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संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-164 का तीसरा दिन : अनुशासन, नेतृत्व और खेल भावना का उत्कृष्ट संगम
एनसीसी कैडेट्स ने बास्केटबॉल, हथियार प्रशिक्षण और प्रेरक व्याख्यानों में दिखाई अद्भुत प्रतिभा।
गोरखपुर। सेंट्रल पब्लिक स्कूल, चौरीचौरा, गोरखपुर में चल रहे संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-164 का तीसरा दिन जोश, उत्साह और अनुशासन से सराबोर रहा। कैडेट्स ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर अपनी नेतृत्व क्षमता, खेल कौशल और देशभक्ति का अद्भुत प्रदर्शन किया।
शुक्रवार को आयोजित इंटर ग्रुप बास्केटबॉल प्रतियोगिता में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, पहले मैच में बरेली समूह ने कानपुर समूह को 23–8 अंकों से पराजित किया। दूसरे मैच में मेरठ समूह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए वाराणसी समूह को 40–17 अंकों से हराया।
शाम के सत्र में खेले गए अन्य दो मुकाबलों में, प्रयागराज समूह ने आगरा समूह को 18–14 अंकों से मात दी, जबकि गोरखपुर समूह ने शानदार प्रदर्शन कर गाज़ियाबाद समूह को 49–8 अंकों से पराजित किया।
पूर्वाह्न सत्र में पीलआई स्टाफ द्वारा हथियार प्रशिक्षण कराया गया, जिसमें ब्रावो कंपनी के कैडेट्स ने फायरिंग प्रैक्टिस में सक्रिय भागीदारी की।
दोपहर के एएनओ लेक्चर सत्र में कैप्टन सी. पी. त्रिपाठी ने ‘लीडरशिप’ विषय पर प्रेरक व्याख्यान दिया, वहीं लेफ्टिनेंट अरुण कुमार यादव ने ‘राष्ट्रीय एकता एवं जागरूकता पर अपने सारगर्भित विचार साझा किए।
संपूर्ण दिवस के कार्यक्रमों का संचालन और पर्यवेक्षण कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 164 के दूसरे दिन कैडेट्स ने दिखाया अनुशासन और जोश
गोरखपुर। सेंट्रल पब्लिक स्कूल, चौरीचौरा में 44 यूपी बटालियन एनसीसी, गोरखपुर द्वारा आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 164 के दूसरे दिन कैडेट्स ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग लिया। कैंप का संचालन कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के नेतृत्व में किया जा रहा है।
दिन की शुरुआत शारीरिक प्रशिक्षण के साथ हुई, जिसके बाद फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट, मैप रीडिंग और फायरिंग का अभ्यास कराया गया।
दोपहर सत्र में एनसीसी जनरल लेक्चर आयोजित किया गया, जिसमें लेफ्टिनेंट वंदिता त्रिपाठी और चीफ ऑफिसर अनिल गुप्ता ने कैडेट्स को एनसीसी के उद्देश्यों, नेतृत्व कौशल, और राष्ट्रीय सेवा की भावना पर प्रेरणादायक मार्गदर्शन दिया।
कैंप में आयोजित इंटर ग्रुप बास्केटबॉल प्रतियोगिता की शुरुआत कल से होगी। इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश निदेशालय की सभी 11 टीमें भाग लेंगी। आज आयोजित कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस में सभी टीम कैप्टन एवं अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें पूल वितरण और मैच शेड्यूल पर चर्चा हुई। प्रतियोगिता का समापन 14 अक्टूबर 2025 को किया जाएगा।
इस अवसर पर कैप्टन सी. पी. त्रिपाठी, लेफ्टिनेंट अरुण कुमार यादव, एवं सूबेदार मेजर एम. अब्राहम उपस्थित रहे। -

एनसीसी कैडेटों का संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ
551 कैडेट्स कर रहे प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता व अनुशासन का मिलेगा संदेश।
गोरखपुर। 44 यू.पी. बटालियन एनसीसी, गोरखपुर के तत्वावधान में सेन्ट्रल पब्लिक एकेडमी, चौरी चौरा, गोरखपुर में संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-164 का भव्य शुभारंभ किया गया। यह दस दिवसीय शिविर 8 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुल 551 कैडेट्स प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
शिविर के उद्घाटन अवसर पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा,
अनुशासन, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता का विद्यालय है। उन्होंने कैडेटों से देशहित में सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।
सूबेदार मेजर एम. अब्राहम ने कैडेटों को बताया कि इस शिविर में उन्हें हथियार संचालन, फायरिंग प्रशिक्षण, आत्मरक्षा, मानचित्र अध्ययन और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि नेतृत्व और आत्मविश्वास भी विकसित होता है।शिविर में डिप्टी कैंप कमांडेंट कैप्टन सी पी त्रिपाठी, कैंप एजुटेंट अनिल गुप्ता, लेफ्टिनेंट वंदिता त्रिपाठी, सूबेदार कंवराज भाटी एवं पी.आई. स्टाफ उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण शिविर युवा कैडेटों में देशभक्ति, अनुशासन और नेतृत्व भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरक पहल माना जा रहा है। वहीं इस शिविर में इंटर ग्रुप बास्केटबाल कंपटीशन का भी आयोजन किया जाएगा।
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भारत-अमेरिका संबंध वैश्विक साझेदारी का प्रतीक- प्रो. अश्विनी के. महापात्रा
दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न।
गोरखपुर। दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर में आयोजित एवं भारतीय वैश्विक परिषद, नई दिल्ली प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “भारत-अमेरिका संबंध: समकालीन परिप्रेक्ष्य” का बुधवार को समापन हुआ।
मुख्य अतिथि प्रो. अश्विनी के. महापात्रा, पूर्व अधिष्ठाता, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संकाय, जे.एन.यू. ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध अब केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और तकनीकी नवाचार पर आधारित वैश्विक साझेदारी बन चुके हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग निरंतर बढ़ रहा है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. राघवेंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय ने कहा कि भारत अब चीन के विस्तारवाद के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने की। उन्होंने कहा कि अब विदेश नीति में जनसंवाद और ज्ञान-वितरण की भूमिका बढ़ी है।
संगोष्ठी के तकनीकी सत्रों में प्रो. गोपाल प्रसाद, डॉ. अविनाश प्रताप सिंह और डॉ. राजीव कुमार सिंह की उपस्थिति में 38 शोध पत्रों का वाचन हुआ।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. समृद्धि सिंह तथा आभार ज्ञापन डॉ. इन्द्रेश कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रो. नित्यानंद श्रीवास्तव, प्रो. परीक्षित सिंह, प्रो. अर्चना सिंह सहित अनेक शिक्षक, शोधार्थी व छात्र उपस्थित रहे।
उक्त बाते डॉ. शैलेश कुमार सिंह, प्रभारी, सूचना एवं जनसम्पर्क ने दी।
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भारत-अमेरिका संबंधों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दो पुस्तकों का लोकार्पण।
गोरखपुर। दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर में भारतीय वैश्विक परिषद नई दिल्ली के सहयोग से भारत अमेरिका संबंध: समकालीन परिप्रेक्ष्य विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दो पुस्तकों- भारत अमेरिका संबंध: समकालीन परिप्रेक्ष्य और इंडो यू.एस. रिलेशंस: अ कंटेंपररी प्रेसपेक्टिव- का लोकार्पण किया गया।
मुख्य अतिथि प्रो. राजीव कुमार, पूर्व अधिष्ठाता, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी (बिहार) ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध आज सामरिक, आर्थिक और तकनीकी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम रहकर सहयोग और स्वायत्तता के बीच संतुलन बनाए हुए है। विशिष्ट अतिथि प्रो. राजेश सिंह, अध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग, दी.द.उ. गोरखपुर विश्वविद्यालय ने कहा कि अमेरिका की विदेश नीति अब बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था के अनुरूप पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है।डॉ. महेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों में सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों समानांतर रूप से मौजूद हैं।
प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में ज्ञान और सूचना का संतुलन बनाए रखना चुनौती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टण्डन ने की। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच कोई सैद्धांतिक मतभेद नहीं, बल्कि आर्थिक प्रतिस्पर्धा है।संगोष्ठी में आईसीडब्लूए के प्रतिनिधि एफ.आर. सिद्दीकी, संयोजक डॉ. इन्द्रेश कुमार, संचालनकर्ता डॉ. त्रिभुवन मिश्रा, शिक्षक, शोधार्थी एवं छात्र उपस्थित रहे। तकनीकी सत्रों में 56 ऑफलाइन और 17 ऑनलाइन शोध-पत्रों का वाचन किया गया।
उक्त जानकारी डॉ. शैलेश कुमार सिंह, प्रभारी, सूचना एवं जनसंपर्क ने दी।
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महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. उदय प्रताप सिंह का निधन
गोरखपुर। दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर के तत्वावधान में शनिवार को शोकसभा आयोजित की गई। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष एवं पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति, प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. उदय प्रताप सिंह का शनिवार सुबह 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे।
प्रो. सिंह ने अपना सम्पूर्ण जीवन गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को समर्पित कर दिया। उन्होंने महाराणा प्रताप डिग्री कॉलेज से अपनी सेवा यात्रा प्रारंभ की और परिषद के अध्यक्ष पद तक पहुंचे। उनके नेतृत्व में परिषद ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय सहित अनेक शिक्षण संस्थानों की स्थापना की।महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रो. सिंह का परिषद के उन्नयन में योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने शैक्षिक नवाचार, संस्थागत विस्तार और राष्ट्रवादी शिक्षा की दृष्टि को बढ़ावा दिया।
प्रो. सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विद्या भारती से जुड़े रहे और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा नीति के प्रबल समर्थक रहे। उनके मार्गदर्शन में परिषद की संस्थाओं ने नई शिक्षा नीति को आदर्श रूप में अपनाया और समाज व राष्ट्रहित में कार्य किया।
दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित शोकसभा में शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
News Courtesy : डॉ. शैलेश कुमार सिंह, प्रभारी, सूचना एवं जनसम्पर्क ने दी।
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दिग्विजयनाथ महाविद्यालय में ‘‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’’ व्याख्यान
गोरखपुर । दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. ईश्वर शरण विश्वकर्मा (पूर्व अध्यक्ष, उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग) ने कहा कि भारत कर्मभूमि है और विकास तभी सार्थक होगा जब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि कभी बीमारू कहलाने वाला उत्तर प्रदेश आज सुशासन और नई पहचान से जाना जा रहा है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य केवल नारा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संकल्प है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा, कृषि, उद्योग और तकनीक सहित हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रदेश में 15 लाख करोड़ का निवेश और 22 एक्सप्रेसवे इसका उदाहरण हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुभ्रांशु शेखर सिंह ने किया तथा आभार ज्ञापन श्री इन्द्रेश पाण्डेय ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
News Courtesy : डॉ. शैलेश कुमार सिंह ने दी।
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तहसील परिसर में लगी भीषण आग, तीन बाइकें जलकर खाक,एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
संवाददाता: शिशिर श्रीवास्तव
गोरखपुर। सहजनवा तहसील परिसर गुरुवार दोपहर अचानक धधक उठा। दिन के करीब एक बजे तहसील की पार्किंग में खड़ी मोटरसाइकिलों में आग लग गई। कुछ ही देर में तीन बाइकें लपटों की भेंट चढ़कर राख हो गईं। अचानक लगी आग से परिसर में अफरातफरी मच गई। वहां मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे तो कुछ ने बाल्टी से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया।
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पुलिस ने दो घंटे में गुमशदा बालक को खोजा, परिजनों में खुशी की लहर, पुलिस की तत्परता की सराहना
सूर्य प्रकाश ओझा
गोरखपुर। पुलिस ने केवल दो घंटे में एक गुमशुदा बालक को ढूंढकर उसके परिजनों को सौंप दिया। यह घटना चिलुआताल थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस की तत्परता और कार्यकुशलता ने इस कठिन परिस्थिति को शीघ्र हल कर दिया।
दरअसल, 24 सितंबर को चिलुआताल थाने में एक व्यक्ति ने तहरीर दी कि उसका 11 वर्षीय पोता उसी दिन शाम 5 बजे से लापता है। परिजनों ने कई स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इस पर, चिलुआताल पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और मामला दर्ज किया गया।
इसके साथ ही पुलिस ने गुमशुदा बच्चे की तलाश के लिए एक विशेष टीम बनाई, जिसमें डॉग स्क्वाड, एसओजी टीम और थानाध्यक्ष सूरज सिंह के नेतृत्व में अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।योजना के तहत हुई तलाश
पुलिस टीम ने बच्चें की खोज में तकनीकी संसाधनों का भी सहारा लिया। उपनिरीक्षक राजमंगल सिंह के नेतृत्व में एसओजी टीम और अन्य पुलिसकर्मियों ने सामूहिक रूप से प्रयास किए। इसके अलावा, डॉग स्क्वाड और अन्य तकनीकी उपकरणों का भी इस्तेमाल किया गया। टीम ने योजना के तहत गुमशुदा बालक की तलाश शुरू की और केवल दो घंटे में उसे सकुशल ढूंढ निकाला।
बालक को वापस पाकर परिवार में राहत और खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की जमकर सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।









