Category: धर्म
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गायत्री शक्तिपीठ प्रानपुर में होने वाले चार दिवसीय 108 कुण्डी महायज्ञ गोष्ठी बैठक सम्पन्न
संवाददाता– एस. पी. सिंह
सहजनवा, ( गोरखपुर ) ।सहजनवां ब्लाक के ग्राम प्रानपुर में गायत्री शक्तिपीठ महायज्ञ के लिए तैयारी की प्रथम बैठक शनिवार को सहजनवां विधायक प्रदीप शुक्ल की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ 29 नवंबर 2025 से प्रारंभ होकर 2 दिसंबर 2025 तक चार दिवस तक चलेगा। उक्त बैठक जोन प्रभारी भाई मानसिंह वर्मा के निर्देशन में आहुत की गई।
बैठक में मुख्य रूप से ओम प्रकाश सिंह, रामगोपाल शुक्ल, योगेन्द्र नाथ श्रीवास्तव, अशोक तिवारी, डा आर डी सिंह, आलोक सिंह, गणेश दत्त गिरि, विवेकानंद दूबे, आनन्द राय, दयानंद श्रीवास्तव, ओमप्रकाश यादव, चन्द्रशेखर यादव, धर्म राज शुक्ला,अजय कुमार श्रीवास्तव सहित अनेक लोग मौजूद रहे। -

श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ पीयूष वर्णन का भव्य शुभारंभ
“नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ, निकली कलश यात्रा”
ब्यूरो प्रभारी संतोष कुमार त्रिपाठी खजनी गोरखपुर
खजनी नगर पंचायत उनवल वार्ड नंबर 3 में शनिवार को भव्य कलश यात्रा के साथ नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ।
इस यात्रा में 251 कन्याएं शामिल हुई। कथा स्थल से हाथी घोड़ा और गाजे बाजे के साथ पीले परिधान मे सैकड़ो कि संख्या मे महिलायें और कन्यायें सर पर कलश लिये, कथा स्थल से टेकवार चौराहा होते हुए झारखंडी महादेव मंदिर पर पहुंच
कथावाचक पं.हनुमतेश मिश्रा जी महाराज, श्री धाम वृंदावन आचार्य के द्वारा झारखंडी महादेव मंदिर के जलाशय में वैदिक मंत्रोच्चार पूजन के उपरान्त जलाशय से पवित्र जल कलश में संग्रहीत किया।कथावाचक पं. हनुमतेश मिश्रा जी महाराज ने बताया यह कथा दिनांक 3 मई, दिन शनिवार से प्रारंभ होकर यज्ञ का पूर्णाहुति व समापन दिनांक 11 मई, दिन रविवार को होगा।
कथा का समय सांय 6 बजे से प्रारंभ होगा और हरि इच्छा तक चलेगा।
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ पीयूष वर्णन के मुख्य यजमान विजय प्रताप त्रिपाठी श्रीमती विंध्यवासिनी त्रिपाठी द्वारा व्यास पीठ का विधि विधान से पूजन किया गया , जहां कथावाचक एवं आचार्य ने भागवत की पूजा अर्चना की और पूजन के बाद कलश की स्थापना की। वही पारंपरिक वाद्ययंत्र और मंगलध्वनी के गूंजते टेकवार सहित आसपास का वातावरण भी भक्तिमय हो उठा।
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आत्मबोध महायज्ञ की दिव्य ‘मनोकामना कलश यात्रा’ में सम्मिलित हुए सैकड़ों श्रद्धालु
गोरखपुर। आत्मबोध महायज्ञ की मनोकामना कलश यात्रा कल शाम महिलाओं एव पुरुषों ने भारी संख्या में भाग लिया।

कलश यात्रा, वेद मंत्रों की ध्वनि, घंटा घड़ियाल, शंख ध्वनि एवं भक्ति गीतों के साथ ऑक्सफोर्ड इंटर कॉलेज, भगत चौराहा से होते हुए ऑक्सफोर्ड इंटर कॉलेज पर आई जहां इसका समापन हुआ। कलश में जल के लिए लसाड़ी स्थित राप्ती नदी तट पर हजारों की संख्या में महिलाओं ने कलश यात्रा, जल भरकर प्रारंभ किया। बहुत ही अनुशासित तरीके से कलश यात्रा एवं भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। विश्व कल्याण एवं सनातन की रक्षा हेतु यह कलश यात्रा गोरखपुर में एक ऐतिहासिक कलश यात्रा थी। सनातन धर्म की जय हो, गंगा मैया की जय हो, आत्मबोध महायज्ञ की जय हो के ध्वनि के साथ पूरा वातावरण भक्ति में से गुंजायमान मान हो गया।
गंगा मैया की जय, लक्ष्मी नारायण की जय, वंदे मातरम, भारत माता की जय।
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चरित्र निर्माण, राष्ट्रउत्थान, विश्व कल्याण एंव विश्व शांति के लिए चार दिवसीय दिव्य कार्यक्रम
चार दिवसीय भव्य आत्मबोध महायज्ञ की तैयारी अपने अंतिम चरण में…!
गोरखपुर में दिनांक 25 अप्रैल से 28 अप्रैल 2025 तक होने वाले चार दिवसीय आत्मबोध महायज्ञ की तैयारी अपने अंतिम चरण में है। साधक, संत, वेदाचार्य, ज्योतिषाचार्य, शिक्षाविद, केंद्रीय मंत्री गण, राजनेता, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत, मीडिया, रंगमंच, चिकित्सा जगत, पुलिस व प्रशासन और आमजन की सहभागिता से यह आयोजन अपना ऐतिहासिक स्वरूप ग्रहण करने की ओर अग्रसर है। इस यज्ञ का उद्देश्य चरित्र निर्माण से राष्ट्र उत्थान, विश्व कल्याण और विश्व शांति है।
इस महायज्ञ के प्रेरक और मुख्य संरक्षक दासानुदास आत्मबोधानन्द जी ने कहा कि बाबा गोरक्षनाय की कृपा से चरित्र निर्माण, राष्ट्र उत्थान, विश्व कल्याण और विश्व शांति के सर्व जन हिताय, सर्व जन सुखाय के महान उद्देश्य वाला यह आत्मबोध महायज्ञ पूर्ण शुभता के साथ निर्विघ्न सम्पन्न होगा।
उन्होंने यज्ञ के प्रमुख आचार्य रोहित मिश्र गुरुजी, मुख्य यजमान/अध्यक्ष श्री अनिल राय जी एवं महामंत्री श्री गोविंद जी के साथ गोरक्षपीठ जाकर आत्मबोध महायज्ञ का उत्तरीय अर्पित करते हुए इस महायज्ञ में पंच देव के साथ श्रीसीताराम जी सहित हनुमान जी तथा महागुरु श्री गोरखनाय जी. महाकाली जी. श्री कालभैरव जी एवं देवी देवताओं से पधारने की प्रार्थना की।
इसके उपरांत पीठ के प्रमुख पुजारी जी तथा संस्कृत महाविद्यालय, गोरक्ष पीठ के प्राचार्य जी एवं आचार्य गणों को महायज्ञ में पधारने हेतु आमंत्रित किया।
इस यज्ञ में देश विदेश के साधक, संत, धर्माचार्य, राजनेता, डॉक्टर, इंजीनियर, फिल्म कलाकार, संगीतज्ञ प्रोफेसर सहित भारी संख्या में आम जन पधार रहे है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र जी इस महायज्ञ के लिए आवश्यक अनुमति स्थानीय प्रशासन से प्राप्त कर ली है। इस महायज्ञ में नगर निगम, पुलिस तथा प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग तथा अन्यान्य से पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है।
वैदिक जागरण, चरित्र निर्माण से विश्व कल्याण विषय पर प्रबोधन, हवन और भविष्य पथ दर्शन रूपी चार सोपान पर संपन्न होने वाले अपने तरह के इस अनूठे भव्य आयोजन की संक्षिप्त रूप रेखा इस प्रकार है-
प्रथम दिवस 25 अप्रैल
शाम 4 से 7 बजे तक वैदिक जागरण (मातृ शक्तियों द्वारा सप्त नदियों के जल से भरे 251 कलश) अनवरत शंख ध्वनि और वेद मंत्रों के साथ कलश यात्रा।
द्वितीय दिवस 26 अप्रैल
1 प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक प्रबोधन सत्र विषय चरित्र निर्माण से राष्ट्र उत्थान और विश्व कल्याण
2 बड़े-बड़े कलाकारों के द्वारा शाम 600 से रात्रि 10:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम अजन, भाव नृत्य, लघु नाटिका
तृतीय दिवस 27 अप्रैल
1 प्रातः 6:00 बजे से 9:00 तक 540 श्रद्धालुओं द्वारा आत्मबोध महायज्ञ में 108 कुण्डी हवन (वैदिक मंत्री से तीन लाख चौबीस हज़ार से अधिक आहुतियां दी जाएगी) ।
2 बड़े-बड़े कलाकारों के द्वारा शाम 600 से रात्रि 10:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम भजन, भाव नृत्य. लघु नाटिका
चतुर्य दिवस 28 अप्रैल
1 ज्योतिष सत्रः ज्योतिष विषयक उद्बोधन एवं भारत के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्यों द्वारा प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 2:00 तक निःशुल्क ज्योतिषीय परामर्श
2 बड़े-बड़े कलाकारों के द्वारा शाम 6:00 से रात्रि 10:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुरस्कार वितरण और महायज्ञ पूर्णता
ज्ञातव्य है कि इस विशाल महायज्ञ के आयोजन में किसी से एक भी पैसा चंदा नहीं लिया जा रहा है।
सभी श्रद्धालुओं से सिर्फ चरित्र निर्माण से विश्व कल्याण के भाव दक्षिणा की अपेक्षा की जा रही है।
आप सब का इस महायज्ञ में हार्दिक स्वागत है।
कार्यक्रम स्थल ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, भगत चौराहा, तारामंडल, गोरखपुर है।
News courtesy: Gajendra Tripathi
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“चार दिवसीय भव्य आत्मबोध महायज्ञ की तैयारी अपने अंतिम चरण में…”
गोरखपुर में दिनांक 25 अप्रैल से 28 अप्रैल 2025 तक होने वाले चार दिवसीय आत्मबोध महायज्ञ की तैयारी अपने अंतिम चरण में है। साधक, संत,वेदाचार्य, ज्योतिषाचार्य, शिक्षाविद, केंद्रीय मंत्री गण, राजनेता, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत, मीडिया, रंगमंच, चिकित्सा जगत, पुलिस, प्रशासन और आमजन की सहभागिता से यह आयोजन अपना ऐतिहासिक स्वरूप ग्रहण करने की ओर अग्रसर है। इस यज्ञ का उद्देश्य चरित्र निर्माण से राष्ट्र उत्थान, विश्व कल्याण और विश्व शांति है।
इस महायज्ञ के प्रेरक और मुख्य संरक्षक दासानुदास आत्मबोधानन्द जी ने कहा कि बाबा गोरक्षनाथ की कृपा से चरित्र निर्माण, राष्ट्र उत्थान, विश्व कल्याण और विश्व शांति के सर्व जन हिताय, सर्व जन सुखाय के महान उद्देश्य वाला यह आत्मबोध महायज्ञ पूर्ण शुभता के साथ निर्विघ्न सम्पन्न होगा।
उन्होंने यज्ञ के प्रमुख आचार्य रोहित मिश्र गुरुजी, मुख्य यजमान/अध्यक्ष श्री अनिल राय जी एवं महामंत्री श्री गोविंद जी के साथ गोरक्षपीठ जाकर आत्मबोध महायज्ञ का उत्तरीय अर्पित करते हुए इस महायज्ञ में पंच देव के साथ श्रीसीताराम जी सहित हनुमान जी तथा महागुरु श्री गोरखनाथ जी, महाकाली जी, श्री कालभैरव जी एवं देवी देवताओं से पधारने की प्रार्थना की।
इसके उपरांत पीठ के प्रमुख पुजारी जी तथा संस्कृत महाविद्यालय, गोरक्ष पीठ के प्राचार्य जी एवं आचार्य गणों को महायज्ञ में पधारने हेतु आमंत्रित किया।
इस यज्ञ में देश विदेश के साधक, संत, धर्माचार्य, राजनेता, डॉक्टर, इंजीनियर, फिल्म कलाकार, संगीतज्ञ, प्रोफेसर सहित भारी संख्या में आम जन पधार रहे है।
आयोजन समिति के का. अध्यक्ष श्री गजेन्द्र जी इस महायज्ञ के लिए आवश्यक अनुमति स्थानीय प्रशासन से प्राप्त कर ली है। इस महायज्ञ में नगर निगम, पुलिस तथा प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग तथा अन्यान्य से पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है।
वैदिक जागरण, चरित्र निर्माण से विश्व कल्याण विषय पर प्रबोधन, हवन और भविष्य पथ दर्शन रूपी चार सोपान पर संपन्न होने वाले अपने तरह के इस अनूठे भव्य आयोजन की संक्षिप्त रूप रेखा इस प्रकार है-
प्रथम दिवस 25 अप्रैल,
शाम 4 से 7 बजे तक वैदिक जागरण (मातृ शक्तियों द्वारा सप्त नदियों के जल से भरे 251 कलश) अनवरत शंख ध्वनि और वेद मंत्रों के साथ कलश यात्रा।
द्वितीय दिवस 26 अप्रैल,
1. प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक प्रबोधन सत्र विषय चरित्र निर्माण से राष्ट्र उत्थान और विश्व कल्याण
2. बड़े-बड़े कलाकारों के द्वारा शाम 6:00 से रात्रि 10:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम भजन, भाव नृत्य, लघु नाटिकातृतीय दिवस 27 अप्रैल,
1. प्रातः 6:00 बजे से 9:00 तक 540 श्रद्धालुओं द्वारा आत्मबोध महायज्ञ में 108 कुण्डी हवन (वैदिक मंत्रो से तीन लाख चौबीस हज़ार से अधिक आहुतियां दी जाएगी)।
2. बड़े-बड़े कलाकारों के द्वारा शाम 6:00 से रात्रि 10:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम भजन, भाव नृत्य, लघु नाटिकाचतुर्थ दिवस 28 अप्रैल,
1. ज्योतिष सत्र: ज्योतिष विषयक उद्बोधन एवं भारत के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्यों द्वारा प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 2:00 तक निःशुल्क ज्योतिषीय परामर्श
2. बड़े-बड़े कलाकारों के द्वारा शाम 6:00 से रात्रि 10:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुरस्कार वितरण और महायज्ञ पूर्णताज्ञातव्य है कि इस विशाल महायज्ञ के आयोजन में किसी से एक भी पैसा चंदा नहीं लिया जा रहा है।
सभी श्रद्धालुओं से सिर्फ चरित्र निर्माण से विश्व कल्याण के भाव दक्षिणा की अपेक्षा की जा रही है।
आप सब का इस महायज्ञ में हार्दिक स्वागत है।
कार्यक्रम स्थल ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, भगत चौराहा, तारामंडल, गोरखपुर है। -

उर्स ए मुबारक की तैयारियां जोरों पर
“दरग़ाह मुबारक खां शहीद के उर्स पर अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन हाजी सैय्यद सलमान चिश्ती 26 अप्रैल आ रहे हैं गोरखपुर-मो. रजी,”
गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मानव अधिकार संगठन एंव सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रजी ने कहा कि उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की ईदगाह पर हर साल की तरह इस साल भी मेला लगने जा रहा है । नार्मल रोड स्थित हिंदू मुस्लिम एकता का मरकज़ दरगाह मुबारक खां शहीद के उर्स/मेला के मौके पर तीन दिवसीय उर्स/मेला 25, 26 व 27 अप्रैल 2025 को पूरे अदबो एहतराम के साथ मनाया जाएगा ।
उर्स में देश व प्रदेश के अलावा पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं।
हर साल की तरह इस साल भी उर्स पर घोष कंपनी स्थित इरशाद बग्गी के वहां से सरकारी चादर निकलेगी। 26 अप्रैल 2025 शाम 5:00 बजे घोष कंपनी स्थित इरशाद बग्गी के यहां से सरकारी चादर घोष कंपनी नखास रोड से चलकर खूनीपुर चौराहा, चौराया गोला एक मिनारा मस्जिद बक्शीपुर से नखास चौक, रेती चौक ,घंटाघर, पांडेहाता होते हुए तुर्कमानपुर सुल्तान खान की मस्जिद से दरगाह मुबारक खां शहीद आस्ताने पर पहुंचकर संपन्न होगा।*यूएनओ के राजदूत हाजी सैयद सलमान चिश्ती अमन और शांति का लेकर आ रहे हैं पैगाम*
उर्स/मेला के मौके पर विश्व विख्यात अजमेर शरीफ दरगाह के गद्दीनशीन व चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सैय्यद सलमान चिश्ती साहब का गोरखपुर में आगमन हो रहा है जो देश और दुनिया में अमन व शांति का पैगाम दे रहे हैं । संयुक्त राष्ट्र (UNO) द्वारा सलमान साहब को शांति दूत बनाया गया है । सलमान साहब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूत के रूप में देश और दुनिया में अमन, शांति व आपसी भाईचारा कायम करने की दिशा में देश और विदेश का लगातार भ्रमण कर रहे है अब तक वह 100 से ज्यादा देशों में भारत देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हम लोगों की इच्छा है कि अपने शहर गोरखपुर में आ रहे हाजी सलमान चिश्ती साहब के सामने सीएम सिटी की बेहतर तस्वीर पेश की जाए, जिससे गुरु गोरक्षनाथ जी की आध्यात्मिक धरती से खूबसूरत यादों के साथ उनकी वापसी हो सके।
*उर्स पर कव्वाली का होगा मुकाबला*
सूफी संतो के सरजमी पर हजरत बाबा मुबारक खां शाहिद के तीन दिवसीय उर्स के मौके पर बेंगलुरु के मशहूर कव्वाल सलीम जावेद और कानपुर के शरीफ परवाज का मुकाबला 26 अप्रैल 2025 को होगा और 27 अप्रैल 2025 को बेंगलुरु के मशहूर कव्वाल सलीम जावेद का मुकाबला दिल्ली के छोटे उस्ताद अजमत आफताब वारसी से देखने को मिलेगा कव्वाली का शौक रखने वाले जायरीन दूरदराज से बड़ी संख्या में कव्वाली सुनने के लिए आते हैं और पूरी रात कव्वाली की महफिल सजी रहती है। उर्स के मौके पर मशहूर उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की ईदगाह पर हर साल की तरह इस साल भी मेला लगेगा जिसमें खाने-पीने के व्यंजनों के साथ बच्चों के लिए खिलौने झूला महिलाओं के लिए सिंगर का सामान भी इस मेले में श्रद्धालुओं को मिलेगा।
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श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्म पर झूम उठें श्रद्धालु
संवाददाता– एस. पी. सिंह
सहजनवा, ( गोरखपुर ) ।सहजनवा तहसील के ग्राम कालेसर गीडा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में मंगलवार देर शाम को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान जैसे भगवान का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोग झूमने-नाचने लगे।
बनारस से पधारें कथा व्यास पंडित नीतीश तिवारी महाराज ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है। भागवत कथा के आयोजन से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। भगवान श्रीकृष्ण की वेश में नन्हें बालक के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे। कथा वाचक ने कहा कि जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, चारों ओर अत्याचार, अनाचार का साम्राज्य फैल गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया। आयोजक ओमप्रकाश सिंह और सुमित्रा सिंह प्रसाद ने आरती व पूजा पाठ किया। इस अवसर पर सुधीर सिंह,राजन, अनिल, राकेश, शैलेश, रिंकू, धर्मवीर, ऋषभ, आयुष आदि उपस्थित रहें।
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कुशीनगर सांसद विजय दुबे ने हनुमान जयंती के अवसर पर भंडारे व पूजन अर्चन में भाग लिया
पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप ।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप ।।कुशीनगर के सांसद माननीय विजय दुबे ने आज लोकसभा क्षेत्र-कुशीनगर अन्तर्गत कप्तानगंज नगर में हनुमान जंयती के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में सम्मिलित होकर पूजन अर्चन कर प्रसाद ग्रहण किया।
अद्वितीय भक्ति और समर्पण के प्रतीक संकट मोचन भगवान श्री हनुमान जन्मोत्सव पर समस्त क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
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गर्भ में राजा परिक्षित कि भगवान श्री कृष्ण ने की रक्षा
संवाददाता– एस. पी. सिंह
सहजनवा, ( गोरखपुर )।सहजनवा क्षेत्र के कालेसर गांव में संचालित हो रहे श्रीमद् भागवत कथा में पंडित नितिश तिवारी जी महराज द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि 18 दिनों तक चले महाभारत के युद्ध में जब कौरव पराजित हो गए और पांडव विजई हुए तो द्रोणाचार्य पुत्र अश्वत्थामा ने कसम खाया था कि अपने पिता की मौत का बदला वह पांडवों के वंश का नाश करके लेगा। इसलिए उसने पांडवों के ऊपर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया। विरोध में अर्जुन ने भी ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया, पर ऋषि मुनियों ने सृष्टि को विनाश से बचाने के लिए दोनों पक्षों को ब्रह्मास्त्र वापस लेने का आदेश दिया। अर्जुन ने तो वापस ले लिया पर द्रोणाचार्य पुत्र अश्वत्थामा को वापस लेने कि कला आती ही नहीं थी, इसलिए उसने ब्रह्मास्त्र को उत्तरा के गर्भ की तरफ मोड़ दिया, पर भगवान श्री कृष्ण ने गर्भ में पल रहे बच्चे को बचा लिया। वहीं बालक आगे चलकर अभिमन्यु और उत्तरा का पुत्र परीक्षित होता है। इससे पांडवों का वंश नष्ट होने से बच जाता है। बाद में इसी राजा परीक्षित की संतान जन्मेजय होते हैं।
11 अप्रैल दिन शुक्रवार से प्रारंभ इस श्रीमद् भागवत कथा का 19 अप्रैल दिन शनिवार को भंडारे के साथ समापन होगा। प्रतिदिन श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया जाता है। इस अवसर पर मुख्य यजमान सुमित्रा सिंह और ओमप्रकाश सिंह सहित पूर्व प्रमुख पिपरौली सुधीर सिंह, शैलेश सिंह (टप्पू), सतपाल सिंह, समरपाल सिंह, सुशील सिंह, प्रदीप सिंह, राजन सिंह, अनिल सिंह, राकेश सिंह, धर्मवीर सिंह, ऋषभ सिंह, आयुष सिंह सहित सैकड़ों कि संख्या में भक्त उपस्थित रहे।










