Category: धर्म
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विश्व हिंदू परिषद ने स्थापना के 60 वर्ष पूरे कर लिए हैं
अब देश के साथ विदेश में कार्यों को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसकी संपूर्ण कार्ययोजना त्रिवेणी तट पर महाकुंभ के दौरान तैयार की जाएगी। लव जिहाद, मतांतरण रोकने, गो आधारित खेती को बढ़वा देने, कुटुंब प्रबोधन के साथ मातृशक्तियों को साथ लेकर नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए भी कार्ययोजना बनेगी। देश के अलग- अलग मुद्दों पर विमर्श के लिए मार्गदर्शक मंडल के लोग भी जुटेंगे।
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महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ में ‘नाथ पंथ का अफगानिस्तान में प्रभाव’ विषय पर परिचर्चा
गोरखपुर डीडीयू स्थित महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ में सोमवार को ‘नाथ पंथ का अफगानिस्तान में प्रभाव’ विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र की रिसर्चर अनुश्री ने अफगानिस्तान में नाथ पंथ पर किए गए अपने शोध और अनुभवों को साझा किया, जो आकर्षण का केंद्र रहे।
डीडीयू के कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. राजवन्त राव ने परिचर्चा की शुरुआत करते हुए नाथ पंथ के पश्चिमी भारत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में विस्तार पर ऐतिहासिक और पुरातात्विक संदर्भों में प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गोरखनाथ के समय को 9वीं सदी से पूर्व नहीं रखा जा सकता और नाथ पंथ शैव एवं बौद्ध परंपरा के समन्वय का परिणाम है।
रिसर्चर अनुश्री ने अफगानिस्तान में नाथ पंथ के प्रमुख केंद्रों जैसे गजनी, नागरहाल और काबुल का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां के पश्तून मुसलमानों में नाथ पंथ के प्रति गहरी श्रद्धा है। उन्होंने यह भी बताया कि तालिबान ने बौद्ध स्थलों को नष्ट किया, लेकिन नाथ पंथ के मंदिरों और स्थलों को सुरक्षित रखा।
आईक्यएसी के निदेशक प्रो. सुधीर श्रीवास्तव, डॉ. पद्मजा सिंह और किशोर टोकेकर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। गोरक्षनाथ शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशलनाथ मिश्र ने स्वागत किया, और सहायक निदेशक डॉ. सोनल सिंह ने आभार ज्ञापित किया।
इस अवसर पर सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज द्विवेदी, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. हर्षवर्धन सिंह, अतुल, रवि, अवधेश, चिन्मयानंद मल्ल आदि उपस्थित रहे।
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बनारस में बंद मिला वर्षों पुराना मंदिर, लोगों ने पूजा पाठ शुरू करने की मांग की
बनारस में बंद मिला वर्षों पुराना मंदिर, लोगों ने पूजा पाठ शुरू करने की मांग की,
संदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मौके पर पहुंचे सनातन रक्षक दल के कार्यकर्ता,
वाराणसी :संभल में एक मंदिर मिलने के बाद अब प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के मदनपुर स्थित मुस्लिम बाहुल्य इलाके में गली के अंदर एक मकान में वर्षों पुराना मंदिर मिला है. जिस मकान में मंदिर मिला है उसमें भी वर्ग विशेष समुदाय के लोग ही रहते हैं. कई वर्षों से मंदिर में ताला बंद होने का दावा किया जा रहा है.
संदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सोमवार देर शाम सनातन रक्षक दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और उन्होंने मंदिर खोलने की मांग की. मामले की जानकारी होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और सनातन रक्षक दल के कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर मामले को शांत करवाया. फिलहाल सनातन रक्षक दल से जुड़े अजय शर्मा का कहना है कि इस मामले में वह नगर निगम व अन्य लोगों से इस पूरे मकान के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं. मकान किसका है, कब से बंद है और मकान में कौन लोग रहते हैं और यहां पर मौजूद मंदिर में पूजा पाठ क्यों नहीं हो रही है?
सनातन रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पेज पर दोपहर में एक पोस्ट के जरिए उन्हें यह जानकारी हुई कि मदनपुरा इलाके में एक मंदिर है जो पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा है और उसमें ताला लगा है. उस पोस्ट के जरिए ही मंदिर की जानकारी हुई. मामले की जानकारी होने पर पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और उन्हें समझाने का प्रयास करने लगे. सनातन रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि मैने वहां देखा तो मंदिर बंद था. उन्होंने कहा कि आसपास के लोगों से बात करने पर पता चला कि लगभग 40 वर्षों से यह मंदिर खुला ही नहीं है और ताला बंद है. जिसके बाद उन्होंने मंदिर खोलने की मांग की है. सनातन रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि फिलहाल इस मंदिर के बारे में भी बहुत जानकारी नहीं है, लेकिन इसके बारे में नगर निगम से जानकारी हासिल की जा रही है. उनका कहना है कि इसको लेकर मेयर और विधायक से बात की गई है और इसके बारे में जानकारी मांगी गई है.
दशाश्वमेध थाना प्रभारी प्रमोद कुमार का कहना है कि एक मंदिर है जो काफी दिनों से बंद है. सूचना पर लोग पहुंचे थे. उन्हें समझाकर हटवाया गया है. उन्होंने मंदिर में पूजा पाठ शुरू करने की मांग की है. मामले की जांच की जा रही है. मौके पर शांति व्यवस्था बनी रहे इसका प्रयास किया जा रहा है.
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सेवा व सुविधा का संगम बनेगा खिचड़ी मेला
गोरखपुर, 16 दिसंबर। मकर संक्रांति के पर्व से शुरू होकर एक माह से अधिक समय तक चलने वाला गोरखनाथ मंदिर का विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सेवा और सुविधा का संगम बनेगा। इसे लेकर प्रशासन के कई विभागों की तैयारियां जोरों पर हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खिचड़ी मेले की जारी तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं।
इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी। इस अवसर पर लगने वाले खिचड़ी मेले को लेकर गोरखनाथ मंदिर का मेला परिसर सजने-संवरने लगा है।
गुरु गोरखनाथ को श्रद्धा जताने आते है लाखों श्रद्धालु
खिचड़ी मेले में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा, बिहार और नेपाल से भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं के आने-जाने से लेकर मंदिर परिसर में उनकी सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, ठंड से बचाव या फिर आकस्मिक जरूरत में चिकित्सा तक, हर दृष्टिकोण से जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। विगत दिनों हुए समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा था कि खिचड़ी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सेवा और सुविधा विशेष प्राथमिकता होनी चाहिए।खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सर्वाधिक जिम्मेदारी नगर निगम की तरफ से उठाई जाएगी। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के मुताबिक खिचड़ी मेले के दौरान समूचे परिसर की समुचित सफाई के लिए नगर निगम दो महीने तक 40 सफाईकर्मियों की तैनाती करेगा। इसके साथ ही 5 मोबाइल शौचालय बनाए जा रहे हैं। परिसर को मच्छर व अन्य कीड़ों से मुक्त रखने के लिए प्रतिदिन दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाएगी। मेला परिसर कूड़ा मुक्त रहे इसके लिए अलग अलग स्थानों पर 30 डस्टबिन रखे जाएंगे। पेयजल की व्यवस्था के लिए 25 हैंडपम्प लगाए जा रहे हैं और 22 टोटी तथा 4 पानी टैंकर की भी व्यवस्था रहेगी।
चूंकि खिचड़ी मेला के समय शीतलहर और ठंड अधिक होती है इसलिए मुख्यमंत्री ने पर्याप्त संख्या में अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दे रखे हैं। इस निर्देश के क्रम में नगर निगम ने मेला परिसर/मंदिर परिसर में अलाव जलवाने के लिए कुल 20 स्थानों को चिन्हित किया है। इसमें हर उस क्षेत्र को कवर किया जा रहा है जहां श्रद्धालु मौजूद रहते हैं।
छह स्थानों पर होगी वाहनों की पार्किंग
गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति पर आयोजित होने वाले खिचड़ी मेले में नगर निगम और पुलिस विभाग की तरफ से छह स्थानों पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र परिसर, एमपी पॉलिटेक्निक, रामलीला मैदान अंधियारी बाग, मेवालाल गुप्त गुरुकुल माध्यमिक विद्यालय, भगवती प्रसाद महिला महाविद्यालय और दुर्गाबाड़ी के पास स्थित जूनियर इंस्टिट्यूट को चयनित किया गया है।एक मेला थाना और सात चौकियां बनाएगा पुलिस विभाग
खिचड़ी मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस विभाग एक अस्थायी मेला थाना और साथ अस्थायी पुलिस चौकियों की स्थापना करेगा। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बीते दिनों खिचड़ी मेला की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को बताया था कि मेला थाना गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थापित किया जाएगा। जबकि मंदिर के दक्षिणी गेट के निकट, उत्तरी गेट के पास ओंकार मेडिकल स्टोर्स के बगल में, यात्री निवास के बगल में वीआईपी गेट के पास, मेला क्षेत्र में झूलों व खेलतमाशों के बीच, दशहरीबाग तिराहा ट्रांसफार्मर के पास, कौड़ीहवा मोड़ और जेपी हॉस्पिटल के सामने अस्थायी पुलिस चौकी सेवारत होगी। मुख्य पर्वों, रविवार और मंगलवार को विशेष यातायात डायवर्जन के इंतजाम किए जाएंगे।वाच टॉवरों से होगी निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की रहेगी तैनाती
मेला परिसर की निगरानी के लिए पुलिस विभाग की तरफ से कुल नौ वाच टॉवरों, सीसी कैमरों की व्यवस्था रहेगी। जबकि सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में तैनात पुलिस बल के अतिरिक्त बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को लगाया जाएगा। मंदिर के आसपास के मोहल्लों, गलियों में भी श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए पुलिस की ड्यूटी लगाई जाएगी। एहतियात के तौर पर चार स्थानों पर फायर टेंडर की व्यवस्था रहेगी जबकि भीम सरोवर के पास पीएसी की फ्लड यूनिट और एसडीआरएफ/एनडीआरएफ के जवान तैनात किए जाएंगे।स्वास्थ्य विभाग भी रहेगा मुस्तैद
खिचड़ी मेला अवधि में गोरखनाथ मंदिर में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मुस्तैद रहेगी। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्पेशल मेडिकल कैम्प लगाया जाएगा जहां पर्याप्त संख्या में मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही यहां स्थायी एम्बुलेंस की भी व्यवस्था रहेगी।स्पेशल ट्रेन चलाएगा पूर्वोत्तर रेलवे
खिचड़ी मेले में दूरदराज के श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम बनाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से पांच रूटों पर स्पेशल ट्रेनों का संचलन किया जाएगा। ये स्पेशल ट्रेनें नौतनवा-गोरखपुर, बलरामपुर-बढ़नी-गोरखपुर, बेतिया-कप्तानगंज-गोरखपुर, छपरा-देवरिया-गोरखपुर और गोंडा-सहजनवा-गोरखपुर के बीच चलाई जाएंगी।17 स्थानों से मिलेंगी रोडवेज की बसें
गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले को लेकर यूपी रोडवेज ने भी विशेष इंतजाम की कार्ययोजना बनाई है। रोडवेज की तरफ से 17 स्थानों से खिचड़ी मेला स्पेशल बसों का संचलन किया जाएगा। इससे नौतनवा, ठूठीबारी, पडरौना, कप्तानगंज, देवरिया, मऊ, बढ़नी, सिद्धार्थनगर, डुमरियागंज, बस्ती, खलीलाबाद, बलरामपुर, गोंडा, बड़हलगंज, गोला, दोहरीघाट और पिपराइच से श्रद्धालुओं का आवागमन आसान होगा। -

महाकुम्भ को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान
लखनऊ: महाकुम्भ को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान,
प्रयागराज महाकुम्भ-2025′ दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समागम होगा- सीएम
डबल इंजन की सरकार इसके आयोजन हेतु प्रतिबद्ध है- सीएम10,000 एकड़ क्षेत्रफल में महाकुम्भ को विस्तार दिया गया है- सीएम
महाकुम्भ भारत के आध्यात्मिक और भौतिक विकास के सभी कार्यों पर चर्चा-परिचर्चा का केंद्र बिंदु बनेगा- सीएम योगी आदित्यनाथ।
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अतुल सुभाष केस में निकिता सिंहानिया, उसके भाई अनुराग और माँ निशा को किया गया गिरफ़्तार
अतुल_सुभाष के सुसाइड मामले में बैंगलुरू पुलिस ने उसकी पत्नी निकिता सिंहानिया, उनके भाई अनुराग और माँ निशा को गिरफ़्तार कर लिया है।
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महाकुंभ-2025: कर्नाटक में योगी के मंत्रियों ने रोडशो का किया नेतृत्व, जनता को दिया त्रिवेणी स्नान का निमंत्रण
बेंगलुरु में आयोजित रोडशो का मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और नरेंद्र कुमार कश्यप ने किया नेतृत्व
कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को महाकुंभ का दिया न्योता
बेंगलुरु, 14 दिसंबर। योगी सरकार प्रयागराज महाकुंभ-2025 को भारतीय संस्कृति और एकता का वैश्विक प्रतीक बनाने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में शनिवार को बेंगलुरु में आयोजित भव्य रोड शो के माध्यम से वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और जनता को महाकुंभ का न्योता दिया। उन्होंने महाकुंभ को भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक चेतना का सबसे बड़ा पर्व बताते हुए इसे दिव्य, भव्य और डिजिटल बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
इस दौरान पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्रियों ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन में 45 करोड़ श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों के आगमन की संभावना है। इसे स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया है और तीन लाख पौधों का रोपण किया गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं में 100-बेड का अस्पताल, आईसीयू और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है।
डिजिटल महाकुंभ के तहत आरएफआईडी रिस्टबैंड, जीपीएस ट्रैकिंग, स्मार्ट पार्किंग और एआई चैटबॉट जैसी तकनीकें लागू की जाएंगी। 44 घाटों पर पुष्प वर्षा, 15.25 किमी लंबे रिवर फ्रंट का निर्माण और सीसीटीवी आधारित भीड़ प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं मेले को ऐतिहासिक बनाएंगी।
मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह आयोजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का उत्सव होगा। उन्होंने इसे भारतवर्ष की विविधता में एकता का जयघोष बताया|
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विष्णु महायज्ञ के लिए निकाली क्षेत्र में कलश यात्रा
संवाददाता– एस. पी. सिंह
गोरखपुर/सहजनवा ।हरपुर बुदहट क्षेत्र के कटसहरा स्थित यज्ञ परिसर में गुरुवार से नौ दिवसीय विष्णु महायज्ञ शुरू हुआ । इस मौके पर आयोजकों की तरफ से क्षेत्र में कलश यात्रा निकाली गई । कलश यात्रा के दौरान हरहर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा ।
आयोजन समिति से जुड़े लोगों के अलावा क्षेत्र के श्रद्धालु गुरुवार की सुबह यज्ञ परिसर में एकत्र हुए । यहां से हरहर महादेव के जयघोष और भगवान शिव पार्वती, हनुमान, सीताराम व लक्ष्मण की झांकी के साथ निकली कलश यात्रा सिरुवापार चाँदपार, देवरीया, रामनगर सूरस, गनौरी होते हुए बिडहल घाट पहुंचा, जहां आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सरजू नदी से कलश में जल भरा । इसके बाद कलश यात्रा यज्ञ मंडप पहुंचा, जहां विविधान से कलश की पूजन कर यज्ञ मंडप में स्थापित किया गया । इसके बाद हरपुर ग्राम प्रधान मदनमुरारी गुप्ता ने फीता काटकर नौ दिवसीय विष्णु महायज्ञ का शुभारंभ कराया ।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान कटसहरा गंगा बेलदार, मुख्य यजमान राधेश्याम सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे । -

श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्म पर झूम उठे श्रद्धालु
संवाददाता– एस. पी. सिंह
गोरखपुर/सहजनवा ।क्षेत्र के हरपुर गाव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में सोमवार देर शाम को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया । कथा के दौरान जैसे भगवान का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा । इस दौरान लोग झूमने-नाचने लगे ।
कथा व्यास आचार्य प्रवीण जी महाराज ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है । कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है । भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है । भागवत कथा के आयोजन से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है । भगवान श्रीकृष्ण की वेश में नन्हें बालक के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे । कथा वाचक ने कहा कि जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, चारों ओर अत्याचार, अनाचार का साम्राज्य फैल गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया । इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया । आयोजक हरपुर ग्राम प्रधान मदनमुरारी गुप्ता ने आरती व पूजा पाठ किया । इस अवसर पर डॉ. मंगल शुक्ला, दयाशंकर गुप्ता, रजत, हरिलाल, अरुण शुक्ला आदि लोग उपस्थित रहे ।









