पौधारोपण कर हरियाली अभियान की हुई शुरुआत
गोला: उनाई वैश्य समिति के तत्वाधान में सोमवार को सागौन का पौधारोपण कर पौधारोपण हरियाली अभियान की शुरुआत की गई।सोमवार को उपनगर के करपात्री महाराज स्थित समिति के सदस्य डा० सुशील निगम के फार्म हाउस पर सागौन का पौधारोपण कर पौधारोपण हरियाली अभियान की शुरुआत की गई। समिति के सदस्य विजय निगम, आचार्य मुन्ना निगम ने बताया कि संगठन के तत्वाधान में श्रावण मास तक प्रतिदिन पौधारोपण कार्यक्रम किया जाएगा। इस दौरान संगठन के सदस्यों के विभिन्न स्थानों पर विभिन्न हरे भरे पौधे लगाए जायेंगे साथ ही नगर के समस्त मंदिरों पर भी पौधारोपण कर उसके बचाव की व्यवस्था की जायेगी। इस दौरान समिति के डा० श्रीराम, डा० विशाल, शुभम गुप्ता, सोनू गुप्ता, राजू गुप्ता, नंदकिशोर उर्फ गुड्डू सहित अन्य लोग मौजूद रहें।
Category: उत्तर प्रदेश
-

पौधारोपण कर हरियाली अभियान की हुई शुरुआत
-

योगी की कुर्सी जाएगी या दिल्ली आएंगे केशव प्रसाद मौर्य ? यूपी की सियासत में क्या बदलने वाला है
योगी की कुर्सी जाएगी या दिल्ली आएंगे केशव प्रसाद मौर्य ? यूपी की सियासत में क्या बदलने वाला है
हालिया लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उत्तर प्रदेश ने तगड़ा झटका दिया. 2019 में यूपी की 62 सीटें जीतने वाली बीजेपी 2024 में सिर्फ 33 पर सिमट गई. चुनावी हार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को न सिर्फ निराश किया, बल्कि नाराज भी. दिल्ली से लेकर लखनऊ तक, समीक्षा बैठकों का दौर जारी है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य में टकराव की खबरें हैं. अटकलों का बाजार गर्म है कि बीजेपी जल्द ही कोई बड़ा फैसला कर सकती है.मौर्य ने मंगलवार को बीजेपी चीफ जेपी नड्डा से मुलाकात की. बाहर निकलते वक्त मीडिया ने खूब कुरेदा मगर मौर्य कुछ नहीं बोले. दो दिन पहले ही, मौर्य ने यूपी बीजेपी की विस्तारित कार्यकारिणी की बैठक में अपने बयान से राजनीतिक पारा चढ़ा दिया था. रविवार को, लखनऊ में हुई बैठक में मौर्य ने कहा था, ‘संगठन हमेशा सरकार से बड़ा होता है’. उस बैठक में नड्डा भी मौजूद थे.
अटकलबाजी का दौर
बीजेपी सूत्रों के हवाले से PTI ने रिपोर्ट दी कि मौर्य के बाद नड्डा, यूपी बीजेपी के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से भी मुलाकात कर सकते हैं. मुलाकातों के बीच, अटकलों का बाजार गर्म है. दबी जुबान में ही सही, यह चर्चा जोरों पर हैं कि केशव प्रसाद मौर्य को और बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी होना है, ऐसे में मौर्य के पार्टी की कमान संभालने की चर्चा है. एक अटकल यह भी है कि यूपी का सीएम बदला जा सकता है. योगी की जगह मौर्य को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है.
रविवार को लखनऊ में हुई बीजेपी की समीक्षा बैठक के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई. लोकसभा चुनाव में हारे कई बीजेपी नेताओं ने सोमवार को मौर्य से मुलाकात कर सीएम पर दबाव बनाने की कोशिश की. इनमें संजीव बालियान भी शामिल हैं, जो मुजफ्फरनगर से हार गए थे. उन्होंने हार का ठीकरा पूर्व पार्टी विधायक और मुख्यमंत्री के करीबी एक राजपूत नेता संगीत सोम पर फोड़ा था. अपनी लोकसभा सीट हारने वाले प्रवीण निषाद भी मौर्य से मिले.
बैठक के एक दिन बाद भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप ने आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा कि राज्य में नौकरशाही भ्रष्टाचार सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है. शनिवार को बदलापुर से विधायक रमेश चंद्र ने मीडिया से कहा था कि भाजपा की स्थिति खराब है और वह 2027 में यूपी में सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है.
योगी vs मौर्य
विरोधाभासी बयान.
लखनऊ में बीजेपी की बैठक के दौरान मौर्य ने कहा था कि संगठन सरकार से बड़ा होता है. उन्होंने कहा, ‘आपका दर्द मेरा भी दर्द है. संगठन सरकार से बड़ा था, बड़ा है और हमेशा बड़ा रहेगा. सभी मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों को कार्यकर्ताओं का सम्मान करना चाहिए और उनके मान-सम्मान का ख्याल रखना चाहिए. सपा और कांग्रेस ने ‘सांपनाथ’ और ‘नागनाथ’ के रूप में झूठ बोलकर और धोखा देकर हमें कुछ समय के लिए पीछे धकेल दिया है. लेकिन 2027 में हम 300 सीटों को पार करने के लक्ष्य के साथ फिर से राज्य में भाजपा की सरकार बनाएंगे.’योगी आदित्यनाथ ने यूपी में चुनावी हार के लिए अति आत्मविश्वास को जिम्मेदार ठहराया था. योगी ने कहा था कि पार्टी विपक्षी गठबंधन INDIA के प्रचार अभियान का प्रभावी ढंग से मुकाबला नहीं कर सकी. योगी ने यह भी साफ कर दिया कि उनकी सरकार का रवैया नहीं बदलेगा.
मौर्य के संगठन वाले बयान पर प्रदेश की सियासत गरमा गई. समाजवादी पार्टी के नेता मनोज काका ने कहा कि केशव मौर्य ने यह बयान देकर यह जताना चाह रहे हैं कि हम सीएम योगी से बड़े हैं. उन्होंने कहा कि केशव मौर्या योगी को चुनौती दे रहे हैं. भाजपा संगठन में आंतरिक तौर पर बड़ी फूट पड़ी हुई है. प्रदेश में ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य अघोषित मुख्यमंत्री हैं.*केशव प्रसाद मौर्य का प्रमोशन?*
जब से लोकसभा चुनाव के नतीजे आए हैं, मौर्य का अधिकतर समय दिल्ली में ही गुजरा है. वह लखनऊ से कटे-कटे से रहे हैं. सरकारी बैठकों से भी मौर्य ने दूरी बना रखी है. रविवार की बैठक में जब मौर्य ने बीजेपी कार्यकर्ताओं का दर्द बयान किया तो खूब तालियां बजी थीं. सोशल मीडिया पर सोमवार को मौर्य ने यही लिखा: ‘कर्मवीर को जीत या हार से कोई मतलब नहीं होता. कार्यकर्ता ही मेरा गौरव और सम्मान हैं’ और ‘संगठन सरकार से बड़ा है… संगठन से बड़ा कोई नहीं!’
मौर्य को पार्टी बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है. वह ओबीसी चेहरा हैं और संगठन में लंबा अनुभव रखते हैं. बीजेपी को निराश कार्यकर्ताओं का मैसेज भी देना है. मौर्य को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है. 2022 के विधानसभा चुनाव में सिराथू सीट से हारने के बावजूद मौर्य को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था. पांच महीने बाद ही, मौर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘संगठन, सरकार से बड़ा होता है.’ तब भी योगी के साथ उनकी अनबन की खबरें खूब चल रही थी। -

पब्लिक और सरकार दोनों के साथ चोरी करने वाला धराया
डिप्टी कमिश्नर (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच) सुनील कुमार वर्मा द्वारा चोरखरी, बखरा, गौरी बाजार देवरिया स्थित मेसर्स सर्वश्री शिवांश फूडग्रेन & राइस इंडस्ट्रीज पर छापेमारी कर घटतौली के माध्यम से करचोरी पकड़ी गई।
सूत्रों के अनुसार, ज्वाइंट
कमिश्नर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) उदित नारायण सिंह एवं डिप्टी कमिश्नर (एसआईबी) सुनील कुमार वर्मा को प्राप्त गोपनीय सूचना और इनके द्वारा की गई रेकी पर पाया गया कि जीएसटी की करदेयता से बचने के लिए मेसर्स सर्वश्री शिवांश फूडग्रेन & राइस इंडस्ट्रीज द्वारा 23 किलोग्राम एवं 24 किग्रा वजन वाले चावल के सीलबंद पैकेट / बोरी पर 26 किग्रा अंकित कर के बिक्री की जा रही है।
देवरिया स्थित फर्म शिवांश फूडग्रेन & राइस इंडस्ट्रीज चावल एवं राइस ब्रान का व्यापार करती है। फर्म द्वारा घटतौली करके 26 किग्रा वाले चावल के पैकेट पर केवल 23 किग्रा एवं 24 किग्रा भरती करके बिक्री की जा रही है।
जीएसटी नियमों के अनुसार अगर खाद्यान्न का पैकेट 25 किग्रा से अधिक है तो उस पर जीएसटी देय नहीं होता। कर देयता से बचने के लिए व्यापारी 25 किग्रा वजन की बोरी / पैकेट के बजाय 26 किग्रा की बोरी / पैकेट तैयार करके बिक्री करते हैं। लेकिन उक्त व्यापारी द्वारा बोरी / पैकेट पर अंकित वजन तो 26 किग्रा ही है किंतु उनमें चावल का वास्तविक वजन केवल 23 किग्रा एवं 24 किग्रा ही है।ऐसे में घटतौली करके वो दो तरफ मुनाफा कमाते हैं। एक तरफ तो सरकार को भी टैक्स देने से बचते हैं दूसरी तरफ जनता को बिक्री किए जाने वाले खाद्यान्न की घटतौली भी करते हैं।
संयुक्त आयुक्त, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच रेंज- बी, गोरखपुर विवेक सिंह द्वारा जारी जांच प्राधिकार पत्र (INS-01) लेकर दोपहर बाद फैक्टरी स्थल पर पहुँची जाँच टीम में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच गोरखपुर, सचल दल गोरखपुर एवं सचल दल देवरिया के अधिकारी शामिल रहे। देर शाम तक टीम स्टॉक लेने और प्रपत्रों की जांच में जुटी रही। टीम में असिस्टेंट कमिश्नर जितेंद्र कुमार रमन, असिस्टेंट कमिश्नर प्रशान्त कुमार द्विवेदी, असिस्टेंट कमिश्नर गिरिजा नंदन सिंह, राज्य कर अधिकारी अशोक कुमार पांडेय, राम प्रताप सिंह, अजीत प्रताप सिंह के साथ ही भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
एडिशनल कमिश्नर संजय कुमार ने बताया जांच पड़ताल एवं विश्लेषण के बाद फर्म पर टैक्स आरोपण किया जाएगा। यद्यपि मौके पर व्यापारी ने अपनी गलती मानते हुए रू 5 लाख कर / जुर्माना जमा कर दिया।
-

यूपी के मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर
यूपी के मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर
डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है. एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जाएगी, जो इन दो महीनों में शिक्षकों के मुद्दों पर विचार करेगी -

पंत नगर, रहीम नगर और अबरार नगर, इंद्रप्रस्थ आदि इलाकों में चल रही बुल्डोजर की कार्रवाई रोक दी गई है।
ब्रेकिंग न्यूज़
पंत नगर, रहीम नगर और अबरार नगर, इंद्रप्रस्थ आदि इलाकों में चल रही बुल्डोजर की कार्रवाई रोक दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करके कहा.
लखनऊ में पंतनगर हो या इंद्रप्रस्थनगर, यहां के हर निवासी की सुरक्षा और संतुष्टि हमारी जिम्मेदारी है।
कुकरैल नदी पुनर्जीवन परियोजना से प्रभावित परिवार निश्चिंत रहें। निजी मकानों पर चिह्नीकरण का कोई औचित्य नहीं था, ऐसा करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी -

करमहिया घाट पर ध्वस्त हुआ पुल का एप्रोच।
ध्वस्त हो नदी में गिरा करमहिया पुल का दक्षिणी एप्रोच
संवाददाता अरविंद कुमार
नौतनवा/महराजगंज : नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के कैथवलिया उर्फ बरगदही व शेख फरेंदा गांव के करमहिया टोला के बीच स्थित घाघरा नदी पर बने पुल का दक्षिणी एप्रोच सोमवार ध्वस्त हो भरभरा कर नदी में जा गिरा। जिससे पुल से वाहनों का आवागमन रुक गया है। ग्रामीणों ने एप्रोच निर्माण में धांधली का आरोप लगाया है और एप्रोच को दुरुस्त करने की मांग की है।
नेपाल के रूपन्देही जिला के तिनाव नदी से निकली करीब 10 किलोमीटर लंबी घाघरा नदी बरगदही गांव के मल्लाह टोला के पास डंडा नदी में आ मिलती है। यह नदी बरसात के दिनों में तेजी से उफनाती है। गन्ना विभाग करीब 12 वर्ष पूर्व इस नदी पर पुल का निर्माण कराया था। लेकिन निर्माण के दो वर्ष बाद ही पुल के एप्रोच ध्वस्त होने लगे। हर वर्ष पुल के एप्रोच बरसात मिट्टी व ईट के टुकड़ों से मरम्मत किए जाते थे। लेकिन दक्षिणी एप्रोच के कटान का सिलसिला जारी रहा। जिस पर लोक निर्माण विभाग ने लाखों रूपये की लागत से पत्थर युक्त एप्रोच बनाए। लेकिन यह एप्रोच भी कामगार व ठोस साबित नहीं हुआ। बरसात से उफनाई नदी का जल स्तर कम होते ही पुल दक्षिणी एप्रोच धंस गया। ग्रामीण सुग्रीव यादव, केदार साहनी, दयाशंकर पाठक, मोलहू प्रसाद व शिव शंकर ने बताया कि एप्रोच निर्माण में धांधली हुई है। जिससे वह निर्माण के चार माह भीतर ही ध्वस्त हो गया है। लोक निर्माण विभाग के जेई सुधीर वर्मा ने बताया कि शीघ्र ही ध्वस्त हुए एप्रोच की मरम्मत करा दी जाएगी। -

नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को शहर में और मजबूत करेंगी नर्सिंग की छात्राएं
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को शहर में और मजबूत करेंगी नर्सिंग की छात्राएं
सीडीओ की पहल पर सीएमओ ने डब्ल्यूएचओ व सहयोगी संस्थाओं की मदद से करवाया क्षमता संवर्धन
गोरखनाथ, जाफरा बाजार, निजामपुर और हुमायूंपुर में घर घर जाकर सर्वे में करेंगी सहयोग
गोरखपुर जिले के शहरी क्षेत्र में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और मजबूत करने के लिए नर्सिंग छात्राओं की मदद ली जाएगी । मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार मीणा की पहल पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अन्य सहयोगी संस्थाओं की मदद से करीब 200 छात्राओं का क्षमता संवर्धन करवा दिया है। यह छात्राएं गोरखनाथ, जाफरा बाजार, निजामपुर और हुमायूंपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ घर घर जाकर सर्वे करेंगी और नियमित टीकाकरण के पात्र लाभार्थियों को चिन्हित करेंगी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग इन सभी लाभार्थियों पर फोकस करके उनका टीकाकरण कराएगा।प्रशिक्षक और उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ हरिओम पांडेय का कहना है कि नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं के साथ प्रत्येक कॉलेज से दो नोडल शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया गया है। यह छात्राएं स्थानीय आशा कार्यकर्ता की मदद से घर घर जाएंगी। साथ ही लोगों को टीकाकरण का महत्व बताएंगी। समुदाय में संदेश देंगी कि बच्चों का पांच साल में सात बार नियमित टीकाकरण उन्हें गंभीर बीमारियों से बचाता है। किशोर किशोरियों और गर्भवती को टिटनेस व डिप्थीरिया से बचाव के लिए टीडी का टीका लगना अनिवार्य है। लोगों के मन से टीके के प्रति व्याप्त भ्रांति को दूर कर बताएंगी कि सरकारी अस्पताल का टीका सुरक्षित कोल्ड चेन में रहता है और काफी असरदार है। कुछ टीकों के लगने के बाद बुखार आना स्वाभाविक है, जो अपने आप ठीक हो जाता है।
नर्सिंग छात्राओं को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा, सहयोगी संस्था डब्ल्यूएचओ के अधिकारी डॉ मुनेंद्र, डॉ विनय, यूनिसेफ संस्था से डॉ हसन फहीम, यूएनडीपी संस्था से पवन सिंह आदि ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्राओं को सर्वे का तरीका भी सिखाया गया है। प्रशिक्षण लेने वालों में गोरखनाथ नर्सिंग स्कूल, सावित्री नर्सिंग स्कूल, गंगोत्री देवी नर्सिंग कॉलेज, फातिमा नर्सिंग कॉलेज और पैसिफिक नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं शामिल हैं।
उच्च जोखिम क्षेत्रों पर जोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जिन चार इलाकों में सर्वे होने जा रहा है वह उच्च जोखिम क्षेत्र भी हैं। इन इलाकों में नियमित टीकाकरण के प्रति इंकार की भी शिकायते हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने पांच कॉलेज के प्रधनाचार्यों को पत्र लिख कर इस संबंध में सहयोग मांगा था। प्रशिक्षण का कार्य सोमवार को एनेक्सी भवन में पूरा कर लिया गया। शीघ्र ही यह छात्राएं घर घर सर्वे का काम शुरू कर देंगी। साथ में यह भी संदेश देंगी कि नियमित टीकाकरण की सुविधा शहर में सभी 23 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर मौजूद है। टीकाकरण के लिए यूविन पोर्टल के जरिये ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा का भी प्रचार प्रसार किया जाएगा। -

अंग्रेजी विभाग की अनूठी पहल ,क्लास के पहले विभागाध्यक्ष एवं विद्यार्थियों ने की कमरे की सफाई फिर अटेंड की क्लास
अंग्रेजी विभाग की अनूठी पहल ,क्लास के पहले विभागाध्यक्ष एवं विद्यार्थियों ने की कमरे की सफाई फिर अटेंड की क्लास
कुलपति पूनम टंडन का हर बैठक में रहता है स्वच्छता पर जोर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विद्यालय गोरखपुर के अंग्रेजी विभाग के विद्यार्थियों के द्वारा एक अनूठी पहल की गई जिसमें विभागाध्यक्ष प्रो अजय कुमार शुक्ला ने अपनी क्लास लेने के पहले अपनी बेंच एवं पोडियम को साफ किया साथ ही साथ पूरे विद्यार्थियों ने कपड़े से अपनी पूरी बेंच को अच्छी तरीके से साफ कर स्वच्छता का संदेश दिया .विभागाध्यक्ष ने बताया की स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर एक को अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी स्वच्छता दूत अपना कार्य करते हैं लेकिन हमें अपना फर्ज भी निभाना पड़ेगा इसी क्रम में यह अभियान किया गया था जिसमें विद्यार्थियों ने स्वतः सफाई के लिए आगे कदम बढ़ाकर कक्ष को साफ कर पढ़ाई की .प्रोफेसर शुक्ला ने बताया कि कुलपति प्रो पूनम टंडन का मानना है कि हर एक विद्यार्थी को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारी का भी एहसास होना चाहिए विद्यार्थियों ने स्वच्छता के लिए अपना एक कदम आगे बढ़ाया है इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं. -

त्रैमासिक ई-पत्रिका गोरख पथ के तीसरे अंक का माननीय कुलपति ने किया विमोचन
त्रैमासिक ई-पत्रिका गोरख पथ के तीसरे अंक का माननीय कुलपति ने किया विमोचन
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर स्थित महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ की त्रैमासिक ई-पत्रिका गोरख पथ के द्वितीय वर्ष के दूसरे अंक का विमोचन प्रो. पूनम टण्डन, मा. कुलपति, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के द्वारा दिनांक 16 जुलाई 2024 को हुआ। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने पिछले वर्ष से लगातार प्रकाशित हो रही इस पत्रिका के संपादक टीम को नियमित प्रकाशन, कंटेन्ट एवं समर्पण के लिए बधाई दिया। शोधपीठ के उपनिदेशक डा. कुशलनाथ मिश्र ने बताया कि शोधपीठ के शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों से युक्त यह पत्रिका नियमित रूप से विश्वविद्यालय एवं शोधपीठ के आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाता है। यह अंक अप्रैल, मई एवं जून में शोधपीठ में हुई गतिविधियों पर आधारित है। इस अवसर पर ई-पत्रिका के सम्पादक महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशलनाथ मिश्र, सह सम्पादक शोधपीठ के सहायक निदेशक डॉ. सोनल सिंह, सहायक ग्रन्थालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार एवं सम्पादन सहयोगी शोध अध्येता हर्षवर्धन सिंह उपस्थित रहे। -

अंग्रेजी विभाग में आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
अंग्रेजी विभाग में आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
साहित्य में ‘ जी 20’ और ‘ सतत विकास लक्ष्य’ की संकल्पनाओं का होगा अध्ययन
दक्षिण एशियाई अंग्रेजी साहित्य एवं पर्यावरण के अंतरसंबंधों पर होगी चर्चा
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के अंग्रेजी विभाग में आगामी 19 – 20 सितंबर को एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होने जा रही है। विभागाध्यक्ष एवं संयोजक प्रो अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा अनुदानित इस संगोष्ठी में दो दिनों तक लगभग एक दर्जन सत्रों में विभिन्न विद्वानों द्वारा विगत वर्ष भारत में आयोजित जी 20 द्वारा निर्धारित लक्ष्यों यथा ग्रीन डेवलपमेंट पैक्ट, पर्यावरण के विकास एवं संरक्षण, जैसे मूल मंत्र पर व्यवहारिक उपाय प्रस्तुत किए जायेंगे। इस पैक्ट में समानुपातिक विकास, वैश्विक स्तर पर कार्बन के न्यूनतम उत्सर्जन पर कार्ययोजना, जैविक ईंधन पर उपाय, प्लास्टिक के न्यूनतम प्रयोग और मानव जीवन के लिए आवश्यक स्वच्छ वायु आदि महत्त्वपूर्ण विषय हैं।
सतत विकास के जो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं उनपर देश विदेश के मानद विद्वानों का जमावड़ा होगा। इसमें लगभग दो दर्जन उपविषय भी प्रस्तावित किए गए हैं। संगोष्ठी का मुख्य विषय होगा “दक्षिण एशियाई साहित्य में पर्यावरणीय चेतना एवं भविष्योन्मुखी आसन्न संकट।” इस संगोष्ठी में जी 20 के प्रमुख विषय *एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य* को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण पर आसन्न संकट, उसके संरक्षण एवं उसके समृद्ध उपायों पर चर्चा होगी। भविष्य में आने वाले पर्यावरणीय संकटों को भांप कर उनके समाधान के उपाय तलाशे जाएँगे. सम्मेलन के संयोजक प्रो अजय शुक्ला ने सम्मेलन की विवरणिका को कुलपति प्रो पूनम टंडन को भेंट की .
संगोष्ठी के संरक्षक माननीय कुलपति प्रो पूनम टंडन होंगी और आयोजन सचिव डा शायका तंजील एवं कोषाध्यक्ष डा आमोद कुमार राय होंगे, आयोजन समिति में विभाग के सभी शिक्षक शामिल हैं .अंग्रेजी विभाग की यह बहुत ही अप्रतिम पहल है। भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद से अनुदानित इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में दक्षिण एशियाई अंग्रेजी साहित्य में जी 20 एवं सतत विकास लक्ष्य के द्वारा निर्धारित अभीष्ट परिकल्पनाओं पर गहन विचार विमर्श होगा। उच्च शिक्षा का यही अभीष्ट लक्ष्य भी है कि उसे समाज की समस्याओं से सीधे जोड़ा जाए और समाधान के नए मार्ग प्रशस्त किए जाएं। मैं पूरी टीम को अपनी शुभकामनाएं देती हूं कि उनका यह कार्यक्रम सफल हो और समाज को एक नई दिशा प्रदान करे
प्रो पूनम टंडन, कुलपति, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर



कमिश्नर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) उदित नारायण सिंह एवं डिप्टी कमिश्नर (एसआईबी) सुनील कुमार वर्मा को प्राप्त गोपनीय सूचना और इनके द्वारा की गई रेकी पर पाया गया कि जीएसटी की करदेयता से बचने के लिए मेसर्स सर्वश्री शिवांश फूडग्रेन & राइस इंडस्ट्रीज द्वारा 23 किलोग्राम एवं 24 किग्रा वजन वाले चावल के सीलबंद पैकेट / बोरी पर 26 किग्रा अंकित कर के बिक्री की जा रही है।





