Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • सऊदी अरब का झंडा लहराता मिला, पुलिस ने हटवाया

    सऊदी अरब का झंडा लहराता मिला, पुलिस ने हटवाया

    झारखंड के पाकुड़ जिले के पाकुड़िया थाना के पास आजाद मोड़ पर सऊदी अरब का झंडा लहराता मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई. प्रशासन ने झंडा हटा दिया है और मामले की जांच कर रही है. वहीं स्थानीय लोग इस मामले को लेकर सवाल उठा रहे हैं.

  • सीएम नीतीश कुमार को पाकिस्तान से धमकी मिलने पर बिहार पुलिस अलर्ट, पटना IG को सौंपी गई जांच

    सीएम नीतीश कुमार को पाकिस्तान से धमकी मिलने पर बिहार पुलिस अलर्ट, पटना IG को सौंपी गई जांच

    संवाददाता:  अनुनय कुमार उपाध्याय, निष्पक्ष टुडे ( मोतिहारी, बिहार )

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कथित तौर पर पाकिस्तान के शहजाद भट्टी से धमकी मिलने का मामला सामने आया है. यह धमकी हिजाब विवाद से जुड़ी हुई है, जिसमें नीतीश कुमार पर एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने का आरोप लगा था. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में शहजाद भट्टी ने नीतीश कुमार से माफी मांगने की चेतावनी दी है.

    मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय पूरी तरह सतर्क हो गया है. पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. जांच की जिम्मेदारी पटना के पुलिस महानिरीक्षक (IG) को सौंपी गई है. डीजीपी ने कहा कि वीडियो की प्रामाणिकता, स्रोत और लोकेशन की तकनीकी जांच कराई जा रही है.

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, साइबर विशेषज्ञों की टीम वीडियो के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाल रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो वास्तव में पाकिस्तान से अपलोड किया गया या कोई साजिश है. साथ ही, मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है ताकि किसी संभावित खतरे से निपटा जा सके.

    डीजीपी विनय कुमार ने मीडिया को बताया कि धमकी को गंभीरता से लिया गया है और पटना IG पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री की सुरक्षा और प्रतिष्ठा से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए वरिष्ठ स्तर पर जांच हो रही है. किसी भी साजिश या अफवाह की गहन पड़ताल की जाएगी.

  • जेन-जी आंदोलन एवं अरब क्रांति: वैश्विक परिप्रेक्ष्य में एक तुलना

    जेन-जी आंदोलन एवं अरब क्रांति: वैश्विक परिप्रेक्ष्य में एक तुलना

    इतिहास खुद को दोहराता है; बस फर्क इतना है कि स्थान, समय एवं परिप्रेक्ष्य बदल जाते है। हाल में वैश्विक स्तर पर हो रहे जेन-जी आंदोलनों एवं वर्ष 2010 के उत्तरार्द्ध में हुए अरब स्प्रिंग आन्दोलन के मध्य साम्यता से यह बात और भी सटीक ढंग से समझी जा सकती है।

    जहाँ अरब स्प्रिंग की शुरुआत ट्यूनीशिया में दिसम्बर 2010 के महीने में एक युवा मोहम्मद बाकी बोआजीची की सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, बेरोजगारी एक प्रशासनिक अत्याचारों के कारण मृत्यु से शुरू हुई और यह विस्तारित होते हुए मिस, लिबिया, सिरिया, बहरीन एवं यमन जैसे देशों तक फैल गयी।

    तो वहीं, जेन जी आंदोलन जो कमोबेश भारत के पड़ोसी बांग्लादेश से शुरु हो कर पाकिस्तान, नेपाल और अब अफ्रीकी देश मोरक्को, मेडागास्कर लैटिन अमेरिका देश पेरू तक फैल चुका है, इसके मूल में भी भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, प्रशासनिक एवं राजनीतिक उदासीनता को फौरी तौर पर उत्तरदायी माना जा रहा है।

    इन दोनों आंदोलनों के मूल में मूलतः युवाओं का बढ़ता हुआ असंतोष जो समाजिक असमानता, बढ़ते विभेद, बेरोजगारी, राजनीतिक भ्रष्टाचार उत्तरदायित्व निर्धारण की कमी, नेपोटिज्म, गुड गवर्नेस की कमी इत्यादि रहे हैं। दोनों आंदोलनों का नेतृत्व युवा वर्ग के द्वारा किया गया। जहाँ जेन जी आंदोलनों से बांग्लादेश, नेपाल, मेडागास्कर आदि में सत्ता परिवर्तन हुए तो वहीं पाकिस्तान, पेरु जैसे देशों में इनका प्रभाव सीमित रहा। ऐसे ही अरब स्प्रिंग ने ट्यूनीशिया, मिस्र, लिबिया एवं यमन में सत्ता परिवर्तन किया परंतु अन्य कई राष्ट्रों में इसका प्रभाव भी सीमित रहा।

    डिजिटल क्रांति का प्रभाव भी इन दोनों क्रांतियों में महत्वपूर्ण रहा है। जहाँ अरब स्प्रिंग के दौरान लोगों ने फेसवुक, ट्विटर जैसे प्लेटफार्म का प्रयोग सूचना पहुंचाने, संगठित होने एवं अग्रिम कार्य योजना बनाने के लिए किया, जिसके कारण इसे डिजिटल युग का प्रथम जन आंदोलन की संज्ञा दी गयी। वहीं जेन जी जो सच्चे अर्थों में आज डिजिटल युग के युवा हैं, इन्होंनें भी टिक टाक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम जैसे सोशल मिडिया प्लेटफार्मों का उपयोग किया। सरकारी तंत्र की सेंसरशिप एवं सर्विलांस से बचने लिए उन्होंनें VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का प्रयोग किय। इस सन्दर्भ में जेन जी आन्दोलन अरब स्प्रिंग से ज्यादा डिजिटली एडवांस था।

    परंतु इन सब के बावजूद दोनों आंदोलनों में कुछ मूलभूत अंतर रहे हैं जहाँ अरब स्प्रिंग मूलतः अधिनायकवाद, राजतंत्र, सैन्य शासन के विरुद्ध एक क्षेत्रीय आंदोलन था, जिसका उद्देश्य सत्ता परिवर्तन कर लोकतंत्र की स्थापना करना था, तो वहीं, जेन जी का स्वरूप अपेक्षाकृत ज्यादा वैश्विक रहा है। इन में अधिकांश राष्ट्रों में लोकतांत्रिक व्यवस्था होते हुए भी यह इनकी कमियों के विरुद्ध आंदोलन था। इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदलना न होकर इस व्यवस्था में व्याप्त खामियों को समाप्त करना है।

    जहाँ अरब स्प्रिंग में अलोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध वहाँ के विरोधी गुट तथा संस्थाओं का योगदान महत्वपूर्ण था तो वहीं जेन जी आंदोलन का स्वरूप डायनामिक है। यह अत्यधिक विकेंद्रीकृत, नेतृत्वविहिन एवं फेसलेस आन्दोलन है, जिसको किसी स्वरुप में बांधा नहीं जा सकता और यहीं इस आंदोलन की विशेषता है।

    प्राथमिक तौर पर देखने पर अरब स्प्रिंग एवं जेन जी आन्दोलन स्वतः स्फूर्त एवं स्वतंत्र रूप से विकसित होते आंदोलन लगते हैं, परन्तु जिस प्रकार से कठपुतली के खेल में नाटक तो कठपुतलियाँ करती हैं परंतु उनका नियंत्रणकर्ता कोई और होता है। वैसे ही शक्तिशाली राष्ट्रों की डीप स्टेट इन आंदोलनों को प्रभावित एवं नियंत्रित करने का प्रयास करती हैं। उदाहरण के तौर पर अरब स्प्रिंग के दौरान राजतान्त्रिक देशों जैसे यू.ए.ई, सऊदी अरब, कतर जैसे देशों में इसे उभरने नहीं दिया गया।

    वहीं, बहरीन, मिस्र जैसे देशों में गल्फ कोआपरेशन कांउसिल के माध्यम से सेना भेज कर इस आंदोलन को दबाने की कोशिश भी हुई।

    वहीं, जेन जी आंदोलनों के अंतर्गत बांग्लादेश में अमेरिका को वहाँ कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने से सीधे तौर पर दोषी बताते हुए कहा कि उनके द्वारा अमेरिका को सेंट मार्टिन आइलैंड न देने के कारण उनका तख्ता पलट करवाया गया। इसी प्रकार, पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा भी अमेरिका को सैन्यबेस न दिये जाने पर अपना तख्ता पलट करवाने का दोषी बताया गया था। हाल ही में नेपाल में जेन जी आंदोलन का एक बड़ा कारण वहाँ की सरकार का चीन के प्रति अत्यधिक झुकाव एवं बढ़ते चीनी नियंत्रण के रूप में भी माना जा सकता है। अगर उपरोक्त आरोपों में दम है, तो यह माना जा सकता है कि विश्व के शक्तिशाली राष्ट्र अपने हितों को साधने के लिए अन्य राष्ट्रों के फाल्ट लाइनों (कमजोर बिंदुओं) के दोहन का प्रयास अपने डीप स्टेट के माध्यम से करने का प्रयास करते हैं।

    अब आगे की राह यहीं है कि वर्तमान में जिन असंतोषों के कारण इस आन्दोलन का उदय हुआ है, उन्हें गंभीरता एवं ईमानदारी पूर्वक हल करने का प्रयास वहाँ की चुनी हुई सरकारों द्वारा किया जाय। इस वैश्विकृत विश्व में संचार क्रांति के कारण जनता में जागरूकता बढ़ी है; अब जनता अपने अधिकारों को लेकर जागरुक हो रही है। समाजिक न्याय एवं समान अवसर दिया जाना सबके लिए आवश्यक है। जिन भी राष्ट्रों में जेन जी के आंदोलनों द्वारा सत्ता अपदस्थ हुई है, वहाँ स्थिर एवं चुनी हुई सरकारों का गठन यथाशीघ्र किया जाना आवश्यक है, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे। भारत जैसे देश को भी अपने पड़ोस यथा पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल आदि की स्थिति पर सर्तक निगाह रखनी जरूरी है और वहाँ भारत के मित्रवत स्थिर सरकार के निर्माण पर बल देना चाहिए क्योंकि स्थिर पड़ोसी एक विकसित एवं समृद्ध भारत के लिए आवश्यक हैं।

  • आछीडीह-सरया तटबंध निर्माण में आ रही तकनीकी बाधा दूर करने के लिए……

    आछीडीह-सरया तटबंध निर्माण में आ रही तकनीकी बाधा दूर करने के लिए……

    दिल्ली में नितिन गडकरी से मिले विधायक राजेश त्रिपाठी

    केन्द्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने भी की सिफारिश

    सड़क गुणवत्ता और धीमी गति की भी शिकायत

    गोला बाजार में अधूरे नाले और टूटी पुलिया का मामला उठाया

    सडक से ऊंची नालियां का भी उठा मामला

    झुमिला बाजार और तीहामुहम्मदपुर अंडरपास में नाली बनाने की मांग

    गोरखपुर-वाराणसी सरयू पुल पर लाईट लगाने की मांग

    बालभीटी मोड सर्विस लेन सही करने की मांग

    ब्यूरो प्रभारी-वेद प्रकाश यादव

    गोलाबाजार।चिल्लूपार क्षेत्र के राप्ती नदी के किनारे अवशेष 6 किमी आछीडीह-सरया तटबंध बनाने में आ रही तकनीकी बाधा को दूर करने तथा राम जानकी मार्ग और गोरखपुर-वाराणसी हाइवे से सम्बंधित अनेक समस्याओं के समाधान के लिए केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान के साथ बुधवार को नयी दिल्ली संसद भवन कार्यालय में केन्द्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी से मिले विधायक राजेश त्रिपाठी ।

    उक्त जानकारी स्वयं चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने मीडिया को देते हुए बताया कि आछीडीह-सरया के अवशेष तटबंध में सबसे बड़ी तकनीकी बाधा यह आ रही है कि निर्माणाधीन रामजानकी मार्ग नेशनल हाई-वे पर बड़हलगंज से पटना गांव के बीच में 13 कल्वर्ट (जल निकासी हेतु पुलिया) बनाने की स्वीकृति है ।

    उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का मानना है कि जिस बाढ़ग्रस्त इलाके को बचाने के लिए बांध प्रस्तावित है, इन कल्वर्ट्स के बन जाने से बांध के निर्माण का कोई औचित्य ही नहीं रह जायेगा । इसके लिए जरूरी है कि कल्वर्ट कम बनें और जो बनें उसमें रेगुलेटर लगे हों ताकि बाढ़ के दौरान उसे बंद रखा जा सके ।
    विधायक चिल्लूपार ने बताया कि इसके लिए एक साल से केन्द्रीय सड़क मंत्रालय से विभागीय स्तर पर पत्राचार चल रहा था, उसी क्रम में केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात कर पूरी बस्तुस्थिति से उन्हें अवगत कराया गया । जिस पर उन्होंने तत्काल विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी आवश्यक हो वह बाधा दूर करायी जाय जिससे कि सड़क पर भी खतरा न हो और बांध भी बन जाए ।

    विधायक राजेश त्रिपाठी ने रामजानकी मार्ग निर्माण में सुस्ती और खराब गुणवत्ता की भी लिखित शिकायत करते हुए कहा कि गोला बाजार सहित अनेक जगह एक साल से नालियां खोद कर छोड़ दी गयी हैं, जिसमें आये दिन दुर्घटना हो रही है, नागरिकों को भी आवागमन में काफी दिक्कत आ रही है, जाम की स्थिति बनी हुई है । साथ ही क्वालिटी में भी काफी कमी है, जो सड़क और पुलिया बन रही है वह अभी ही टूट जा रही है । सीमेंट और सरिया मानक के बिपरीत लग रहा है । पिडहनी, गोला, डेरवा, सीधेगौर, गोपालपुर आदि जगह जो नालियां बनी हैं वह इतनी ऊंची है कि न तो सड़क का पानी उसमें जायेगा और न गांव-दुकान का ही पानी जायेगा । ऊपर से उससे स्थानीय स्तर पर अनेक परेशानी खड़ी हो गयी है । जिस पर केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मौजूद विभागीय अधिकारी को निर्देश दिया कि इसे देखो और ऐक्शन लो ।

    चिल्लूपार विधायक ने दो अलग-अलग अन्य पत्र सौंपते हुए केन्द्रीय मंत्री से अपने सांसद के साथ मांग किया कि रामजानकी मार्ग पर झुमिला बाजार में और गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर तीहामुहम्मदपुर अंडरपास पर जनहित में नाली निर्माण कराया जाए तथा सरयू नदी पर बने पुल पर लाइटिंग की व्यवस्था बहुत जरूरी है उसे लगवाया जाय तथा बालभीटी मोड की सर्विस लेन को वैसे ही छोड़ दिया गया है जिससे आये दिन दुर्घटना हो रही है । विधायक चिल्लूपार ने गोरखपुर-वाराणसी के साउंखोर चौराहे को दुर्घटना विहीन बनाने के लिए ओवरब्रीज बनाने और अनेक जगह अलग से कट्स बनाने की भी मांग की जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि जो भी आवश्यक है वह करायेंगे ।

  • अरेराज में अतिक्रमण की समस्या: मुख्य बाजार और बस स्टैंड पर अव्यवस्था बनी चुनौती

    अरेराज में अतिक्रमण की समस्या: मुख्य बाजार और बस स्टैंड पर अव्यवस्था बनी चुनौती

    संवाददाता – अनुनय कुमार उपाध्याय। निष्पक्ष टुडे (मोतिहारी बिहार)

    अरेराज अनुमंडल के व्यस्त बाजार क्षेत्र और बस स्टैंड पर अतिक्रमण की समस्या ने स्थानीय प्रशासन के समक्ष एक गंभीर समस्या पैदा कर दी है। राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, मुख्य सड़कों पर अवैध अतिक्रमण जारी है, जो यातायात को बाधित कर रहा है और दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है। अनुमंडल प्रशासन को अब तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि सार्वजनिक सुविधाओं को बहाल किया जा सके।

    “यातायात जाम और सुरक्षा जोखिम”

    मुख्य बाजार और बस स्टैंड के आसपास अवैध रूप से खड़ी बसें, ठेले तथा खोमचे सड़क की चौड़ाई को कम कर रहे हैं, जिससे लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। इस अव्यवस्था से न केवल राहगीरों और दुकानदारों को असुविधा हो रही है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस को भी बाधा पहुँच रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अरेराज, जो एक प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल के रूप में जाना जाता है, में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के कारण यह समस्या और गंभीर हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थितियाँ दुर्घटनाओं के जोखिम को बढ़ा सकती हैं, खासकर व्यस्त घंटों में।

    “प्रशासनिक लापरवाही और स्थानीय असंतोष”

    हालांकि राज्य स्तर पर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन अरेराज में बस स्टैंड क्षेत्र की अनदेखी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। बस संचालक बिना किसी भय के सड़क किनारे वाहन खड़े कर रहे हैं, जबकि ठेले और दुकानें पैदल मार्गों पर कब्जा जमा रही हैं। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने चिंता जताई है कि इस स्थिति से न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यटन को भी ठेस पहुँच रही है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “सरकारी निर्देशों का पालन न होने से आम जनता की परेशानी बढ़ रही है; समयबद्ध कार्रवाई की मांग है।”

    “संभावित समाधान और अपेक्षाएँ”

    अनुमंडल प्रशासन को अब सख्ती से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाना चाहिए, जिसमें नियमित पेट्रोलिंग, जागरूकता अभियान और वैकल्पिक स्थान व्यवस्था शामिल हो। स्थानीय निकायों के सहयोग से बस स्टैंड का पुनर्विकास भी आवश्यक है, ताकि यातायात सुगम हो सके। यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और जटिल हो सकती है, जिसका असर पूरे पूर्वी चंपारण जिले पर पड़ेगा। प्रशासन से उम्मीद है कि वे इस मुद्दे को प्राथमिकता देंगे और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित करेंगे।

  • दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग 4 जनवरी तक बिहार के पूर्वी चंपारण”

    दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग 4 जनवरी तक बिहार के पूर्वी चंपारण”

    बिहार डेस्क निष्पक्ष टुडे

    बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित चकिया के विराट रामायण मंदिर पहुंचेगा। नए साल में फरवरी तक इस शिवलिंग के विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने की उम्मीद है।

    शिवलिंग ने अबतक करीब 1635 किलोमीटर की यात्रा कर ली है। यह शिवलिंग तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र होते हुए मध्य प्रदेश पहुंच गया है।

    अब मध्य प्रदेश के बाद शिवलिंग उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा। उत्तर प्रदेश में भी विभिन्न जगहों पर स्वागत करने की योजना बनी है। बनारस, मोहनिया होते हुए शिवलिंग बिहार में प्रवेश करेगा।

  • आछीडीह-सरया तटबंध निर्माण में आ रही तकनीकी बाधा दूर करने के लिए….

    आछीडीह-सरया तटबंध निर्माण में आ रही तकनीकी बाधा दूर करने के लिए….

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    दिल्ली में नितिन गडकरी से मिले विधायक राजेश त्रिपाठी
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    @ केन्द्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने भी की सिफारिश
    @ सड़क गुणवत्ता और धीमी गति की भी शिकायत
    @गोला बाजार में अधूरे नाले और टूटी पुलिया का मामला उठाया
    @ सडक से ऊंची नालियां का भी उठा मामला
    @ झुमिला बाजार और तीहामुहम्मदपुर अंडरपास में नाली बनाने की मांग
    @ गोरखपुर-वाराणसी सरयू पुल पर लाईट लगाने की मांग
    @ बालभीटी मोड सर्विस लेन सही करने की मांग
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               बयूरो प्रभारी-वेद प्रकाश यादव

    गोलाबाजार।चिल्लूपार क्षेत्र के राप्ती नदी के किनारे अवशेष 6 किमी आछीडीह-सरया तटबंध बनाने में आ रही तकनीकी बाधा को दूर करने तथा राम जानकी मार्ग और गोरखपुर-वाराणसी हाइवे से सम्बंधित अनेक समस्याओं के समाधान के लिए केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान के साथ बुधवार को नयी दिल्ली संसद भवन कार्यालय में केन्द्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी से मिले विधायक राजेश त्रिपाठी ।

    उक्त जानकारी स्वयं चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने मीडिया को देते हुए बताया कि आछीडीह-सरया के अवशेष तटबंध में सबसे बड़ी तकनीकी बाधा यह आ रही है कि निर्माणाधीन रामजानकी मार्ग नेशनल हाई-वे पर बड़हलगंज से पटना गांव के बीच में 13 कल्वर्ट (जल निकासी हेतु पुलिया) बनाने की स्वीकृति है ।

    उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का मानना है कि जिस बाढ़ग्रस्त इलाके को बचाने के लिए बांध प्रस्तावित है, इन कल्वर्ट्स के बन जाने से बांध के निर्माण का कोई औचित्य ही नहीं रह जायेगा । इसके लिए जरूरी है कि कल्वर्ट कम बनें और जो बनें उसमें रेगुलेटर लगे हों ताकि बाढ़ के दौरान उसे बंद रखा जा सके ।
    विधायक चिल्लूपार ने बताया कि इसके लिए एक साल से केन्द्रीय सड़क मंत्रालय से विभागीय स्तर पर पत्राचार चल रहा था, उसी क्रम में केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात कर पूरी बस्तुस्थिति से उन्हें अवगत कराया गया । जिस पर उन्होंने तत्काल विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी आवश्यक हो वह बाधा दूर करायी जाय जिससे कि सड़क पर भी खतरा न हो और बांध भी बन जाए ।

    विधायक राजेश त्रिपाठी ने रामजानकी मार्ग निर्माण में सुस्ती और खराब गुणवत्ता की भी लिखित शिकायत करते हुए कहा कि गोला बाजार सहित अनेक जगह एक साल से नालियां खोद कर छोड़ दी गयी हैं, जिसमें आये दिन दुर्घटना हो रही है, नागरिकों को भी आवागमन में काफी दिक्कत आ रही है, जाम की स्थिति बनी हुई है । साथ ही क्वालिटी में भी काफी कमी है, जो सड़क और पुलिया बन रही है वह अभी ही टूट जा रही है । सीमेंट और सरिया मानक के बिपरीत लग रहा है । पिडहनी, गोला, डेरवा, सीधेगौर, गोपालपुर आदि जगह जो नालियां बनी हैं वह इतनी ऊंची है कि न तो सड़क का पानी उसमें जायेगा और न गांव-दुकान का ही पानी जायेगा । ऊपर से उससे स्थानीय स्तर पर अनेक परेशानी खड़ी हो गयी है । जिस पर केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मौजूद विभागीय अधिकारी को निर्देश दिया कि इसे देखो और ऐक्शन लो ।

    चिल्लूपार विधायक ने दो अलग-अलग अन्य पत्र सौंपते हुए केन्द्रीय मंत्री से अपने सांसद के साथ मांग किया कि रामजानकी मार्ग पर झुमिला बाजार में और गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर तीहामुहम्मदपुर अंडरपास पर जनहित में नाली निर्माण कराया जाए तथा सरयू नदी पर बने पुल पर लाइटिंग की व्यवस्था बहुत जरूरी है उसे लगवाया जाय तथा बालभीटी मोड की सर्विस लेन को वैसे ही छोड़ दिया गया है जिससे आये दिन दुर्घटना हो रही है । विधायक चिल्लूपार ने गोरखपुर-वाराणसी के साउंखोर चौराहे को दुर्घटना विहीन बनाने के लिए ओवरब्रीज बनाने और अनेक जगह अलग से कट्स बनाने की भी मांग की जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि जो भी आवश्यक है वह करायेंगे ।

  • हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड में ऑन साइट सह ऑफ साइट मॉक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन

    हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड में ऑन साइट सह ऑफ साइट मॉक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन

    गोरखपुर। आज दिनांक 17 दिसंबर 2025 को मध्यान 11:50 पर हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड की गोरखपुर ईकाई के द्वारा यह जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) सूचना उपलब्ध कराई गई की उनके फैक्ट्री के अंतर्गत अमोनिया गैस का रिसाव हो रहा है। रिसाव रोकने का प्रयास फैक्ट्री द्वारा किया जा रहा है किंतु उक्त कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन व आपातकालीन विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग आदि की आवश्यकता है।

    जिला ईओसी द्वारा समस्त विभागों को मौके पर पहुंचने हेतु सूचित किया गया और एच०यू०आर०एल० टीम व अन्य राहत एजेंसियों के सहयोग से रिसाव पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया।

    राहत एजेंसियां मौके पर तत्काल पहुंच सके इस हेतु पुलिस एवं यातायात विभाग द्वारा ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराया गया।

    रिसाव के दृष्टिगत फैक्ट्री द्वारा आसपास के क्षेत्र में जन समुदाय को अलर्ट करने के लिए सायरन का इस्तेमाल किया गया। नागरिक सुरक्षा एवं एसडीआरएफ टीम ने केंद्रीय विद्यालय तथा अग्निशमन एवं जीसीआई स्वराज की टीम ने सैनिक स्कूल में छात्र-छात्राओं को जागरूक किया और उन्हें अवगत कराया की जब कभी फैक्ट्री द्वारा सायरन बजाया जाता है तो उक्त दशा में अपने आप को सुरक्षित रखते हुए अन्य की मदद करें। गैस रिसाव के दौरान तत्काल गीले कपड़े व रुमाल से अपने मुंह और नाक को ढक ले तथा भूमि पर लेट जाएं।

    तीसरे सीनरियों के अंतर्गत अमोनिया गैस लोड किये वाहन में रिसाव का परिदृश्य प्रस्तुत किया गया जिसको रोकने हेतु फैक्ट्री द्वारा आउटर कार्डन में स्प्रिंकलर लगाए गए और अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा आपदा मित्र आदि के सहयोग से उक्त पर नियंत्रण प्राप्त किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभा कर रहे हैं विभागों ने एक प्रदर्शनी लगाकर उपलब्ध उपकरणों के संबंध में सभी को अवगत कराया।

    कार्यक्रम समाप्ति के पश्चात डी-ब्रीफिंग का आयोजन किया गया जिसमें सभी विभागों ने अपनी-अपने सुझाव दिए और उक्त के आधार पर हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड से अपेक्षा व्यक्त की गई की अपनी आपदा प्रबंधन योजना को अद्यतन करें।

    मॉक ड्रिल कार्यक्रम में राजस्व, नगर निगम, स्वास्थ्य, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा, पुलिस, कारखाना, अग्निशमन, आपदा मित्र आदि विभागों के साथ जेसीआई (स्वराज), भारत सेवा मिशन आदि के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।

    मॉक ड्रिल कार्यक्रम का संचालन हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गोरखपुर के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा किया गया।

    News Courtesy : गौतम गुप्ता, जिला आपदा विशेषज्ञ, गोरखपुर।

  • जमीन के झगड़े में मारपीट, प्रधान पक्ष से बलवा तो शिक्षक पक्ष से गैर इरादतन हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज

    जमीन के झगड़े में मारपीट, प्रधान पक्ष से बलवा तो शिक्षक पक्ष से गैर इरादतन हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज

    गोरखपुर। हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के सोपरा गांव में जमीनी रंजिश में गाव के प्रधान और एक शिक्षक पक्ष में जमकर लाठी डंडे चले जिसमें दोनों पक्षो से कुछ लोग घायल हो गए, पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर क्रॉस केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    बताते चलें कि, सोपरा गांव में प्रधान बालकेश मिश्रा और शिक्षक हरिकेश मिश्रा से रास्ता का विवाद है। प्रथम पक्ष से सोपरा ग्राम प्रधान बालकेश मिश्रा ने तहरीर देकर बताया कि सोमवार सुबह 7 बजे सार्वजनिक रास्ते के ऊपर दीवाल चलाने पर विपक्षी द्वारा आधा दर्जन की संख्या में आकर मुझे और मेरे लड़के, पत्नी और बूढ़ी माँ को लाठी डंडे से पीटा जाने लगा और जानमाल की धमकी दी गयी, जिससे सभी घायल हो गए, प्रधान पक्ष की तहरीर पर हरपुर बुदहट पुलिस ने हरिकेश, गंगेश, दिनेश, कृष्णानन्द, श्याम मिश्रा, इंद्रजीत, मीरा, सहित गंगेश की पत्नी निवासी सोपरा पर बलबा मारपीट सहित अन्य धाराओ में मुकदमा दर्ज किया है।

    वहीं दूसरे पक्ष से हरिकेश मिश्रा ने तहरीर देकर बताया कि उन्होंने अपने घर के पीछे गली में घर की देख रेख और साफ सफाई हेतु खाली जमीन छोड़ रखी है, जिसको हमारे पड़ोसी बालकेश मिश्रा (प्रधान) सार्वजनिक रास्ता बताते है, और जबरजस्ती उसपर इंटरलॉकिंग का कार्य कराने लगे , जब मैंने विरोध किया तो प्रधान पक्ष ने मिलकर मेरे भतीजे, भाई और सहयोगी श्याम प्रसाद मिश्रा पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिसमे श्यामाप्रसाद मिश्रा मरणासन्न स्थित में आ गए। पुलिस ने इस मामले में प्रधान बालकेश मिश्रा उनके पुत्र सुनील मिश्रा औ पत्नी गीता मिश्रा पर गैर इरादतन हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • गुमशुदा बालक को 4 घंटे के भीतर बरामद किया गया

    गुमशुदा बालक को 4 घंटे के भीतर बरामद किया गया

    “कोतवाली पुलिस की तत्परता से परिजनों को सकुशल सौंपा गया बच्चा”

    गोरखपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र में गुमशुदा हुए 15 वर्षीय बालक को पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली और कोतवाली पुलिस की कार्यशैली की सराहना की।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 को शाम करीब 5:30 बजे थाना कोतवाली पर सूचना मिली कि एक 15 वर्षीय बालक सुबह करीब 10:30 बजे अपने घर से बिना बताए कहीं चला गया है। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन किए जाने के बावजूद जब बालक का कोई पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक कोतवाली छत्रपाल सिंह ने पुलिस टीम के साथ तत्काल कार्रवाई शुरू की। आसपास के क्षेत्रों में तलाश, संभावित स्थानों पर पूछताछ और सक्रिय खोज के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने गुमशुदा बालक को महज चार घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया।

    बरामदगी के बाद बालक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता से एक परिवार को बड़ी राहत मिली है।