेष अग्रवाल गंगा पार अध्यक्ष राजेंद्र के शिवानी पप्पू भैया वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमन गुप्ता महामंत्री गंगा पार सुमित केसरवानी फाफामऊ बाजार के अध्यक्ष अजय जायसवाल और उनकी पत्नी संगीता अग्रवाल एवं महिला मंडल के सदस्यों द्वारा किया गया । समस्त पदाधिकारी सनातन परंपरा के अनुसार सभी अतिथियों को कुमकुम, दुशाले माल्यार्पण उनकी आरती उतारी गई। जिला के सीमा में काफिले के प्रवेश करते ही जगह-जगह बाजारों में उनका स्वागत अभिनंदन किया गया।मार्ग में फाफामऊ अध्यक्ष अजय जायसवाल और उनकी टीम ने स्वागत सत्कार करके उन्हें मेला क्षेत्र में प्रवेश कराया किया। सह परिवार पधारे देश-प्रदेश के पदाधिकारी ने महामंडलेश्वर अवधेशानंद जी गिरी का आशीर्वाद दिया और वहीं पर जलपान प्रसाद ग्रहण किया ।मंडल प्रभारी काशी क्षेत्र विपिन गुप्ता नें महामंडलेश्वर उमाकांत जी के शिविर में सभी को प्रवचन और अमृत ज्ञान अर्जित करवाया। कुंभ मेला क्षेत्र में पहली बार अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल का विशाल शिबिर सेक्टर 13 लगाया गया। शिविर में जनवरी से भंडारा अनवरत चल रहा है जहां पर श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद निशुल्क दिया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल सहायता भी प्रदान करवाई जाती है।
    राष्ट्रीय अध्यक्ष व्यापारी नेता संदीप बंसल ने प्रसन्न मन से कहा संगम स्नान करके उनका परिवार और व्यापारियों का समूह धन्य हो गया। व्यवस्था के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा अत्यंत उत्तम व्यवस्था है किसी भी प्रकार की नकारात्मक अफवाहों पर ध्यान न देकर बचे हुए समय में सभी व्यापारी महाकुम्भ कुंभ में प्रयागराज सपरिवार आकर पुण्य लाभ अवश्य अर्जित करें। कहां यह अत्यंत थी विहंगम अवसर है देश-विदेश से सभी आकर यहां पर पूर्ण लाभ अर्जित कर रहे हैं।

    शिविर में आज सभी वरिष्ठ पदाधिकारी के साथ प्रयागराज के समस्त पदाधिकारी ने अपने कैंप में अपने हाथों से भोजन बनाया।सभी ने गंगा मैया की गोद में जमीन पर बैठकर प्रेम पूर्वक भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
    व्यापारी नेता संदीप बंसल ने सभी को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महाकुंभ क्षेत्र स्थित शिविर में सादर आमंत्रित किया और बताया सैकड़ो व्यापारी यहां पर आकर अभी तक पुण्य लाभ अर्जित कर चुके हैं। जिला अध्यक्ष लालू मित्तल गंगा पार अध्यक्ष राजेंद्र केसरवानी, सुमित केसरवानी रमन गुप्ता एवं समस्त टीम के सदस्यों ने देश प्रदेश के व्यापारियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि कोई भी व्यापारी कहीं से भी शिविर में आकर निशुल्क प्रवास और भोजन कर सकता है।
    महानगर अध्यक्ष अनिमेष अग्रवाल ने अपना नवनिर्मित चार मंजिला भवन व्यापार मंडल के व्यापारियों की सेवा में निशुल्क खोल रखा है ठहरने खाने रहने भोजन की सुविधा व्यापारियों को व्यापार मंडल के सौजन्य से महाकुंभ के अवसर पर निशुल्क प्रदान किया जा रहा है।

  • गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर से विदा हुए श्रृंगेरी शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती जी

    गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर से विदा हुए श्रृंगेरी शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती जी

    गोरखपुर। श्रृंगेरी शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री भारती तीर्थ महासन्निधानम के मंगलमय आशीर्वाद और दिव्य आदेश से विजय यात्रा लेकर मंगलवार (11 फरवरी) को गोरखपुर पधारे जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम गोरक्षपीठ में प्रवास करने के बाद गुरुवार को विदा हो गए।

    विदा होने से पूर्व शंकराचार्य जी ने गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गोरखनाथ मंदिर की यज्ञशाला में श्रृंगेरी पीठ की परंपरा के अनुसार विशिष्ट हवन किया। दोनों आध्यत्मिक विभूतियों के सानिध्य में 108 सुंदरकांड पाठ और आञ्जनेय हवन से लोक मंगल व राष्ट्र कल्याण की प्रार्थना की गई।

    जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री भारती तीर्थ महासन्निधानम की विजय यात्रा का आगमन मंगलवार देर शाम गोरक्षपीठ में हुआ था। बुधवार शाम गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका अभिनंदन किया था और इसके बाद शंकराचार्य जी के वेदपाठी छात्रों और अध्यापकों को शंकर वचन (आशीर्वचन) दिया था। बुधवार रात उन्होंने अपने प्रवास क्षेत्र में श्रृंगेरी पीठ की परंपरा के अनुसार विशिष्ट पूजन किया जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित हुए। गुरुवार सुबह शंकराचार्य जी, मुख्यमंत्री की अगवानी में गोरखनाथ मंदिर की यज्ञशाला पहुंचे और आञ्जनेय हवन में सम्मिलित हुए। यहां हवन के बाद जगद्गुरु शंकराचार्य और गोरक्षपीठाधीश्वर ने भगवान आदि शंकर व गुरु गोरखनाथ से लोक मंगल और राष्ट्र कल्याण की प्रार्थना की। शंकराचार्य जी ने मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ को श्रृंगेरी पीठ से लाए दो विशिष्ट स्मृति चिन्ह भेंट किए। हवन अनुष्ठान के उपरांत सीएम योगी ने शंकराचार्य जी को गोरखनाथ मंदिर परिसर का भ्रमण कराया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने दोपहर में उन्हें गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार भावपूर्ण विदाई दी।

    सीएम योगी ने की गोसेवा, बच्चों पर लुटाया प्यार,

    गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने प्रातःकाल गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर मत्था टेका। सीएम योगी जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। गुरुवार सुबह वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मंदिर की गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोवंश को दुलारकर उन्होंने अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया। इस दौरान कुछ गोवंश के साथ सीएम योगी स्नेहिल भाव से कुछ देर खेलते भी रहे।
    मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री की नजर जैसे ही श्रद्धालुओं के साथ आए उनके बच्चों पर पड़ी, उन्होंने मुस्कुराते हुए बच्चों को अपने पास बुला लिया, सबके माथे पर हाथ फेरकर प्यार-दुलार और आशीर्वाद देने लगे। उन्होंने बच्चों से उनका नाम, उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा, खूब हंसी ठिठोली की और सभी को चॉकलेट गिफ्ट किया। सीएम का सानिध्य पाकर बच्चे काफी आनंदित नजर आ रहे थे।

  • जगतगुरु शंकराचार्य ने योगी आदित्यनाथ को सम्मानित किया

    जगतगुरु शंकराचार्य ने योगी आदित्यनाथ को सम्मानित किया

    संवाददाता : शिशिर श्रीवास्तव

    गोरखपुरः योगी आदित्यनाथ सृंगेरी मठ के जगदगुरु शंकराचार्य के उपदेश को सुना, और उसके बाद जगतगुरु शंकराचार्य ने योगी आदित्यनाथ को शाल से सम्मानित किया और उनको स्मृति चिन्ह भी दिया

  • प्रयागराज महाकुंभ में भव्य व्यवस्था से पूरा विश्व चकित : जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती

    प्रयागराज महाकुंभ में भव्य व्यवस्था से पूरा विश्व चकित : जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती

    संवाददाता : शिशिर श्रीवास्तव

    प्रयागराज महाकुंभ में भव्य व्यवस्था से पूरा विश्व चकित : जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती,

    गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में हुआ श्रृंगेरी शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती जी का शंकर वचन कार्यक्रम,

    *सनातन आस्था के सन्यासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिख रहा है व्यापक परिवर्तन*

    *ऐसे नेता चाहिए जो देश और धर्म दोनों की भलाई के लिए कार्य करें :जगद्गुरु शंकराचार्य*

    *देखते ही बनती है पीएम मोदी और सीएम योगी की देश और धर्म के प्रति श्रद्धा : जगद्गुरु शंकराचार्य*

    गोरखपुर, 12 फरवरी। श्रृंगेरी शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री भारती तीर्थ महासन्निधानम के मंगलमय आशीर्वाद और दिव्य आदेश से विजय यात्रा लेकर गोरखपुर पधारे जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम ने कहा है कि प्रयागराज महाकुंभ में भव्य व्यवस्था से पूरा विश्व चकित है। इस महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या 50 करोड़ होने जा रही है। यह संख्या भारत के बारे में विषवमन करने वाले कई देशों की जनसंख्या से भी अधिक है। शंकराचार्य जी ने कहा कि महाकुंभ में भव्य व्यवस्था देखकर न केवल उनका मन बेहद आनंदित हुआ है बल्कि उन्होंने जिस किसी भी भक्त या श्रद्धालु से पूछा है, सब के सब लोगों ने व्यवस्था को अत्यंत आनंददायी और सुव्यवस्थित बताया है।

    जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम जी विजय यात्रा (11 से 13 फरवरी) के दूसरे दिन बुधवार शाम गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में वेदपाठी विद्यार्थियों और अध्यापकों को शंकर वचन (आशीर्वचन) दे रहे थे। शंकराचार्य जी ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ की भव्य व्यवस्था से दुनिया को सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सनातन आस्था वाले सन्यासी मुख्यमंत्री बनते हैं तो ऐसा ही व्यापक परिवर्तन देखने को मिलता है जैसा योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि न केवल प्रयागराज महाकुंभ बल्कि काशी और अयोध्या में भी भव्य व्यवस्था की गई है। हर जगह भक्तों का धर्म के प्रति उद्घोष देखकर ह्रदय आनंदित हो रहा है।

    जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती ने कहा कि हमारे लिए धर्म और देश दोनों दो आंखें होनी चाहिए क्योंकि दोनों का उद्देश्य समाज राष्ट्र और विश्व का कल्याण है। धर्म और देश दोनों पर सामान चिंतन से ही श्रेया प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे नेता चाहिए जो देश और धर्म दोनों की भलाई के लिए कार्य करें और इसे अपना कर्तव्य समझे। इस कसौटी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों ही धर्म और देश को समान भाव से देखते हैं। दोनों की श्रद्धा धर्म और देश के प्रति देखते ही बनती है। शंकराचार्य जी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की भलाई के लिए लगातार प्रयत्नशील रहते हैं। उन्होंने महाकुंभ में इतनी बड़ी व्यवस्था की है जिसकी प्रशंसा देश और विदेश के लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ इसलिए नहीं कह रहे कि उन्हें महाकुंभ में अच्छी सुविधा प्राप्त हुई, बल्कि जो भी भक्त या श्रद्धालु उनसे मिलने आए सबका यही अभिमत रहा है। शंकराचार्य जी ने आशीर्वाद दिया और ईश्वर से यह भी प्रार्थना की कि योगी आदित्यनाथ को उनके सुव्यवस्थित शासन से निरंतर विशिष्ट स्थान प्राप्त होता रहे।

    *बकवास करने वालों से सावधान रहने की आवश्यकता*
    जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती ने कहा कि देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनमें कुछ प्रतिभा तो है लेकिन जब उनकी प्रशंसा अधिक हो जाती है तो उन्हें लगने लगता है कि वह जो भी कहेंगे तो लोग उसे सुनते रहेंगे। ऐसे लोग उन विषयों पर भी कुछ न कुछ बकवास करने लगते हैं जिनका उनसे कोई संबंध नहीं है। ऐसे लोगों के बकवास से सावधान रहना चाहिए शंकराचार्य जी ने कहा कि एक अंधा व्यक्ति बाकी अंधे व्यक्तियों को मार्ग दिखाएं यह संभव नहीं है।

    *अनादि काल से आचरण में रहने वाला धर्म है सनातन*
    सनातन धर्म के मर्म को समझाते हुए जगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म अनादि काल से आचरण में रहने वाला धर्म है इसका आरंभ नहीं है और अंत भी नहीं है। कुछ लोग कहते हैं कि इसका अंत हो सकता है पर इस पर जवाब देने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि, भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में इसे स्पष्ट कर दिया है कि जब-जब धर्म पर संकट आएगा तब तब ईश्वर अवतार लेकर इसकी रक्षा करेंगे। शंकराचार्य जी ने कहा कि अलग-अलग कालखंड में संकट की परिस्थितियों के अनुरूप ही ईश्वर के अवतार भी हुए हैं। मत्स्य अवतार भिन्न है तो नृसिंह, परशुराम, श्रीराम और श्रीकृष्ण अवतार भिन्न-भिन्न। उन्होंने कहा कि संकट की परिस्थितियों के अनुसार ही हमें भी उसी के अनुरूप धर्म की रक्षा के लिए तैयार होना होगा। शंकराचार्य जी ने कहा कि कई लोग यह प्रश्न उठते हैं कि आधुनिक समय में धर्म की क्या आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में आधुनिकता बढ़ी है, इस पर संदेह नहीं। सुविधाओं के होने के बावजूद व्यक्ति की सुख प्राप्त करने की इच्छा पूरी नहीं हो पा रही है इसका कारण यह है कि लोग धर्म का आचरण नहीं कर पा रहे। सुख प्राप्त करने के लिए धर्म का आचरण करना होगा और दुख दूर करने के लिए धर्म का मार्ग छोड़ना पड़ेगा।

    *धर्म से प्राप्त संस्कार ही बनाते हैं हर कार्य करने में सक्षम*
    उन्होंने कहा कि धर्म से प्राप्त संस्कार ही हमें हर कार्य करने में सक्षम और लौकिक तथा आध्यात्मिक सुख प्राप्त करने के योग्य बनाते हैं। शंकराचार्य जी ने सीख दी कि जिस प्रकार हम बच्चों के बाल्यकाल से लेकर उनके युवा अवस्था तक तमाम कार्यों की गणना करते हैं, उसी प्रकार उनके धर्म सम्मत आचरण और आध्यात्मिक ज्ञान को लेकर भी कार्ययोजना बनाकर उसे पूरा करें।

    शंकर वचन से पूर्व शंकराचार्य जी ने श्रीगोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के वेदपाठी छात्रों और अध्यापकों को आशीर्वाद प्रसाद स्वरूप श्री आद्य शंकराचार्य जी की जीवन कथा व उपदेश की पुस्तिका, उनका प्रतीक विग्रह व वैदिक अंगवस्त्र भेंट किया। कार्यक्रम की समाप्ति पर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अंग वस्त्र और श्रृंगेरी पीठ से लाई गई स्मृतिका (मां शारदा और आदि शंकराचार्य जी की प्रतिमा) व कलश भेंट किया। इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरिंदर सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, विधायक राजेश त्रिपाठी, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ला, डॉ विमलेश पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद और अनेकानेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

  • गोरक्षधरा पर अभूतपूर्व स्वागत से अभिभूत दिखे श्रृंगेरी मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य

    गोरक्षधरा पर अभूतपूर्व स्वागत से अभिभूत दिखे श्रृंगेरी मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य

    *गोरक्षधरा पर अभूतपूर्व स्वागत से अभिभूत दिखे श्रृंगेरी मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य*

    *गुरु गोरखनाथ मंदिर पहुंचे श्रृंगेरी मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई भव्य अगवानी*

    *गोरखपुर की सीमा जीरो प्वाइंट से लेकर गोरखनाथ मंदिर तक वैदिक मंत्रोच्चार और फूल बरसाकर स्वागत किया गया जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम का*

    *गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में स्थापित मूर्तियों, गोरखवाणी का अवलोकन का भाव विभोर हुए शंकराचार्य*

    गोरखपुर, 11 फरवरी। श्रृंगेरी मठ (शारदा पीठ) के जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री भारती तीर्थ महासन्निधानम के मंगलमय आशीर्वाद और दिव्य आदेश से जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम मंगलवार शाम को गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर आगमन पर शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका दिव्य अभिनंदन किया गया। इसके पहले शंकराचार्य जी की विजय यात्रा का सहजनवा स्थित जनपद की सीमा से गोरखनाथ मंदिर तक फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया गया। शंकराचार्य जी, गोरक्षधरा पर हुए इस अभूतपूर्व स्वागत से अभिभूत नजर आए।

    जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम जी की विजय यात्रा (11 से 13 फरवरी) मंगलवार को श्रीअयोध्याधाम से प्रारंभ हुई। शाम करीब पांच बजे गोरखपुर जनपद की सीमा (जीरो प्वाइंट) में यात्रा के प्रवेश करते ही श्री गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के 51 वेदपाठी छात्रों ने आचार्य डॉ. रंगनाथ के नेतृत्व में शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार/मंगलाचरण के बीच जगद्गुरु शंकराचार्य जी का अभिनंदन किया। इसके बाद सहजनवा में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने शंकराचार्य जी का फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया गया। सहजनवा से लेकर गोरखनाथ मंदिर तक जगह-जगह समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने देश के शीर्षस्थ धर्माचार्यों में सम्मिलित जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम जी का अभूतपूर्व अभिनंदन किया। शंकराचार्य जी के अभिनंदन और अभिवादन का दृश्य हर स्वागत स्थल पर नयनाभिराम रहा। स्वागत के लिए बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने उन पर फूल बरसाए तो कलाकारों ने भजन सरिता बहाई। उनके स्वागत का रूट होर्डिंग्स से पटा पड़ा था।

    गोरखनाथ मंदिर पहुंचते ही परिसर में जगद्गुरु शंकराचार्य का मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने उनकी अगवानी की। इसके बाद श्रीगोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के वेदपाठी विद्यार्थियों ने शंखध्वनि के बीच मंत्रोच्चार कर शंकराचार्य जी का अभिनंदन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में पधारे। यहां श्रीगोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के प्राचार्य डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने सपत्नीक शंकराचार्य जी की चरण पादुका का विधिविधान से पूजन किया और आरती उतारी। इसके बाद शंकराचार्य जी ने महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में स्थापित देवी-देवताओं, संतों, महापुरुषों, मूर्तियों और चित्रों और उनके सम्मुख लिखित विचारों का अवलोकन किया। भवन की दीवारों पर उल्लिखित गोरखवाणी के पदों को गहनता से आलोकित करते तथा उन्हें पढ़ते हुए शंकराचार्य जी काफी भाव विभोर दिखे।

    सहजनवा से लेकर गोरखनाथ मंदिर तक जगद्गुरु शंकराचार्य का स्वागत करने वालों में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, भाजपा जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, अच्युतानंद शाही, मनोज अग्रहरि, सिद्धांतो घोष, रणविजय शाही, दयानंद शर्मा, गौरव तिवारी, वीरेंद्र नाथ पांडेय, ओमप्रकाश शर्मा, इंद्रमणि उपाध्याय, देवेश श्रीवास्तव, शशिकांत सिंह, विकास जालान, शशांक वर्मा, अष्टभुजा त्रिपाठी आदि प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे।

    *इन स्थानों पर हुआ शंकराचार्य का भव्य स्वागत*
    सहजनवा, नौसढ़, टीपीनगर, टीडीएम तिराहा, भगत सिंह चौराहा, शास्त्री चौक, कचहरी चौराहा, गणेश चौक, यातायात तिराहा, धर्मशाला चौराहा, झूलेलाल मंदिर, गोरखनाथ मंदिर गेट।