Category: धर्म

  • भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं का वर्णन

    भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं का वर्णन

     

    श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन,

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) विकास खण्ड के पटना गांव में आयोजित श्रीमदभागवत कथा में छठवें दिन आचार्य मनमोहन मिश्र ने उपस्थित भक्तों के समक्ष श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। महाराज श्री ने कहा धनवान व्यक्ति वही है जो अपने तन, मन, धन से सेवा भक्ति करे।परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम के द्वारा ही संभव हो सकती है।अन्नप्राशन,मखनचोरी, कालिया मर्दन की कथा के बाद पूतना चरित्र का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि पूतना राक्षसी ने बालकृष्ण को उठा लिया और स्तनपान कराने लगी। श्रीकृष्ण ने स्तनपान करते-करते ही पूतना का वध कर उसका कल्याण किया। भगवान व्रजरज का सेवन करके यह दिखला रहे हैं कि जिन भक्तों ने मुझे अपनी सारी भावनाएं व कर्म समर्पित कर रखें हैं वे मेरे कितने प्रिय हैं। भगवान स्वयं अपने भक्तों की चरणरज मुख के द्वारा हृदय में धारण करते हैं।
    पृथ्वी ने गाय का रूप धारण करके श्रीकृष्ण को पुकारा तब श्रीकृष्ण पृथ्वी पर आये हैं। इसलिए वह मिट्टी में नहाते, खेलते और खाते हैं ताकि पृथ्वी का उद्धार कर सकें। गोपबालकों ने जाकर यशोदामाता से शिकायत कर दी–’मां तेरे लाला ने माटी खाई है यशोदामाता हाथ में छड़ी लेकर दौड़ी आयीं। डा मनमोहन मिश्र ने कहा कि आज कल की युवा पीढ़ी अपने धर्म अपने भगवान को नहीं मानते हैं, लेकिन तुम अपने धर्म को जानना चाहते हो तो पहले अपने धर्म को जानने के लिए गीता, भागवत ,रामायण पढ़ो तो तुम नहीं तुम्हारी आने वाली पीढ़ी भी संस्कारी हो जाएगी। कथा के दौरान ब्लॉक प्रमुख बड़हलगंज राम अशीष राय, विधायक राजेश त्रिपाठी के पी आर ओ प्रशांत शाही, जिला कार्यसमिति सदस्य भाजपा विनय पांडेय ने व्यास पीठ का पूजन कर आशिर्वाद प्राप्त किया।कथा के मुख्य यजमान रविन्द्र नाथ त्रिपाठी व सुमित्रा देवी,हेमंत त्रिपाठी, आनन्द त्रिपाठी रणधीर त्रिपाठी स्वतंत्र त्रिपाठी, घनश्याम सिंह, अजय सिंह,शैलेंद्र सिंह, कामेश्वर सिंह ,अरविंद सिंह, संजय सिंह, रिशु मिश्रा, अमित त्रिपाठी, हरिशंकर सिंह, राधेश्याम सिंह, कमलेश सिंह पूर्व प्रधान, रामदयाल यादव, राजदेव यादव, रामजी यादव, अमन सिंह, विवेक सिंह, अंकुर मिश्रा, संजय गुप्ता प्रधान प्रतिनिधि आदि सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

  • दान करना है तो सदैव गुप्त दान करना चाहिए – कात्यायनी दीदी

    दान करना है तो सदैव गुप्त दान करना चाहिए – कात्यायनी दीदी

     

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज/ गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) क़स्बे के जलेश्वर नाथ मन्दिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन शुक्रवार को वृन्दावन धाम की प्रख्यात कथा वाचक कात्यायनी दीदी ने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपनी मित्र सुदामा को बिना बताए धन धान्य से परिपूर्ण कर उनकी दरिद्रता दूर कर दिया ।कृष्ण एवं सुदामा की कथा हमें सिखाती है कि बिना किसी दिखावा किये मित्र के प्रति त्याग व समर्पण ही सच्ची मित्रता है। भगवान कृष्ण अपने भक्तों की पीड़ा को समझते हैं और उनका आशीर्वाद उन पर सदैव बना रहता हैं।

    कथा वाचक कात्यायनी दीदी ने भगवान कृष्ण के मृत्यु के वृत्तांत के बारे में बताया कि एक शिकारी जारा ने कृष्ण को एक हिरण समझकर उन पर तीर चलाया। कृष्ण को पता था कि उनका समय समाप्त हो गया है, इसलिए उन्होंने जारा को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। जारा का तीर कृष्ण के पैर में लगा और उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद भगवान कृष्ण का शरीर भागवत में समा गया। कृष्ण के मृत्यु की कथा हमें सिखाती है कि जीवन और मृत्यु दोनों भगवान की इच्छा के अनुसार होते हैं। कथा वाचक कात्यायनी दीदी ने भागवत कथा की समाप्ति के पश्चात गुरु दक्षिणा में श्रद्धालुओं से अपने अपने बच्चों को संस्कारी बनाने का संकल्प दिलवाया।

    कथा में सातवें दिन बड़ी संख्या में महिला-पुरूष कथा सुनने आए। व्यास पीठ की आरती पूर्व ब्लांक प्रमुख बिजय यादव ने किया। डॉ रजनीश ने कथा वाचक कात्यायनी दीदी को पुष्प गुच्छ भेंट देकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    इस अवसर पर कथा के मुख्य आयोजक पंकज चौरसिया, अध्यक्ष धर्मेन्द्र मौर्या, लालजी वर्मा, विनोद वर्मा, डॉ रजनीश चौरसिया, संजय मौर्या, मनोज गुप्ता, सुनिल गुप्ता, रामप्यारे, डॉ पी. डी. राव , प्रमोद जायसवाल, राजेश उमर, सुरेन्द्र मोदनवाल, महेन्द्र जायसवाल, कृष्ण कुमार , हिमांशु शर्मा, ओमप्रकाश भुज, अनुराग निगम एवं दिलीप निगम सहित भारी संख्या में श्रद्धालु भागवत कथा का रसपान के लिए उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री ने दी देव दीपावली की शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री ने दी देव दीपावली की शुभकामनाएं

    लोक-आस्था के पावन पर्व ‘देव-दीपावली’ की प्रदेश वासियों एवं सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं!

    बाबा श्री विश्वनाथ एवं माँ गंगा की असीम कृपा से यह महापर्व आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौहार्द और आरोग्यता के प्रकाश का वाहक बने, यही प्रार्थना है।

    हर हर महादेव!

    – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

  • पूतना वध का वृतान्त सुन भक्त हुये निहाल

    पूतना वध का वृतान्त सुन भक्त हुये निहाल

     

    श्रीमद्भागवत कथा का पांचवा दिन
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) चेयरमैन को दीदी ने दी जन्मदिन की शुभकामना

    बड़हलगंज। उपनगर बड़हलगंज के बाबा जलेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में चल रही भागवत कथा के पांचवे दिन कथा व्यास दीदी कात्यायनी ने भक्तों को पूतना वध की कथा सुनाई।
    बुधवार को बाबा जलेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में भक्तों को कथा रसपान कराते हुये कात्यायनी देवी ने कहा कि भगवान अपने भक्त की मनोकामना हर हाल में पूर्ण करते हैं। पूतना ने पूर्व जन्म में भगवान को पुत्र रूप में पाने की मंशा अपने मन मे रखा था, तो कृष्णावतार में भगवान ने अपने वध की नीयत से आई पूतना का वध करते समय उसका स्तनपान कर उसके मातृत्व की मंशा को भी पूरा किया था।
    इसके पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रीति उमर ने अपने पति भाजपा नेता महेश उमर के साथ कथा व्यास कात्यायनी देवी और उनके भजन मण्डली के सदस्यों का स्वागत किया। इस दौरान चेयरमैन का जन्मदिन पता चलने पर सभी ने उन्हें जन्मदिन की भी शुभकामना दिया। इस अवसर पर मत प्रकट करते हुये कात्यायनी देवी ने कहा कि जन्मदिन भारतीय परम्परा के अनुसार दीप प्रज्ज्वलित कर के मनाया जाना चाहिये न कि पश्चिमी सभ्यता के अनुसार दीप बुझा कर।

  • ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित ही एक मात्र मुक्ति का उपाय: आचार्य मनमोहन मिश्र पटना में श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन

    ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित ही एक मात्र मुक्ति का उपाय: आचार्य मनमोहन मिश्र पटना में श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज: मनुष्य जीवन में जाने अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते है। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एक मात्र मुक्ति पाने का उपाय है। उन्होंने ईश्वर आराधना के साथ अच्छे कर्म करने का आह्वान किया। यह विचार ग्राम पंचायत पटना में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य मनमोहन मिश्र ने व्यक्त किया। ___बड़हलगंज विकास खण्ड की ग्राम पंचायत पटना में आयोजित कथा में आचार्य मनमोहन मिश्र ने जीवन में सत्संग व शास्त्रों में बताए आदर्शों का श्रवण करने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्संग में वह शक्ति है जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, संग्रह आदि का त्यागकर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। व्यास पीठाधीश्वर ने मंगलवार को भागवत कथा के दौरान कपिल चरित्र, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र, नृसिंह अवतार आदि प्रसंगों पर प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान के नाम मात्र से ही व्यक्ति भवसागर से पार उतर जाता है। उन्होंने भगवत कीर्तन करने, ज्ञानी पुरुषों के साथ सत्संग कर ज्ञान प्राप्त करने व अपने जीवन को सार्थक करने का आह्वान किया। भजन मंडली की ओर से प्रस्तुत किए गए भजनों पर श्रोता भाव विभोर होकर नाचने लगे।इस अवसर पर विधायक चिल्लूपार राजेश त्रिपाठी, उनके प्रतिनिधि आचार्य वेदप्रकाश त्रिपाठी, अभिषेक पाण्डेय आदि ने व्यास पीठ का दिव्य दर्शन,पूजन और आरती कर महाराज जी का आशिर्वाद प्राप्त किया।कथा के मुख्य यजमान रविन्द्रनाथ त्रिपाठी,सुमित्रा देवी व आनन्द त्रिपाठी,हरिशंकर सिंह,अमित त्रिपाठी,आदित्य सिंह,अनिल सिंह, हेमंत त्रिपाठी, उदयनरायन त्रिपाठी,लल्लन त्रिपाठी, गिरजा तिवारी, संतोष पाठक,सत्यदेव यादव प्रधान नेतवार,गौरीशंकर सिंह,जनार्दन गुप्ता,रामदयाल यादव,रामशीस यादव, बिहारी यादव, धनेश्वर शर्मा,भगेलू शर्मा, शम्भू गुप्ता, घनश्याम सिंह, ओमप्रकाश सिंह, रामनिवास यादव,अर्जुन यादव, दर्शन यादव, गोलू त्रिपाठी,प्रथमेश त्रिपाठी, मोलू त्रिपाठी,आदित्य त्रिपाठी, संजय शर्मा, हरिहर शर्मा, श्रीवास्तव मास्टर, आशुतोष सिंह, स्वतंत्र त्रिपाठी,रणधीर त्रिपाठी, दिग्विजय त्रिपाठी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हो कथा का रसपान किए।

  • पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ 17 को

    पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ 17 को

    गोरखपुर: जन जन के सुख, शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य, सुरक्षा, दिर्घायु जीवन एवं उज्ज्वल भविष्यत हेतु गायत्री महायज्ञ, अखिल विश्व गायत्री परिवार, शान्तिकुंज, हरिद्वार के सतत् मार्गदर्शन में गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट, गोरखपुर के द्वारा राप्तीनगर क्षेत्र के गणेशपुरम कॉलोनी में पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं विराट दीप यज्ञ का आयोजन दिनांक 17 नवम्बर, दिन – रविवार को प्रातः 9 बजे से गणेशपुरम में निकट पोखरा के पास आयोजित किया जा रहा है, जो युग परिवर्तन की बेला में जन जन के लिए बहुत ही लाभकारी एवं स्वास्थ्यवर्धक होगा।

    मुख्य ट्रस्टी दीना नाथ सिंह ने विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि दिनांक 17 नवम्बर को पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ को सम्पन्न कराने शान्तिकुंज हरिद्वार से देवदूत साध्वी बहिन प्रोफेसर गायत्री देवी एवं टोली का आगमन हो रहा है।
    युग परिवर्तन की बेला में गायत्री महायज्ञ में भविष्य में आने वाली आपदा एवं जन जन के सुख, शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य, सुरक्षा, दिर्घायु जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य हेतु वैदिक मंत्रों से आहुति प्रदान कर प्रार्थना किया जाएगा।
    गायत्री महायज्ञ प्रातः 9 बजे से एवं दीप यज्ञ सायं 4 बजे से आरम्भ होगा।
    कार्यक्रम में पर्यावरण से संरक्षण हेतु पौधों का वितरण होना है। सभी कार्यकर्ता भाईयों बहिनो को जिम्मेदारी वितरण करके समझदारी, जिम्मेदारी, ईमानदारी एवं बहादुरी के साथ आत्मीय विस्तार के बढ़ा कर आदर्श समाज की स्थापना हेतु संकल्पित कराया गया है।

  • दीनी तालीम के साथ सम्पन हुआ सामूहिक निकाह

    दीनी तालीम के साथ सम्पन हुआ सामूहिक निकाह

     

    बुरी आदतों से पश्चाताप कर, जामाअत में निकले युवा,

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बडहलगंज/गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) के दक्षिणांचल स्थित उपनगर बड़हलगंज में सामूहिक निकाह और दीनी प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जानकर बुजुर्गों और मौलानाओं ने लोगों को दीन/धर्म के मूल कर्तव्यों, ग़ुस्ल के कर्तव्यों और धर्म का पालन करने की शिक्षा दी। इस्लामी विद्वानों ने शराब और जुए और युवाओं के समय की बर्बादी पर विस्तृत भाषण दिया, जिस से कई लोग जो शराब के आदी थे शराब से तौबा की, जुए में शामिल होने से तौबा कर ली और सौ से अधिक युवाओं ने समय और शरीर बर्बाद करने वाले खेल न खेलने की तौबा कर ली, कई युवाओं ने नशा और शराब छोड़ने का अल्लाह से वादा किया तो कई लोगों ने अपनी बुरी आदतों से तौबा कर तबलीगी जमातों में निकलने की शपथ लिया। इस जलसे में निजामुद्दीन दिल्ली से मौलाना शौकत कासमी, मौलाना शमीम अहमद आजमी, मौलाना हशीम अहमद आजमी और मौलाना इफ्तिखार अहसन गोंडा आदि ने अहम भाषण दिये। जलसे में 300 से ज्यादा गांवों से हजारों लोग मौजूद थे। इस दौरान 10 जोड़ो की बिना दहेज और बरात सुन्नत के अनुसार निकाह भी सम्पन्न हुआ हुआ।

  • परीक्षित की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता

    परीक्षित की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता

    श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज विकास खण्ड की ग्राम पंचायत पटना में चल रहे श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा के दूसरे दिन सोमवार को प्रख्यात कथा वाचक पूज्य आचार्य मनमोहन मिश्र जी ने राजा परीक्षित संवाद, शुकदेव जन्म सहित अन्य प्रसंग सुनाया। कथा वाचक ने शुकदेव परीक्षित संवाद का वर्णन करते हुए कहा कि एक बार परीक्षित महाराज वन में चले गए। उनको प्यास लगी तो समीक ऋषि से पानी मांगा। ऋषि समाधि में थे, इसलिए पानी नहीं पिला सके। परीक्षित ने सोचा कि साधु ने अपमान किया है। उन्होंने मरा हुआ सांप उठाया और समीक ऋषि के गले में डाल दिया। यह सूचना पास में खेल रहे बच्चों ने समीक ऋषि के पुत्र को दी। ऋषि के पुत्र ने शाप दिया कि आज से सातवें दिन तक्षक नामक सर्प आएगा और राजा को खत्म कर देगा। समीक ऋषि को जब यह पता चला तो उन्होंने दिव्य दृष्टि से देखा कि यह तो महान धर्मात्मा राजा परीक्षित हैं और यह अपराध इन्होंने कलियुग के वशीभूत होकर किया है। समीक ऋषि ने जब यह सूचना जाकर परीक्षित महाराज को दी तो वह अपना राज्य अपने पुत्र जन्मेजय को सौंपकर गंगा नदी के तट पर पहुंचे। वहां बड़े ऋषि, मुनि देवता आ पहुंचे और अंत में व्यास नंदन शुकदेव वहां पहुंचे। शुकदेव को देखकर सभी ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा के दौरान धार्मिक गीतों पर श्रद्धालु जम कर झूमे। कथा में दूसरे दिन बड़ी संख्या में महिला-पुरूष कथा सुनने आए। विधायक राजेश त्रिपाठी के जनसंपर्क प्रभारी राजीव पाण्डेय ने व्यास पीठ की आरती कर आशिर्वाद प्राप्त किए। इस अवसर पर कथा के यजमान रविन्द्र नाथ त्रिपाठी व सुमित्रा देवी,हेमंत त्रिपाठी,अष्टभुजा सिंह,अजय दुबे, टाइगर दुबे,सुरेश मिश्र,कृष्ण मोहन मौर्या,हरिश्चन्द्र सिंह,गौरीशंकर सिंह,हरिशंकर सिंह, समाजसेवी आनन्द त्रिपाठी,अमरजीत सिंह, अनिल सिंह,आशुतोष सिंह, राजन सिंह,आदित्य सिंह,अमित त्रिपाठी, विनय सिंह,संजय तिवारी, सुरेश तिवारी, रामदयाल यादव, लल्लन त्रिपाठी, उदय नारायन त्रिपाठी,दिग्विजय त्रिपाठी, राधेश्याम मिश्रा,स्वतंत्र त्रिपाठी,रणधीर त्रिपाठी, हीरालाल गुप्ता, ओमप्रकाश सिंह, राधेश्याम सिंह, विकास सिंह, गोबरी शर्मा, राजदेव यादव, विनय तिवारी ,बहादुर शर्मा, मुन्ना गौड ,प्रथमेश त्रिपाठ सहित भारी संख्या श्रद्धालु भागवत कथा का रसपान के लिए उपस्थित रहे।

  • गुरुनानक तेरी जय होवे के गूंज में निकली शोभायात्रा

    गुरुनानक तेरी जय होवे के गूंज में निकली शोभायात्रा

    सिख समाज की शोभायात्रा में दिखी सेवा और भक्ति की लहर

    जगह-जगह स्वागत कर लोगों ने दिया सामाजिक एकता का संदेश
    गोरखपुर। सिख धर्म के संस्थापक सतगुरु श्री गुरुनानक देव के प्रकाशपर्व के अंतर्गत सोमवार को निकली भव्य शोभायात्रा देखने लायक रही। शोभायात्रा में गुरबाणी के भजनों की गूंज के साथ भक्ति और सेवा का ऐसा ज्वार था कि शहरवासी इसे देखकर मोहित हो गए।
    शोभायात्रा का शुभारंभ शहर के प्रमुख गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा जटाशंकर से दोपहर 3 बजे अरदास के साथ हुआ। अरदास में पूर्व मेयर श्री मती सत्या पांडे भी सम्मिलित हुई । नगर कीर्तन का सबसे आगे पंजाब से आए बैंड पार्टी का आकर्षण, उसके पीछे सड़कों की सफाई व जल छिड़काव करते युवक- युवतिया, उसके बाद घोड़े पर सवार सशस्त्र पंच प्यारे भव्य रूप से सुसज्जित श्री गुरु ग्रंथ साहिब की अगवानी करते चल रहे थे। सबसे पीछे भारी संख्या में पैदल चल रही महिलाओं ने गुरबाणी गायकी से माहौल को भक्तिमय बनाए रखा था। शोभायात्रा जटाशंकर से प्रारंभ होकर आर्यनगर, बक्शीपुर, जुबली इंटर कॉलेज रोड, अग्रसेन तिराहा, टाउन हॉल गोलघर से धर्मशाला चौराहा होते हुए सायंकाल 7 बजे पुनः गुरुद्वारा जटाशंकर पहुंची, जहां आरती अरदास और भव्य पुष्प वर्षा के बाद गुरु का लंगर प्रसाद ग्रहण कर लोग अपने घर को प्रस्थान किए। शोभायात्रा की अगवाई कर रहे हैं गुरुद्वारा जटाशंकर के अध्यक्ष जसपाल सिंह जी ने बताया कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशपर्व के अंतर्गत 14 नवंबर की रात्रि गुरुद्वारा साहिब में भव्य कीर्तन दरबार और गुरु के लंगर प्रसाद का कार्यक्रम चलेगा, उसके बाद 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु महाराज का प्रकाशपर्व सुबह 8 से शाम 3 बजे और रात्रि 6 से 11 बजे तक बहुत ही भव्य रूप से मनाया जाएगा। श्री सिंह ने शोभायात्रा के सफल समापन पर समस्त अतिथियों, श्रद्धालुओं, आगंतुको एवं सेवादारों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
    इस अवसर पर उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सदस्य जगनैन सिंह नीटू, मैनेजर राजेंद्र सिंह, चरनप्रीत सिंह मोंटू, डॉ दीपक सिंह, धर्मपाल सिंह, रविंदर पाल सिंह, हरप्रीत सिंह साहनी, कुलदीप सिंह नीलू, मनमोहन सिंह लाडे, मनजीत सिंह भाटिया, चिरंजीव सिंह हनी, सैयद असीम रउफ जोगिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, अब्दुल्ला जी केशव मृगवानी, महेश रतलानी, नंदलाल लखमानी, मिन्नत जी बलवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में विभिन्न समाज के लोगों की सहभागिता रही।

  • महाकुंभ में हर आपात स्थिति से निपटने को तैयार सरकार,

    महाकुंभ में हर आपात स्थिति से निपटने को तैयार सरकार,

    प्रयागराज

    महाकुंभ में हर आपात स्थिति से निपटने को तैयार सरकार,

    कार्यक्रम को सुरक्षा की दृष्टि से सफल बनाने के लिए तैयारी।

    जल पुलिस, पीएसी,NDRF,SDRF की टीमें मिलकर काम कर रहीं।

    महाकुंभ में 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेंगे 220 हाईटेक डीप डाइवर।

    महाकुंभ 2025 में पानी पर होगा 700 नावों से पहरा।

    10 कंपनी पीएसी, 12 कंपनी एनडीआरएफ की रहेगी तैनात।

    6 कंपनी एसडीआरएफ रहेगी तैनात जल पुलिस के जवान रहेंगे।

    340 एक्सपर्ट करेंगे घाटों पर भीड़ की पल-पल मॉनिटरिंग।