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  • कार्रवाई पर सवाल: दो दिन की सख्ती के बाद ढीली पड़ी रफ्तार, ‘शिक्षा माफिया’ फिर सक्रिय!

    कार्रवाई पर सवाल: दो दिन की सख्ती के बाद ढीली पड़ी रफ्तार, ‘शिक्षा माफिया’ फिर सक्रिय!

    वेद प्रकाश यादव -व्यूरो प्रभारी

    गोला, गोरखपुर. क्षेत्र में अवैध और मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित करने वाले विद्यालयों पर शुरू हुई कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। शुरुआती दो दिनों की सख्ती के बाद शिक्षा विभाग की मुहिम धीमी पड़ती नजर आ रही है, जिससे ‘शिक्षा माफिया’ एक बार फिर सक्रिय होने के आरोप लग रहे हैं।
    हाल ही में खंड शिक्षा अधिकारी (एसडीआई) उदय शंकर राय द्वारा एसडी मेमोरियल स्कूल, पकड़ी और अतरौरा स्थित एजेएम पब्लिक स्कूल पर कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए गए थे। जांच में इन विद्यालयों में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित होने की पुष्टि हुई थी। इस सख्ती से क्षेत्र के अभिभावकों और ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी थी।

    जांच पर उठे सवाल: पहले ही मिल जाती है सूचना, कार्रवाई पर संदेह

    लेकिन अब स्थानीय सूत्रों और अभिभावकों का कहना है कि यह कार्रवाई महज औपचारिकता बनकर रह गई है। आरोप है कि जांच टीम के पहुंचने से पहले ही संबंधित विद्यालयों को सूचना मिल जा रही है, जिससे वे अस्थायी रूप से कक्षाएं बंद कर देते हैं और जांच के बाद फिर से वही स्थिति बहाल हो जाती है.

    विभागीय मिलीभगत के आरोप, अभिभावकों में आक्रोश

    सूत्रों का दावा है कि शिक्षा विभाग के कुछ कर्मियों की कथित सांठगांठ के चलते अवैध और मानकविहीन विद्यालयों का नेटवर्क क्षेत्र में लगातार फल-फूल रहा है। यही वजह है कि सख्ती के बावजूद इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है, ग्रामीणों और अभिभावकों में इसको लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि एक ओर विभाग कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे बच्चों के भविष्य पर लगातार खतरा मंडरा रहा है और अभिभावक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.

    सख्ती बनाम ‘शिक्षा माफिया’: क्या कार्रवाई रहेगी लगातार या फिर थम जाएगी?

    लोगों का आरोप है कि शिक्षा के नाम पर यह पूरा खेल एक सुनियोजित वसूली तंत्र का रूप ले चुका है, जहां नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। यदि समय रहते इस पर कड़ी और निरंतर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है. वहीं, एसडीआई उदय शंकर राय ने कहा है कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल, सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग अपनी सख्ती को निरंतर बनाए रख पाएगा या फिर ‘शिक्षा माफिया’ के आगे यह कार्रवाई भी दम तोड़ देगी।

  • सर्वधर्म प्रार्थना, दीक्षा संस्कार,कैंप फायर से डीएलएड प्रशिक्षुओं का स्काउट गाइड प्रशिक्षण संपन्न

    सर्वधर्म प्रार्थना, दीक्षा संस्कार,कैंप फायर से डीएलएड प्रशिक्षुओं का स्काउट गाइड प्रशिक्षण संपन्न

    “प्रशिक्षित मनुष्य सशक्त समाज के लिए उपयोगी :- प्रो. डॉ सुषमा पाण्डेय”

     “स्काउट गाइड ट्रेनिंग से फर्स्टएड की बेसिक नॉलेज – डॉ चमन राय”

    “समन्वय का भाव पैदा करती है सर्वधर्म प्रार्थना – अजय बजरंगी”

    गोरखपुर। भारत स्काउट और गाइड उत्तर प्रदेश प्रादेशिक मुख्यालय लखनऊ द्वारा विद्या मंदिर शिक्षण संस्थान गोरखपुर के डीएलएड में सहायक प्रदेशिक संगठन आयुक्त गोरखपुर मंडल मोहित कुमार के निर्देशन में चल रहे पंचदिवसीय स्काउट गाइड शिविर का विधि विधान से हुआ समापन।
    इस अवसर पर प्रशिक्षक लीडर ऑफ़ द कोर्स सहायक लीडर ट्रेनर अजय गुप्ता बजरंगी सहयोगी प्रशिक्षिका लाजो रानी ने प्रशिक्षु अध्यापकों को स्काउट गाइड के विभिन्न आयामों की विस्तृत जानकारी दी।
    शिविर समापन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन से हुआ।इस अवसर पर प्रशिक्षु छात्राध्यापिकाओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत प्रस्तुत किया तथा मंचस्थ अतिथियों का माल्यार्पण,स्कार्फ वागेल,बैच लगाकर स्वागत हुआ समापन व कैंप फायर का संचालन कुमारी सुहानी श्री0 ने किया।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षा संकाय की प्रोफेसर डॉ सुषमा पांडे ने कहा कि “मैं समझती हूं कि सशक्त समाज के लिए व्यक्ति का प्रशिक्षित होना जरूरी है उन्होंने आगे कहा कि पंचदिवसीय प्रशिक्षण में वे बातें आई होंगी, जो समाजिक सद्भाव संस्कृति के साथ मिलकर दुर्गम लगने वाले कार्य सहज करने की कला स्काउट गाइड प्रशिक्षण में मिलती है।”

    कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सहायक प्रदेशिक संगठन आयुक्त सप्तम मंडल गोरखपुर मोहित कुमार ने कहा कि “स्काउटिंग गाइडिंग खेल-खेल में सीखने की कला है जो सामूहिक नेतृत्व के साथ व्यक्तिगत उत्तरदायित्व का बोध कराता है।”
    इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ चमन राय ने कहा कि “परिवर्तन के दौर में छात्रों को सीमित संसाधनों में प्राथमिक उपचार के गुण स्काउट गाइड प्रशिक्षण की देन है।”
    इस दौरान लीडर ऑफ़ द कोर्स शिविर संचालक अजय गुप्ता बजरंगी ने कहा कि “सर्वधर्म प्रार्थना समन्वय का भाव पैदा कर अनुशासित देशभक्त नागरिक के निर्माण में स्काउट गाइड प्रशिक्षण की अग्रणी भूमिका है।”
    इसके पूर्व प्रशिक्षकों ने समस्त छात्राध्यापक छात्राध्यापिकाओं को स्काउट गाइड प्रतिज्ञा की शपथ दिलाते हुए दीक्षा संस्कार के माध्यम से दीक्षित कर गले में स्कार्फ वागेल पहनाते हुए तिलक चंदन लगाकर मिष्ठान खिलाया और अतिथियों ने प्रशिक्षुओं द्वारा लगाए गए टेंन्ट का निरीक्षण कर विभिन्न टोलियों द्वारा बनाए गए भोजन व जलपान ग्रहण किया। तदुपरांत प्रशिक्षिका लाजो रानी ने गाइड टोलियों से फ्लावर ट्री के साथ कब बुलबुल घेरा गीत प्रदर्शित कराया एवं कैंप फायर में गाइडों ने लघु नाटक दहेज प्रथा प्रदर्शित कर छठ महापर्व का धार्मिक महत्व बताया जिसकी अतिथियों ने प्रशंसा की।
    इस अवसर पर कालेज के वरिष्ठ प्रवक्ता योगेश्वर उपाध्याय, प्रवक्ता स्मिता दास,ज्योति श्रीवास्तव,नेहा श्रीवास्तव,दीपक मिश्रा,अरूण मौर्य, सहयोगी प्रशिक्षिका लाजो रानी उपस्थित रहे।
    अंत में ध्वज अवतरण व राष्ट्रगान के साथ शिविर संपन्न हुआ।

  • मान्यता से अधिक कक्षाएं चलाने पर शिक्षा विभाग की सख्ती, दो स्कूलों को नोटिस

    मान्यता से अधिक कक्षाएं चलाने पर शिक्षा विभाग की सख्ती, दो स्कूलों को नोटिस

    एसडी मेमोरियल और एजेएम पब्लिक स्कूल में नियमों का उल्लंघन मिला, जांच अभियान जारी

    गोला, गोरखपुर।शिक्षा विभाग ने मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित करने और अवैध रूप से चल रहे विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में खंड शिक्षा अधिकारी (एसडीआई) गोला उदय शंकर राय ने मंगलवार को क्षेत्र के कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
    निरीक्षण के दौरान पकड़ी स्थित एसडी मेमोरियल स्कूल में अनियमितता सामने आई। जांच में पाया गया कि विद्यालय को केवल कक्षा आठ तक की मान्यता प्राप्त है, जबकि मौके पर कक्षा नौ के छात्र पढ़ते हुए मिले। इस पर एसडीआई ने विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा और आगे कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

    बुधवार को भी जांच अभियान जारी रहा। इस दौरान अतरौरा स्थित एजेएम पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया गया, जहां विद्यालय को केवल कक्षा पांच तक की मान्यता प्राप्त है। इसके बावजूद वहां कक्षा छह, सात और आठ का संचालन किया जा रहा था। इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया।

    वहीं झरकटा रोड स्थित एस. राम पब्लिक स्कूल की जांच में पाया गया कि विद्यालय अपनी निर्धारित मान्यता (कक्षा आठ तक) के अनुरूप ही संचालित हो रहा है। इसके चलते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, हालांकि विद्यालय प्रबंधन को नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी गई।

    खंड शिक्षा अधिकारी उदय शंकर राय ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना मान्यता के या मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे विद्यालयों को सीज करने के साथ ही अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

    शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध और अनियमित रूप से संचालित विद्यालयों में हड़कंप मच गया है।

  • पुलिस अधीक्षक दक्षिणी ने मामले को बताया गंभीर, जांच कर की जाएगी कार्रवाई, जिम्मेदारों द्वारा लीपापोती हुआ तो नहीं बक्सा नहीं जाएगा

    पुलिस अधीक्षक दक्षिणी ने मामले को बताया गंभीर, जांच कर की जाएगी कार्रवाई, जिम्मेदारों द्वारा लीपापोती हुआ तो नहीं बक्सा नहीं जाएगा

    बड़हलगंज थानाध्यक्ष के बदले बयान से उठे सवाल, 15 दिन तक शिकायत दबाने का आरोप

    गोला, गोरखपुर।गोरखपुर के बड़हलगंज थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने दोहरी नागरिकता और हवाला कारोबारियों से जुड़े गंभीर प्रकरण में लगभग 15 दिन पहले बड़हलगंज थानाध्यक्ष को सूचना पत्र दिया था, लेकिन न तो उसकी शिकायत पर पारदर्शी कार्रवाई की गई और न ही उसे जन सुनवाई की पर्ची उपलब्ध कराई गई। अब जब मामला मीडिया तक पहुंचा, तो थानाध्यक्ष द्वारा कथित रूप से दिए गए बदले हुए बयान ने पूरे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

    शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने बड़हलगंज थाना पहुंचकर मामले की जानकारी लिखित रूप में दी थी और यह अपेक्षा की थी कि पुलिस इस संवेदनशील मामले में तत्काल जांच कर कार्रवाई करेगी। लेकिन आरोप है कि थानाध्यक्ष ने शिकायत लेने के बावजूद उसे किसी भी प्रकार की रसीद या जन सुनवाई पर्ची नहीं दी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने कई बार थानाध्यक्ष से पर्ची की मांग की, मगर हर बार उसे सिर्फ यह कहकर टाल दिया गया कि “जांच कर कार्रवाई की जाएगी।”

    समय बीतने के साथ जब शिकायतकर्ता को लगा कि उसके मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, तब उसने बार-बार फोन के माध्यम से जानकारी लेने की कोशिश की। आरोप है कि हर बार उसे टालमटोल भरे जवाब दिए गए और मामले को शांत करने की कोशिश की गई।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, धीरे-धीरे उसे यह संदेह होने लगा कि कहीं उसके प्रकरण को जानबूझकर दबाया तो नहीं जा रहा। इसके बाद उसने मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से करने का निर्णय लिया।

    मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब यह मुद्दा मीडिया के सामने आया। शिकायतकर्ता और स्थानीय लोगों का आरोप है कि मीडिया में खबर आने के बाद बड़हलगंज थानाध्यक्ष ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “थाने पर कोई तहरीर पड़ी ही नहीं है, अगर तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।”

    यही बयान अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है।

    सबसे अहम प्रश्न यह उठ रहा है कि यदि शिकायतकर्ता का दावा सही है और उसने लगभग 15 दिन पहले सूचना पत्र दिया था, तो फिर थानाध्यक्ष का यह बयान कि “कोई तहरीर नहीं पड़ी”, आखिर किस आधार पर दिया गया? यदि तहरीर वास्तव में नहीं पड़ी थी, तो शिकायतकर्ता को इतने दिनों तक कार्रवाई का आश्वासन क्यों दिया जाता रहा? और यदि तहरीर पड़ी थी, तो फिर मीडिया के सामने बयान बदलने की जरूरत क्यों पड़ी?

    स्थानीय स्तर पर यह मामला अब सिर्फ एक शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पुलिस की जवाबदेही, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा बन गया है। लोगों का कहना है कि जब आम नागरिक गंभीर मामलों में थाना स्तर पर अपनी शिकायत दर्ज कराने जाए और उसे कोई आधिकारिक पर्ची तक न मिले, तो फिर वह न्याय की उम्मीद किस आधार पर करे?

    शिकायतकर्ता ने मीडिया के माध्यम से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और विशेष रूप से बड़हलगंज थानाध्यक्ष की कॉल डिटेल, शिकायतकर्ता से हुई बातचीत तथा थाना स्तर पर शिकायत रजिस्टर की जांच कराई जाए। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष हुई, तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।

    इस घटना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सियासी ताप बढ़ा दिया है। विपक्षी और स्थानीय सामाजिक लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस और पारदर्शी पुलिसिंग का दावा करती है, तो फिर थाना स्तर पर ऐसे विरोधाभासी बयान और शिकायतों के कथित दमन जैसे मामले क्यों सामने आ रहे हैं।

    लोगों का यह भी कहना है कि यदि मामला इतना गंभीर था, जिसमें दोहरी नागरिकता और हवाला कारोबार जैसे संवेदनशील आरोप शामिल थे, तो पुलिस को इसे और अधिक गंभीरता से लेना चाहिए था। लेकिन आरोपों के अनुसार, 15 दिनों तक न तो जांच की ठोस जानकारी सामने आई, न ही शिकायतकर्ता को कोई लिखित स्थिति दी गई। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि आखिर इस दौरान थाना स्तर पर क्या चल रहा था।

    अब पूरे मामले में निगाहें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं। आम जनता और शिकायतकर्ता दोनों यह जानना चाहते हैं कि आखिर 15 दिनों तक क्या “सेटिंग” चल रही थी, जिसकी वजह से मामला न आगे बढ़ा, न साफ हुआ और अंत में बयान ही बदल दिया गया।

    यदि पुलिस प्रशासन इस मामले में समय रहते सख्त और पारदर्शी कदम नहीं उठाता, तो यह प्रकरण न केवल बड़हलगंज थाना, बल्कि पूरे जिले की पुलिस व्यवस्था की साख पर बड़ा प्रश्नचिह्न बन सकता है।

    क्या कप्तान साहब अपने “झूठे अफसरों” पर कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मामला भी फाइलों और बयानों के बीच दफन हो जाएगा?

    ‼️क्या कहते हैं पुलिस अधीक्षक दक्षिणी – दूरभाष द्वारा संपर्क होने पर उनके द्वारा बताया गया कि मामला गंभीर है जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, लीपापोती में भी अगर संदेह हुआ तो उसपर भी कार्रवाई अवश्य की जाएगी।‼️

  • महाराज गुह्राराज निषाद की जयंती बड़े धूमधाम से मनाया गया

    महाराज गुह्राराज निषाद की जयंती बड़े धूमधाम से मनाया गया

              ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
    बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज आज रविवार को क्षेत्र के बाछेपार स्थित श्री राम जानकी निषाद मंदिर पर महाराज गुह्राराज निषाद की जयंती बड़े धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ राम-जानकी मंदिर के पुजारी राम किशुन दास ने एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने श्रद्धालू निषाद समाज के साथ महाराज निषाद गुह्यराज निषाद के चित्र पर माल्यार्पण कर फूल माला अर्पित करते हुए पूजा अर्चना किया गया।
    वार्ड संख्या 47 से जिला पंचायत पद के प्रत्याशी धर्मराज निषाद ने कहा कि निषाद राज निषादों के राजा का उपनाम है। वे श्रृंगवेरपुर के राजा थे। वार्ड संख्या 46 से जिला पंचायत पद के प्रत्याशी पप्पू निषाद ने कहा कि उनका नाम गुह्म था। ग्राम प्रधान मुहालजकर राजेश निषाद ने कहा कि निषाद राज गुह्य का जन्म चैत्र मास शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को हर वर्ष मनाया जाता है।
    इस अवसर पर प्रधानाध्यापक हरि लाल निषाद, कोलाहल निषाद पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुन्ना निषाद मंगल पहलवान केदार निषाद, शैलेश गौड़,संत रविन्द्र दास जी महाराज, राम दवन निषाद हरिश्चंद्र निषाद वीरू निषाद, राजकुमार निषाद,मोल ई प्रसाद गिरिश शर्मा, लक्की निषाद, अनूप जायसवाल विजय मद्धेशिया आदि लोग उपस्थित थे।

  • सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वांग ने मुक्तिपथ का किया अवलोकन 

    सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वांग ने मुक्तिपथ का किया अवलोकन 

    सहयोग का अप्रतिम उदाहरण है मुक्तिपथ – साइमन वांग।                                         उच्चायुक्त ने मुक्तिपथ पर किया पौधारोपण                 ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी      बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज समाज के सहयोग से समाज के लिये निर्मित अदभुत स्थल है मुक्तिपथ! जहां सुन्दर और शांत पार्क, आध्यात्मिक वातावरण मानव मन को अदभुत शांति प्रदान करते हैं।

    रविवार को बड़हलगंज के सरयू तट पर निर्मित मुक्तिपथ के अवलोकन को पहुंचे भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वांग ने उक्त उदगार व्यक्त किया। उन्होंने मुक्तिपथ की स्थापना करने वाली संस्था मुक्तिपथ सेवा संस्था और वर्तमान में देखरेख करने वाली संस्था नगर पंचायत बड़हलगंज के समर्पण और सहयोग की सराहना करते हुए कहा किया समाज के लोगों की सेवा के साथ मृतकों के दुखी परिजनों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिये मुक्तिपथ का कार्य अनुकरणीय और सराहनीय है। उन्होंने मुक्तिपथ परिक्षेत्र में कदंब के पौधे का भी रोपड़ किया। इसके पूर्व चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी और चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने पुष्पगुच्छ प्रदान कर मुक्तिपथ पर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर एडीएम सहदेव मिश्र, एसडीएम अमित कुमार जायसवाल, नायब तहसीलदार जयप्रकाश, सीओ गोला दरवेश कुमार, कोतवाल सुनील राय, चिल्ड्रेन ऑफ मदर अर्थ संस

  • गोरखपुर क्लब में 6 अप्रैल को जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब का शपथ ग्रहण समारोह

    गोरखपुर क्लब में 6 अप्रैल को जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब का शपथ ग्रहण समारोह

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    नई कार्यकारिणी लेगी शपथ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे मुख्य अतिथि

    गोरखपुर। जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नव निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह 6 अप्रैल, सोमवार को प्रातः 10 बजे गोरखपुर क्लब में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

    समारोह में गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव नव निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उल्लेखनीय है कि महापौर स्वयं भी प्रेस क्लब के आजीवन सदस्य हैं, जिससे इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया है।

    जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना वर्ष 1999 में हुई थी। तब से प्रत्येक वर्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत क्लब के सदस्य मतदान कर नई कार्यकारिणी का गठन करते आ रहे हैं। इस वर्ष भी चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नई टीम शपथ लेने के लिए तैयार है।

    कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर प्रशासन भी सक्रिय है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह एवं सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव के साथ गोरखपुर क्लब पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी एवं मंत्री पंकज श्रीवास्तव से कार्यक्रम की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    समारोह को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। कार्यक्रम को लेकर पत्रकारों और शहरवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

     स्थान: गोरखपुर क्लब
    तिथि: 6 अप्रैल
    समय: प्रातः 10 बजे

  • बेटी की बिदाई का दुख झेलना पिता के लिए होता है दुखदायी: अतुल ‘पारासर’

    बेटी की बिदाई का दुख झेलना पिता के लिए होता है दुखदायी: अतुल ‘पारासर’

                  ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
    बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज स्त्री के अनेको रूप है। एक पिता का अपने पुत्री का प्यार उस समय पता चलता है जब बेटी व्याह के बाद अपने घर को जाती है। उस समय पिता को अपनी पुत्री को विदा करना बहुत ही कष्टदायी होता है। यह बाते अतुल परासर महाराज ने पिड़हनी चौराहे पर श्रीराम कथा का रसपान कराते हुए श्रद्धालुओ से कही। उन्होंने जनकपुर में माता सीता की विदाई का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। उस समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो उठीं, जनकपुरी का वह दृश्य, जहां राजा जनक अपनी लाड़ली पुत्री को विदा करते हैं, हृदय को भाव-विभोर कर देने वाला था। आचार्य अतुल ‘पाराशर’ ने कहा कि यह केवल एक पुत्री की विदाई नहीं, बल्कि धर्म, संस्कार और त्याग की परंपरा का जीवंत उदाहरण है।
    समाजसेवी सुभाषपा के राष्ट्रीय युवा प्रभारी शिखर गुप्ता, पूर्व प्रमुख राजबहादुर सिंह, बसपा नेता डीएन पान्डेय उर्फ चंचल बाबा, जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी पंकज यादव, ग्राम प्रधान आदर्श शाही आदि ने व्यास पीठ की आरती कर कथा का सुभारंभ कराया। सुभाषपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जहा कथा होता है वहा कि धरती पवित्र हो जाती है। सनातन धर्म में कथा का बहुत ही महत्व है। उन्होंने कथावाचक अतुल पारासर को कथा के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान राम आशीष पान्डेय, राममनोहर पान्डेय, अंकित तिवारी, नितेंद्र तिवारी, शिवदत्त तिवारी, मनीष यादव, राघवेन्द्र मिश्र आदि लोग मौजूद थे।

  • गोल्डी यादव और इशिका टोरिया का भोजपुरी लोकगीत ‘लेजी सइयां’ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स ने किया रिलीज

    गोल्डी यादव और इशिका टोरिया का भोजपुरी लोकगीत ‘लेजी सइयां’ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स ने किया रिलीज

    भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री फेमस म्यूजिक कंपनी कर्णप्रिय संगीत के साथ घर परिवार से जुड़े गाने हमेशा भोजपुरिया संगीतप्रेमियों के मनोरंजन हेतु प्रस्तुत करती रहती है। इसी कड़ी में पॉपुलर सिंगर गोल्डी यादव की मधुर आवाज में गाया हुआ और एक्ट्रेस इशिका टोरिया की शानदार अदाकारी से सजा हुआ एक और जबरदस्त लोकगीत ‘लेजी सइयां’ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। यह गीत अपनी मधुर धुन, देसी बोल और बेहतरीन फिल्मांकन के कारण संगीतप्रेमियों के बीच मुख्य आकर्षण बन गया है। इस गाने को भोजपुरी गायिका गोल्डी यादव की सुरीली आवाज सीधे दिल में उतर रही है। वह अपनी आवाज की मिठास और तान से महफिल में शमां बाँध रही है तथा श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर रहा है। वहीं इस गीत के वीडियो में एक्ट्रेस इशिका टोरिया अपनी अदाओं का ऐसा जादू चला रही हैं कि सीधे जाकर दीवानों के दिलों को घायल कर दे। उनकी अदायगी में ऐसी सहजता है, जो दर्शकों को वीडियो सांग से नजरें हटाने नहीं देती है। वीडियो में इशिका ने एक ऐसी युवती की भूमिका निभाई है, जो अपनी चुलबुली अदाओं से दर्शकों को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ती। उनके इंडियन लुक्स को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है। उनकी सादगी भरी सुंदरता और उन पर जँच रहे पारंपरिक परिधान गाने के वीडियो को और भी अधिक आकर्षक बना रही हैं। वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के एमडी एवं फिल्म निर्माता रत्नाकर कुमार ने इस गाने के निर्माण में कोई समझौता नहीं किया है, जोकि इस गीत के ऑडियो और वीडियो में साफ-साफ दिख रहा है।

    लिंकः https://youtu.be/44YgH-K3JlE?si=ILXjqS_ZtmKonM6D

    वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स प्रस्तुत लोकगीत ‘लेजी सइयां’ के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं। इस गीत को सिंगर गोल्डी यादव ने गाया है। इसके वीडियो में एक्ट्रेस इशिका टोरिया ने शानदार अदायगी किया है। इस गाने को गीतकार पिंकू बाबा ने लिखा है, जबकि संगीतकार विनय विनायक ने मधुर संगीत दिया है। वीडियो डायरेक्टर आशीष सत्यार्थी, डीओपी संतोष यादव एंड नवीन, कोरियोग्राफर अनुज मौर्या, एडिटर पप्पू वर्मा हैं। डीआई रोहित सिंह, प्रोडक्शन पंकज सोनी ने किया है। इस गाने का ऑल राइट वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के पास है।

    इस लोकगीत पर बात करते हुए वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के एमडी रत्नाकर कुमार ने कहा कि ‘मेरी कोशिश हमेशा ऐसे कंटेंट को प्रमोट करने की होती है जो भोजपुरी संस्कृति से जुड़े हों लेकिन जिसका प्रेजेंटेशन ग्लोबल स्तर का हो।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘इस सांग में सिंगर गोल्डी यादव और एक्ट्रेस इशिका टोरिया की केमिस्ट्री दर्शकों को बेहद पसंद आ रही है, और यही एक सफल गाने की पहचान है। यह लोकगीत हर आयु वर्ग के श्रोता एवं दर्शक देख व सुन सकते हैं।’
    वहीं बेहद उत्साहित नजर आईं एक्ट्रेस इशिका टोरिया ने कहा कि ‘वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स म्यूजिक कंपनी के साथ काम करना मेरे लिए गर्व की बात है। रत्नाकर सर का मार्गदर्शन हमेशा मुझे बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है। दर्शकों जो प्यार ‘लेजी सइयां’ को दे रहे हैं, उसके लिए मैं उनकी सदैव आभारी रहूंगी।’
    वहीं सिंगर गोल्डी यादव ने कहा कि ‘यह गाना न केवल संगीत के शौकीनों के लिए है, बल्कि उन सभी के लिए है जो क्वालिटी से भरपूर गाना देखना पसंद करते हैं। यदि आप भी एक बेहतरीन म्यूजिक वीडियो की तलाश में हैं, तो वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स पर रिलीज हुआ यह गाना आपको निराश नहीं करेगा। इसकी मधुर तान, सुंदर विजुअल्स और इशिका टोरिया की कातिलाना मुस्कान आपके दिन को रोशन कर देगी।’

  • दक्षिणांचल में हत्याओं की बौछार, खुलासे में फेल पुलिस!

    दक्षिणांचल में हत्याओं की बौछार, खुलासे में फेल पुलिस!

    वेद प्रकाश यादव /गोला बाजार/निष्पक्ष टुडे

    18 दिन बाद भी ऋषभ हत्याकांड बना रहस्य, गगहा पुलिस पर उठे गंभीर सवाल — जनता की नजर अब कप्तान पर

    गोरखपुर जिले के दक्षिणांचल क्षेत्र में लगातार हो रही हत्या की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक के बाद एक सामने आ रहे हत्या के मामलों से क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल गहराता जा रहा है।

    पुलिस प्रशासन भले ही अपराध पर “जीरो टॉलरेंस” का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। हत्या जैसे संगीन मामलों में भी पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है।

    सबसे ज्यादा सवाल गगहा थाना क्षेत्र की पुलिसिंग पर उठ रहे हैं। ऋषभ हत्याकांड को 18 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है, जिससे यह मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। इसी बीच एक और महिला की हत्या ने पुलिस की कार्यशैली पर और भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि पुलिस अपराध के खुलासे से ज्यादा मामलों को दबाने और लंबा खींचने में लगी हुई है। यही वजह है कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही है।

    लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह अपराध होते रहे और पुलिस उन्हें सुलझाने में नाकाम रही, तो आम जनता का भरोसा पूरी तरह से सिस्टम से उठ जाएगा।

    अब पूरे दक्षिणांचल की निगाहें जिले के कप्तान साहब पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि वे सख्त कदम उठाकर न सिर्फ हत्याओं का खुलासा करेंगे, बल्कि क्षेत्र में कानून का राज भी स्थापित करेंगे।

     पुलिस का पक्ष:

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर से दूरभाष पर संपर्क करने पर पीआरओ द्वारा जानकारी दी गई कि कप्तान साहब वर्तमान में वीसी में व्यस्त हैं।

    उन्होंने आश्वासन दिया है कि ऋषभ हत्याकांड का खुलासा पुलिस जल्द करेगी।